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हरियाणा ने 75 वर्ष से अधिक आयु के डॉक्टरों को समर्पित भाव से सेवा करने के लिए ‘वट वृक्ष पुरस्कार’ से किया सम्मानित

-मुख्यमंत्री श्री मनोहर लाल व स्वास्थ्य मंत्री श्री अनिल विज ने किया सम्मानित

-हर वर्ष 2500 डॉक्टर तैयार करने का लक्ष्य – मुख्यमंत्री

चंडीगढ़, 29 नवंबर – बी डी कौशिक मुख्य संपादक मातृभूमि संदेश न्यूज नेटवर्क।
हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री मनोहर लाल ने कहा कि प्रदेश में डॉक्टरों की मांग को पूरा करने के लिए हर जिले में एक मेडीकल कॉलेज खोलने की प्रक्त्रिया जारी है। उन्होंने कहा कि हर वर्ष 2500 डॉक्टर तैयार करने का लक्ष्य रखा गया है और इसके लिए एमबीबीएस की सीटें बढा कर 1685 की गई हैं जो 2014 में 700 थी।

मुख्यमंत्री आज पंचकूला के सेक्टर 5 स्थित इन्द्रधनुष ऑडिटोरियम में हरियाणा मेडीकल काउंसिल के तत्वावधान में आयोजित डॉक्टर्स डे अवार्ड समारोह में बतौर मुख्य अतिथि संबोधित कर रहे थे। कार्यक्त्रम में मुख्यमंत्री श्री मनोहर लाल व स्वास्थ्य मंत्री श्री अनिल विज ने 75 वर्ष से अधिक आयु के 90 डॉक्टरों को ‘वट वृक्ष पुरस्कार देकर सम्मानित किया। सम्मान पाने वालों में सबसे अधिक 92 वर्ष आयु के सिरसा के डॉक्टर आरएस सांगवान भी शामिल थे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि आज की युवा पीढ़ी के डॉक्टरों को पुरानी पीढी के डॉक्टरों से मानवता की सेवा करने की भावना से प्रेरणा लेनी चाहिए। उन्होंने कहा कि वर्तमान में निजी व सरकारी क्षेत्र दोनो को मिला कर डॉक्टरों की संख्या लगभग 13-14 हजार है जबकि यूएनओ के मानदंडों के अनुसार 1000 की जनसंख्या पर एक डॉक्टर होना चाहिए। यदि हम हरियाणा की जनसंख्या 2021 में 2.70 करोड़ मान कर चलते हैं तो 27 हजार डॉक्टरों की आवश्यकता है। इस मांग को पूरा करने के लिए हर वर्ष 2500 डॉक्टर तैयार करने का लक्ष्य रखा गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि केन्द्र सरकार से भी मेडीकल क्षेत्र में सहयोग मिल रहा है। झज्जर जिला के बाढ़सा मे राष्ट्रीय केंसर संस्थान स्थापित किया गया है। इसके अलावा रेवाड़ी में एम्स तथा पंचकूला में आयुर्वेद का एम्स बनाने की प्रक्त्रिया जारी है। पंचकूला के लिए 25 एकड़ जमीन केन्द्र सरकार को सौंप दी गई है। उन्होंने कहा कि एक डॉक्टर को, मरीज़ भगवान की तरह मानता है। यदि लंबी बीमारी के बाद उसकी मनोस्थिति ऐसी हो जाती है कि अब तो मौत ही निश्चित है तो उस समय वह अपने आप को डॉक्टर के हवाले छोड़ देता है। डॉक्टर भी मरीज को बचाने में कोई कोर-कसर नहीं छोड़ते। मुख्यमंत्री ने माना कि जब कोविड के दौरान वे स्वयं मेदांता में भर्ती हुए थे तो उन्होंने डॉक्टरों की सेवा करने के भाव को करीब से देखा था।

