हरियाणा सरकार की आज की मुख्य गतिविधियां एवं उनसे जुड़े समाचार पढ़िए मातृभूमि संदेश न्यूज नेटवर्क पर।

चंडीगढ़, 8 जनवरी- बी डी कौशिक मुख्य संपादक मातृभूमि संदेश न्यूज नेटवर्क। हरियाणा सरकार ने 4 फरवरी से 20 फरवरी 2022 तक प्रस्तावित ‘35वें सूरजकुंड इंटरनेशनल क्राफ्ट मेला-2022’ की तिथियों को पुनर्निधारित करने का निर्णय लिया है।
एक सरकारी प्रवक्ता ने इस बारे में जानकारी देते हुए बताया कि राज्य सरकार ने देश में नए वेरियंट ओमिक्रॉन के बढ़ते प्रसार के मद्देनजर फिलहाल उक्त निर्णय लिया है, मेला की नई तिथि की घोषणा बाद में महामारी की परिस्थितियों को देख कर तय की जाएगी। उन्होंने बताया कि फरवरी में कोविड-19 के बढऩे की संभावनाओं को देखते हुए निर्णय लिया गया है कि नागरिकों की सुरक्षा करना सरकार की प्राथमिकता है, ऐसे में ‘35वां सूरजकुंड इंटरनेशनल क्राफ्ट मेला-2022’ को बाद में लगाया जाएगा।

स्वास्थ्य मंत्री ने किया पंचकूला के नागरिक अस्पताल का औचक निरीक्षण
अस्पताल में स्थापित पीएसए प्लांट की कार्यप्रणाली को जांचा
चण्डीगढ़, 7 जनवरी – बी डी कौशिक मुख्य संपादक मातृभूमि संदेश न्यूज नेटवर्क। देश में कोरोना के बढ़ते मामलों को देखते हुए हरियाणा के स्वास्थ्य मंत्री श्री अनिल विज पूरे एक्शन मोड में आ गए हैं और स्वयं फील्ड में जाकर स्वास्थ्य सेवाओं का जायजा ले रहे हैं ताकि आने वाले दिनों में कोरोना के मरीजों को स्वास्थ्य सेवाओं से संबंधित किसी भी प्रकार से दिक्कत का सामना न करना पडे़।
श्री अनिल विज ने इसी दिशा में आज पंचकूला के नागरिक अस्पताल में औचक निरीक्षण किया और वहां स्थापित पीएसए आक्सीजन प्लांट की कार्यप्रणाली की जांच की तथा साथ ही अस्पताल में स्वास्थ्य सेवाओं का जायजा भी लिया। इस दौरान श्री विज ने पीएसए प्लांट के आपरेटर से बातचीत की और प्लांट से संबंधित उपकरणों के संचालन के संबंध में जानकारी भी हासिल की।
प्रदेश के दोनों छोर पर एक-एक जिनोम सिक्वेंसिंग लैब होगी स्थापित’
स्वास्थ्य मंत्री ने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि पंचकूला में प्रदेश की दूसरी जिनोम सिक्वेंसिंग लैब स्थापित की जाएगी। इस लैब से प्रदेश के दोनों छोर पर एक-एक लैब होगी। इससे पहले रोहतक में एक लैब स्थापित की जा चुकी है। उन्होंने बताया कि कोरोना की पिछली लहर में ज्यादा दिक्कत ऑक्सीजन की हुई थी। इस वजह से सभी अस्पतालों में पीएसए प्लांट लगाने का निर्णय लिया गया था। अब तक प्रदेश के सरकारी अस्पताल व मेडिकल कालेज में 84 पीएसए प्लांट लगाए जा चुके हैं, जबकि 54 प्लांट प्राइवेट अस्पतालों में लगे हैं। उन्होंने कहा कि ऑक्सीजन के मामले में हरियाणा लगभग आत्मनिर्भर हो गया है। इसके अलावा, वेंटीलेटर, ऑक्सीजन कंसंट्रेटर एवं अन्य उपकरण भी पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध हैं। पंचकूला के नागरिक अस्पताल में उपकरण ठीक प्रकार से काम कर रहे हैं। प्रदेश में कोरोना संक्रमण हालांकि तेजी से बढ़ रहा है, मगर अभी अस्पतालों में संक्रमित मरीज ज्यादा नहीं है, अधिकतर होम आइसोलेशन में है।
गौरतलब है कि कोरोना के बढ़ते मामलों को देखते हुए स्वास्थ्य मंत्री श्री विज ने बीती 31 दिसंबर को भी फतेहाबाद के नागरिक अस्पताल में औचक निरीक्षण कर पीएसए प्लांट की कार्यप्रणाली को भी चैक किया था। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए थे कि वह अस्पतालों में सभी प्रबंधों को पूरी तरह से दुरुस्त रखे और वह कभी भी आकर इनका औचक निरीक्षण कर सकते हैं।
’’प्रधानमंत्री मोदी का रास्ता रोकने के षड्यंत्र में पंजाब के मुख्यमंत्री चन्नी जिम्मेदार’’- गृह मंत्री अनिल विज
श्री अनिल विज ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी का पंजाब में रास्ता रोके जाने के षड्यंत्र में पंजाब के मुख्यमंत्री पूरी तरह से जिम्मेदार हैं। श्री विज ने कहा कि प्रधानमंत्री का रास्ता रोके जाने के मामले में मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी का अपने स्पष्टीकरण में यह कहना कि देश में प्रजातंत्र है और लोग सड़क पर आ ही सकते हैं, यह बयान स्पष्टीकरण नहीं बल्कि रास्ता रोकने के षड्यंत्र में उनकी संलिप्तता की स्वीकारोक्ती है। पंजाब की चन्नी सरकार ने जो कोताही की, उसे किसी भी तरह से माफ नहीं किया जा सकता। इस मामले को लेकर उच्च स्तरीय जांच समिति बनाई गई है जोकि जांच कर रही है। जांच में जो-जो दोषी मिलेगा, उसके खिलाफ कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।

