गांधी जयंती पर स्व‘छता जागरूकता, सराय में जूट के थैले बांटे

फरीदाबाद, 2 अक्तूबर। राजकीय आदर्श वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय सराय ख्वाजा की जूनियर रेडक्रास और सैंट जॉन एम्बुलेंस ब्रिगेड ने प्राचार्या नीलम कौशिक की अध्यक्षता में हरियाणा प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के सहयोग से स्व‘छता ही सेवा कार्यक्रम का आयोजन किया। कार्यक्रम की शुरुआत करते हुए अंग्रेजी प्रवक्ता व जे आर सी तथा एस जे ए बी प्रभारी रविन्द्र कुमार मनचन्दा ने बताया कि एक बार प्रयुक्त होने वाले प्लास्टिक का उपयोग न करने का आह्वान करते हुए पहले जूनियर रेड क्रॉस के 250 सदस्य ब‘चों को जूट के थैले बांटे गए। इस के बाद रा’य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड से एस डी ओ रामनिवास शर्मा और हार्दिक सिरोहा तथा ब्रिगेड प्रभारी रविन्द्र मनचंदा ने विद्यालय के बाहर सफाई करके कचरा इक_ा करके बड़े डस्टबीन में डाला। इसके पश्चात प्राचार्या नीलम कौशिक ने जूनियर रेडक्रास के ब‘चों की जागरूकता रैली जिस में ब‘चे ” पॉलिथीन हटाना है, जूट का थैला लेना हैं, भारत स्व‘छ बनाना है” नारे लगा कर लोगो को अंग्रेजी प्रवक्ता रविन्द्र कुमार मनचन्दा के नेतृत्व में थैला अपनाने के लिए जागरूक कर रहे थे। इस अवसर पर ब‘चों के साथ प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने सराय ख्वाजा के स्कूल के पीछे गली में घर घर जाकर लोगों को जूट के थैले देकर पॉलिथीन और प्लास्टिक का प्रयोग बंद करने का आग्रह किया। मनचंदा ने बताया कि सर्वत्र स्व‘छता बनाने और पर्यावरण बचाने के लिए ज़रूरी है कि प्लास्टिक का इस्तेमाल कम से कम हो। रविन्द्र कुमार मनचन्दा ने बताया कि धरती पर जीवन को पनपने के लिए काफ़ी संघर्ष करना पड़ा है। इतिहास और भूगोल के अध्ययन से यह साफ़ है कि धरती पर जीवन की उत्पत्ति के लिए काफ़ी लंबा समय तय करना पड़ा है। लेकिन जो चीज़ इंसान को कड़ी मेहनत और प्रकृति से फल स्वरूप मिली है उसे आज खुद इंसान ही मिटाने पर लगा हुआ है। लगातार प्रकृति के कार्यों में हस्तक्षेप कर इंसान ने खुद को प्रकृति के सामने ला खड़ा किया है जहां प्रकृति उसका विनाश कर सकती है। जंगलों, वनों की कटाई कर असंतुलन पैदा किया जा रहा है। इस अवसर पर ब‘चों ने सुंदर स्लोगन लिख कर स्व‘छता अपनाते हुए सिंगल यूज प्लास्टिक का प्रयोग रोकने के लिए जागरूक किया। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड से क्षेत्रीय अधिकारी जयभगवान शर्मा, कार्यकारी अभियंता रामनिवास शर्मा और नरेन्द्र हुडडा ने सभी 250 ब‘चों को जूट के बैग भी वितरित किए तथा ब‘चों को प्लास्टिक का उपयोग न करने के लिए प्रेरित किया गया। प्राचार्या नीलम कौशिक, रविन्द्र कुमार मनचन्दा, रेणु शर्मा, राजीव जैन, बांके बिहारी गोस्वामी, रूप किशोर शर्मा, विनोद बैंसला, सुनील नागर, राधेश्याम शर्मा, बिजेंद्र सिंह, हरी चंद सहित अन्य प्राध्यापकों ने भी डिस्पोजेबल पलास्टिक से परहेज़ करने की जरूरत पर बल दिया।