हरियाणा सरकार की मुख्य गतिविधियां और उनसे जुड़े समाचार

गुरुग्राम में अवैध रूप से कंट्रोल्ड एरिया में कृषि भूमि पर बनी गैंगस्टर की कोठी की गई जमींदोज

– नगर निगम मानेसर ने भारी पुलिस बल के साथ दिया कार्रवाई को अंजाम

 

 

चंडीगढ़, 24 सितंबर – बी डी कौशिक मुख्य संपादक मातृभूमि संदेश न्यूज नेटवर्क।
गुरुग्राम जिला के गांव बार गुर्जर में अवैध रूप से कंट्रोल्ड एरिया में कृषि भूमि पर बनी गैंगस्टर सुबे गुर्जर की कोठी को नगर निगम मानेसर ने भारी पुलिस बल की मदद से जमींदोज कर दिया है। यह कोठी लगभग पौने एकड़ एरिया में बनी हुई थी। गैंगस्टर सुबे गुर्जर पर 42 आपराधिक मामले दर्ज हैं और वह फिलहाल भोंडसी जेल में बंद है।

इस अवैध चार मंज़िला कोठी को गिराने के लिए नगर निगम मानेसर व पुलिस का अमला वीरवार को निगम आयुक्त मोहम्मद इमरान रजा के नेतृत्व में पहुँच गया था । पुलिस बल का नेतृत्व एसीपी मानेसर सुरेश कुमार कर रहे थे। उस समय अमला दो जेसीबी लेकर गया था परंतु इतनी बड़ी कोठी को जेसीबी से गिराना कठिन था , इसलिए पहले दिन चारदिवारी तोड़ कर अमला वापिस चला आया और रात भर संसाधन इकट्ठे कर सुबह पुनः कार्रवाई शुरू की। क़रीब 7 घंटे की मशक़्क़त के बाद कोठी को धराशायी किया गया है।

मानेसर नगर निगम में नियुक्त डीटीपी संजय कुमार के अनुसार गैंगस्टर सुबे गुर्जर ने अवैध रूप से नियंत्रित क्षेत्र में कृषि भूमि पर लगभग पौने एकड़ क्षेत्रफल में कोठी बनाई हुई थी। यह मामला जब नगर निगम मानेसर के अधिकारियों के संज्ञान में आया तो संयुक्त आयुक्त के माध्यम से कोठी के मालिक गैंगस्टर सुबे गुर्जर को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया। जब उसकी ओर से संतोषजनक जवाब नहीं आया तो इस कोठी को गिराने का निर्णय लिया गया।

उन्होंने बताया कि नगर निगम मानेसर के अमले ने लगभग 100 पुलिसकर्मियों के बल के साथ, जिसमें महिला तथा पुरुष पुलिसकर्मी दोनों शामिल थे, कोठी को गिराने का कार्य वीरवार को शुरू किया। पोर्कलेन मशीन अर्थात बुलडोजर की मदद से बारिश के बावजूद 2 दिन में इस कोठी को जमींदोज कर दिया गया है।उन्होंने बताया कि इस दौरान गैंगस्टर सूबे गुर्जर के परिवार की कुछ महिलाओं ने विरोध भी किया लेकिन पुलिस बल की मदद से कार्रवाई को अंजाम तक पहुंचाया गया है।

गांव बार गुर्जर के राजस्व इलाके में अरावली पहाड़ियों के साथ बनी गैंगस्टर की यह अवैध कोठी देखते ही देखते ताश के पत्तों की तरह बिखर गई और धराशायी हो गई।

डीटीपी श्री संजय कुमार ने कहा कि अवैध रूप से बने हुए मकान चाहे किसी की भी हों उनके ख़िलाफ़ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी और उन्हें हटाया जाएगा।

चंडीगढ़, 23 सितंबर -आयुष्मान भारत योजना के 4 वर्ष पूरे होने के अवसर पर आज हरियाणा राज्य स्वास्थ्य प्राधिकरण ने राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राधिकरण व स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय, भारत सरकार के सहयोग से आयुष्मान भारत दिवस मनाया।

इस बैठक की अध्यक्षता केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री श्री मनसुख मंडाविया ने वर्चुअल वीडियो कांफ्रेंस के माध्यम से की।

