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केंद्रीय बजट हर वर्ग के कल्याण का बजट- मुख्यमंत्री हरियाणा

बजट में डिजिटलाइजेशन और इंफ्रास्ट्रक्चर पर दिया गया जोर- मनोहर लाल

अगले 25 वर्षों की दिशा तय करने के अनुसार तैयार किया गया है बजट- मनोहर लाल
चंडीगढ़, 2 फरवरी-  बी डी कौशिक मुख्य संपादक मातृभूमि संदेश न्यूज नेटवर्क।   हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री मनोहर लाल ने कहा कि केन्द्रीय वित्त मंत्री श्रीमती निर्मला सीतारमण द्वारा पेश किए गए वर्ष 2022-23 के बजट में डिजिटलाइजेशन और इंफ्रास्ट्रक्चर पर जोर दिया गया है । यह बजट किसान, रोज़गार, शिक्षा और स्वास्थ्य सहित हर क्षेत्र व हर वर्ग के कल्याण का बजट है। इस बजट के लिए उन्होंने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी और वित्त मंत्री श्रीमती निर्मला सीतारमण को बधाई दी।
उन्होंने कहा कि अगले 25 वर्ष तक विशेष दिशा तय करने के लिए इस बजट में बहुत सी चीजें लागू की गई हैं ताकि भविष्य की नींव रखी जाए और सतत विकास लक्ष्य की पूर्णता की ओर बढ़ सकें ।
उन्होंने कहा कि आज दुनिया प्रौद्योगिकी के युग की तरफ बढ़ रही है, इसलिए सूचना प्रौद्योगिकी के क्षेत्र की ओर विशेष ध्यान दिया गया है। इसी प्रकार बजट में अवसंरचना पर भी जोर दिया गया है। पूंजीगत व्यय बड़ी मात्रा में तय किये गए हैं, क्योंकि पूंजीगत व्यय जितना अधिक होगा उतना ही देश मजबूत बनेगा। पूंजीगत व्यय अधिक होने से देश की अर्थव्यवस्था भी सुदृढ़ होगी।
श्री मनोहर लाल ने कहा कि बजट में पर्यावरण पर भी अधिक बल दिया गया है। आज पूरी दुनिया इस विषय पर सोच रही है कि जीवन कैसे प्रदूषण मुक्त हो। इस क्षेत्र के लिए भी बजट में प्रावधान किया गया है।
किसानों का बजट
उन्होंने कहा कि अमृत बजट में किसानों का पूरा ख़याल रखा गया है । सरकार ने गेहूं और धान की खरीद के लिए 1.63 करोड़ किसानों को 2.37 लाख करोड़ रुपए का सीधा भुगतान करने की घोषणा की है।
उन्होंने कहा कि बजट में युवाओं के लिए रोजगार की बात कही गई है। इसके अलावा, कर्मचारियों का भी ध्यान रखा गया है।
प्रदेशों को मिलेगा दीर्घकालिक ऋण
श्री मनोहर लाल ने कहा कि बजट में प्रदेशों को दीर्घकाल के लिए 1 लाख करोड़ रुपये बिना ब्याज के ऋण के तौर पर दिए जाने की बात कही गई है, ताकि प्रदेश किसी भी तरह की आर्थिक स्थिति से निपट सकें और अपने कार्यों को ठीक से पूर्ण कर सके।
अब तक का सबसे ज्यादा जीएसटी कलेक्शन
उन्होंने कहा कि पिछले एक माह का जीएसटी कलेक्शन 1 लाख 40 हजार करोड़ रुपये हुआ है, जो अपने आप में महत्वपूर्ण है, क्योंकि यह अब तक का सबसे ज्यादा कलेक्शन है। इसके लिए देश की जनता के साथ-साथ केंद्र सरकार और सभी विभाग बधाई के पात्र हैं।
राष्ट्रीय राजमार्ग नेटवर्क को 25 हजार किलोमीटर तक बढ़ाने का लक्ष्य
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने पीएम गति शक्ति के तहत एक्सप्रेस मार्ग के लिए योजना बनाई है। इसके अन्तर्गत राष्ट्रीय राजमार्ग नेटवर्क को 25 हजार किलोमीटर तक बढ़ाया जाएगा। जितना इंफ्रास्ट्रक्चर मजबूत होगा उतना ही रोजगार के अवसर बढ़ेंगे। उन्होंने कहा कि आत्मनिर्भर भारत की योजनाओं के क्रियान्वयन से 60 लाख लोगों को रोजगार मिलने वाला है।
रोजगार पर अधिक जोर
उन्होंने कहा कि पूंजीगत व्यय के नाते से जितने अधिक प्रोजेक्ट आएंगे उनसे स्थाई रोजगार जनता को मिलेगा। बजट से हरियाणा को भी अपना हिस्सा मिलेगा और सभी परियोजनाओं के माध्यम से रोजगार मुहैया कराएंगे। उन्होंने कहा कि हरियाणा में राज्य सरकार ने निजी उद्योगों में भी स्थानीय युवाओं को रोजगार दिलाने के दृष्टिगत 75 प्रतिशत का प्रावधान किया है। इसके अलावा, शिक्षा के साथ-साथ कौशल विकास पर भी जोर दिया जा रहा है ताकि युवा रोजगार योग्य बन सके ।
उन्होंने कहा कि हरियाणा सरकार ने विदेश सहयोग विभाग का गठन किया है, जिसके सहयोग से विदेश में मैनपावर की आवश्यकता के अनुसार युवाओं का कौशल विकास कर उन्हें विदेश में भेजने की योजना है।

 