जीरो टोलरेंस की नीति पर हो गांवों में विकास: श्री देवेंद्र सिंह बबली
-विकास एवं पंचायत मंत्री ने बैठक में इंजीनियरिंग विंग के अधिकारियों को दिए निर्देश
– कहा, गांवों में मजबूत इंस्फ्रास्ट्रक्चर की ओर ध्यान दिया जाए
चंडीगढ़, 7 जनवरी- बी डी कौशिक मुख्य संपादक मातृभूमि संदेश न्यूज नेटवर्क। हरियाणा के विकास एवं पंचायत मंत्री श्री देवेंद्र सिंह बबली ने इंजीनियरिंग विंग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि गांवों के विकास के लिए मजबूत इंस्फ्रास्ट्रक्चर की ओर अधिक ध्यान दिया जाए। पहले चरण में गांवों में कम्युनिटी सेंटर के निर्माण, पुरानी बिल्डिंग की रिपेयर व ग्रे वाटर की समस्या पर अधिक ध्यान दिया जाए।
विकास एवं पंचायत मंत्री शुक्रवार को फील्ड में कार्यरत इंजीनियरिंग विंग के अधिकारियों की बैठक ले रहे थे। उन्होंने कहा कि विकास कार्यों में गुणवता पर पूरा ध्यान दिया जाए। विकास कार्यों में जीरो टोलरेंस की नीति पर काम हो। इसमें लापरवाही को किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। ग्रामीण क्षेत्रों में बनने वाली गलियों, नालियों, भवनों इत्यादि का निर्माण इस उद्देश्य से किया जाना कि लंबे समय पर इनका उपयोग संभव हो सके और ग्रामीणों को कोई समस्या न आए।
उन्होंने कहा कि आज गांवों में सामुदायिक भवनों की काफी आवश्यकता है, ताकि शहरों की तर्ज पर ग्रामीण क्षेत्रों में भी सभी समाज के लोग विभिन्न प्रकार के कार्यक्रमों का आयोजन कर सकें। इसी प्रकार गांवों में ई-लाइब्रेरी के माध्यम से बच्चों को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने व उच्च शिक्षा में मदद मिल सके। ग्रे वाटर प्रदेश के अधिकतर गांवों में एक गंभीर समस्या बन रही है, इसका स्थाई समाधान किया जाए और ट्रीटमेंट प्लांट लगाकर इस पानी का उपयोग खेतों या पेड़ों की सिंचाई के लिए उपयोग में लाया जाए।
उन्होंने कहा कि जिस विकास कार्य के लिए बजट अलॉट किया जाए, उसका सही प्रकार से सदुपयोग हो तथा विकास कार्यों में भी अनावश्यक रूप से देरी नहीं होनी चाहिए।
श्री देवेंद्र सिंह बबली ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री मनोहर लाल व उप मुख्यमंत्री श्री दुष्यंत चौटाला के नेतृत्व में आज प्रदेश हर क्षेत्र में आगे बढ़ रहा है। हमारा प्रयास है कि विकास की इस गति में प्रदेश के गांवों भी आगे आएं और गांवों में किसी भी प्रकार की समस्या न रहे। ग्रामीणों के सुविधाएं के लिए शहरों की ओर पलायन न करें, जबकि उन्हें शहरों जैसी सुविधाएं गांवों में ही मिलें।

कोविड-19 महामारी की रोकथाम के लिए जरूरी दिशा-निर्देश जारी
चंडीगढ़, 7 जनवरी- बी डी कौशिक मुख्य संपादक मातृभूमि संदेश न्यूज नेटवर्क।  हरियाणा सरकार ने राज्य में कोविड-19 महामारी की रोकथाम के लिए जरूरी दिशा-निर्देश जारी किए हैं। सरकार द्वारा जारी इस एडवाइजरी के अनुसार सभी जिला उपायुक्तों को निर्देशित किया गया है कि वे कोविड-19 के मामलों में वृद्धि के कारण भविष्य में उत्पन्न होने वाली संभावित प्रतिकूल परिस्थितियों से निपटने के लिए अपनी तैयारियां मजबूत रखें। सभी जिलों में कोविड-19 के मामलों में वृद्धि को देखते हुए ग्रामीण व शहरी क्षेत्रों में कोविड केयर सेंटर व आइसोलेशन सेंटर स्थापित किए जाएं। इन कोविड केयर सेंटर की कोरोना के मरीजों को आइसोलेट करने व इलाज करने के लिए जरूरत पड़ सकती है।
एडवाइजरी में स्पष्ट किया गया है कि जिलों में ऑक्सीजन व आवश्यक दवाओं के स्टॉक की भी समीक्षा की जाए और भविष्य में किसी भी प्रतिकूल परिस्थिति के लिए ऑक्सीजन और आवश्यक दवाओं की आपूर्ति और उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए योजना तैयार की जाए। केंद्र सरकार द्वारा जारी होम आइसोलेशन से संबंधित दिशा-निर्देशों को आम जनता की जानकारी के लिए निरंतर प्रचारित किया जाए।

चंडीगढ़, 7 जनवरी- बी डी कौशिक मुख्य संपादक मातृभूमि संदेश न्यूज नेटवर्क। हरियाणा के रेवाड़ी जिला में इंदिरा गांधी विश्वविद्यालय, मीरपुर द्वारा राजकीय/अराजकीय सहायता प्राप्त शिक्षा महाविद्यालयों में दूसरे चरण की काऊंसलिंग के पश्चात बी.एड. में रिक्त सीटों को भरने के लिए अंतिम तिथि बढ़ा दी गई है। अब अभ्यर्थी अपने आवेदन को सम्बन्धित महाविद्यालय में 2000 रूपए की विलम्ब शुल्क सहित 10 जनवरी, 2022 तक जमा करवा सकते हैं।
विश्वविद्यालय के प्रवक्ता ने बताया कि अब केवल वही अभ्यर्थी आवेदन कर सकते हंै जो विश्वविद्यालय पोर्टल पर ऑनलाइन काउंसलिंग के लिए पहले अप्लाई कर चुके हैं। वरीयता सूची 11 जनवरी 2022 को दर्शायी जाएगी। दाखिले से सम्बन्धित अधिक जानकारी के लिए अभ्यर्थी विश्वविद्यालय की वैबसाइट www.igu.ac.in पर लॉग इन करके प्राप्त कर सकते हंै।