बैठक में आयुष्मान भारत, हरियाणा द्वारा हरियाणा के पात्र लाभार्थियों को प्रदान की गई सेवाओं की सराहना की गई। इस राष्ट्रीय स्तर की बैठक में पानीपत और पंचकूला के आयुष्मान भारत के लाभार्थियों ने भी हिस्सा लिया।

बैठक के दौरान माननीय केंद्रीय मंत्री ने पानीपत की श्रीमती राखी लाभार्थी से सीधा संवाद किया और हरियाणा में इस योजना के बारे में उनका हालचाल जाना और राय पूछी। लाभार्थी ने अपनी चिकित्सा समस्याओं के लिए सर्जरी करवाकर योजना के तहत मिलने वाले लाभों के बारे में माननीय केंद्रीय मंत्री के साथ अपने अनुभव को साझा किया, वह भी पूरी तरह से फ्री और परेशानी मुक्त और सभी आयुष्मान भारत राज्य स्वास्थ्य प्राधिकरण टीम के प्रति अपनी कृतज्ञता व्यक्त की। माननीय केंद्रीय मंत्री ने अपने समापन भाषण में हरियाणा में श्रीमती राखी को दिए गए लाभों की भी सराहना की।

इसी प्रकार इस अवसर पर अगले 15 दिनों तक हरियाणा के सभी जिलों में आयुष्मान भारत पखवाड़ा के रूप में विभिन्न गतिविधियों का आयोजन किया जा रहा है। हरियाणा सरकार जल्द ही उन सभी पात्र परिवारों को योजना का लाभ देने जा रही है जिनकी आय सीआरआईडी से पात्र लाभार्थियों का डेटा प्राप्त करने के बाद प्रति वर्ष 1.80 लाख तक है। हरियाणा का स्वास्थ्य विभाग हरियाणा की लगभग 40 प्रतिशत आबादी को कवर करने वाले पात्र लाभार्थियों के आयुष्मान भारत कार्ड बनाने के लिए सभी जिलों में मेगा कैंप आयोजित करने जा रहा है।

आयोग ने खनन अधिकारी ओमदत्त शर्मा पर 30 हजार का जुर्माना लगाया

चंडीगढ़, 23 सितंबर – हरियाणा सेवा का अधिकार आयोग ने एक खनन अधिकारी ओमदत्त शर्मा के कार्य में ढि़लाई पाने पर उस पर कुल 30 हजार रूपए का जुर्माना लगाया है। एक सरकारी प्रवक्ता ने इस बारे में जानकारी देते हुए बताया कि मुख्यमंत्री श्री मनोहर लाल के नेतृत्व में राज्य सरकार द्वारा राज्य के अंतिम व्यक्ति के विकास हेतु कई कदम उठाए जा रहे हैं। इसी के तहत 43 विभागों/संस्थाओं की 584 सेवाएं हरियाणा सेवा का अधिकार आयोग अधिनियम के अंर्तगत अधिसूचित हैं। उन्होंने बताया कि इन अधिसूचित सेवाओं का समयबद्ध वितरण सुनिश्चित करने के लिए आयोग द्वारा नियमित मानिटरिंग की जाती है। जो सेवाएं सरल पोर्टल पर उपलब्ध नहीं हैं, आयोग उन सेवाओं के संबंधित विभागों से मासिक रिपोर्ट मंगवा लेता है। इन रिपोर्टों में उल्लिखित हर आवेदन का अवलोकन किया जाता है।