मुख्यमंत्री ने कहा कि एमबीबीएस की सीटों के साथ-साथ लगभग 600 सीटें पीजी कोर्स की भी बढाई गई हैं। उन्होंने कहा कि अन्य विभागो की तुलना में शिक्षा व स्वास्थ्य विभाग को बजट आबंटन में प्राथमिकता दी जा रही है। अन्य विभागों के वार्षिक बजट में 5-7 प्रतिशत की वृद्धि की जाती है जबकि शिक्षा व स्वास्थ्य विभाग बजट में 12-15 प्रतिशत की वृद्धि होती है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की सोच है कि लोग बीमार ही न हों, इसके लिए स्वस्थ शरीर होना जरूरी है। प्रधानमंत्री की इसी सोच को साकार करने के लिए आयुर्वेद व अन्य चिकित्सा पद्धतियों को बढावा देने के लिए वेलनेस सेंटर व योग केन्द्र खोले जा रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने हरियाणा मेडीकल काउंसिल द्वारा व्योवृद्ध डॉक्टरों को सम्मानित’ करने लिए चुने गए शीर्ष वाक्य ‘‘वट वृक्ष’’ की सराहना की। वट वृक्ष पर्यावरण को भी सुरक्षित रखता है। हरियाणा सरकार ने भी 75 वर्ष से अधिक आयु वाले पेड़ों की देखभाल के लिए 2500 रूपए वार्षिक की पेंशन योजना शुरू की है। जीव व वनस्पति दोनो की दीर्घायु हो तभी हम ‘सर्वोभवंति सुखिनः सर्वोभवंति निरामया‘ के भाव को पूरा कर सकते हैं।

‘मैं भी डॉक्टर’

मुख्यमंत्री ने कहा कि वैसे तो मैं भी डॉक्टर हूं। जैसे एक डॉक्टर रोगियों की बीमारी दूर करता है वैसे ही मैं भी पिछले 7 सालों से समाज की बुराइयों को दूर करने में लगा हूं।

स्वास्थ्य मंत्री श्री अनिल विज ने अपने संबोधन में कहा कि कोरोना की पहली व दूसरी लहर पर काबू पाने में हरियाणा के स्वास्थ्य विभाग ने बेहतर कार्य किया हैं। उन्होंने कहा कि एक नया वैरीअंट जोकि साउथ अफ्रीका में पाया गया है उससे निपटने के लिए हम पूरी तरह तैयार हैं। जिस प्रकार पहली व दूसरी लहर में कोरोना से लड़ने के जो नियम निर्धारित किए गए थे, उन्हीं नियमों की पालना की जायेगी तथा टेस्टिंग को पुनः बढाया जायेगा। लोगो को भी सतर्क रहने की जरूरत है।

हरियाणा ऑक्सीजन के मामले में आत्मनिर्भर होगा

स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि कोरोना की दूसरी लहर के दौरान ऑक्सीजन की कमी महसूस की गई परंतु मुख्यमंत्री श्री मनोहर लाल के नेतृत्व में स्वास्थ्य विभाग की टीम ने पूरी तत्परता से कार्रवाई की और इसका समाधान किया। उन्होंने कहा कि अब आदेश जारी किए गए है कि 50 बेड से अधिक अस्पताल चाहे वह सरकारी हों या निजी, सभी को ऑक्सीजन आपूर्ति के लिए पीएसए प्लांट लगाना अनिवार्य होगा।

हरियाणा में अब तक 2.83 करोड़ वैक्सीन लोगों को लगाई जा चुकी है

उन्होंने कहा कि अब तक कोरोना वैक्सीनेशन के मामले में भी हरियाणा ने बेहतर प्रदर्शन किया है। 2.83 करोड़ की वैक्सीन में से 90 प्रतिशत अथात 1.84 करोड़ लोगों ने पहली डोज़ और 49 प्रतिशत लोगों ने दूसरी डोज़ लगवाई है। उन्होंने कहा कि कोविड एक चुनौती की तरह हमारे सामने आया और इस चुनौती का सामना करने के लिए मुख्यमंत्री का हमें लगातार मार्गदर्शन मिलता रहा और हमने इसकी दोनों लहरों में सफलता से लड़ाई भी लड़ी।

