फरीदाबाद की दुर्दशा के लिये विपक्षी दल भी बराबर के जिम्मेदार।


फरीदाबाद।बी डी कौशिक मुख्य संपादक मातृभूमि संदेश न्यूज नेटवर्क।
फरीदाबाद शायद इस समय अपने दुर्दिनों से गुजर रहा है ना सिर्फ सड़क और सीवर अपितु पीने का पानी, अवैध कब्जों और भ्रष्टाचार यानि कि हर तरफ अव्यवस्था का बोलबाला है सरकार के मंत्री नितनयी लाखों करोड़ों की घोषणाएं कर रहे हैं मगर जमीन पर कुछ नहीं। भ्रष्टाचार चरम पर है जब कि रोज भ्रष्टाचारी पकड़े भी जा रहे हैं परंतु कारवाई नां होने से उनके हौसले बुलंद हैं जमानत पर बाहर आते ही फिर धंधे पर लग जाते हैं इसके लिये ना सिर्फ सत्तापक्ष अपितु विपक्ष भी बराबर का जिम्मेदार है विपक्ष ने मात्र दिखावा करने के लिये कभी कभार ब्यान बाजी की परंतु कभी शहर में फैले भ्रष्टाचार और अव्यवस्था पर मुखर होकर कुछ नहीं कहा इसे क्या माने ये सत्ता पक्ष का डर है या इन काले कारनामों में विपक्ष की भी मिली भगत है। मैंने कभी जनता के सरोकारों के लिये विपक्ष चाहे वो कांग्रेस हो या आप इनको कभी मुखर होकर आवाज उठाते नहीं देखा अपितु कई कांग्रेसी और आप नेताओं को फरीदाबाद के सत्ताधीशों के यहां चोरी छिपे हुक्का भरते अवश्य देखा है इनके इन कारनामों की यदा कदा चर्चा भी होती है। भ्रष्टाचार के मुद्दे पर भी विपक्ष की रहस्यमयी चुप्पी खटकती है सुना तो यहां तक जाता है कि कुछ विपक्षी नेता तो सत्ता पक्ष के नेताओं के साथ मिलकर प्रोपर्टी के धंधे में खूब माल कमा रहे हैं नहर पार ग्रेटर फरीदाबाद में कई प्रोजेक्ट ऐसे बताये जा रहे हैं जिनमें कांग्रेसी नेताओं की हिस्सेदारी है और फरीदाबाद की भोली भाली जनता समझती है कि विपक्ष नेता उनकी आवाज उठायेंगे।नगर निगम के घोटालों पर लीपापोती जारी है लगभग सभी आरोपियों को जमानत मिल चुकी है और भ्रष्टाचार के विरुद्ध सत्तारूढ़ भाजपा का रुख आप देख ही चुके हो जिसमें एक रिश्वतखोरी के आरोपी चेयरमैन को मंत्री और मुख्यमंत्री खुद क्लीन चिट दे चुके हैं ऐसे ही नीमका और मुझेडी गांव के करोड़ों के घोटालों पर भी जांच का खेल चल रहा है उसका हश्र क्या होगा आप जानते हो।और आजकल फरीदाबाद में कुछ कथित आरटीआई एक्टिविस्ट लगे हैं वो भी मामले को उठाते हैं सिर्फ अपना उल्लू सीधा होते ही चुप बैठ जाते हैं।और विपक्ष अपने नेताओं के जन्मदिन,या पार्टियों को बदलने और बदलवाने में मशगूल हैं और जनता बेचारी ठगी सी पक्ष और विपक्ष की जादूगरी देख रही है।