चंडीगढ़, 1 फरवरी- हरियाणा के उपमुख्यमंत्री श्री दुष्यंत चौटाला ने केंद्रीय वित्त मंत्री श्रीमती निर्मला सीतारमण द्वारा आज पेश किए गए केंद्रीय बजट 2022-23 पर अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए इस बजट को युवाओं के लिए रोजगार के अवसर पैदा करने वाला तथा उद्योगों व एमएसएमई सेक्टर के लिए सकारात्मक बताया।
डिप्टी सीएम, जिनके पास उद्योग एवं वाणिज्य विभाग का प्रभार भी है, ने अपने ट्वीटर हैंडल पर ट्वीट करते हुए कहा – ‘केंद्र सरकार का केंद्रीय बजट 2022 भारत के जन-जन के भविष्य की आकांक्षाओं व आशाओं को पूर्ण करने वाला है। कृषि व ग्रामीण विकास,डिजिटल करेंसी, एमएसएमई, इंफ्रास्ट्रक्चर और अर्थव्यवस्था को मजबूत करने वाला है। कोविड के समय में किसी भी प्रकार की टैक्स बढ़ोतरी का ऐलान नहीं किया गया, जो सुखद है।’
श्री दुष्यंत चौटाला ने बजट पर विस्तार से प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि हमारे देश की अर्थव्यवस्था कोरोना महामारी के प्रतिकूल प्रभावों से उभरकर जिस तरह से समग्र रूप से बड़ी तेजी के साथ रिकवर कर रही है, इस बजट से और अधिक मजबूती होगी। उन्होंने उम्मीद जताई कि इस बजट से कौशल विकास कार्यक्रमों और उद्योगों के साथ भागीदारी को नई दिशा मिलेगी जिससे कुशलता के आयामों को लगातार बढ़ावा मिलता रहेगा और इनमें स्थायित्व और रोजगार की क्षमता भी बढ़ेगी। उन्होंने बताया कि इस बजट के अनुसार नेशनल स्किल क्वालिफिकेशन फ्रेमवर्क (एनएसक्यूएफ) को प्रगतिशील औद्योगिक आवश्यकताओं के अनुरूप किया जाएगा।
श्री दुष्यंत चौटाला ने बताया कि आज पेश किए केंद्रीय बजट में विभिन्न प्रकार के अनुप्रयोगों के माध्यम से ‘ड्रोन शक्ति’ की सुविधा प्रदान करने और ड्रोन-एएस-ए-सर्विस (डीआरएएएस) के लिए स्टार्टअप को बढ़ावा देने की बात कही गई है, इससे हरियाणा को काफी लाभ होने की उम्मीद है। उन्होंने बताया कि बजट में आपातकालीन ऋण लाइन गारंटी योजना (ईसीएलजीएस) के तहत 130 लाख से भी अधिक एमएसएमई को अत्यंत आवश्यक अतिरिक्त ऋण मुहैया कराया गया है, जिससे उन्हें महामारी के प्रतिकूल प्रभावों को कम करने में मदद मिलेगी। ईसीएलजीएस की अवधि मार्च 2023 तक बढ़ा दी गई है। उन्होंने बजट में आवश्यक धनराशि मुहैया कराकर सूक्ष्म एवं लघु उद्यमों के लिए ऋण गारंटी ट्रस्ट (सीजीटीएमएसई) योजना में संशोधन करने के प्रस्ताव का भी समर्थन किया और कहा कि इससे सूक्ष्म एवं लघु उद्यमों को 2 लाख करोड़ रुपए का अतिरिक्त ऋण सुलभ होगा और रोजगार के अवसर बढ़ेंगे।
उपमुख्यमंत्री ने केंद्रीय बजट में ‘कौशल विकास एवं गुणवत्तापूर्ण शिक्षा’ देने पर बल देने का स्वागत किया और कहा कि इससे विभिन्न अनुप्रयोगों के जरिए ‘ड्रोन शक्ति’ को सुविधाजनक बनाने के साथ-साथ ‘एक सेवा के रूप में ड्रोन (डीआरएएएस)’ के लिए स्टार्टअप्स को बढ़ावा मिलेगा। चुनिंदा आईटीआई में कौशल बढ़ाने के लिए आवश्यक पाठ्यक्रम शुरू किए जाएंगे। आज पेश किए गए बजट के अनुसार व्यावसायिक पाठ्यक्रमों में आवश्यक चिंतन-मनन को बढ़ावा देने वाले आवश्यक कौशल को प्रोत्साहन देने, रचनात्मकता की गुंजाइश के लिए विज्ञान एवं गणित में 750 वर्चुअल प्रयोगशालाएं और उन्नत शिक्षण माहौल के लिए 75 कौशल ई-लैब वर्ष 2022-23 में स्थापित की जाएंगी। इससे उद्योगों को कौशलयुक्त युवा उपलब्ध होंगे।
श्री दुष्यंत चौटाला ने कहा कि स्टार्ट-अप हमारी अर्थव्यवस्था के लिए विकास के प्रेरक के रूप में उभरकर सामने आए हैं। पिछले कुछ वर्षों में देश ने कामयाब स्टार्ट-अप की संख्या में कई गुणा वृद्धि देखी है। उन्होंने बताया कि सरकार द्वारा 31 मार्च 2022 से पहले स्थापित पात्र स्टार्ट-अप को 10 वर्षों में से तीन क्रमिक वर्षों के लिए कर प्रोत्साहन दिया गया था परंतु कोविड महामारी को देखते हुए आज एक वर्ष यानी 31 मार्च 2023 तक बढ़ाने का प्रस्ताव किया गया है जो कि स्वागतयोग्य कदम है।
उपमुख्यमंत्री, जिनके पास लोक निर्माण विभाग का प्रभार भी है, ने पीएम गतिशक्ति को सतत विकास के लिए एक रूपांतरकारी दृष्टिकोण बताया। उन्होंने कहा कि इस दृष्टिकोण को सात इंजनों यथा सडक़ों, रेलवे, हवाई अड्डों, बंदरगाहों, जन परिवहन, जलमार्गों, और लॉजिस्टिक्स संबंधी अवसंरचना से तेज गति मिल रही है। वर्ष 2022-23 के बजट में एक्सप्रेसवे के लिए पीएम गतिशक्ति को मास्टर प्लान बताते हुए कहा कि इससे लोगों एवं वस्तुओं की त्वरित आवाजाही संभव हो सकेगी। उन्होंने पीपीपी मोड के जरिए चार स्थानों पर मल्टी-मोडल लॉजिस्टिक्स पार्क बनाने तथा मल्टी-मोडल लॉजिस्टिक्स सुविधाओं के लिए 100 पीएम गतिशक्ति कार्गो टर्मिनल स्थापित करने के लिए बनाए गए प्लान का भी स्वागत किया।
क्रमांक-2022
जंगबीर सिंह

चंडीगढ़, 1 फरवरी -हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड, भिवानी द्वारा हरियाणा अध्यापक पात्रता(एचटेट) परीक्षा-2021 के अभ्यर्थियों के हितों को ध्यान में रखते हुए आई.आर.आई.एस. बायोमैट्रिक वैरीफिकेशन प्रक्रिया पूर्ण करने का अवसर प्रदान किया जा रहा है। अनुपस्थित रहे अभ्यर्थी 3 व 4 फरवरी, 2022 को प्रात: 09:00 बजे से सांय 05:00 बजे तक बोर्ड मुख्यालय, भिवानी में उपस्थित होकर अपनी आई.आर.आई.एस. बायोमैट्रिक वैरीफिकेशन प्रक्रिया पूर्ण कर सकते हैं।
इस बारे में जानकारी देते हुए बोर्ड प्रवक्ता ने बताया कि हरियाणा अध्यापक पात्रता परीक्षा-2021 का संचालन 18 व 19 दिसम्बर, 2021 को करवाया गया था तथा परीक्षा का परिणाम 28 जनवरी, 2022 को घोषित किया जा चुका है। इस परीक्षा का परिणाम घोषित होने से पूर्व अभ्यर्थियों को 20 जनवरी से 23 जनवरी, 2022 तक आई.आर.आई.एस. बायोमैट्रिक वैरीफिकेशन प्रक्रिया पूर्ण करने का अवसर प्रदान किया गया था। कुछ अभ्यर्थियों ने निर्धारित तिथियों में अपनी आई.आर.आई.एस. बायोमैट्रिक वैरीफिकेशन प्रक्रिया पूर्ण नहीं की थी, जिस कारण ऐसे अभ्यर्थियो का परिणाम RLV है।
उन्होंने आगे बताया कि आई.आर.आई.एस. बायोमैट्रिक वैरीफिकेशन के लिए अभ्यर्थी द्वारा अपना मूल पहचान पत्र एवं मूल प्रवेश पत्र(एडमिट कार्ड) लेकर आना अनिवार्य है। उन्होंने बताया कि जिन परीक्षार्थियों की आई.आर.आई.एस. बायोमैट्रिक वैरीफिकेशन होनी है, उनकी सूची बोर्ड की अधिकारिक वेबसाइट www.bseh.org.in पर उपलब्ध है।
उन्होंने बताया कि केवल सूची में दिए गये अनुक्रमांक वाले अभ्यर्थी ही अपनी आई.आर.आई.एस.बायोमैट्रिक वैरीफिकेशन समय रहते पूर्ण करवानी सुनिश्चित करें। इन अभ्यर्थियों को इनके पंजीकृत मोबाईल नम्बर पर भी इस हेतु संदेश भेजे गए हैं। बोर्ड वेबसाइट पर उपलब्ध सूची में से जो अभ्यर्थी इन तिथियों में यह प्रक्रिया पूर्ण नहीं करते हैं, उनका परिणाम घोषित नहीं किया जाएगा।