चंडीगढ़, 7 जनवरी – बी डी कौशिक मुख्य संपादक मातृभूमि संदेश न्यूज नेटवर्क। हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड,भिवानी द्वारा ‘बोर्ड ऑफ ओपन स्कूलिंग एण्ड स्किल एजुकेशन सिक्किम,गंगटोक’ द्वारा संचालित सैकेण्डरी/सीनियर सैकेण्डरी की परीक्षाओं को प्रदान की गई समकक्ष मान्यता वापस ले ली गई है।
बोर्ड अध्यक्ष डॉ. जगबीर सिंह ने बताया कि अब बोर्ड ऑफ ओपन स्कूलिंग एण्ड स्किल एजूकेशन सिक्किम, गंगटोक द्वारा संचालित कोई भी परीक्षा हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड, भिवानी द्वारा संचालित किसी भी परीक्षा के समकक्ष मान्यता नहीं है और न ही समकक्षता सूची में शामिल है। उन्होंने बताया कि समकक्षता सूची बोर्ड की अधिकारिक वेबसाइट www.bseh.org.in पर उपलब्ध है।

चंडीगढ़, 7 जनवरी- बी डी कौशिक मुख्य संपादक मातृभूमि संदेश न्यूज नेटवर्क। हरियाणा के शिक्षा मंत्री श्री कंवर पाल ने कहा कि बीपीएल व ईडब्ल्यूएस विद्यार्थियों के शुल्क की प्रतिपूर्ति हेतु यदि किसी कारणवश कोई निजी विद्यालय अभी तक ऑनलाइन क्लेम नहीं कर पाया है तो उनके लिए विभाग द्वारा 6 जनवरी, 2022 से पोर्टल पुनः खोल दिया गया है। इसके अलावा, वर्तमान सत्र 2021-22 में दी जाने वाली प्रतिपूर्ति राशि में भी 200 रुपये का इजाफा किया गया है।
उल्लेखनीय है कि शिक्षा का अधिकार अधिनियम के नियम 134-ए के तहत मान्यता प्राप्त निजी विद्यालयों में दूसरी से आठवीं कक्षा में शिक्षा ग्रहण कर रहे बीपीएल, ईडब्ल्यूएस विद्यार्थियों के शुल्क की प्रतिपूर्ति विद्यालयों को प्रदेश सरकार के द्वारा की जाती है।
श्री कंवर पाल ने बताया कि जिला मौलिक शिक्षा अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे इस संबंध में अपने अधिकार-क्षेत्र में आने वाले निजी विद्यालयों के क्लेम शीघ्रता से भिजवाएं ताकि पुष्टि उपरांत उनके शुल्क की प्रतिपूर्ति विभाग द्वारा शीघ्रातिशीघ्र की जा सके। उन्होंने बताया कि कुछ ऐसे विद्यालय भी हैं, जिनके पुराने क्लेम वर्ष 2015-16 से लंबित हैं। उनके लिए विभाग द्वारा अलग पोर्टल तैयार कराया जा रहा है और ऐसे केस विभाग द्वारा शीघ्र ही मांगे जाएंगे।
शिक्षा मंत्री ने बताया कि 31 दिसंबर, 2021 को अभिभावकों की वार्षिक आय के संबंध में निर्देश जारी किए गए थे कि यदि किसी भी अभिभावक की आय के संबंध में किसी प्रकार का संशय है तो संबंधित विद्यालय इस बारे में जिला स्तरीय कमेटी के समक्ष अपनी शिकायत रख सकता है। यह कमेटी तीन दिन के अंदर-अंदर ऐसी शिकायतों का निपटान करेगी और यदि कमेटी द्वारा पारित योग्य दाखिले के केस में कोई विद्यालय बच्चे को दाखिला नहीं देता है तो उस विद्यालय के विरुद्ध नियमानुसार कार्यवाही अमल में लाई जाएगी।
शिक्षा मंत्री श्री कंवर पाल ने कहा कि यदि कोई बच्चा अपने स्कूल से स्थानांतरण प्रमाण पत्र ले चुका है और उसके अभिभावक की आय 2 लाख रुपये से अधिक है अर्थात वे ईडब्ल्यूएस वर्ग में नहीं आते हैं तो वह बच्चा वापस अपने पूर्व के स्कूल में या सरकारी स्कूल में दाखिला ले सकता है। इस संबंध में जिन बच्चों के दस्तावेज नियमानुसार हैं, विद्यालयों द्वारा उनके दाखिले बिना किसी विलंब के किए जाएं।
उन्होंने बताया कि कक्षा पहली से पांचवीं तक प्रतिपूर्ति राशि ग्रामीण क्षेत्र में 300 रुपये से बढ़ाकर 500 रुपये की गई है। वहीं शहरी क्षेत्र में प्रतिपूर्ति राशि 500 रुपये से बढ़ाकर 700 रुपये की गई है। इसके अलावा, कक्षा छठी से आठवीं तक ग्रामीण क्षेत्र में प्रतिपूर्ति राशि 500 रुपये से बढ़ाकर 700 रुपये तथा शहरी क्षेत्र में 700 रुपये से बढ़ाकर 900 रुपये की गई है। प्रवेश की तिथि को भी 7 जनवरी से बढ़ाकर 15 जनवरी कर दिया गया है।

प्रधानमंत्री की सुरक्षा में बड़ी चूक, लॉ एंड आर्डर बनाए रखना राज्य सरकार का कामः मुख्यमंत्री


