प्रदेश सचिव कृष्ण अत्री का प्रशासन द्वारा बलपूर्वक अनशन तुड़वाने के विरोध में छात्रों ने फूँका खट्टर का पुतला

-एनएसयूआई के प्रदेश सचिव कृष्ण अत्री का जबरन एसडीएम बेलिना ने तुड़वाया आमरण अनशन
-प्रदर्शनकारी छात्रों का आरोप भाजपा है छात्र दमनकारी सरकार 
-खट्टर सरकार ने अपनी नाकामी छुपाने के लिए पुलिसबल प्रयोग करके कृष्ण अत्री का तुड़वाया आमरण अनशन
फरीदाबाद। पिछले 5 दिनों से आमरण अनशन पर बैठे एनएसयूआई के प्रदेश सचिव कृष्ण अत्री का बडकल की एसडीएम बेलिना ने 30 अगस्त को जबरन आमरण अनशन तुड़वा दिया और पुलिस बल की सहायता से उन्हें बीके अस्पताल में भर्ती कराया तथा बीके अस्पताल में उनका सही से ईलाज नही किया जा रहा है जिसको लेकर एनएसयूआई के कार्यकर्ताओं और छात्रों में भारी रोष है। छात्रों ने खट्टर सरकार पर तानाशाही और दमनकारी सरकार का आरोप लगाते हुए बीके चौक पर विरोध करके मुख्यमंत्री मनोहरलाल खट्टर का पुतला फूंका और सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी भी की।
प्रदर्शनकारियो ने बताया कि 30 अगस्त की सुबह बीके अस्पताल के डॉक्टरों की टीम आमरण अनशन पर बैठे हुए एनएसयूआई हरियाणा के प्रदेश सचिव कृष्ण अत्री का मेडिकल चेकअप करने पहुंची थी। कृष्ण अत्री का मेडिकल चेकअप करने के बाद शाम को डॉक्टरों ने रिपोर्ट सेक्टर 16 पुलिस चौकी भेज दी जिसमें लिखा था कि कृष्ण अत्री को तुरंत अस्पताल में दाखिल कराया जाए। रिपोर्ट आने के बाद एसडीएम बेलिना मौके पर पहुंची और पुलिस बल की सहायता से कृष्ण अत्री का अनशन जबरन तुड़वाया और उन्हें वहां से जबरन उठाकर बीके अस्पताल में भर्ती कराया जिसकी सूचना मिलते ही कांग्रेस के प्रदेश महासचिव बलजीत कौशिक और पूर्व पार्षद योगेश धींगड़ा कृष्ण अत्री से मिलने बीके अस्पताल पहुँचे और उन्हें आश्वाशन दिया कि पूरी कांग्रेस पार्टी उनके साथ खड़ी है।
प्रदर्शनकारियों ने खट्टर सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा कि यह छात्र दमनकारी सरकार है जो कृष्ण अत्री जैसे छात्रनेताओ की आवाज को दबाना चाहती है औऱ कृष्ण अत्री इस लड़ाई में कही भी अकेला नही है पूरे प्रदेशभर के छात्र कृष्ण अत्री के साथ खड़े है। कृष्ण अत्री छात्रहितों की मांगों को लेकर पिछले 5 दिनों से आमरण अनशन पर बैठे हुए थे जिसके कारण खट्टर सरकार की नाकामी पूरे प्रदेश के छात्रों और जनता के सामने उजागर हो रही थीं क्योंकि खट्टर सरकार ने पिछले 5 सालों में छात्रहितों का जमकर दमन किया है और कृष्ण अत्री ने पिछले 5 सालों में सरकार की दमनकारी नीतियों का डटकर सामना किया है तथा कई बार खट्टर सरकार को कृष्ण अत्री के कारण अपने फैसलों को भी बदलना पड़ा है।
प्रदर्शनकारियों ने कहा कि कृष्ण अत्री ने जो मांग रखी है वो सभी छात्रहितों में है और जिनका पूरा होना जिले और प्रदेश के छात्र छात्राओं के लिए लाभदायक होगा। और अगर खट्टर सरकार ने कृष्ण अत्री की आवाज को दबाने की कोशिश की तो जिले के साथ साथ पूरे प्रदेशभर में छात्र खट्टर सरकार के खिलाफ मोर्चा खोलेंगे और इस सरकार को सत्ता से बाहर खदेड़ने का काम करेंगे।