 

एफडीए की टीम ने जींद में एक फर्जी मैडीकल हाल पर मारा छापा, 37 प्रकार की दवाएं जब्त
चंडीगढ़, 1 फरवरी – हरियाणा के स्वास्थ्य मंत्री श्री अनिल विज के निर्देशानुसार खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग की टीम ने जींद में एक शिकायत के आधार पर जींद के भिवानी बाई पास रोड स्थित मैसर्स सुरेश मेडिकल हॉल नामक गैर लाइसेंस परिसर में छापेमारी की, जिसमें 37 विभिन्न प्रकार की एलोपैथिक दवाओं का भंडार था और सभी दवाओं को जब्त कर लिया गया।
इस संबंध में जानकारी देते हुए खाद्य और औषधि प्रशासन विभाग के एक प्रवक्ता ने बताया कि जींद की ड्रग कंट्रोल अधिकारी विजय राजे राठी ने अन्य अधिकारियों के साथ इस मैडीकल हाल में छापा मारा और यहां 37 प्रकार की दवाओं को जब्त किया गया है तथा आरोपी के खिलाफ अदालत से हिरासत के आदेश ले लिए गए है।

कोरोना महामारी में मृत्यु पर हैल्थकेयर वर्कर को 50 लाख व फ्रंटलाईन वर्कर को 20 लाख रुपए दे रही सरकार – स्वास्थ्य मंत्री
चार कर्मियों के परिजनों को सीएसआर के तहत आर्थिक सहायता के रूप में तीन-तीन लाख रुपए की राशि के चैक सौंपे
चंडीगढ़, 1 फरवरी- हरियाणा के गृह एवं स्वास्थ्य मंत्री श्री अनिल विज ने कहा कि हरियाणा सरकार द्वारा कोरोना महामारी के दौरान अपनी जान गंवाने वाले हैल्थकेयर वर्कर व फ्रंटलाईन वर्करों को क्रमशः 50 लाख रुपए व 20 लाख रुपए तक की आर्थिक सहायता मुहैया करवाने का काम किया जा रहा है। इसी कड़ी में आज हरियाणा के गृह एवं स्वास्थ्य मंत्री श्री अनिल विज द्वारा कोरोना महामारी के दौरान फ्रंट लाईन वर्कर के तौर पर कार्य करते हुए अपने प्राणों को न्यौछावर करने वाले 4 कर्मियों के परिजनों को मैन एंड काइंड कंपनी द्वारा आर्थिक सहायता के रूप में तीन-तीन लाख रुपए की राशि के चैक सौंपे।
गृह एवं स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज ने इस मौके पर कहा कि मैन एंड काइंड कम्पनी हमारे देश की दवाईयों की एक नामी कम्पनी हैं। इस कम्पनी द्वारा एक अप्रैल, 2021 के बाद आज तक कोविड में जितने भी हैल्थ वर्कर, फ्रंट लाईन वर्कर ने इस महामारी से लड़ते हुए अपने प्राणों को न्यौछावर किया हैं, इन सभी को तीन-तीन लाख रूपए की राशि देने का काम किया जा रहा हैं, जिसमें अब तक 35 पुलिसकर्मी, 5 डॉक्टर, 4 कैमिस्ट और 1 नर्स शामिल हैं। इसके अलावा, इस अवधि के दौरान और भी जो लोग होगें, उन सभी को राशि उपलब्ध करवाई जाएगी।
श्री विज ने कहा कि कम्पनी द्वारा कोरोना महामारी के दौरान 108 ऑक्सीजन कन्सेनटेटर देने का काम किया गया तथा लगभग 100 करोड़ रुपए की राशि भारत सरकार में सीएसआर में दी गई हैं, जोकि काफी सराहनीय है। उन्होंने कहा कि इस महामारी ने मानव जाति पर प्रहार किया है और हम सबको मिलकर इससे निपटना हैं।
उन्होंने कहा कि हरियाणा सरकार ने हैल्थ वर्कर जिसने इस महामारी में अपने प्राण न्यौछावर किए हैं, उन्हें 50-50 लाख रुपए तथा हरियाणा पुलिस में जिसने भी इस महामारी में अपनी जान गंवाई हैं, उन्हें 20-20 लाख रुपए व इसी प्रकार नगर पालिका में जिसने इस महामारी में अपने प्राण दिए है, उन्हें 20-20 लाख रुपए की राशि देने का काम किया हैं।
इस अवसर पर मैन एंड काइंड कम्पनी के प्रतिनिधि अनिल खंडूरी व संजीव कटोज ने बताया कि गृह एवं स्वास्थ्य मंत्री श्री अनिल विज की अध्यक्षता में आज कम्पनी द्वारा 4 लोगों को आर्थिक सहायता के रूप मंे चैक वितरित किए गए हैं जिनमें 3 पुलिसकर्मी के परिजन व एक पैरामेडिकल स्टॉफ के परिजनों को तीन-तीन लाख रूपए की राशि के चैक उपलब्ध करवाए गए हैं।
उन्होंने बताया कि स्वास्थ्य मंत्री श्री अनिल विज के कुशल मार्गदर्शन में कोरोना महामारी से बचाव के लिए शुरू से ही कार्य किए जा रहें हैं, जोकि काफी सराहनीय हैं। उन्होंने कहा कि जिस प्रकार से स्वयं स्वास्थ्य मंत्री ने इस लड़ाई में आगे आकर जो कार्य किए हैं, वह सभी के लिए प्रेरणा हैं।
गृह एवं स्वास्थ्य मंत्री श्री अनिल विज की अध्यक्षता में आज जिन लोगों को आर्थिक सहायता के रूप में तीन-तीन लाख रूपए की राशि के चैक सौंपे गए है, उनमें यमुनानगर से राजेश्वरी नेक, अम्बाला से ओमवती, रोहतक से आशा रानी व कैमिस्ट प्रतिनिधि मोहित शामिल हैं।
इस अवसर पर मैन एंड काइंड कम्पनी से अनिल खंडूरी, संजीव कटोज, नरेश शर्मा, राजेश कुमार, सुशील बाना, विनोद, सत्यपाल, मंडल प्रधान राजीव डिम्पल, किरण पाल चौहान, अजय पराशर, बलकेश वत्स मौजूद रहें।

 

