दिन कभी ऐसे भी आएंगे ये मालूम न था

फरीदाबाद, 01 अक्तूबर । कल रात विजय रामलीला के इतिसिक मंच पर हुआ श्री राम को बनवास। प्रथम दृश्य में मन्थरा द्वारा कैकयी की बुद्धि हर लेने का दृश्य दिखाया गया जिसमें कैकयी बनी साक्षी (महिला कलाकार) और मन्थरा बनी दीपाली (महिला कलाकार) ने जम कर सम्वाद किया। अगले दृश्य में कोप भवन में बैठी कैकयी ने दशरथ से मांगे अपने दो वरदान। तीसरे दृश्य ने सबको भाव विभोर कर दिया जिसमें राम (सौरभ कुमार) ने कौशल्या (मनोज शर्मा ) से ली विदाई। दशरथ की भूमिका में नजऱ आये कमेटी के चेयरमैन (सुनील कपूर)। जिनके अभिनय से दर्शकों की आंखे हुई नम। बनवास के मनोरम दृश्य को सजीव करने के लिए संगीत विभाग से विश्वबन्धु शर्मा जी द्वारा लिखा व गाया गया गाना दिन कभी ऐसे भी आएंगे ये मालूम न था, एक एक कर के बिछड़ जाएंगे मालूम न था, जिसने पधारे सभी दर्शकों के दिलो को मार्मिक कर दिया। आज इसी मंच से दिखाया जाएगा भरत प्रसंग और मल्लाह का राम को गंगा पार उतारना।