प्रवक्ता ने बताया कि आयोग ने खान एवं भूविज्ञान विभाग की सितंबर से दिसंबर, 2021 तक की रिपोर्टों का अवलोकन किया और इसमें तीन आवेदनों की सेवा देने में खामियां पाई गई। इन तीनों आवेदनों के संबंध में पंचकूला के खनन अधिकारी ओमदत्त शर्मा को नोटिस दिया गया। सुनवाई के दौरान ओमदत्त शर्मा ने बताया कि तीनों आवेदनों के दस्तावेज पूरे न होने के कारण इनको खारिज कर दिया गया। बाद में उसने काम का बोझ और स्टाफ की कमी जैसे गोल-मोल जवाब दिए। आयोग ने जांच के दौरान पाया कि ओमदत्त बिना किसी कारण फाईल को विभाग में घुमाता रहा, जिसके कारण इन फाइलों को निपटाने में लगभग 400 दिनों की देरी हुई। हालांकि खनिज डीलर लाईसेंस देने का अधिसूचित समय 45 दिन है परंतु ओमदत्त शर्मा ने निर्धारित समय से 10 गुना ज्यादा समय लेते हुए तीन पात्र व्यक्तियों को उनके आवेदनों पर अपना निर्णय सुनाने में देरी की। आयोग ने इस कार्य में ढिलाई और लापरवाही के लिए श्री ओमदत शर्मा पर प्रति केस 10,000 रूपए के हिसाब से कुल 30 हजार रूपये का जुर्माना लगाया है। प्रवक्ता के अनुसार हरियाणा सेवा का अधिकार आयोग को आम आदमी से संबंधित अधिसूचित सेवाओं में देरी करना बिल्कुल स्वीकार्य नही है।

 

सुप्रीम कोर्ट का फैसला सिखों की वैचारिक फतेह : मुख्यमंत्री

चंडीगढ़, 23 सितंबर – हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री मनोहर लाल ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने हरियाणा के सिखों की भावनाओं का ख्याल रखते प्रदेश के लिए अलग से शिरोमणि गुरूद्वारा प्रबंधक कमेटी के गठन के हक में जो निर्णय सुनाया है, वह राज्य के सिखों की वैचारिक फतेह है।

वे आज यहां हरियाणा निवास में प्रदेशभर के मुख्य गुरूद्वारों से आए प्रतिनिधियों को संबोधित कर रहे थे। ये सभी सिख प्रतिनिधि मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त करने आए हुए थे। इस अवसर पर करनाल लोकसभा क्षेत्र के सांसद श्री संजय भाटिया, ओएसडी श्री भूपेश्वर दयाल भी उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने सिखों की भावनाओं की कद्र करते हुए सुप्रीम कोर्ट में हरियाणा में अलग से शिरोमणि गुरूद्वारा प्रबंधक कमेटी के गठन के केस की अच्छे से पैरवी की। उन्होंने कहा कि जब पटना साहिब व दिल्ली राज्य की अलग से शिरोमणि गुरूद्वारा प्रबंधक कमेटी बन सकती हंै तो हरियाणा की क्यों नहीं। उन्होंने कहा कि हरियाणा के गुरूद्वारों का भी इतिहास रहा है, हमारे कई सिख गुरू इन ऐतिहासिक गुरूद्वारों में कभी न कभी अवश्य आएं हैं और समाज को जागरूक किया है।

उन्होंने कहा कि उन्हें पूरी उम्मीद है पूरा सिख समाज एकता व भाईचारे की भावना से एकजुट होकर चलेगा और समाज हित में बेहतरीन कार्य करेगा। उन्होंने आश्वासन दिया कि प्रदेश सरकार की ओर से सिख समाज को उनकी उम्मीद के अनुसार पूरा सहयोग मिलेगा, सभी मिलकर समाज का भला करेंगे।

इस अवसर पर शिरोमणि गुरूद्वारा प्रबंधक कमेटी के सदस्य सरदार जगदीश झिंडा, सरदार भूपेंद्र सिंह, बाबा सुखदेव, संत बाबा गुरमीत सिंह, हरपाल सिंह, रणवीर सिंह, हरप्रीत सिंह नरूला, जरनैल सिंह, जगदेव सिंह गाबा के अलावा अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।

 

जलवायु परिवर्तन को लेकर धरातल पर जाकर चलाने होंगे जागरूकता कार्यक्रम- वन मंत्री श्री कंवर पाल

पर्यावरण के प्रति रोडमैप तैयार कर बढ़ना होगा आगे

गुजरात में राष्ट्रीय सम्मेलन में पहुंचे वन मंत्री

चंडीगढ़ , 23 सितम्बर – हरियाणा के वन मंत्री श्री कंवरपाल ने कहा कि जलवायु परिवर्तन के मामले में धरातल पर जाकर पूरे देश में जागरूकता कार्यक्रम चलाने होंगे ताकि लोगों को जागरूक कर पर्यावरण को सुरक्षित रखा जा सके ।

श्री कंवरपाल ने यह बात आज गुजरात में आयोजित पर्यावरण एवं वन मंत्रियों के राष्ट्रीय सम्मेलन के दौरान कही।