प्रधानमंत्री आम आदमी नहीं 130 करोड़ जनता के प्रतिनिधि
चंडीगढ़, 7 जनवरी – हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री मनोहर लाल ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के पंजाब दौरे के दौरान सुरक्षा में चूक हुई है। प्रदेश में लॉ एंड आर्डर बनाए रखना राज्य सरकार का काम होता है। जब भी स्थानीय सुरक्षा से जुड़ा कोई विषय आता है तो इसकी जानकारी वहां के पुलिस व प्रशासन की ही अधिक होती है। प्रधानमंत्री की सुरक्षा में ऐसी चूक बहुत भारी लापरवाही है। प्रधानमंत्री आम आदमी नहीं बल्कि देश की 130 करोड़ जनता के प्रतिनिधि हैं । मुख्यमंत्री शुक्रवार को हरियाणा निवास पर प्रेसवार्ता के दौरान पत्रकारों के सवालों का जवाब दे रहे थे।
मुख्यमंत्री ने पंजाब पुलिस की व्यवस्था पर सवाल खड़े करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री जब भी किसी कार्यक्रम में जाते हैं, वहां के वैकल्पिक रूट की व्यवस्था स्थानीय पुलिस व प्रशासन द्वारा पहले से कर ली जाती है। बारिश की वजह से भले ही प्रधानमंत्री का हैलीकॉप्टर उड़ न पाया हो लेकिन पुलिस ने उन्हें रोड से जाने की क्लियरंस दी। इस बीच अचानक से किसानों द्वारा रास्ता रोक दिया जाना, ऐसा पुलिस की जानकारी के बगैर होगा लगता नहीं है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि इस मामले में गृह मंत्रालय ने कमेटी बना दी है, सुप्रीम कोर्ट इस मामले में सुनवाई कर रहा है, जल्द ही दूध का दूध और पानी का पानी हो जाएगा। मुख्यमंत्री ने पंजाब के मुख्यमंत्री पर भी सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा कि जिस कार्यक्रम में प्रधानमंत्री को जाना था, उस कार्यक्रम में खुद मैं और पंजाब के सीएम चरणजीत सिंह चन्नी अलग-अलग वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से जुड़े हुए थे। इस दौरान वीडियो में श्री चन्नी बार-बार आते-जाते नजर आ रहे थे। उनके यहां संवेदनशील सा माहौल बना हुआ था और श्री चन्नी असामान्य लग रहे थे।
डाडम हादसे में दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा
मुख्यमंत्री ने कहा कि भिवानी के डाडम में खनन के दौरान हुए हादसे में एफआईआर दर्ज कर ली गई है। इसके साथ-साथ सेंट्रल माइनंस ने भी जांच के लिए कमेटी बनाई है। जो भी इस मामले में दोषी होगा, जांच के बाद उसे बख्शा नहीं जाएगा। सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी।
आदिबद्री में जल प्रबंधन के लिए जल्द होगा एमओयू
मुख्यमंत्री ने कहा कि आदिबद्री में कई छोटी-छोटी नदियों का उद्गम स्थल है। इन नदियों के पानी को इकट्ठा करके एक डैम बनाया जाएगा। इस डैम के लिए हिमाचल प्रदेश सरकार से एमओयू किया जाएगा। इस प्रोजेक्ट पर 850 करोड़ रुपये के करीब खर्च आएगा, जिसमें केंद्र सरकार भी मदद करेगी। इससे सरस्वती नदी में पानी का बहाव होगा और आसपास के क्षेत्रों के लिए सिंचाई के लिए भी पानी मिलेगा।
जल्द खुलेंगे 500 संस्कृति मॉडल स्कूल
मुख्यमंत्री ने कहा कि हरियाणा में अभी तक 138 संस्कृति मॉडल स्कूल खोले जा चुके हैं। इनकी संख्या 500 की जाएगी। इसमें कम फीस के साथ-साथ अध्यापकों का भी अलग कैडर होगा। विज्ञान के विषयों की पढ़ाई करवाई जाएगी। यह स्कूल सीबीएसई से मान्यता प्राप्त होंगे। परीक्षा के माध्यम से 2 लाख से कम आय वर्ग वाले परिवारों के बच्चों का इनमें दाखिला किया जाएगा।

मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने प्रधानमंत्री की दीर्घायु के लिए की पूजा-अर्चना

महामृत्युंजय यज्ञ में दी पूर्णाहुति

श्री माता मनसा देवी से प्रदेशवासियों की कोरोना से सुरक्षा की कामना

चंडीगढ़, 7 जनवरी – बी डी कौशिक मुख्य संपादक मातृभूमि संदेश न्यूज नेटवर्क। हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने श्री माता मनसा देवी मंदिर पंचकूला में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की दीर्घायु के लिए पूजा-अर्चना की और महामृत्युंजय यज्ञ में पूर्णाहुति दी। उन्होंने श्री माता मनसा देवी से कोविड-19 की परिस्थितियों में प्रदेशवासियों के स्वास्थ्य की सुरक्षा की भी कामना की।

मुख्यमंत्री ने यज्ञ में आहुति डालने के बाद पत्रकारों के सवालों का जवाब देते हुए कहा कि पंजाब में प्रधानमंत्री की सुरक्षा में जो चूक हुई, वह बहुत ही गंभीर घटना थी। ऐसी स्थिति में हम प्रधानमंत्री की लंबी आयु व उनके अच्छे स्वास्थ्य की कामना करते हैं। पंचकूला में आज श्री माता मनसा देवी मंदिर व यज्ञशाला में आयोजित महामृत्युंजय यज्ञ में प्रधानमंत्री की दीर्घायु व सुरक्षा की कामना के लिए आहुति दी है। उन्होंने कहा कि महामाई का आशीर्वाद हम सब प्रदेशवासियों पर बना रहे और जल्द ही हरियाणा कोरोना महामारी से मुक्त हो।

उन्होंने एक सवाल के जवाब में कहा कि लोकतंत्र प्रणाली में सबसे बड़ा पद प्रधानमंत्री का होता है और वे जहां भी जाते हैं, उनकी सुरक्षा व रास्ते सुनिश्चित करने की जिम्मेवारी राज्य सरकार की होती है। पंजाब में शासन व प्रशासन प्रधानमंत्री की सुरक्षा करने में पूरी तरह विफल रहा, इसलिए हम पंजाब में राष्ट्रपति शासन लागू करने की मांग करते हैं। इससे पहले ऐसी घटना कभी नहीं हुई, जब प्रधानमंत्री को किसी राज्य में इस तरह रोका गया हो।