हिसार बस अड्डे को जल्द किया जाएगा जाम से मुक्त
चंडीगढ़, 1 फरवरी- हरियाणा के परिवहन मंत्री श्री मूलचंद शर्मा ने कहा कि हिसार बस अड्डे को जल्द जाम मुक्त किया जाएगा। इस संबंध में विभाग एक वृहद योजना पर काम कर रहा है, जिसे जल्द अमल में लाया जाएगा। मंगलवार को परिवहन मंत्री ने शहरी स्थानीय निकाय मंत्री श्री कमल गुप्ता और परिवहन विभाग के प्रधान सचिव श्री नवदीप सिंह विर्क से चर्चा की।
मंत्री श्री मूलचंद ने कहा कि परिवहन विभाग का पहला लक्ष्य यात्रियों को ज्यादा से ज्यादा सुविधाएं देना है। हिसार बस अड्डे पर जाम की समस्या से आम जनता को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इस संबंध में परिवहन विभाग ने वहां के स्थानीय विधायक व शहरी स्थानीय निकाय मंत्री श्री कमल गुप्ता के साथ बैठकर भविष्य की योजना बनाई है। इस योजना पर अलग-अलग विभागों से चर्चा के बाद शीघ्र काम शुरू किया जाएगा, जिसके बाद उम्मीद है कि हिसार बस अड्डे पर जाम की समस्या से यात्रियों को राहत मिलेगी।

 

चंडीगढ़, 1 फरवरी- हरियाणा सरकार ने सहकारिता विभाग की उप सचिव सुश्री शिवजीत भारती,एचसीएस को तत्काल प्रभाव से हरियाणा राज्य पुलिस शिकायत प्राधिकरण की सचिव का अतिरिक्त प्रभार दिया है।

 

 

महिलाओं व बच्चों के भविष्य का मजबूत आधार है आम बजटः कमलेश ढांडा
चंडीगढ़,1 फरवरी- हरियाणा की महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती कमलेश ढांडा ने वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा पेश किए गए आम बजट की सराहना करते हुए कहा है कि उन्होंने महिलाओं और बच्चों के भविष्य को मजबूत रखने की विशेष कार्ययोजना को प्राथमिकता दी है। देश, प्रदेश में इस वर्ग के उत्थान के लिए जितने अधिक प्रयास वर्तमान में हो रहे हैं, वह निश्चित तौर पर आधी आबादी, विशेषकर भविष्य के कर्णधार युवाओं को समर्थ बनाएंगे।
आज यहां आम बजट पर प्रतिक्रिया देते हुए राज्यमंत्री कमलेश ढांडा ने कहा कि वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण ने मिशन शक्ति, मिशन वात्सल्य, पोषण 2.0 एवं सक्षम आंगनवाडी को एकरूपता के साथ लागू करने की घोषणा आम बजट में की है। उन्होंने कहा कि मिशन शक्ति के तहत जहां महिलाएं, किशोरियों और बच्चियों की सुरक्षा के अनुकूल माहौल तैयार करने के लिए प्रभावी कदम उठाए जाएंगे। वहीं, मिशन वात्सल्य के तहत बाल अधिकारों को संरक्षित करने, निराश्रित बच्चों को दत्तक अभिभावकों को सौंपने एवं देखभाल की व्यवस्था को प्रभावी बनाने पर जोर दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि महिला एवं बाल विकास विभाग की योजनाओं के एकीकरण की प्रक्रिया तेज होगी और उनके प्रभावी क्रियान्वयन से सकारात्मक माहौल बनेगा।
उन्होंने कहा कि पोषण 2.0 मिशन से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पांच साल में सवा लाख करोड रूपए की राशि खर्च करके नवजात बच्चों से लेकर स्कूली विद्यार्थियों, गर्भवती महिलाओं और दूध पिलाने वाली माताओं के पोषण स्तर में सुधार का भागीरथ प्रयास शुरू किया जा रहा है। सक्षम आंगनवाडी के माध्यम से आंगनवाडी केंद्रों का संस्थागत ढांचा मजबूत किया जाएगा, ताकि इन केंद्रों के माध्यम से केंद्र-प्रदेश सरकार की जनकल्याणकारी योजनाएं, विशेषकर महिलाओं के उत्थान व स्वास्थ्य के प्रति जागरूक करने का लक्ष्य शत-प्रतिशत हासिल किया जा सके।
उन्होंने कहा कि आम बजट के माध्यम से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आत्मनिर्भर राष्ट्र की दिशा में महत्वपूर्ण व आधारभूत कदम उठाए जाने के लक्ष्यों को स्पष्ट किया गया है।

 

चण्डीगढ़, 1 फरवरी – उत्तर हरियाणा बिजली वितरण निगम के उपभोक्ताओं की शिकायतें दर्ज करने और पुरानी शिकायतों की सुनवाई के लिए उपभोक्ता शिकायत निवारण मंच के सदस्य फरवरी, 2022 में विभिन्न स्थानों का दौरा करेंगे।
निगम के एक प्रवक्ता ने आज यह जानकारी देते हुए बताया कि मंच के सदस्य, 02 फरवरी को ऑप्रेशन सर्कल कैथल, 04 को ऑप्रेशन सर्कल पानीपत, 07 को ऑप्रेशन सर्कल यमुनानगर, 09 को ऑप्रेशन सर्कल करनाल, 11 को ऑप्रेशन सर्कल पंचकूला, 14 को ऑप्रेशन सर्कल झज्जर, 17 को ऑप्रेशन सर्कल रोहतक, 18 को ऑप्रेशन सर्कल कुरुक्षेत्र, 21 को ऑप्रेशन सर्कल सोनीपत, 23 को ऑप्रेशन सर्कल अंबाला और 25 फरवरी को ऑप्रेशन सब-डिविजन, बरवाला में सुबह 11 बजे से शाम 4 बजे तक सी.जी.आर.एफ. टीम के सदस्य शिकायतों की सुनवाई करेंगे और नई शिकायतें भी दर्ज करेंगे। इससे उपभोक्ताओं को अपने मामले की सुनवाई की सुविधा निकटतम स्थान पर उपलब्ध होगी।
प्रवक्ता ने बताया कि उपभोक्ताओं की सभी प्रकार की समस्याओं में, मुख्यत: बिलिंग, वोल्टेज़, मीटरिंग से सम्बंधित शिकायतें, कनैक्शन काटने और जोडऩे, बिजली आपूर्ति में बाधाएं, कार्यकुशलता, सुरक्षा, विश्वसनीयता में कमी और हरियाणा बिजली विनियामक आयोग के आदेशों की अवहेलना आदि शामिल हैं। बहरहाल, मंच द्वारा बिजली अधिनियम की धारा 126 तथा धारा 135 से 139 के अन्तर्गत बिजली चोरी और बिजली के अनधिकृत उपयोग के मामलों में दंड तथा जुर्माना और धारा 161 के अन्तर्गत जांच एवं दुर्घटनाओं से सम्बंधित मामलों की सुनवाई नहीं की जाएगी।

 

