आईएपी योजना के तहत नर्सिंग प्रशिक्षित विद्यार्थियों की बकाया शिक्षण शुल्क के संबंध में चर्चा हो जनसभा के प्रदेश अध्यक्ष से मिलना चाहते हैं कलेक्टर।

 

 

नई दिल्ली /छत्तीसगढ़ /जगदलपुर बस्तर जिला अश्वनी कुमार कौशिक।मातृभूमी संदेश।

जनसभा संगठन के कार्यकर्ताओं ने जिला बस्तर में सत्र 2014 -15 व 2015 – 16 में विषेष आई.ए.पी. योजना के अंतर्गत बीएससी नर्सिंग और जीएनएम पाठ्यक्रम के लिए चुने गए बस्तर अंचल के सैंकड़ो छात्र – छात्राओं की शुल्क माफी की मांग कलेक्टर, संभाग आयुक्त के बाद मुख्य सचिव चिकित्सा शिक्षा को ज्ञापन के माध्यम से किया था।

जनसभा के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. अरुण पाण्डेय् ने जानकारी दी है कि सत्र 2014 -15 व 2015 – 16 में आई.ए.पी. योजना अंतर्गत बीएससी नर्सिंग और जीएनएम पाठ्यक्रम के लिए छात्र – छात्राओं को निशुल्क प्रशिक्षण हेतु बस्तर जिले के सैकड़ो युवाओं को विभिन्न निज़ी नर्सिंग महाविद्यालयों में प्रशिक्षण हेतु भेजा गया था। प्रशासन द्वारा योजना में चयनित विद्यार्थियों की विभिन्न महाविद्यालयों को शुल्क देने की स्वीकृति दी गई थी। तात्कालीन कलेक्टर अमित कटारिया द्वारा इस प्रशिक्षण के उपरांत नौकरी तुरन्त लगाने की बात भी कही गई थी।

 

गौरतलब हो कि लगातार प्रशासन को ध्यानाकर्षित किया गया पर जिला प्रशासन के सुस्त रवैया के चलते 01 जनवरी को विभिन्न जनसमास्याओं को लेकर जनसभा ने एक दिवसीय धरना दिया था जिसमें इस मांग को प्रमुखता से रखा गया था।

जनसभा के प्रदर्शन के बाद कलेक्टर ने जताई प्रदेश अध्यक्ष अरुण पाण्डेय् व प्रभावितों से मिलने की इच्छा

लगातार आईएपी योजना के नाम पर छलावे इन युवाओं की समस्या का निराकरण हो इसके लिए जनसभा ने आवाज़ बुलंद किया। ज्ञापन, धरना के बाद प्रभावित परिवार के द्वारा घरों पर रहकर एक दिवसीय प्रदर्शन का असर हुआ जिसके बाद ज़िला कलेक्टर रहट बंसल ने जनसभा के प्रदेश अध्यक्ष अरुण पाण्डेय् से संपर्क करके उनसे व प्रभावित परिजनों से मिलने की इच्छा व्यक्त की है। इस संबन्ध में जनसभा के कार्यालय से प्राप्त जानकारी अनुसार संभवत सोमवार को प्रभावित लोगों के प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व करते अरुण पाण्डेय् कलेक्टर से मिलेंगे।

डॉ अरुण पांडेय ने आपत्ती दर्ज कराते हुए कलेक्टर बस्तर अध्यक्ष भारतीय रेड क्रॉस सोसाइटी का ध्यानाकर्षण किया कि भारतीय रेड क्रॉस सोसाइटी जिला बस्तर शाखा द्वारा चश्मा दुकान संचालन हेतु रुचि की अभिव्यक्ति जिस समिति का गठन किया गया है वह सदस्यों की बहुमत की संख्या में सहमति के साथ और कार्यकारिणी बैठक के माध्यम से गठन नहीं किया गया है इस प्रकार इन्होंने कुल 5 बिंदुओं पर अध्यक्ष कलेक्टर महोदय भारतीय रेड क्रॉस सोसाइटी का ध्यान आकर्षित किया है