कोरोना योद्धाओं को सैल्युट,जिन्होंने निर्भीक होकर इस बीमारी का सामना किया

श्री विज ने कोरोना योद्धाओं को सलाम करते हुए कहा कि ‘मैं आज उन सभी डॉक्टरों,नर्सों, एंबुलेंस ड्राइवरों के साथ-साथ अन्य कर्मियों जिन्होंने निर्भीक होकर इस बीमारी का सामना किया उन्हें सलाम करता हूं-उन्हें सैल्युट करता हूं।

उन्होंने कहा कि हालांकि इस दौरान कुछ लोग शहीद हो गए जिनमें से स्वास्थ्य विभाग के 28 लोग शहीद हुए और उनकी याद में मुख्यालय तथा जिला अस्पतालो में ‘वाल ऑफ़ मेमोरी’ यानी यादगार स्मारक बनाया जायेगा। श्री विज ने कहा कि आने वाले 100- 200 सालों में याद रखा जाएगा कि किस प्रकार से यह बीमारी आई थी और उस समय पर क्या-क्या इंतजाम किए गए थे। श्री विज ने कहा कि इस संबंध में उन्होंने चिकित्सा शिक्षा विभाग और स्वास्थ्य विभाग की एक टीम का गठन किया है जो कोविड का इतिहास लिखने का काम करेगी ताकि भविष्य की पीढि़यों को पता लग सके कि इस घातक बीमारी का सामना उस समय के लोगों ने और कोरोना योद्धायों ने किस प्रकार से किया।

सभी 22 जिलों में आरटीपीसीआर लैब स्थापित की जा रही हैं

उन्होंने कहा कि हरियाणा पहला राज्य है जहां हर जिले के नागरिक अस्पताल में कोरोना टेस्टिंग के लिए आरटीपीसीआर लैब स्थापित की जा रही हैं। वर्तमान में हमारे पास 18 जिलों में आरटीपीसीआर लैब हैं क्योंकि इस बीमारी से पार निकलने के लिए टेस्टिंग बहुत जरूरी है और हम 22 जिलों में आरटीपीसीआर लैब स्थापित करेंगे।

जब सोच और नीतियां अलग होती है तो व्यवस्था भी अलग बनानी पड़ती है- विज

स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री मनोहर लाल की अगुवाई में हमारी सरकार सुरक्षा से सेवा तक काम करने की कोशिश कर रही है और पंडित दीनदयाल उपाध्याय के दिखाए गए रास्ते पर चलते हुए अंतिम व्यक्ति के लाभ के लिए मुख्यमंत्री श्री मनोहर लाल लगातार प्रत्यनशील हैं। उन्होंने कहा कि जब सोच और नीतियां अलग होती है तो व्यवस्था भी अलग बनानी पड़ती है और जो व्यवस्था 70 सालों से स्थापित हुई थी यह हमारे सपनों को पूरा नहीं कर सकती थी इसलिए पहला काम व्यवस्था को बदलना है जिस पर हम भरपूर कोशिश कर रहे हैं और लगातार इस पर आगे जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री श्री मनोहर लाल की सरकार पारदर्शी तरीके से चल रही है और हर व्यक्ति की इसमें जवाबदेही है ऐसा करने के लिए हम तकनीक का भी सहयोग ले रहे हैं और सेवाओं का डिजिटलीकरण किया जा रहा है ताकि पारदर्शी तरीके से लोगों को लाभ दिया जा सके। उन्होंने कहा कि सभी विभागों ने अभूतपूर्व तरीके से अपने दायित्व को निभाने का काम किया है।

हरियाणा मेडीकल काउंसिल के अध्यक्ष डॉ. आर.के. अनेजा, सदस्य डॉ. वेद बेनीवाल, स्वास्थ्य सेवाएं हरियाणा के महानिदेशक डॉ. वीना सिंह ने भी उपस्थित लोगों को संबोधित किया।