इससे पहले हरियाणा विधानसभा अध्यक्ष ज्ञानचंद गुप्ता ने महामृत्युंजय यज्ञ का शुरूआत की और मुख्यमंत्री ने इसमें पूर्णाहुति दी। इस मौके पर अंबाला से सांसद रतनलाल कटारिया के अलावा अनेक गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।

सबसे बड़े लोकतांत्रिक देश के प्रधानमंत्री की सुरक्षा में चूक होना अति निंदनीय- मनोहर लाल

लोकतांत्रिक व्यवस्था में विश्वास रखने वाला कोई भी व्यक्ति पंजाब सरकार के इस असंवैधानिक व्यवहार को कभी माफ नहीं करेगा- मनोहर लाल

पंजाब सरकार को बर्खास्त करने और राज्य में राष्ट्रपति शासन लगाने के लिए राज्यपाल के माध्यम से भेजा ज्ञापन – मनोहर लाल
चंडीगढ़, 7 जनवरी : बी डी कौशिक मुख्य संपादक मातृभूमि संदेश न्यूज नेटवर्क।
हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री मनोहर लाल ने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी की सुरक्षा में हुई चूक को लेकर पंजाब सरकार की कड़ी निंदा करते हुए कहा कि यह वास्तव में दुर्भाग्यपूर्ण है कि दुनिया के सबसे बड़े लोकतांत्रिक देश के प्रधानमंत्री को इस तरह के गंभीर सुरक्षा चूक का सामना करना पड़ा। पंजाब सरकार द्वारा सुनियोजित साजिश को किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं किया जाएगा और लोकतांत्रिक व्यवस्था में विश्वास करने वाला कोई भी व्यक्ति पंजाब सरकार के इस असंवैधानिक व्यवहार को कभी माफ नहीं करेगा।

मुख्यमंत्री आज यहाँ एक प्रेस वार्ता को संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर शिक्षा मंत्री श्री कंवर पाल और मुख्यमंत्री के अतिरिक्त प्रधान सचिव डॉ अमित अग्रवाल भी उपस्थित रहे।

श्री मनोहर लाल ने पंजाब के मुख्यमंत्री श्री चरणजीत सिंह चन्नी के नेतृत्व वाली कांग्रेस सरकार को सुरक्षा में इस बड़ी चूक के लिए जिम्मेदार ठहराते हुए कहा कि प्रधानमंत्री आम आदमी नहीं हैं। भारत के सभी प्रधानमंत्रियों में से श्री नरेंद्र मोदी सबसे लोकप्रिय हैं। उन्होंने अनुच्छेद- 370 को खत्म करने, राम मंदिर का निर्माण, सीएए आदि जिस तरह के साहसिक फैसले लिए हैं, ऐसा कभी किसी ने सोचा भी नहीं था।

श्री मनोहर लाल ने कहा कि आज हमने राज्यपाल से मुलाकात कर पंजाब सरकार को बर्खास्त करने और पंजाब में राष्ट्रपति शासन लगाने के लिए एक ज्ञापन सौंपा है। कांग्रेस सरकार के इस कृत्य की हर राजनीतिक दल ने कड़ी आलोचना की है। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने फिर से पंजाब का दौरा करने की बात कही है और हमे नहीं लगता कि वर्तमान सरकार सुरक्षा बहाल करने में सक्षम होगी।

उन्होंने कहा कि उन्होंने पंचकूला में माता मनसा देवी मंदिर में पूजा-अर्चना की और प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी की सलामती के लिए ‘महामृत्युंजय यज्ञ’ भी किया।

मुख्यमंत्री ने की नियम 134ए के तहत 200 रुपये फीस वृद्धि की घोषणा

केवल 2 लाख रुपये से कम आय वाले परिवारों के बच्चे को 134-ए नियम के तहत मिलेगा दाखिला- मनोहर लाल

अब तक 12000 मेधावी बच्चों को मिला प्रवेश- मुख्यमंत्री

चंडीगढ़, 7 जनवरी- बी डी कौशिक मुख्य संपादक मातृभूमि संदेश न्यूज नेटवर्क।
हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री मनोहर लाल ने हरियाणा स्कूल शिक्षा के नियम 134ए के तहत मेधावी छात्रों को निजी स्कूलों में प्रवेश देने के लिए इन स्कूलों द्वारा उठाई जा रही प्रतिपूर्ति राशि बढ़ाने की मांग को स्वीकार करते हुए वर्तमान शैक्षणिक सत्र 2021-22 के लिए 200 रुपये फीस बढोतरी की घोषणा की है।

मुख्यमंत्री ने यह घोषणा आज यहां एक पत्रकार वार्ता को संबोधित करते हुए की। इस अवसर पर शिक्षा मंत्री श्री कंवर पाल और मुख्यमंत्री के अतिरिक्त प्रधान सचिव डॉ अमित अग्रवाल भी उपस्थित रहे।

श्री मनोहर लाल ने कहा कि कुछ निजी स्कूलों ने नियम 134 ए के तहत ऐसे बच्चों को दाखिला देने का विरोध किया था। उनका कहना है कि इस नियम के तहत फीस कम है। इसके लिए आज 134 ए के तहत 200 रुपये फीस बढ़ोतरी की घोषणा की है। इससे राज्य सरकार पर लगभग 5 करोड़ रुपये का अतिरिक्त वितीय भार पड़ेगा।

