जग की रचना करने वाले क्या क्या खेल दिखाते हैं, सिया राम हो जाती है और राम सिया हो जाते है।

FARIDABAD: विजय रामलीला, मार्किट न० 1 फरीदाबाद की 68 वर्ष पुरानी रामलीला के रंग मंच पर कल रात हुआ सीता स्वयंवर, प्रथम दृश्य मे भगवान राम और माता सीता जनक नगरी की फुलवारी में मिले और दूसरे दृश्य में राम ने शिव धनुष पर प्रत्यंचा चढ़ाई, सीता ने राम जी को वर माला डाली, आकाश से पुष्पवर्षा की गई। इसके बाद हुआ लक्ष्मण परशुराम सम्वाद। सम्वाद में लक्ष्मण परशुराम के डायलॉग सुनकर दर्शक हुए उत्साहित। लक्ष्मण की भूमिका में प्रिंस मनोचा ने मंच तहलका मचा दिया वही दूसरी परशुराम की भूमिका निभाते सुशील नागपाल ने बराबर की टक्कर दी। दोनों के बीच चेहरे पर सरलता का भाव लिए, शांत स्वरूप राम (सौरभ कुमार) दोनों को ही शांत करते रहे। अंत मे परशुराम ने राम से अपने खुद के धनुष पर चिल्ला चढ़ाने को कहा। राम ने उस धनुष को भी तान दिया तो परशुराम के यह विश्वास होगया की यही रमा पति विष्णु हैं। आज इसी मंच पे होगा नाच गाने, गाजे बाजों के साथ सीता राम का लग्न, विशाल भण्डारा और रंगारंग झांकी प्रदर्शन। चेयरमैन सुनील कपूर ने बताया कि इस दिन का संस्था को बेसब्री से इंतज़ार था, राम बारात की प्रथा को बदल कर वह ये मनोरम दृश्य पब्लिक के सामने पेश करने जा रहे हैं जहाँ सीता राम की युगल छवि दरबार मे विराजमान होगी और दर्शक मंच पर चढ़ कर माथा टेक पाएंगे। मन्नते माँग पाएंगे। लोगो की आस्था इस मंच पर और बढ़ेगी। येही बात है जो 68 साल पुराने इस मंच को अन्य रामलीला मंचो से हट कर साबित करती है।⁠⁠⁠⁠