चंडीगढ़, 1 फरवरी- हरियाणा सरस्वती धरोहर विकास बोर्ड के उपाध्यक्ष श्री धुमन सिंह किरमच ने कहा कि हर वर्ष की भांति इस वर्ष भी अंतरराष्ट्रीय सरस्वती महोत्सव को धूमधाम से मनाया जाएगा। इस महोत्सव का आयोजन आदि बद्री उदगम स्थल, चंडीगढ़, कैथल और पिहोवा में 3 से 5 फरवरी तक किया जाएगा। उन्होंने बताया कि 5 फरवरी को बंसत पंचमी के पावन पर्व पर पिहोवा सरस्वती तीर्थ के पावन स्थल पर सरस्वती आरती से महोत्सव का समापन होगा।
उन्होंने बताया कि हरियाणा सरस्वती धरोहर विकास बोर्ड के अध्यक्ष एवं मुख्यमंत्री श्री मनोहर लाल के मार्गदर्शन में परम्परा अनुसार अंतर्राष्टï्रीय सरस्वती महोत्सव का आयोजन किया जा रहा है। इस महोत्सव का शुभारंभ 3 फरवरी को प्रात: 11 बजे आदि बद्री उदगम स्थल पर पूजा-अर्चना के साथ शुरु होगा। इसी दिन सुबह 11.30 बजे सरस्वती कुंड पर हवन यज्ञ होगा और दोपहर 12.30 बजे सरस्वती वंदना और आरती का आयोजन किया जाएगा, दोपहर 1.15 मिनट पर आदि बद्री एवं केदारनाथ मंदिर में पूजा-अर्चना होगी और इसके बाद भंडारे का आयोजन भी किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि 4 फरवरी को सरस्वती नदी पर पंजाब विश्वविद्यालय चंडीगढ़ में अंतर्राष्टï्रीय सरस्वती सम्मेलन का आयोजन वर्चुअल रुप से किया जाएगा। उन्होंने कहा कि 5 फरवरी को सुबह 11 बजे कैथल के पोलड़ तीर्थ पर हवन यज्ञ होगा और दोपहर 12 बजे बंसत पंचमी के पावन पर्व पर सरस्वती वंदना और भजन कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा। इसी प्रकार 5 फरवरी को ही पिहोवा सरस्वती तीर्थ स्थल पर समापन समारोह का आयोजन होगा जिसमें प्रात: 11.30 बजे से लेकर 12.30 बजे तक पिहोवा सरस्वती तीर्थ पर हवन यज्ञ का आयोजन होगा।

 

चंडीगढ़, 1 फरवरी-भारत की बेटी कल्पना चावला के बुलन्द होसलों से देश की ही नहीं बल्कि विश्व की महिलाओं में आगे बढऩे का जज्बा पैदा हुआ है।
हरियाणा के राज्यपाल श्री बंडारू दत्तात्रेय ने यह बात आज कल्पना चावला की 19वीं पुण्यतिथि पर अपने संदेश में कही।
उन्होंने कहा कि कल्पना चावला महिलाओं के लिए आदर्श है। उनका जुनून, संघर्ष, मेहनत और सतत विकास का दृष्टिकोण भारत की बेटियों को प्रेरित करता रहेगा। उन्हें खुशी है कि कल्पना चावला का जन्म हरियाणा के करनाल में हुआ और उन्होंने अंतरिक्ष में उड़ान भरकर देश-दुनिया में प्रदेश का नाम रोशन किया।
श्री दत्तात्रेय ने कहा कि कल्पना चावला के मिशन और रिसर्च को आगे बढ़ाते हुए केन्द्र और राज्य सरकार ने महिलाओं को सशक्त और शिक्षित बनाने के लिए कई महत्वकांक्षी योजनाएं शुरू की है जिनका लाभ महिलाएं बखुबी उठा रही है। आज सरकार की योजनाओं तथा कल्पना चावला व अन्य महान महिलाओं के जीवन संघर्ष से प्रेरित होकर भारत की बेटियां विश्व में हर क्षेत्र में देश का नाम रोशन कर रही हैं।
श्री दत्तात्रेय ने कहा कि केन्द्र सरकार द्वारा महिला सशक्तिकरण के लिए बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ, वन स्टॉप सेंटर, वूमैन हेल्पलाईन, उज्जवला, स्वाधार ग्रह व मुद्रा योजनाएं शुुरू की गई हंै। मुद्रा योजना के तहत कुल 70 प्रतिशत महिलाएं लाभान्वित हुई हैं। उन्होंने कहा कि स्टार्टअप कार्यक्रम के तहत गत दो वर्षों में 60 हजार नए स्टार्ट-अप शुरू किए गए हैं। इनमें 45 प्रतिशत में महिलाओं की भागीदारी है।
राज्यपाल ने कहा कि केन्द्र और राज्य सरकार की योजानाओं से लाभान्वित होकर महिलाएं चूल्हे-चैके से आगे बढक़र स्वयं सहायता समुहों से जुड़ी हैं। अब वे अपने परिवार और देश की अर्थव्यवस्था में अपनी भागीदारी सुनिश्चित कर रही हैं।
केन्द्र सरकार और राज्य सरकार द्वारा स्टार्टअप के क्षेत्र को बढ़ाने के लिए एम.एस.एम.ई विभागों का सृजन किया गया है। राज्य सरकार द्वारा करनाल में कल्पना चावला के नाम से मेडिकल कॉलेज स्थापित करना एक सराहनीय पहल है। इससे प्रदेश की बेटियों को कल्पना के जीवन-परिचय से शिक्षा मिलेगी।

 

 