श्री कंवरपाल ने कहा कि पर्यावरण विषय को स्कूल और महाविद्यालयो के पाठ्यक्रम में लाकर विद्यार्थियों को पढ़ाना होगा ताकि हमारी भावी पीढ़ी पर्यावरण के प्रति अधिक जागरूक हो। उन्होंने कहा कि टीवी, रेडियो, सोशल मीडिया जैसे विभिन्न संचार के माध्यम से भी अधिक जागरूकता फैलानी होगी तभी इसके पीछे के मक़सद को प्राप्त कर सकेंगे।

वन मंत्री ने कहा कि पर्यावरण की रक्षा के लिए और आने वाली भावी पीढ़ियों को पर्यावरण के प्रति जागरूक करने के लिए एक रोडमैप तैयार करके आगे बढ़ना होगा। उन्होंने कहा कि हमें अधिक से अधिक संख्या में पौधे लगाकर उनका संरक्षण भी करना चाहिए ताकि वह पर्यावरण को शुद्ध रख सकें।

उन्होंने कहा कि लोगों द्वारा फेंके गए पॉलीथिन से समुद्री जीवों को बड़ा ख़तरा पैदा हो रहा है। प्लास्टिक हमारे पर्यावरण को काफी तेजी से नुकसान पहुंचा रही है हमें इस समस्या से निपटने के लिए गंभीरता पूर्वक इसके समाधान के प्रयास तेजी से शुरू करने होंगे।

 

हरियाणा के राज्यपाल ने एचपीएससी के दो सदस्यों को दिलाई शपथ

श्रीमती ज्योति बैंदा और श्री राजेन्द्र कुमार ने ली शपथ

चण्डीगढ़ 23 सितम्बर – हरियाणा के राज्यपाल श्री बंडारू दत्तात्रेय ने आज राजभवन में हरियाणा लोक सेवा आयोग के दो नए सदस्यों श्रीमती ज्योति बैंदा और श्री राजेन्द्र कुमार को पद की निष्ठा एवं गोपनीयता की शपथ दिलाई। इस अवसर पर हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री मनोहर लाल भी उपस्थित थे।

श्रीमती ज्योति बैंदा 2004 से 2016 तक शिक्षा के क्षेत्र से जुड़ी रही और 2016 से 2022 तक हरियाणा राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग की चेयरपर्सन रही है। श्री राजेन्द्र कुमार का शिक्षा के क्षेत्र में 28 वर्ष का लंबा अनुभव रहा। उन्होंने स्कूल शिक्षा विभाग में अर्थशास्त्र के प्राध्यापक के रूप में काम किया और 2022 में प्रिंसिपल के पद से सेवानिवृत्त हुए।

शपथ ग्रहण समारोह में कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री श्री जे पी दलाल, शहरी स्थानीय निकाय मंत्री डॉ. कमल गुप्ता, सांसद श्री संजय भाटिया, हरियाणा के मुख्य सचिव श्री संजीव कौशल, मुख्यमंत्री के अतिरिक्त प्रधान सचिव डॉ. अमित अग्रवाल, हरियाणा लोक सेवा आयोग के चेयरमैन श्री आलोक कुमार वर्मा, हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग के चेयरमैन श्री भोपाल सिंह, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष श्री ओम प्रकाश धनखड़ सहित अन्य गणमान्य अतिथि व अधिकारीगण मौजूद थे।

इस अवसर पर श्रीमती ज्योति बैंदा और श्री राजेन्द्र कुमार के परिवार के सदस्य भी उपस्थित थे।

क्रमांक-2022

चंडीगढ़, 23 सितंबर- हरियाणा सरकार ने राज्य के सभी सरकारी, एडिड व प्राइवेट अंडर ग्रेजुएट व पोस्ट ग्रेजुएट कॉलेजों की द्वितीय व तृतीय वर्ष की कक्षा के लिए होने वाले दाखिलों की अंतिम तिथि को 27 सितंबर 2022 तक बढ़ा दिया है,22 सितंबर से एडमिशन पोर्टल को पुन: खोल दिया गया है।