उन्होंने घोषणा करते हुए कहा कि अब ग्रामीण क्षेत्रों में पांचवी कक्षा तक 500 रुपये और छठी से आठवीं तक 700 रुपये फीस होगी, जो पहले 300 और 500 रुपये थी। इसी प्रकार, शहरी क्षेत्र में अब पांचवीं कक्षा तक 700 रुपये और छठी से आठवीं कक्षा तक 900 रुपये फीस होगी, जो पहले क्रमश: 500 रुपये व 700 रुपये थी। वर्तमान में निजी स्कूलों में लगभग 12000 बच्चों को दाखिला मिल चुका है। इसलिए प्रतिपूर्ति राशि में वृद्धि होने से इन स्कूलों को लगभग 2400 रुपये प्रति बच्चा का वार्षिक लाभ होगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि 134-ए के तहत गरीब बच्चों को शिक्षा मुहैया करवाने के मद्देनजर 40 हजार के करीब बच्चों ने परीक्षा दी थी। परिवार पहचान पत्र के तहत आय सत्यापन के बाद यह विवाद खड़ा हुआ कि 2 लाख रुपये से अधिक आय वाले परिवार भी अपने बच्चों को 134 ए के तहत शिक्षा ग्रहण करवाना चाहते हैं, लेकिन यह संभव नहीं है।

उन्होंने कहा कि जिला उपायुक्त, जिला शिक्षा अधिकारी के माध्यम से आय सत्यापन के बाद ही 2 लाख रुपये से कम आय वालों के परिवारों के बच्चों को दाखिला दिलवाया जा रहा है और अब तक 12000 बच्चों को दाखिला मिल चुका है। शेष लगभग 28,000 पात्र बच्चों का प्रवेश दो-तीन दिनों में हो जाएगा।

मुख्यमंत्री अंत्योदय परिवार उत्थान योजना के तहत 27,600 परिवारों को प्रदान की गई आर्थिक सहायता- मुख्यमंत्री

कोर्ट के निर्णय से नौकरी गंवाने वालों को हरियाणा कौशल रोजगार निगम के माध्यम से रोजगार देने को तैयार- मनोहर लाल

रोजगार के मुद्दे पर लोगों को भड़काना बंद करे कांग्रेस- मनोहर लाल
चंडीगढ़, 7 जनवरी – बी डी कौशिक मुख्य संपादक मातृभूमि संदेश न्यूज नेटवर्क।
हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री मनोहर लाल ने कहा कि राज्य सरकार प्रदेश के अति गरीब परिवारों के आर्थिक उत्थान के लिए कटिबद्ध है, ताकि उन्हें मुख्यधारा से जोड़ा जा सके। इसके लिए राज्य सरकार की महत्वकांक्षी मुख्यमंत्री अंत्योदय परिवार उत्थान योजना के तहत आयोजित किए गए अंत्योदय ग्रामोदय उदय मेलों के माध्यम से 27,600 परिवारों को आर्थिक सहायता प्रदान की गई है।

मुख्यमंत्री ने आज यहां एक पत्रकार वार्ता को संबोधित करते हुए कहा कि तीन साल पहले परिवार पहचान पत्र (पीपीपी) योजना पूरे राज्य में लागू की गई थी ताकि पात्र लाभार्थियों को सरकारी सेवाओं, योजनाओं का लाभ तेजी से सुनिश्चित किया जा सके।

मुख्यमंत्री ने कहा कि परिवार पहचान पत्र के तहत पंजीकृत परिवारों की आय का 3 चरण का सत्यापन पूर्ण हो चुका है और चौथे चरण यानी 75,000 से 1 लाख रुपये तक का सत्यापन का कार्य अभी चल रहा है। आय सत्यापन के आधार पर 1 दिसंबर, 2021 तक 1 लाख रुपये से कम वार्षिक आय वाले 1,48,000 परिवारों का डाटा तैयार कर लिया गया था। इनमें से 91,900 परिवार अंत्योदय मेलों में आए। इन परिवारों में से 58,200 परिवारों को विभिन्न विभागों द्वारा विभिन्न प्रकार की सहायता मुहैया करवाई जानी है। 27,600 परिवारों को सहायता दी जा चुकी है। शेष परिवारों से अभी काउंसलिंग टीम उनकी योग्यता और वे क्या काम कर सकते हैं, जैसे जानकारियां जुटा रही हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि जैसे ही कोरोना की स्थिति में सुधार होगा तो अंतोदय मेलों का दूसरा चरण शुरू किया जाएगा तथा पिछले चरण के शेष परिवारों व और सत्यापित परिवारों को इन मेलों में बुलाया जाएगा। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने मार्च 2022 तक एक लाख परिवारों के आर्थिक उत्थान का लक्ष्य रखा है।

विपक्ष के नेता बेवजह लोगों को भड़का रहे हैं

मुख्यमंत्री ने कहा कि कांग्रेस ने अपने शासनकाल में गलत तरीके से नौकरियां दी, इस कारण अदालत के निर्णय से कई लोगों को अपनी नौकरी गंवानी पड़ी। हमारी सरकार इन सभी लोगों को मानवता के आधार पर रोजगार देने के लिए तैयार हैं। लेकिन विपक्ष के लोग इन लोगों को भड़का रहे हैं, जो गलत है।

हरियाणा कौशल रोजगार निगम के माध्यम से, सरकारी कार्य का अनुभव रखने वालों को प्राथमिकता देकर निगम द्वारा तय मानदंडों के अनुसार काम पर रखा जाएगा। इसके लिए उन्हें हरियाणा कौशल रोजगार निगम पोर्टल पर पंजीकरण करवाना होगा।

उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा किए जा रहे इस अच्छे काम पर भी विपक्ष के नेता लोगों को भड़का रहे हैं, क्योंकि कांग्रेस के पास विकास या अन्य कोई भी मुद्दा नहीं है, इसलिए वे लोगों को भड़काकर सरकार पर दबाव बना रहे हैं, लेकिन हम दबाव में आने वाले नहीं है।

हरियाणा कोरोना की तीसरी लहर से निपटने के लिए तैयार

प्रदेश में अब तक 3.61 करोड़ से अधिक लोगों का किया जा चुका है टीकाकरण

2.10 करोड़ से अधिक लोगों को पहली खुराक और 1.50 करोड़ से अधिक को दूसरी खुराक मिल चुकी है