लार्ज स्कैल स्तर पर प्रदेश की कृषि भूमि की पैमाईश – मनोहर लाल
अगस्त 2022 तक मैपिंग कार्य पूरा
चंडीगढ़,1 फरवरी – हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री मनोहर लाल ने कहा कि प्रदेश में कृषि भूमि मैपिंग का कार्य करने के लिए व्यापक स्तर पर चलाए जा रहे अभियान में तेजी लाएं ताकि प्रदेश की कृषि भूमि डाटा उपलब्ध हो सके।
मुख्यमंत्री आज यहां लार्ज स्केल लैंड मैपिंग को लेकर भू राजस्व अधिकारियों की बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री श्री दुष्यंत चौटाला भी मौजूद रहे ।
तीन चरणों में होगा लैण्ड मेपिंग कार्य
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश के अधिकांश गांवों का ड्रोन बेस मैपिंग का कार्य पूरा किया जा चुका है। स्वामित्व योजना की तरह प्रदेश की कृषि भूमि की मैपिंग का कार्य किया जाएगा और राजस्व रिकॉर्ड को परिवार पहचान पत्र से जोड़ा जाएगा। लार्ज स्केल मैपिंग कार्य को तीन चरणों में पूरा किया जाएगा। पहले चरण में ग्रामीण क्षेत्र की कृषि भूमि की मैपिंग तथा इस पर बने हुए स्ट्रक्चर के मानचित्र बनाने का कार्य किया जाएगा। दूसरे चरण में शहरों में इंडस्ट्री क्षेत्रों की मैपिंग की जाएगी। इनसे पैमाइश के कार्य में सहायता मिलेगी।
रोवर्स मशीन से पटवारियों को किया जाएगा प्रशिक्षित
मुख्यमंत्री ने कहा कि कृषि भूमि की मैपिंग का कार्य करने के लिए रोवर्स मशीन से पटवारियों को प्रशिक्षित किया जाएगा। इसके लिए प्रत्येक तहसील स्तर पर दो दो रोवर्स (जीपीएस) मशीन खरीद कर मुहैया करवाई जाएंगी। हर तहसील को रोवर्स मशीन से जोड़ा जाएगा ताकि खेतों की पैमाइश आसानी से की जा सके। प्रदेश भर में 19 स्थानों पर कंटीन्यूअस रैफ्रेसिंग स्टेशन स्थापित किए गए हैं। इनके माध्यम से आसपास के एरिया में 500 किलोमीटर के दायरे में जीपीएस लोकेशन का आसानी पता चल सकेगा। इसके अलावा 16 जीआईएस लैब भी प्रदेश भर में स्थापित की गई हैं ।
मजबूत रेफरेंस प्वाइंट लगाए जाएंगे
मुख्यमंत्री ने बताया कि लार्ज स्तर पर लैंड मैपिंग का कार्य होने से सभी भूमि मालिकों की जमीन की जानकारी स्पष्ट हो सकेगी इसके अलावा स्कूल, शमलाती ढांचा, धार्मिक स्थल आदि भूमि की लोकेशन भी सही मिल सकेगी। इसके अलावा गांवों में मुरब्बा स्टोन की तरह तकनीक आधारित 25 मुरब्बे के क्षेत्रफल में गहरे एवं मजबूत रेफरेंस प्वाइंट बनाए जाएंगे जिससे मुरब्बा स्टोन की लोकेशन भी निर्धारित हो सकेगी। लोग जानकारी के लिए इन रेफरेंस प्वाइंट का उपयोग कर सकेंगे। इस प्रकार कृषि भूमि की पैमाईश में जीपीएस लोकेशन डबल तकनीक पर आधारित पैमाइश का लाभ मिलेगा ।
अगस्त 2022 तक मेपिंग कार्य होगा पूरा
उन्होंने बताया कि लैंड मैपिंग का कार्य करने के लिए करनाल, कुरुक्षेत्र और पानीपत में 3 टीमें लगाई गई। इसके अलावा 15 मार्च तक और टीमें लगाई जाएंगी। इस प्रकार प्रदेश भर में कुल 44 टीमें लैंड ड्रोन मैपिंग का कार्य करेंगी जिसे अगस्त 2022 तक पूरा कर लिया जाएगा। उन्होंने बताया कि पहले 5 गांवों में ट्रायल बेस पर लार्ज स्केल मैपिंग का कार्य किया गया । अब इसे पूरे प्रदेश में शुरू कर दिया गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्तमान सरकार प्रदेश में जमीन सुधार के लिए नया सिस्टम लेकर आ रही है। इसके माध्यम से सारी कृषि जमीन का रिकॉर्ड ही उपलब्ध हो जाएगा। उन्होंने बताया कि जमाबंदी के लिए भी नया फॉर्मेट तैयार किया गया है जिसमें पीपीपी का कॉलम जोड़ा गया है। कृषि भूमि को परिवार पहचान पत्र से भी जोड़ने का कार्य किया जाएगा।
बैठक में एसीएस श्री पी के दास, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव श्री वी उमाशंकर, निदेशक भूमि रिकॉर्ड आमना तस्नीम सहित कई अधिकारी मौजूद रहे।

 

आर्थिक सर्वेक्षण 2021-22: एसडीजी इंडेक्स में हरियाणा अग्रणी राज्य
मुख्यमंत्री श्री मनोहर लाल के दूरदर्शी नेतृत्व में आगे बढ़ रहा हरियाणा
चंडीगढ़, 1 फरवरी- केंद्रीय वित्त मंत्री श्रीमती निर्मला सीतारमण द्वारा संसद में पेश किए गए आर्थिक सर्वेक्षण 2021-22 के दौरान कहा गया है कि सतत विकास लक्ष्य (एसडीजी इंडेक्स) के अंतर्गत आने वाले सामाजिक, आर्थिक और पर्यावरणीय लक्ष्यों को प्राप्त करने की दिशा में हरियाणा निरंतर प्रगति कर रहा है। इसी का नतीजा है कि नीति आयोग एसडीजी इंडिया इंडेक्स 2020-21 में हरियाणा देश के अग्रणी राज्यों में शामिल है। 2019 से स्कोर में सुधार के मामले में 10 अंकों की वृद्धि के साथ हरियाणा 2020-21 में शीर्ष स्थान पर है।
एसडीजी लक्ष्यों-2030 को प्राप्त करने के लिए हरियाणा अग्रसर
प्रत्येक राज्य के लिए एसडीजी इंडेक्स विकास प्राथमिकताएं निर्धारित की गई हैं, जिसके तहत उन्हें वांछित लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए 17 लक्ष्य दिए गए हैं। एसडीजी लक्ष्यों 2030 को प्राप्त करने के लिए निर्धारित सभी मानकों को राज्य में चरणबद्ध तरीके से लागू किया जा रहा है। मुख्यमंत्री श्री मनोहर लाल का कहना है कि राज्य सरकार के प्रशासनिक अधिकारी निश्चित रूप से एसडीजी के तहत निर्धारित लक्ष्यों को हासिल कर हरियाणा को विकास के पथ पर आगे ले जाएंगे।
हरियाणा में नल से जल पहुंचा हर घर द्वार
आर्थिक सर्वे रिपोर्ट के मुताबिक वित्त वर्ष 2021-22 में हरियाणा ने जल जीवन मिशन (जेजेएम) के तहत नल जल आपूर्ति के साथ 100 प्रतिशत घरों की प्रतिष्ठित स्थिति हासिल की है। हालांकि यह लक्ष्य 2024 तक पूरा करना था लेकिन मुख्यमंत्री श्री मनोहर की दूरदर्शी सोच के साथ हरियाणा सरकार ने इस लक्ष्य को 2022 तक पूरा करने का निर्णय लिया। अब सरकार का अगला लक्ष्य दिसंबर 2022 तक समूचे हरियाणा में 55 लीटर प्रति व्यक्ति स्वच्छ पेयजल उपलब्ध करवाना है। हरियाणा सरकार ने जल से जुड़ी समस्याओं जैसे नए कनेक्शन, जल आपूर्ति और गुणवत्ता से जुड़ी शिकायतों के तुरंत निपटान के लिए उमंग और सरल एप के साथ टोल फ्री नंबर 1800 180 5678 की सुविधा आमजन को उपलब्ध करवाई है।
2019 में हुई थी जल जीवन मिशन की शुरुआत
उल्लेखनीय है कि अगस्त 2019 में शुरू किए गए जल जीवन मिशन (जेजेएम) ने वर्ष 2024 तक ग्रामीण भारत के सभी घरों में व्यक्तिगत घरेलू नल कनेक्शन के माध्यम से पर्याप्त सुरक्षित पेयजल उपलब्ध कराने की कल्पना की है। वर्ष 2019 में ग्रामीण क्षेत्रों के लगभग 18.93 करोड़ परिवारों में से लगभग 3.23 करोड़ (17 प्रतिशत) ग्रामीण परिवारों के घरों में नल जल कनेक्शन थे। 2 जनवरी 2022 तक, 5,51,93,885 घरों को मिशन की शुरुआत के बाद से नल जल आपूर्ति प्रदान की गई। हरियाणा सहित 6 राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों ने नल जल आपूर्ति के साथ 100 प्रतिशत घरों की प्रतिष्ठित स्थिति हासिल की है।