एक सरकारी प्रवक्ता ने इस बारे में जानकारी देते हुए बताया कि विभिन्न कॉलेजों की मांग को देखते हुए उच्चतर शिक्षा विभाग ने कॉलेजों के द्वितीय व तृतीय वर्ष की कक्षा के लिए एडमिशन पोर्टल को पुन: खोल दिया है। अब इच्छुक विद्यार्थी 27 सितंबर तक ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। विभाग के महानिदेशक की ओर से प्रदेश के सभी सरकारी, एडिड व प्राइवेट अंडर ग्रेजुएट व पोस्ट ग्रेजुएट कॉलेजों के प्रिंसिपलों को निर्देश दिए गए हैं कि वे अपने-अपने कॉलेजों के द्वितीय व तृतीय वर्ष की कक्षा के लिए होने वाले दाखिलों की प्रक्रिया को 27 सितंबर तक हर हाल में पूरा कर लें, इसके बाद अंतिम तिथि में कोई वृद्घि नहीं की जाएगी। फीस केवल ऑफलाइन मॉड में ही ली जाएगी।

आजादी के 75वें अमृत महोत्सव को हरियाणा मना रहा है अनूठे अंदाज में

27 सितम्बर को मुख्यमंत्री समस्त कैबिनेट के साथ देखेंगे ‘स्वराज – भारत के स्वतंत्रता संग्राम की समग्र गाथा’

चण्डीगढ़, 23 सितम्बर – आजादी के 75वें अमृत महोत्सव को हरियाणा एक अनूठे अंदाज में मनाने जा रहा है, जिसमें न केवल आजादी के आंदोलन की झलक देखने को मिलेगी बल्कि आजादी के दिवानों द्वारा दिए गए बलिदान की अमरगाथा भी देखने व सुनने को मिलेगी। प्रदेश सरकार आजादी के अमृत महोत्सव को विशेष तवज्जो दे रही है, ताकि आज की युवा पीढ़ी को आजादी से पहले अंग्रेजी हुकूमत द्वारा भारतीयों पर ढहाई गई बर्बरता से अवगत करवाया जा सके।

प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी द्वारा अहमदाबाद के साबरमती आश्रम से आजादी के अमृत महोत्सव का शुभारंभ किया गया था, जो 15 अगस्त, 2023 तक चलेगा। अमृत महोत्सव की इसी श्रृंखला के तहत पूरे देश में कार्यक्रम किए जा रहे हैं। हरियाणा में भी आजादी का अमृत महोत्सव से जुड़े साल भर के कार्यक्रमों की रूपरेखा तैयार की गई और इस दौरान सैकड़ों कार्यक्रमों का आयोजन किया गया।

हरियाणा में आजादी के आंदोलन के दौरान हरियाणावासियों द्वारा दिए गए बलिदान से जुड़ी अनेक घटनाएं हैं, जिनमें रोहनात गांव का उल्लेख सर्वोपरी है। अंग्रेजी हुकूमत की बर्बरता का गवाह रहा भिवानी जिला के गांव रोहनात की कहानी पर आधारित नाटक ‘दास्तान-ए-रोहनात’ का मंचन स्वयं मुख्यमंत्री ने देखा। इस कार्यक्रम की खास बात यह रही कि इस दिन रोहनात व उसके आसपास के गांवों के लगभग 500 निवासियों को नाटक देखने के लिए विशेष रूप से हिसार में आमंत्रित किया गया। इसके बाद पंचकूला में विभाजन विभीषिका पर बनाई गई फिल्म को भी हरियाणा के मुख्यमंत्री ने देखा। हरियाणा के शहीदों के ‌बलिदान से जुड़े नाटक व विभाजन विभीषिका से जुड़ी फिल्म-शो जैसे अनूठे कार्यक्रमों का आयोजन कर राज्य सरकार ने आजादी का अमृत महोत्सव के लक्ष्य को सार्थक किया है।

इसी कड़ी में दूरदर्शन द्वारा देश की आजादी के 75वें महोत्सव पर तैयार किए गये 75 एपिसोड के सीरियल ‘स्वराज-भारत के स्वतंत्रता संग्राम की समग्र गाथा’ की 27 सितम्बर को पंचकूला के इंद्रधनुष सभागार में विशेष स्क्रीनिंग की जाएगी, जिसमें मुख्यमंत्री श्री मनोहर लाल समस्त मंत्रिमण्डल के सदस्यों के साथ इस विशेष स्क्रीनिंग को देखेंगें।

