केंद्रीय मंत्री से मिलने के बाद भी ठीक नहीं हुआ अनखीर का ट्यूबवेल।

फरीदाबाद , 3 जुलाई :- बी डी कौशिक मुख्य संपादक मातृभूमि संदेश न्यूज नेटवर्क। बड़खल विधानसभा के अनखीर गांव में पिछले लगभग 8 वर्षों से ठप्प पड़ा हुआ फरीदाबाद नगर निगम का ट्यूबवेल नंबर-3 से प्रभावित लोगों द्वारा केंद्रीय राज्यमंत्री एवं फरीदाबाद के सांसद चौधरी कृष्णपाल गुर्जर से भी गत 15 मई को मिलकर अपनी समस्या से अवगत करवाने के बावजूद भी इस समस्या का समाधान अभी तक नहीं किया गया है । इस संबंध में फरीदाबाद नगर निगम के संबंधित अधिकारियों की लापरवाही बदस्तूर जारी है। लगता है जिस प्रकार यह ट्यूबवेल नकारा है उसी प्रकार फरीदाबाद नगर निगम के संबंधित अधिकारी भी नकारा ही साबित हो रहे हैं। पूर्व जिला सूचना एवं जनसंपर्क अधिकारी एवं जलापूर्ति की समस्या से जूझ रहे लोगों में शामिल तिलक बिधूड़ी ने बताया कि वह अपने गांव के संबंधित लगभग 20 साथियों सहित गत 15 मई को केंद्रीय राज्य मंत्री चौधरी कृष्णपाल गुर्जर से इस समस्या को लेकर उनके स्थानीय सेक्टर -28 स्थित कार्यालय पर मिले थे। मंत्री श्री गुर्जर ने उनके सामने ही नगर निगम के अधीक्षण अभियंता ओमबीर को फोन करके इस समस्या का तुरंत समाधान करने बारे आदेश दिए थे। मंत्री ने एसई से कहा था कि अनखीर गांव को रेनीवेल जलापूर्ति योजना से जोड़ दिया जाए और सरकारी स्कूल परिसर में ठप्प पड़े हुए इस ट्यूबवेल नंबर-तीन की जगह पर नया ट्यूबवेल लगा दिया जाए । लेकिन 1:30 महीने से भी अधिक समय बीत जाने पर भी इस समस्या के समाधान को लेकर फरीदाबाद नगर निगम के अधीक्षण अभियंता किसी प्रकार की भी कार्यवाही अमल में नहीं ला सके हैं । अब तक नगर निगम की तरफ से कोई भी अधिकारी अथवा कर्मचारी इस समस्या का मुआयना करने या ट्यूबवेल लगाने की कार्यवाही को शुरू करने के संबंध में मौके पर नहीं आया है। इस बारे कई बार मंत्री श्री गुर्जर के कार्यालय में संपर्क करने पर उनके निजी सहायक बस इतना ही कहते हैं कि तसल्ली रखो, समय लगेगा , डी-प्लान में काम होना हैं , पूरे जिले में लगने वाली कई नई ट्यूबवेलों की लिस्ट बनेगी तब जाकर के आपका यह ट्यूबवेल लगेगा। लेकिन सवाल यह खड़ा होता है कि अब तक यह समस्या ज्यों की त्यों बरकरार है और संबंधित लगभग 5 दर्जन घरों में हर घर में 3 या 4 दिन बाद लगभग 1000 रुपए खर्च करके निजी वाटर टैंकर मंगवाना पड़ता है। नगर निगम अपनी ओर से पानी भेजने के लिए इनकार करते हुए पहले ही हाथ खड़े कर चुका है। मालूम नहीं कि नगर निगम के अधीक्षण अभियंता ओमबीर अब किस के आदेश का इंतजार कर रहे हैं।