प्रदेश सरकार कलस्टर इन्फ्रास्ट्रक्चर के लिए सिबडी से लेगी 523 करोड़ रुपये ऋण
चंडीगढ़, 1 फरवरी – हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री मनोहर लाल ने कहा कि प्रदेश सरकार ने कलस्टर इन्फ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट के लिए भारतीय लघु उद्योग विकास बैंक (सिडबी) से 523 करोड़ रुपये ऋण लेने का फैसला लिया है। यह ऋण वित्त वर्ष 2021-22 के लिए लिया जाएगा, जो काफी कम ब्याज दर पर मिलेगा। इस ऋण का उपयोग पदमा स्कीम व प्रदेश सरकार की अन्य क्लस्टर डेवलपमेंट स्कीमों के लिए किया जा सकेगा। मुख्यमंत्री अपने निवास स्थान पर स्टैंडिंग फाइनेंस कमेटी की बैठक में बोल रहे थे। इस दौरान उपमुख्यमंत्री श्री दुष्यंत चौटाला भी मौजूद रहे।
मुख्यमंत्री श्री मनोहर लाल ने कहा कि प्रदेश में कलस्टर इंफ्रास्ट्रक्चर के विकास से नई-नई इंडस्ट्री स्थापित होंगी। इससे रोजगार के अवसर बढ़ेंगे और युवाओं को ज्यादा से ज्यादा नौकरियां भी मिलेंगी। इसी के तहत प्रदेश सरकार ने एमएसएमई क्षेत्र को बढ़ावा देने के लिए पदमा स्कीम की रूपरेखा तैयार कर ली है। जल्द ही इस स्कीम को लॉन्च किया जाएगा। इसके तहत वन ब्लॉक-वन प्रोडक्ट का लक्ष्य लेकर हर ब्लॉक में एक नया औद्योगिक क्लस्टर स्थापित किया जाएगा। इससे उस क्षेत्र के संबंधित उद्योगों को सीधे फायदा मिलेगा।
इस बैठक में मुख्यमंत्री के मुख्य प्रधान सचिव श्री डीएस ढेसी, एसीएस श्री टीवीएसएन प्रसाद, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव श्री वी. उमाशंकर, उद्योग एवं वाणिज्य विभाग के प्रधान सचिव श्री विजेंद्र कुमार, एमएसएमई की महानिदेशक श्री अमनीत पी. कुमार व अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।

 

हरियाणा के दो स्थल सुल्तानपुर और भिंडावास राष्ट्रीय रामसर साइट में शामिल
हर साल 50 हजार प्रवासी पक्षी आते हैं सुल्तानपुर
चंडीगढ़, 1 फरवरी – हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री मनोहर लाल और वन मंत्री श्री कंवरपाल विश्व आर्द्रभूमि दिवस के अवसर पर 2 फरवरी को गुरुग्राम जिले में सुल्तानपुर राष्ट्रीय उद्यान में होने वाले राष्ट्रीय स्तर के कार्यक्रम में शिरकत करेंगे। इस कार्यक्रम में केंद्रीय पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री श्री भूपेन्द्र यादव मुख्य अतिथि होंगे और केन्द्रीय पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन राज्य मंत्री श्री अश्विनी कुमार चौबे विशेष अतिथि होंगे।
हरियाणा में इस वर्ष विश्व आर्द्रभूमि दिवस का उत्सव और भी विशेष होगा, क्योंकि मई 2021 में सुल्तानपुर राष्ट्रीय उद्यान, गुरुग्राम और भिंडावास वन्यजीव अभयारण्य, झज्जर को रामसर साइट (अंतर्राष्ट्रीय महत्व की आर्द्रभूमि) के रूप में घोषित किया गया था। इसके साथ ही हरियाणा अंतरराष्ट्रीय महत्व वाले आर्द्रभूमि मानचित्र पर उभरा है।
वर्तमान में भारत में रामसर स्थलों की कुल संख्या 47 है। दो और आद्र्रभूमि अर्थात्- खिजडिय़ा वन्यजीव अभयारण्य (गुजरात) और बखिरा वन्यजीव अभयारण्य (यूपी) को उस दिन रामसर स्थलों की सूची में शामिल किया जाएगा। इससे भारत में रामसर आद्र्रभूमि की संख्या 49 हो जाएगी।
उल्लेखनीय है कि सुल्तानपुर राष्ट्रीय उद्यान गुरुग्राम-झज्जर राजमार्ग पर सुल्तानपुर गांव में स्थित है। यह गुरुग्राम से 15 किलोमीटर और दिल्ली से 50 किलोमीटर दूर है। यह 350 एकड़ के क्षेत्र में फैला हुआ है। सुल्तानपुर के एविफौना-समृद्ध पर्यावास की खोज पीटर जैक्सन ने की थी, जिन्होंने मार्च 1970 में अपने एक वन्यजीव विशेषज्ञ मित्र के साथ पार्क का दौरा किया था।
सुल्तानपुर राष्ट्रीय उद्यान को 2 अप्रैल, 1971 को वन्यजीव अभयारण्य के रूप में अधिसूचित किया गया था। 5 जुलाई, 1991 को इसे राष्ट्रीय उद्यान का दर्जा प्राप्त हुआ था। हर साल लगभग 50,000 प्रवासी पक्षी दुनिया के विभिन्न हिस्सों मुख्य रूप से यूरेशिया से खाने और सर्दियों का समय व्यतीत करने सुल्तानपुर आते हैं।
सर्दियों में सुल्तानपुर में प्रवासी पक्षियों जैसे सारस क्रेन, डेमोइसेल क्रेन, उत्तरी पिंटेल, उत्तरी फावड़ा, रेड-क्रेस्टेड पोचार्ड, वेडर, ग्रे लैग गूज, गडवाल, यूरेशियन विजन, ब्लैक-टेल्ड गॉडविट आदि की चहचाहट एक सुरम्य चित्रमाला प्रदान करने का काम करती है। यह पार्क कोबरा, मॉनिटर लिजर्ड, हेजहोग, भारतीय खरगोश, येलो मॉनिटर लिजर्ड, सेही, सियार, नीला बैल का भी आवास है। यह पार्क एशियाई फ्लाईवे पर पड़ता है और इसलिए, कई पक्षी अपनी आगे और पीछे की यात्रा के दौरान यहां आराम करते हैं। भिंडावास वन्यजीव अभयारण्य एक मीठे पानी की झील, जो हरियाणा में सबसे बड़ी है, झज्जर जिले में स्थित है। यह झज्जर शहर से लगभग 15 किमी दूर है। यह एक हजार एकड़ से कुछ अधिक के क्षेत्र में विस्तृत है। इसे 5 जुलाई 1985 को वन्यजीव अभयारण्य के रूप में अधिसूचित किया गया था।
यह झील प्राचीन साहिबी नदी जो राजस्थान में अरावली पहाडिय़ों से मसानी बैराज रेवाड़ी होती हुई यमुना तक जाती थी, के मार्ग के साथ पारिस्थितिक गलियारे का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। यह साहिबी नदी, सबाशीपुर, एसएनपी, बसई आद्र्रभूमि और द लॉस्ट लेक ऑफ गुरुग्राम की एक सहायक नदी भी बनाती है।
यहां प्रवासी प्रजातियां की 80 से अधिक प्रजातियां और 100 से अधिक रेजिडेंट प्रजातियां दर्ज की गई हैं। सर्दियों के दौरान भिंडावास में 40,000 से अधिक प्रवासी पक्षी आते हैं।
आद्र्रभूमि दिवस समारोह के अवसर पर आद्र्रभूमि के विभिन्न पहलुओं से संबंधित वेबिनार की एक श्रृंखला आयोजित की जा रही है। हरियाणा में पक्षियों की संख्या पर एक अभ्यास भी पूरे राज्य के विभिन्न भागों में चल रहा है।
इससे पहले, पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय, भारत सरकार ने आजादी के 75 साल पूरे होने पर अमृत महोत्सव के उपलक्ष्य में सुल्तानपुर में आईकोनिक सप्ताह मनाया। आजादी का अमृत महोत्सव के दौरान आद्र्रभूमि के बारे में जागरूकता पैदा करने से संबंधित कई कार्यक्रम आयोजित किए गए।
उल्लेखनीय है कि आद्र्रभूमि पारिस्थितिक रूप से विविध पारिस्थितिक तंत्र हैं, जो 40 प्रतिशत जैव विविधता को आश्रय देते हैं। वे पानी को अवशोषित करते हैं, बाढ़ को नियंत्रित करते हैं, पानी को शुद्ध करते हैं और जल स्तर को रिचार्ज करते हैं। वे वैश्विक कार्बन का लगभग 1/3 भाग संग्रहीत करते हैं और जलवायु परिवर्तन को नियंत्रित करते हैं। हालांकि, अगर इन्हे संरक्षित नहीं किया जाता है, तो वे कार्बन उत्सर्जन का स्रोत भी हो सकते हैं।
आद्र्रभूमि सबसे अधिक उत्पादक प्रणालियाँ हैं और दूसरों को रोजगार प्रदान करने के अलावा लाखों लोगों को खाना देने का काम करती है।