‘स्वराज-भारत के स्वतंत्रता संग्राम की समग्र गाथा’ सीरियल का आरंभ उस दौर से होता है जब 1498 में वास्को-डी-गामा ने भारत की धरती पर कदम रखा था। फिर पुर्तगालियों, फ्रांसीसियों, डच और अंग्रेजों ने भारत में उपनिवेश स्थापित करने के प्रयत्न किए। उस दौर से प्रारंभ होकर भारत के आजाद होने तक के संघर्ष और हमारे स्वाधीनता के नायकों की गौरव गाथा को इस सीरियल में संजोया गया है।

ख़ास बात यह है कि इस सीरियल में न केवल मंगल पांडे, रानी लक्ष्मीबाई और भगतसिंह जैसे जाने-माने नायकों के किस्सों को शामिल किया है बल्कि इस सीरियल में अज्ञात, अनसुने और भूले-बिसरे नायकों व वीरांगनाओं जैसे रानी अबक्का, बक्शी जगबंधु, तिरोत सिंह, सिद्धो कान्हो मुर्मु, शिवप्पा नायक कान्होजी आंग्रे, रानी गाइदिन्ल्यू और तिलका मांझी जैसे वीर योद्धाओं के बलिदान से जुड़ी कहानियां भी शामिल की गई हैं, जिनका बलिदान अनसुना-अनकहा रह गया था।

यह सीरियल केवल आजादी की गौरव गाथा के महानायकों के जीवनवृतांत को ही बयां नहीं करता बल्कि उपनिवेशिक ताकतों के अन्यायपूर्ण व्यवहार को दर्शकों तक पहुंचाने का अनूठा व बेहतरीन प्रयास है। सही मायने में यह आजादी के अमृत महोत्सव की सार्थकता सिद्ध करेगा।

मनोहर सरकार में हरियाणा बना खेलों का हब

सरकार की खेल नीति की देश ही नहीं विदेशों में भी हो रही सराहना

बचपन से ही बच्चों में खेल संस्कृति विकसित करने के लिए राज्य सरकार स्थापित कर रही खेल नर्सरियां

ओलंपिक व अन्य अंतरराष्ट्रीय खेल स्पर्धाओं में हरियाणा के खिलाड़ी ला रहे सर्वाधिक पदक

चंडीगढ़, 23 सितंबर – कृषि प्रधान राज्य की पहचान से खेलों का सिरमौर बनने तक का हरियाणा का सफर कई मायनों में उल्लेखनीय रहा है। मुख्यमंत्री श्री मनोहर लाल के नेतृत्व में प्रदेश में खेलों का एक ऐसा माहौल तैयार हुआ है कि आज हरियाणा का दूसरा नाम ‘मेडल की खान’ बन चुका है। प्रदेश के खिलाड़ी लगातार ओलंपिक व अन्य अंतरराष्ट्रीय खेल स्पर्धाओं में पदक जीत कर भारत का नाम रोशन कर रहे हैं।

हरियाणा सरकार द्वारा बनाई गई नई खेल नीति व आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर की बदौलत प्रदेश के खिलाड़ी हरियाणा का नाम विश्वपटल पर चमका रहे हैं। अनेक मौकों पर देश के प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने भी हरियाणा सरकार द्वारा खेलों को प्रोत्साहन देने के प्रयासों की मुक्तकंठ से सराहना की है।

हरियाणा सरकार की खेलों को बढ़ावा देने की प्रतिबद्धता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि मुख्यमंत्री ने सरदार संदीप सिंह, जो भारतीय हॉकी टीम के कप्तान रह चुके हैं, को राज्य का खेल मंत्री बनाया है ताकि खेलों पर विशेष ध्यान देकर उम्दा खिलाड़ी तैयार किए जा सकें।

आज हरियाणा खेल क्षेत्र में अपनी एक अनूठी पहचान बना चुका है। इसी के फलस्वरुप हाल ही में पंचकूला में खेलो इंडिया यूथ गेम्स- 2021 का सफल आयोजन कर हरियाणा ने एक सफल आयोजनकर्ता के रूप में भी अपनी अमिट छाप छोड़ी है।

