सावरकर पर राहुल का बयान तोड़ सकता है कांग्रेस-शिवसेना गठबंधन: उद्धव लेंगे फैसला, कुछ ही देर में आदित्य ठाकरे की प्रेस कॉन्फ्रेंस

सावरकर पर राहुल का बयान तोड़ सकता है कांग्रेस-शिवसेना गठबंधन: उद्धव लेंगे फैसला, कुछ ही देर में आदित्य ठाकरे की प्रेस कॉन्फ्रेंस
सावरकर पर राहुल का बयान तोड़ सकता है कांग्रेस-शिवसेना गठबंधन: उद्धव लेंगे फैसला, कुछ ही देर में आदित्य ठाकरे की प्रेस कॉन्फ्रेंस

वीर सावरकर पर कांग्रेस नेता राहुल गांधी के बयान से महाराष्ट्र में राजनीति तेज हो गई है। राहुल के बयान के बाद उद्धव ठाकरे गुट वाली शिवसेना कांग्रेस से गठबंधन तोड़ सकती है। उद्धव गुट के नेता अरविंद सावंत ने कहा कि हम राहुल गांधी के बयान से सहमत नहीं हैं। हम सावरकर की इज्जत करते हैं, उनके खिलाफ कुछ भी सुनना पसंद नहीं।

आदित्य ठाकरे की कुछ देर में मुंबई में प्रेस कॉन्फ्रेंस करेंगे। मीडिया रिपोर्ट्स में कहा जा रहा है कि वे महाविकास अघाड़ी को लेकर कोई बड़ा निर्णय ले सकते हैं।

केंद्र सरकार सावरकर को भारत रत्न दे: उद्धव ठाकरे
महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने भी राहुल गांधी के इस बयान से असहमति जताई है। उन्होंने कहा कि हमारे मन में वीर सावरकर के लिए बहुत सम्मान और विश्वास है और इसे मिटाया नहीं जा सकता। उद्धव ने केंद्र सरकार से सवाल किया कि वे सावरकर को भारत रत्न क्यों नहीं देते? इसी हफ्ते कांग्रेस की भारत जोड़ो यात्रा में उद्धव के बेटे आदित्य ठाकरे राहुल के साथ शामिल हुए थे।

महाराष्ट्र मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने कहा महाराष्ट्र के लोग हिंदू विचारक व्यक्ति का अपमान बर्दाश्त नहीं करेंगे। वहीं, डिप्टी CM देवेंद्र फडणवीस बोले कि राहुल गांधी बड़ी बेशर्मी से झूठ बोलते हैं। राहुल के इस बयान के बाद से बीजेपी कार्यकर्ता प्रदर्शन कर रहे हैं। शुक्रवार को बीजेपी कार्यकर्ता कांग्रेस के पुणे कार्यालय में घुसे गए।

राहुल बोले- सावरकर ने डरकर माफी भी मांगी थी
राहुल गांधी ने गुरुवार को महाराष्ट्र के अकोला में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर सावरकर की चिट्ठी दिखाई। राहुल ने दावा किया कि सावरकर ने ये चिट्ठी अंग्रेजों को लिखी थी। जिसमें उन्होंने खुद को अंग्रेजों का नौकर बने रहने की बात कही थी। साथ ही डरकर माफी भी मांगी थी। गांधी-नेहरू ने ऐसा नहीं किया, इसलिए वे सालों तक जेल में रहे।

चिट्ठी पर राहुल का पूरा बयान पढ़िए…
राहुल गांधी ने कहा, ‘ये देखिए मेरे लिए सबसे जरूरी डॉक्यूमेंट। ये सावरकर जी की चिट्ठी है। इसमें उन्होंने अंग्रेजों को लिखा है। मैं आपका सबसे ज्यादा ईमानदार नौकर बने रहना चाहता हूं। ये मैंने नहीं सावरकर जी ने लिखा है। फडणवीस जी देखना चाहते हैं तो देख लें। सावरकर जी ने अंग्रेजों की मदद की। सावरकर जी ने ये चिट्ठी साइन की।

गांधी, नेहरू और पटेल सालों जेल में रहे और कोई चिट्ठी नहीं साइन की। सावरकर जी ने इस कागज पर साइन किया, उसका कारण डर था। अगर डरते नहीं तो कभी साइन नहीं करते। सावरकर जी ने जब साइन किया तो हिंदुस्तान के गांधी, पटेल को धोखा दिया था। उन लोगों से भी कहा कि गांधी और पटेल भी साइन कर दें।’

सावरकर के पोते ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई

सावरकर के पोते रंजीत सावरकर ने मुंबई के शिवाजी पार्क पुलिस स्टेशन में राहुल गांधी और महाराष्ट्र कांग्रेस अध्यक्ष नाना पटोले की शिकायत की है। रंजीत ने बताया- राहुल कहते हैं कि सावरकर अंग्रेजों की नौकरी करते थे और उनसे पेंशन लेते थे। सावरकर देश के खिलाफ काम करते थे। राहुल ने ऐसा बोलकर वीर सावरकर का अपमान किया है।