 

2 फरवरी को सुल्तानपुर राष्ट्रीय उद्यान में मनाया जाएगा वल्र्ड वेटलेंड डे
मुख्यमंत्री श्री मनोहर लाल करेंगे कार्यक्रम में शिरकत
चंडीगढ़, 1 फरवरी – हरियाणा के गुरुग्राम में स्थित सुल्तानपुर राष्ट्रीय उद्यान में 2 फरवरी 2022 को विश्व आद्र्रभूमि दिवस (वल्र्ड वेटलेंड डे) मनाया जाएगा। इस कार्यक्रम में हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री मनोहर लाल भी शिरकत करेंगे। इसकी अध्यक्षता केंद्रीय पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्री श्री भूपेंद्र यादव द्वारा की जाएगी। कार्यक्रम पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय के साथ हरियाणा सरकार की सांझेदारी में संपन्न होगा।
एक सरकारी प्रवक्ता ने जानकारी देते हुए बताया कि हरियाणा तालाब और अपशिष्ट जल प्रबंधन प्राधिकरण (एचपीडब्लूडब्लूएमए) प्रदेश के सभी जल निकायों/झीलों/तालाबों की बहाली और कायाकल्प के लिए कार्य कर रहा है, इसके चलते विश्व आद्र्रभूमि दिवस (वल्र्ड वेटलेंड डे) पर आयोजित कार्यक्रम में हिस्सा लेने के लिए उन्हें भी आमंत्रित किया गया है। इस अवसर पर हरियाणा तालाब और अपशिष्ट जल प्रबंधन प्राधिकरण (एचपीडब्लूडब्लूएमए) पोस्टरों व मॉडल के माध्यम से तालाबों को रिस्टोर करने संबंधी कार्यों को प्रदर्शित करेगा। इसके साथ-साथ पावर-प्वाइंट प्रेजेंटेशन व शॉर्ट डॉक्यूमेंट्री के माध्यम से प्राधिकरण की स्थापना से लेकर अब तक के कार्यों व उपलब्धियों को भी प्रस्तुत किया जाएगा।
सरकारी प्रवक्ता ने जानकारी देते हुए बताया कि हरियाणा तालाब और अपशिष्ट जल प्रबंधन प्राधिकरण (एचपीडब्लूडब्लूएमए) 23.10.2018 को अधिसूचित हुआ। स्थापना के बाद प्राधिकरण ने तालाबों में बहने वाले अपशिष्ट जल को पुनस्र्थापित करने, तालाबों को फिर से जीवंत करने के साथ-साथ उपचार और प्रबंधन के लिए कार्य कर रहा है। प्राधिकरण ने 18751 तालाबों का डेटा एकत्र करके पोंड डेटा मैनेजमेंट सिस्टम (पीडीएमएम) सॉफ्टवेयर के माध्यम से उपलब्ध करवाया है।
प्रवक्ता ने बताया कि तालाबों में बहने वाले अपशिष्ट जल को वेटलेंड तकनीकों के माध्यम से उपचारित किया जा रहा है, ताकि इन तालाबों का उपयोग मछली पालन, मवेशियों और सूक्ष्म सिंचाई के लिए किया जा सके। तालाबों की गाद साफ करने से पानी का संरक्षण होगा और भूमिगत जल स्तर में सुधार होगा और पानी की कमी को रोका जा सकेगा। मुख्यमंत्री श्री मनोहर लाल के मार्गदर्शन में प्राधिकरण ने वित्तीय वर्ष में अतिप्रवाहित तालाबों सहित सभी प्रदूषित तालाबों के जीर्णोद्धार/पुनरुद्धार के लिए क्रमश: चरण II और चरण III के तहत योजना तैयार की है।
सरकारी प्रवक्ता ने बताया कि द्वितीय चरण के तहत 756 गांवों के कुल 1940 प्रदूषित तालाबों में से 402 गांवों के 860 तालाबों के आर्किटेक्चर वर्किंग ड्राइंग पहले ही जारी की जा चुके हैं। शेष ड्राइंग 30 अगस्त, 2022 तक जारी की जाएंगी। 102 तालाबों का काम आवंटित किया जा चुका है और 80 तालाबों पर काम शुरू कर दिया गया है। आगामी मार्च 2022 तक 105 तालाबों पर काम शुरू होने की संभावना है। तीसरे चरण के तहत यानी वित्त वर्ष 2022-23 में 1041 गांवों के 2552 प्रदूषित तालाबों पर योजना बनाई गई है। 31 अक्टूबर 2022 तक सभी आर्किटेक्चर वर्किंग ड्राइंग जारी कर दिए जाएंगे। मार्च 2022 तक 100 तालाबों पर काम शुरू होने की संभावना है। प्राधिकरण, प्रदेश सरकार की जमीनों पर हरसैक के माध्यम से सभी जल निकायों की जियो-मैपिंग और जियो-टैगिंग कर रहा है। हरसैक ने सैटेलाइट के माध्यम से 37,353 जल निकायों/तालाबों की जियो-मैपिंग की है, जिसमें से 24,500 जल निकायों/तालाबों के लिए जियो-टैगिंग की गई है।