फरीदाबाद में हजारों उद्योग चल रहे हैं बिना फायर एन ओ सी के। लाखों मजदूरों की जान से खिलवाड़, प्रशासन बना मूक तमाशबीन।


फरीदाबाद।बी डी कौशिक मुख्य संपादक मातृभूमि संदेश न्यूज नेटवर्क।
अभी अभी दिल्ली के मुंडका में तीस से ज्यादा लोग आग मे जिंदा जल गए।कल फरीदाबाद एक फैक्टरी में लगी आग ने तीन लोगों को लील लिया।यानि किसी इंसान का आग मे जिंदा जलना कितना दर्दनाक होता है सोचकर ही शरीर में सिहरन दौड़ जाती है।
और अगर मैं कहुं कि ये सभी मर्डर यानि हत्याकांड है तो आपको कैसा लगेगा।ये सचमुच में फैक्ट्री मालिकों और सरकारी सिस्टम की मिलीभगत से की गई निरीह मजदूरों की हत्यायें है क्यो कि इन फैक्ट्रियों में काम करने वाले मजदूरों के लिए आग से बचने या आग बुझाने का कोई इंतजाम नहीं था और ऐसे ही लाखों कर्मचारी हजारो फैक्ट्रियों में अपनी जान जोखिम में डालकर काम कर रहे हैं सरकारी कायदा तो ये है कि बिना फायर एन ओ सी के किसी भी उद्योग को चलाने की इजाजत नहीं दी जा सकती मगर वाह री रिश्वत तेरे सामने सभी कानून धरे के धरे रह जाते हैं।और कानून ताक पर रखकर ये उद्योग अवैध तरीके से धड़ल्ले से चल रहे हैं
बिना फायर एन ओ सी के फरीदाबाद में बड़खल एक्सटेंशन,जमाई कालोनी, भाखड़ी गांव,सरुरपुर गांव,पृथला विधानसभा के प्याला रोड पर चल रहे हैं मगर प्रशासन और अग्नि शमन विभाग की लापरवाही के चलते ये सभी उद्योग लोगों की जान से खिलवाड़ कर रहे हैं।
ना सिर्फ उद्योग अपितु अधिकांश स्कूल, कालेज, कोचिंग सेंटर, हस्पताल,भी बिना फायर एन ओ सी के चल रहे हैं यहां कभी भी कोई जानलेवा हादसा हो सकता है।
जब हमारे संवाददाता ने कुछ उद्योगपतियों से बातचीत की तो उन्होंने बताया कि हमारे क्षेत्र का अप्रूव ना होना इसमें सबसे बड़ी बाधा है वहीं जब हमने सेक्टर 15 स्थित अग्नि शमन विभाग के अधिकारियों से ऐसे उद्योगों, स्कूलों, कालेजों और हस्पतालों की जानकारी लेनी चाही तो उन्होंने ये कह कर मना कर दिया कि हमारे पास ऐसी कोई जानकारी उपलब्ध नहीं हैं।
क्यूं ना ऐसे निर्शंस हत्याकांडों के जिम्मेदार लोगों पर हत्या का मुक़दमा दर्ज किया जाये।बिना फायर एन ओ सी के चलने वाले उद्योगों को सील किया जाये।