बचपन से ही बच्चों में खेल संस्कृति विकसित करने के लिए राज्य सरकार स्थापित कर रही खेल नर्सरियां

हरियाणा सरकार द्वारा जमीनी स्तर पर बच्चों में खेल संस्कृति को लोकप्रिय बनाने के उद्देश्य से राज्य में खेल नर्सरियां स्थापित की जा रही हैं। इस कड़ी में प्रदेश में 1100 खेल नर्सरियां चलाई जाएंगी। 500 नर्सरियां विभागीय प्रशिक्षण केन्द्रों पर तथा 600 खेल नर्सरियां सरकारी तथा निजी शिक्षण संस्थानों, निजी खेल अकेडमियों, निजी खेल प्रशिक्षण केन्द्र में स्थापित करने की प्रक्रिया जारी है। मोरनी में मिल्खा सिंह साहसिक खेल एकेडमी भी स्थापित की गई है।

इसके अलावा, प्रत्येक गांव में एक-एक युवा कल्ब स्थापित करने का भी निर्णय लिया गया है। राज्य मे अब तक 4912 गांवों में युवा क्लबों का गठन किया गया है। इतना ही नहीं, राज्य में चार अनुसूचित खिलाड़ी खेल छात्रावास स्थापित किए जा रहे हैं। अम्बाला मे खेल छात्रावास का निर्माण कार्य लगभग पूरा हो चुका है तथा हिसार, सिरसा तथा फतेहाबाद में खेल छात्रावास के निर्माण का कार्य चल रहा है।

हरियाणा दे रहा है खिलाड़ियों को सर्वाधिक नकद पुरस्कार

वर्तमान राज्य सरकार द्वारा खिलाड़ियों का मनोबल बढ़ाने के लिए विजेता खिलाड़ियों को सर्वाधिक पुरस्कार राशि दी जा रही है। ओलम्पिक खेलों में स्वर्ण विजेता को 6 करोड़ रुपये, रजत पदक विजेता को 4 करोड़ रुपये तथा कांस्य पदक विजेता को 2.50 करोड़ रुपये का नकद पुरस्कार दिया जाता है।

पैरालम्पिक खिलाड़ियों को भी ओलम्पिक पदक विजेताओं की तर्ज पर तथा प्रतिभागिता करने पर सामान्य खिलाड़ियों की भांति समान नकद पुरस्कार प्रदान किये जाने का प्रावधान किया गया है। इसके अलावा, प्रत्येक प्रतिभागी खिलाड़ी को 15 लाख रुपये देने का भी प्रावधान किया गया है।

ओलम्पिक खेलों हेतू चुने गए हरियाणा के खिलाड़ियों को नकद पुरस्कार राशि में से प्रशिक्षण तथा खुराक हेतू अग्रिम 5 लाख रुपये देने का प्रावधान भी प्रदेश सरकार द्वारा किया गया ताकि कोई भी खिलाडी़ प्रशिक्षण से वंचित न रहे।

प्रशिक्षण के साथ-साथ खिलाड़ियों की खुराक में किसी प्रकार की कोई कमी न रहे इसलिए, खिलाडियों की खुराक राशि को भी 150 रुपये से बढाकर 400 रुपये प्रति खिलाडी प्रतिदिन कर दी है।

हरियाणा सरकार की खेल नीति खिलाडियों को प्रोत्साहित करने, अधिकतम नकद पुरस्कार प्रदान करने तथा नौकरी में आरक्षण आदि सुविधाओं के कारण पूरे देश में उत्तम है।

अवार्डीज के मानदेय को 5000 रुपये मासिक से बढ़ाकर किया 20,000

हरियाणा सरकार द्वारा अर्जुन, द्रोणाचार्य, तथा ध्यानचंद अवार्डीज के मानदेय को 5000 रुपये से बढ़ाकर 20,000 रुपये मासिक किया गया है। तेनजिंग नोर्गे राष्ट्रीय साहसिक पुरस्कार विजेताओं को 20,000 रुपये व भीम अवार्ड विजेताओं को 5000 रुपये मासिक मानदेय देने की शुरुआत की गई है।

ओलंपिक व अन्य अंतरराष्ट्रीय खेल स्पर्धाओं में हरियाणा के खिलाड़ी ला रहे सर्वाधिक पदक

