मलीला के मंच पर श्रवण कुमार का दृश्य दिखाया गया

फरीदाबाद, 26 सितम्बर। जागृति रामलीला कमेटी द्वारा आयोजित रामलीला के मंच पर श्रवण कुमार का दृश्य दिखाया गया। कलाकारों ने पूरे उत्साह और जोश के साथ अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया। श्रवण कुमार को जैसे ही तीर लगा सभी की आंखें नम हो गईं।
रामलीला में दिखाया गया कि श्रवण कुमार के बूढ़े माता-पिता की इच्छा तीर्थ यात्रा की होती है और श्रवण उन्हें यात्रा करवाने पैदल ही चल पढ़ता है। अयोध्या के राजा दशरथ जंगल में शिकार खेलने जाते हैं और जब श्रवण माता-पिता की प्यास बुझाने के लिए नदी किनारे जल भर रहा होता है तो दशरथ की कमान से निकला तीर श्रवण को लग जाता है और श्रवण कुमार बुरी तरह घायल हो जाता है। जिसके बाद श्रवण की मौत पर दुखी होकर उसके माता-पिता दशरथ को श्राप देते हैं कि तू भी अपने बेटे की याद में तड़प-तड़प कर मर जाएगा। इस मौके पर जब ओ जालिम तेरा क्या बिगाड़ा तीर तूने जीसीने में मारा का मार्मिक प्रदर्शन हुआ तो श्रोतागणों की आंखें भी नम हो गईं।
कमेटी संरक्षक मोहन सिंह भाटिया ने बताया कि श्रवण का किरदार राकेश भाटिया द्वारा, श्रवण की माता का गगन द्वारा, पिता का कप्तान सिंह द्वारा व दशरथ का प्रीतम सिंह ने किरदार अदा कर दृश्य को जीवंत कर दिया। कमेटी के प्रधान योगेश भाटिया ने आए हुए अतिथियों का स्वागत करते हुए कहा कि मां-बाप की सेवा चार धाम तीर्थ के फल बराबर होती है और जो लोग उनकी सेवा नहीं करते, वह जिंदगी में कभी भी सुख नहीं पाते।