प्रतिदिन 40,000 से अधिक टेस्ट किए जा रहे हैं- मनोहर लाल

चंडीगढ़, 7 जनवरी : बी डी कौशिक मुख्य संपादक मातृभूमि संदेश न्यूज नेटवर्क।
हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री मनोहर लाल ने कहा कि कोरोना की तीसरी लहर ने दस्तक देनी शुरू कर दी है, जिसके कारण राज्य में प्रतिदिन आने वाले केसों की संख्या में वृद्धि हुई है। राज्य सरकार ने तीसरी लहर से निपटने के लिए पूरी तैयारी कर ली है।

मुख्यमंत्री आज यहां प्रेस वार्ता को संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर शिक्षा मंत्री श्री कंवर पाल और मुख्यमंत्री के अतिरिक्त प्रधान सचिव डॉ अमित अग्रवाल भी उपस्थित रहे।

उन्होंने कहा कि यदि वीरवार की बात करें तो राज्य में लगभग 2500 नये केस आये हैं। राज्य में इस वक्त 8000 सक्रिय मामले हैं, जिसमें से ओमीक्रोन वेरीयंट के 114 मामले दर्ज किए गए हैं। 114 में से 83 मरीज ठीक हो चुके हैं और 31 एक्टिव केस हैं।

उन्होंने कहा कि ओमीक्रोन वेरीयंट के प्रसार की गति डेढ़ गुना है और विशेषज्ञों के अनुसार 25 जनवरी तक कोरोना के मामलों की संख्या और तीव्र हो सकती है। इसी को देखते हुए हमने प्रदेश में सख्ती बरती है।

श्री मनोहर लाल ने बताया कि अब तक राज्य में 3.61 करोड़ से अधिक लोगों को टीके लगाये जा चुके हैं, जिनमें 2.10 करोड़ से अधिक लोगों को पहली खुराक और 1.50 करोड़ से अधिक लोगों को दूसरी खुराक मिल चुकी है।

उन्होंने कहा कि राज्य में दैनिक टेस्टिंग क्षमता भी बढ़ाई गई है और दैनिक आधार पर 40,000 से अधिक परीक्षण किए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि टीकाकरण बढ़ाने के साथ ही टेस्टिंग भी बढ़ाई जाएगी।

उन्होंने कहा कि कोविड-19 के संबंध में सार्वजनिक कार्यक्रमों, विवाह और अन्य समारोहों पर केंद्र सरकार द्वारा जारी आवश्यक प्रतिबंधों के दिशा-निर्देशों को राज्य सरकार ने भी लागू किया है।

मुख्यमंत्री ने आग्रह किया कि सभी को मास्क पहनना चाहिए, उचित दूरी बनाए रखना चाहिए और भीड़-भाड़ वाली जगहों पर जाने से बचना चाहिए।

हरियाणा में बेरोजगारी दर मात्र 6.1 प्रतिशत

सीएमआईई की 34 फीसदी बेरोजगारी दर की रिपोर्ट निराधार- झूठ से ज्यादा कुछ नहीं- मनोहर लाल

सीएमआईई द्वारा जारी बेरोजगारी के गलत आंकड़ों पर कांग्रेस बेवजह ढिंढोरा पीट रही है- मनोहर लाल

चंडीगढ़, 7 जनवरी :बी डी कौशिक मुख्य संपादक मातृभूमि संदेश न्यूज नेटवर्क। हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री मनोहर लाल ने सेंटर फॉर मॉनिटरिंग इंडियन इकोनॉमी (सीएमआईई) की रिपोर्ट के आधार पर राज्य में 34 प्रतिशत बेरोजगारी दर के बारे में राजनीतिक बयानबाजी करने के लिए कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि हरियाणा में वास्तविक बेरोजगारी दर केवल 6.1 प्रतिशत है।

आज यहां एक पत्रकार वार्ता को संबोधित करते हुए श्री मनोहर लाल ने रिपोर्ट को निराधार और झूठ का पुलिंदा बताते हुए स्पष्ट किया कि हरियाणा में पिछले तीन साल से परिवार पहचान पत्र कार्यक्रम लागू किया जा रहा है। इसके तहत करीब 98 फीसदी परिवारों का पंजीकरण हो चुका है। इस अवसर पर शिक्षा मंत्री श्री कंवर पाल और मुख्यमंत्री के अतिरिक्त प्रधान सचिव डॉ अमित अग्रवाल भी उपस्थित रहे।

उन्होंने कहा कि 65,78,311 परिवारों का पंजीकरण हुआ है और 2,57,99,000 जनसंख्या अंकित है। इस आंकड़े में 18 साल से 58 वर्ष की आयु वर्ग के 1 करोड़ 72 लाख 96 हजार व्यक्ति हैं जिनमें से 10,59,530 व्यक्तियों ने स्वयं को बेरोजगार घोषित किया है। इस आंकड़े के आधार पर यदि बेरोजगारी दर को मापा जाए तो हरियाणा में मात्र 6.1 प्रतिशत बेरोजगारी दर है। लेकिन कांग्रेस को भ्रम फैलाने की आदत है और वे सीआईएमए द्वारा जारी 34 प्रतिशत बेरोजगारी दर के गलत आंकड़ें पर बेवजह राजनीतिक बयानबाजी कर रही है।

उन्होंने कहा कि जब लोग ही स्वयं को बेरोजगार नहीं मान रहे तो कांग्रेस किस आधार पर प्रदेश में अधिक बेरोजगारी दर का ढिंढोरा पीट रही है। उन्होंने कहा कि सीएमआईई कुछ लोगों के सैंपल के आधार पर आंकड़े जारी करती है। उसमें भी तरह-तरह के हथकंडे अपना कर 34 प्रतिशत जैसा गलत आंकड़ा जारी करके राज्य सरकार को बदनाम करने का काम करती है।

उन्होंने कहा कि राजनीति में इस तरह का प्रचलन गलत है। तथ्यों को सही पेश करना चाहिए, तभी उसका लाभ होता है। एक प्रश्न का जवाब देते हुए उन्होंने कहा कि जरूरत पड़ी तो गलत आंकड़े जारी करने के लिए सीएमआईई के खिलाफ कार्यवाही भी करेंगे।