खेल हरियाणा की संस्कृति में ही रचे-बसे हैं, इसलिए यहां के खिलाड़ियों ने देशा में देश हरियाणा-जित दूध दही का खाणा की कहावत को ‌चरितार्थ किया है। हाल ही में बर्मिंघम में सम्पन्न हुए कॉमनवैल्थ गेम्स में भारत को मिले 61 पदकों में से 17 पदक हरियाणा के खिलाड़ियों ने जीते हैं। भारत के 1.3 प्रतिशत क्षेत्रफल व 2.09 प्रतिशत आबादी वाले हरियाणा का ओलम्पिक खेलों में भी 50 प्रतिशत से अधिक मेडल का योगदान रहा है। हरियाणा सही मायनों में खेलों की सोने की खान बनने की ओर अग्रसर है।

महानायक राव तुलाराम सरीखे स्वतन्त्रता सेनानी हमारे प्रेरणास्रोत – मनोहर लाल

चंडीगढ, 23 सितंबर – हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री मनोहर लाल ने हरियाणा वीर एवं शहीदी दिवस पर मातृभूमि की रक्षा करने वाले वीर योद्धाओं और अमर शहीद राव तुलाराम की शहादत को नमन किया।

मुख्यमंत्री ने अमर शहीद राव तुलाराम को देश के लिए प्रेरणास्रोत बताते हुए कहा कि 1857 के प्रथम स्वतंत्रता संग्राम और आजादी के आंदोलन में महत्ती भूमिका निभाने वाले वीर सपूत एवं महान स्वतन्त्रता सेनानी हमारे देश की अमूल्य धरोहर हैं। हिन्दुस्तान की आजादी के लिए अंग्रेजी हुकुमत को उखाड़ने में राव तुलाराम की भूमिका महत्वपूर्ण रही है। ऐसे महान सपूत को शत्-शत् नमन एवं वन्दन है।

श्री मनोहर लाल ने कहा कि देश की संप्रभुता एवं अखंडता की रक्षा में अपने प्राण न्यौछावर करने वाले हमारे वीर जवान देश की आन-बान-शान हैं। पूरा देश आज आजादी का अमृत महोत्सव की 75वीं वर्षगांठ भी मना रहा है और यह महोत्सव हमारे वीर सपूतों व शहीदों के गौरवमयी इतिहास को याद करते हुए हमारे युवाओं में देशभक्ति की भावना का संचार करने का एक माध्यम बनेगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि अमर शहीद राव तुलाराम हरियाणा ही नहीं बल्कि पूरे देश का गौरव है। ऐसी महान विभूतियों के दिखाए मार्ग पर चलकर सरकार निरन्तर विकास व जनसेवा को समर्पित है। हम अपने वीर जवानों के सदैव ऋणी हैं, जो सरहदों की रक्षा के लिए तत्पर खड़े हैं और उनकी बदौलत आज हम सुरक्षित हैं।

चण्डीगढ़, 23 सितम्बर – हरियाणा सूचना, जन सम्पर्क एवं भाषा विभाग मुख्यालय की प्रेस शाखा में कार्यरत सूचना एवं जनसम्पर्क अधिकारी श्रीमती निशि शर्मा की माता श्रीमती सत्यावती शर्मा के निधन पर विभाग के अधिकारियों व कर्मचारियों ने गहरा दुख एवं शोक व्यक्त किया है।

वे 82 वर्ष की थी तथा अपने पीछे एक पुत्र व दो पुत्रियों सहित भरा-पूरा परिवार छोड़ गई। श्रीमती शर्मा ने आज पंचकूला के अलकैमिस्ट अस्पताल में अंतिम सांस ली।

सूचना, जन सम्पर्क एवं भाषा विभाग के महानिदेशक डॉ. अमित अग्रवाल, अतिरिक्त निदेशक (प्रशासन) श्रीमती वर्षा खंगवाल व संयुक्त निदेशक (प्रशासन) श्री अमन कुमार, संयुक्त निदेशक (प्रेस) डॉ. साहिब राम गोदारा, उपनिदेशक श्री राज सिंह कादियान तथा विभाग व प्रेस शाखा के अधिकारियों व कर्मचारियों ने उनके निधन पर शोक व्यक्त किया है तथा दिवंग्त आत्मा की शांति के लिए भगवान से प्रार्थना की है।