भाजपा राज में रोजगार व विकास में पिछडा पृथला क्षेत्र: रघुबीर तेवतिया

कांग्रेस प्रत्याशी की चुनावी सभाओं में जुटी भारी भीड
पृथला, 15 अक्तूबर 2019। पृथला विधानसभा क्षेत्र से कांग्रेस प्रत्याशी रघुबीर सिंह तेवतिया आज अपने चुनावी अभियान के तहत भाजपा सरकार पर जमकर हल्ला बोला। उन्होंने कहा कि पांच साल में पृथला विधानसभा क्षेत्र विकास व रोजगार की दृष्टि से काफी पिछड गया है। इस क्षेत्र में युवाओं के समक्ष बेराजगारी एक बढी समस्या बन गई है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार बनने पर जहां पृथला क्षेत्र का बगैर किसी भेदभाव के सर्वांगीण विकास किया जाएगा वहीं युवाओं को रोजगार के क्षेत्र में मजबूती प्रदान की जाएगी। उन्होंने कहा कि ऐसी व्यवस्था की जाएगी कि पृथला क्षेत्र में लगे सैकडों उद्योंगो में प्राथमिक्ता के तौर पर पृथला क्षेत्र के युवाओं को रोजगार मिले। श्री तेवतिया मंगलवार को अपने चुनावी जनसम्पर्क अभियान के तहत फतेहपुर बिल्लोच, लढौली, बहबलपुर, नरियाला, हीरापुर, मोहना आदि गावों में आयोजित विशाल चुनावी जनसभाओं को संबोधित कर रहे थे। इस दौरान उनका जगह-जगह जहां फूलमालाओं से जोरदार स्वागत किया गया वहीं अपने-अपने गांव की ओर से पगडी पहनाकर अपने खुले समर्थन का ऐलान किया। सभाओं में मौजूद भारी संख्या में लोगों का उत्साह देखते ही बनता था तथा उन्होंने श्री तेवतिया एक स्वर से जीत का आश्वासन दिया वहीं उन्हें गांव की सीमा से सभास्थल तक गाजे-बाजे की थाप के साथ लाया गया।
कांग्रेस प्रत्याशी पूर्व विधायक रघुबीर सिंह तेवतिया ने नाम लिए बगैर शब्दों की चोट करते हुए कहा कि राजनीति समाजसेवा का माध्यम है इसलिए आंसू बहाकर व आर्थिक रूप से बर्बाद होने की बात कह लोगों को गुमराह नहीं किया जा सकता। पृथला क्षेत्र के लोग समझदार हैं और वह जानते हैं कि कौन घडियाली आंसू बहा रहा है और कौन सही मायनों में पृथला क्षेत्र को समानता से विकास व रोजगार में मजबूती दिला सकता है। पूर्व विधायक रघुबीर सिंह तेवतिया ने कहा कि मैने हमेशा ही राजनीति को समाजसेवा का माध्यम माना है तथा इसी राह पर चलते हुए 2009 से 2014 तक विधायक रहते हुए पृथला क्षेत्र में बगैर किसी भेदभाव के विकास कार्य करते हुए युवाओं को रोजगार के क्षेत्र में मजबूती प्रदान की थी वहीं गऊ, ब्राह्मण व दलित के सम्मान को भी सवोपरी रखा है। उन्होंने लोगों से अपील की कि पृथला क्षेत्र की खुशहाली व रोजगार के लिए कांग्रेस को चुनें।