महाराष्ट्र मित्र मंडल फरीदाबाद ने मनाई शरद पूर्णिमा, चंद्रमाँ की उतारी आरती

फरीदाबाद: महाराष्ट्र मित्र मंडल ने गाँधी कॉलोनी स्थित गणेश पार्क में शरद पूर्णिमा मनाई गई। मंडल के पूर्व अध्यक्ष सुधाकर पांचाल ने बताया की शरद पूर्णिमा को कोजागरी पूर्णिमा भी कहते है। शरद पूर्णिमा हिन्दू पंचांग के आश्विन महीने में पूरे चाँद के दिन मनाया जाता है।शरद पूर्णिमा को कौमुदी त्यौहार के तौर पर भी मनाया जाता है.ऐसा इसलिए किया जाता है क्यूंकि यह मान्यता है की इस दिन चंद्रमा अपनी किरणों से धरती पर अमृत गिराता है इसलिए महिलाए चंद्रमाँ की आरती उतारती है। शरद पूर्णिमा को कोजागरी पूर्णिमा कहने के पीछे भी एक कथा है। ऐसी मान्यता है की शरद पूर्णिमा के दिन देवी लक्ष्मी रात में आसमान में घुमते हुआ यह पूछती है की ‘कौ जाग्रति’. असल में देवी लक्ष्मी उन लोगों को ढूँढती है जो रात में जाग रहे होते है। संस्कृत में ‘कौ जाग्रति’ का मतलब होता है की ‘कौन जाग रहा है’. जो लोग शरद पूर्णिमा के दिन रात में जाग रहे होते हैं उन्हें देवी लक्ष्मी धन प्रदान करती है. कार्यक्रम में महाराष्ट्र की परम्परा के अनुसार दूध एवं भेल का प्रशाद बांटा गया।  कार्यक्रम में राजेन्द्र पांचाल, डी एम् थोते, विनय पांचाल. सचिन उत्र्वार, उत्तम कुमार, उधेय्भान, रविन्द्र पांचाल, विलास, निखिल, गौरव, अक्षय, रोहित एवं मंडल के सभी कार्यकर्ता उपस्थित थे।