उन्होंने कहा कि यहां तक कि नीति आयोग और केन्द्र सरकार ने भी ऐसे समाचारों पर कभी ध्यान नहीं दिया। नीति आयोग सभी नीतिगत निर्णयों के लिए राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय (एन.एस.ओ.) द्वारा किए गए सर्वेक्षण को ही मानता है। एन.एस.ओ. ने केंद्रीय सांख्यिकी और कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय के तहत 2017 में आवधिक श्रम बल सर्वेक्षण (पीएलएफएस) शुरू किया था और पीएलएफएस की नवीनतम रिपोर्ट ऑनलाइन उपलब्ध हैं। इन दोनों सर्वेक्षणों को एक साथ देखने से हरियाणा में बेरोजगारी दर के आंकड़ों में काफी भिन्नता दिखाई देती है। पीएलएफएस ने जनवरी-मार्च 2021 के दौरान भारत में बेरोजगारी दर 9.4 प्रतिशत जबकि हरियाणा में 10.3 प्रतिशत दिखाई है। परन्तु सीएमआईई ने इसी अवधि के दौरान देश में 7.4 प्रतिशत जबकि हरियाणा में 29.3 प्रतिशत बेरोजगारी दशाई है।

उन्होंने कहा कि सीएमआईई ने कभी भी सहीं आंकड़ें प्रस्तुत नहीं किए हैं। कम्पनी ने अपनी रिपोर्ट में नवंबर 2021 के दौरान हरियाणा में बेरोजगारी दर 29.3 प्रतिशत दिखाई है। हालांकि यह रिपोर्ट भी सत्य से कोसों दूर है।, क्योंकि महज 3 महीने के अंदर ही बेरोजगारी दर 34 प्रतिशत दिखा रहे हैं, जो अपने आप में विरोधाभासी है। विपक्ष को ऐसे भ्रामक आंकड़ों पर बयान देने से बचना चाहिए।

उन्होंने कहा कि सी.एम.आई.ई. जैसाकि इसके नाम से स्वतः स्पष्ट है, लाभ कमाने के लिए बनाई गई निजी स्वामित्व वाली कंपनी है। अतः इसे निष्पक्ष और पूर्वाग्रह से मुक्त नहीं कहा जा सकता। काल्पनिक आंकड़ों के आधार पर प्रदेश में रोजगार परिदृश्य की एक झूठी तस्वीर पेश करना कम्पनी की आदत रही है।

हरियाणा सोलर पंप लगाने में अग्रणी राज्य- मनोहर लाल

राज्य सरकार ने 50 हजार सोलर पंप लगाने का लक्ष्य रखा

सोलर पंपों पर दी जाती है 75 प्रतिशत सब्सिडी

2014 तक सिर्फ 492 सोलर पंप लगे थे, वर्तमान सरकार ने लगभग 25,000 सोलर पंप कनेक्शन दिए, 13,800 कनेक्शन देने का कार्य प्रगति पर- मुख्यमंत्री

चंडीगढ़, 7 जनवरी : बी डी कौशिक मुख्य संपादक मातृभूमि संदेश न्यूज नेटवर्क। हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री. मनोहर लाल ने कहा कि प्रदेश में सौर ऊर्जा को बढ़ावा देने की दिशा में निरंतर कार्य किया जा रहा है, जिसके फलस्वरूप हरियाणा पिछले पांच वर्षों से सौर ऊर्जा के क्षेत्र में तीव्र गति से आगे बढ़ रहा है।

मुख्यमंत्री आज यहां प्रेस वार्ता को संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर शिक्षा मंत्री श्री कंवर पाल और मुख्यमंत्री के अतिरिक्त प्रधान सचिव डॉ अमित अग्रवाल भी उपस्थित रहे।

श्री मनोहर लाल ने कहा कि आज से 7 वर्ष पहले तक इस क्षेत्र में न के बराबर कार्य हुआ था। वर्ष 2014 तक केवल 492 सोलर पम्प कनेक्शन दिये गए थे। वर्तमान सरकार सरकार ने लगभग 25,000 सोलर पंप कनेक्शन दिए हैं और 13,800 कनेक्शन देने का कार्य प्रगति पर है। राज्य सरकार ने 50 हजार सोलर पम्प सेट लगाने का लक्ष्य निर्धारित किया है।

उन्होंने कहा कि इन पम्पों पर किसानों को केवल 25 प्रतिशत ही खर्च करना होता है और 75 प्रतिशत तक सब्सिडी सरकार द्वारा दी जाती है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में 50 हॉर्स पावर से कम बिजली के टयूबवैल, जो खेती के लिए उपयोग में लिए जा रहे हैं, उन्हें सौर ऊर्जा में बदला जा रहा। उन्होंने कहा कि है ये कनेक्शन भी केवल उन्हें दिए जा रहे हैं, जो सूक्ष्म सिंचाई प्रणाली को अपना रहे हैं।

उन्होंने कहा कि लोगों को खुली सिंचाई की बजाय सूक्ष्म सिंचाई, टपका सिंचाई या फव्वारा सिंचाई या सामुदायिक तालाबों से सिंचाई की परियोजना अपनाने के प्रति अधिक से अधिक जागरूक किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि गुजरात के बाद हरियाणा देश का दूसरा राज्य है जिसने सौर ऊर्जा को बढ़ावा दिया है।

उल्लेखनीय है कि प्रदेश में कृषि योग्य लगभग 80 लाख एकड़ भूमि है। इसमें से 75 प्रतिशत क्षेत्र में सिंचाई हो पाती है। शेष भूमि पर सिंचाई के लिए वर्षा पर निर्भर रहना पड़ता है। कृषि क्षेत्र में हर वर्ष किसानों को लगभग 6500 करोड़ रुपए की सबसिडी दी जाती है। सौर ऊर्जा को अपनाने से सबसिडी का भार भी कम होगा और पानी की बचत होगी। इससे किसानों का डीजल बचेगा और आय में भी वृद्धि होगी।