स्वास्थ्य कर्मियों की हड़ताल से मरीज हुए बेहाल

फरीदाबाद : जिले के 650 एनएचएम कर्मचारियों के सामूहिक अवकाश पर चले जाने से सोमवार को नागरिक अस्पताल सहित शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों के कई स्वास्थ्य केंद्रों में स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित रही। इससे कई मरीजों को परेशानियों का सामना करना पड़ा। सोमवार को प्रधानमंत्री मातृत्व सुरक्षा योजना के तहत सेक्टर तीन स्थित एफआरयू-2 में इलाज कराने के लिए पहुंची गर्भवती महिलाओं की खून संबंधी जांच नहीं हो सकी।

उल्लेखनीय है कि राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत काम करने वाले कर्मचारी अपनी मांगों को लेकर सोमवार को पंचकूला में मुख्यमंत्री के आवास का घेराव किया था। इसके चलते जिले के स्वास्थ्य कर्मियों ने पंचकूला जाने के लिए सामूहिक अवकाश लिया था। कर्मचारी सेवा नियम संशोधन, सेवा सुरक्षा नियम सहित वेतन विसंगतियों में सुधार की मांग कर रहे हैं। एक घंटे तक एंबुलेंस के लिए भटकती रही महिला

स्वास्थ्य विभाग के अनुसार एंबुलेंस चालक एनएचएम कर्मचारियों के सामूहिक अवकाश का हिस्सा नहीं थे, लेकिन एंबुलेंस चालकों की कार्यशैली से ऐसा लग रहा था कि वह अप्रत्यक्ष रूप से एनएचएम कर्मियों से साथ दे रहे थे। नागरिक अस्पताल की इमरजेंसी में अपने पिता रामेश्वर प्रसाद को लेकर पहुंची सोनी कुमार को एंबुलेंस के लिए एक घंटे से भी अधिक समय तक इंतजार करना पड़ा था। दरअसल, रामेश्वर प्रसाद को एक सप्ताह से बुखार आ रहा था। रामेश्वर की हालत को देखते हुए डॉक्टर ने तुरंत दिल्ली के लिए रेफर कर दिया था। सोनी कुमार को एंबुलेंस के लिए एक घंटे तक परेशान होना पड़ा, जबकि डॉक्टर उनसे जल्द से जल्द दिल्ली ले जाकर एडमिट कराने करने के लिए कह रहे थे। बाद में पता चला कि एंबुलेंस चालक खाना खाने गया था और वह एक घंटे बाद लौटकर आया। इसके बाद रामेश्वर के अलावा अन्य कई मरीजों को भी दिल्ली भेजा गया। शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र हुए प्रभावित

स्वास्थ्य विभाग द्वारा जिले में शहरी स्वास्थ्य एवं शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र चलाए जा रहे हैं। सोमवार को हुए सामूहिक अवकाश में शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र की सेवाएं बाधित रही। सारन, डबुआ में एक भी डिलीवरी नहीं हुई, जबकि नागरिक अस्पताल में दोपहर 12 बजे तक तीन डिलीवरी हुई थी। सेक्टर-30 एफआरयू पर लटके रहे ताले

प्रत्येक महीने की नौ तारीख को प्रधानमंत्री मातृत्व सुरक्षा योजना के तहत गर्भवती महिलाओं के लिए स्पेशल ओपीडी लगाई जाती है। इसके तहत सोमवार को भारी संख्या में इलाज के लिए पहुंची गर्भवतियों एफआरयू-1 सेक्टर 30 में डॉक्टर की ओपीडी रूम पर ताला लटका हुआ दिखा। सुबह दस बजे तक गर्भवती महिलाओं की लंबी कतार लग गई थी और डॉक्टर के आने का इंतजार करने लगी। डॉक्टर के नहीं आने पर महिलाएं अपने घर को लौट गई। इसके अलावा चार शहरी स्वास्थ्य केंद्रों (यूएचसी), 13 शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों , तीन ग्रामीण कम्युनिटी स्वास्थ्य केंद्रों, 11 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर भी 80 से 100 के मरीज ओपीडी में पहुंचते हैं। उन्हें परेशानियों का सामना करना पड़ा। एनएचएम कर्मचारी के सामूहिक अवकाश का स्वास्थ्य सेवाओं पर कोई असर नहीं पड़ा है। एक-दो जगहों पर दिक्कत आई भी तो शिकायत मिलते ही उसे तुरंत दूर कर लिया गया। मरीजों को परेशानी न हो, इसलिए सारी व्यवस्था की गई थी।