पूर्व नायब तहसीलदार और रजिस्ट्री क्लर्क को बिना एनओसी के रिश्वत लेकर रजिस्ट्री करने के मामले में स्टेट विजिलेंस ने किया गिरफतार।

चंडीगढ़ /बहादुरगढ़। बी डी कौशिक मुख्य संपादक मातृभूमि संदेश न्यूज नेटवर्क।


पूर्व नायब तहसीलदार और रजिस्ट्री क्लर्क गिरफ्तार। अवैध कालोनियों की रजिस्ट्री का मामला। रोहतक विजिलेंस 2017 से जांच कर रही थी। एक साल में हुई 133 रजिस्ट्री का रिकॉर्ड खंगाला गया। मात्र 12 रजिस्ट्री की एनओसी मिली। डीएसपी बोले कि प्रॉपर्टी डीलर, नक्शा नवीस व रजिस्ट्री मालिक भी जांच के दायरे में आएंगे।
रोहतक विजिलेंस द्वारा गिरफ्तार बहादुरगढ़ तहसील के पूर्व नायब तहसीलदार व रजिस्ट्री क्लर्क।
रोहतक विजिलेंस द्वारा गिरफ्तार बहादुरगढ़ तहसील के पूर्व नायब तहसीलदार व रजिस्ट्री क्लर्क। –
हरियाणा की रोहतक विजिलेंस ने बहादुरगढ़ तहसील के रिटायर नायब तहसीलदार गोहाना (सोनीपत) निवासी श्रीभगवान व पूर्व रजिस्ट्री क्लर्क बहादुरगढ़ निवासी गणेश को गिरफ्तार किया है। आरोप है कि दोनों ने साल 2017 में 121 रजिस्ट्री नगर परिषद बहादुरगढ़ व डीटीपी की एनओसी के बगैर की है।
सोमवार को डीएसपी विजिलेंस सुमित कुमार के नेतृत्व में विजिलेंस की टीम ने जहां पूर्व रजिस्ट्री क्लर्क को गिरफ्तार किया, वहीं नायब तहसीलदार को एक दिन के रिमांड पर लिया। मंगलवार को जांच टीम दोनों को बहादुरगढ़ कोर्ट में पेश करेगी।
डीएसपी सुमित ने बताया कि साल 2017 में स्टेट विजिलेंस ने पत्र जारी करके साल 2017 में बहादुरगढ़ तहसील के अंतर्गत होने वाली रजिस्ट्रियों की जांच के आदेश दिए थे। तभी से झज्जर विजिलेंस इकाई जांच पड़ताल कर रही थी। जांच टीम ने पिछले दिनों अंतिम रिपोर्ट दाखिल की। जांच के दौरान बहादुरगढ़ तहसील की 133 रजिस्ट्री का रिकॉर्ड लिया गया।

इनमें से 32 रजिस्ट्री का रिकॉर्ड डीटीपी कार्यालय झज्जर से मांगा गया, लेकिन 20 रजिस्ट्री की एनओसी नहीं मिली। इसके बाद 101 रजिस्ट्री का रिकॉर्ड नगर परिषद बहादुरगढ़ के कार्यकारी अधिकारी से मांगा गया, लेकिन नप प्रशासन ने बताया कि उनसे एनओसी नहीं ली गई।

मुख्यालय से हरी झंडी मिलने के बाद 14 जुलाई को रोहतक विजिलेंस ने बहादुरगढ़ तहसील के पूर्व नायब तहसीलदार श्रीभगवान व पूर्व रजिस्ट्री क्लर्क गणेश के खिलाफ भ्रष्टाचार अधिनियम व दूसरी धाराओं के तहत केस दर्ज किया। साथ ही 17 जुलाई को पूर्व नायब तहसीलदार को गिरफ्तार को सोमवार को अदालत में पेश किया, जहां से एक दिन के रिमांड पर लिया गया।
2019 में रिटायर हुआ नायब तहसीलदार, वहीं क्लर्क एसडीएम कार्यालय में है तैनात
डीएसपी ने बताया कि नायब तहसीलदार श्रीभगवान बहादुरगढ़ तहसील में नवंबर 2016 से फरवरी 2019 तक कार्यरत रहा। जबकि रजिस्ट्री क्लर्क मई 2017 से सितंबर 2017 और फरवरी 2018 से अक्तूबर 2018 तक कार्यरत रहा। नायब तहसीलदार जहां अगस्त 2019 में रिटायर हो गया, वहीं रजिस्ट्री क्लर्क वर्तमान में एसडीएम कार्यालय बहादुरगढ़ में कार्यरत है।
बहादुरगढ़ तहसील के अंदर 2017 में हुई 133 रजिस्ट्री की जांच की गई। इसमें से 121 रजिस्ट्री की एनओसी नहीं मिली। जबकि सरकार ने डीटीपी कार्यालय व नगर परिषद से एनओसी अनिवार्य की हुई है। मुख्यालय की हिदायत के बाद पूर्व तहसीलदार श्रीभगवान व पूर्व रजिस्ट्री क्लर्क गणेश को भ्रष्टाचार अधिनियम व दूसरी धाराओं के तहत गिरफ्तार किया गया है। गड़बड़ी में प्रॉपर्टी डीलर व नक्शा नवीस भी शामिल हो सकते हैं। ऐसे में रजिस्ट्री मालिकों, नक्शा नवीस व प्रॉपर्टी डीलरों को भी जांच में शामिल किया जाएगा। -इसी तरह के सैंकड़ो मामले फरीदाबाद की बड़खल तहसील के भी है जिनमें अवैध कालोनियों की और अवैध फ्लैट्स की रजिस्ट्री हुई है उन पर कार्रवाई कब होगी।