डॉ. प्रदीप भारद्वाज व डॉ. रोजी अनेजा ने देश भक्ति के गानों से सभी का समय बांधा।

डॉ. आर.के. अनेजा ने कहा कि समारोह में 75 से अधिक आयु के 90 डॉक्टरों को सम्मानित किया गया है जिनमें सिरसा के डॉक्टर आरएस सांगवान सब से अधिक 92 वर्ष की आयु के हैं। उन्होंने कहा कि डॉक्टरों की आयु को देखते हुए काउंसिल की ओर से व्हील चेयर व छड़ी के प्रबंध किए गए थे परंतु किसी भी डॉक्टर ने इनका प्रयोग किए बिना स्टेज पर स्वयं जाकर अपना सम्मान प्राप्त किया जो कि यह दर्शाता है कि वे इस उम्र में भी स्वस्थ हैं। मुख्यमंत्री श्री मनोहर लाल व स्वास्थय मंत्री श्री अनिल विज डॉक्टरों के इस साहस को देख कर गदगद हुए और कहा कि निश्चित ही आप सभी के लिए प्रेरणा स्त्रोत हैं।

इस अवसर पर उपायुक्त श्री महावीर कौशिक, पुलिस उपायुक्त मोहित हांडा, हरियाणा मेडीकल काउंसिल के रजिस्ट्रार डॉ. संदीप छाबड़ा, श्री रोहित शर्मा, डॉ. अनिरूद्ध भारद्वाज व काउसिल के अन्य सदस्य व डॉक्टर भी उपस्थित थे।

चंडीगढ़, 28 नवंबर – मातृभूमि संदेश बी डी कौशिक। धर्मक्षेत्र-कुरुक्षेत्र की सामाजिक और धार्मिक संस्थाओं के सहयोग से ही पूरे विश्व में अंतर्राष्ट्रीय गीता महोत्सव 2021 महोत्सव की महक पहुंचेगी। इस पावन धरा पर होने वाली दीपोत्सव की रोशनी पूरे विश्व का मार्गदर्शन करेगी।

एक सरकारी प्रवक्ता ने आज यह जानकारी देते हुए बताया कि इसी उद्देश्य को जहन में लेकर अंतर्राष्ट्रीय गीता महोत्सव 2021 का आयोजन किया जा रहा है और इस महोत्सव का थीम आजादी के अमृत महोत्सव पर आधारित होगा।

उन्होंने कहा कि अंतर्राष्ट्रीय गीता महोत्सव-2021 के मुख्य कार्यक्त्रम 9 से 14 दिसंबर 2021 तक होंगे। 9 दिसंबर को मुख्य कार्यक्त्रम के उद्घाटन अवसर पर गीता यज्ञ व गीता पूजन का आयोजन किया जाएगा। अहम पहलू यह है कि इस वर्ष महोत्सव में दीपोत्सव, संत सम्मेलन, सांस्कृतिक कार्यक्त्रम, अंतर्राष्ट्रीय गीता सेमिनार, गीता मैराथन, 48 कोस तीर्थों की प्रदर्शनी, विश्व गुरु भारत, विभिन्न विभागों की राज्य स्तरीय प्रदर्शनी और आजादी के अमृत महोत्सव की प्रदर्शनी के साथ-साथ आनलाईन प्रतियोगिताएं मुख्य आकर्षण का केन्द्र रहेंगी।

उन्होंने कहा कि 2 नवंबर से 19 दिसंबर तक शिल्प व सरस मेला, सांध्यकालीन आरती, 9 दिसंबर से 14 दिसंबर तक गीता पुस्तक मेला, रंगोली, हरियाणा पैवेलियन, आरती स्थल पर भजन संध्या का आयोजन किया जाएगा। इसी प्रकार, 10 दिसंबर को अंतर्राष्ट्रीय गीता सेमिनार, आनलाईन गीता श्लोक उच्चारण, प्रातर् कालीन सांस्कृतिक कार्यक्त्रम, सांध्यकालीन सांस्कृतिक कार्यक्त्रम और 11 दिसंबर को अंतर्राष्ट्रीय गीता सेमिनार, ज्योतिसर में सांस्कृतिक कार्यक्त्रम, सांध्यकालीन सांस्कृतिक कार्यक्त्रम होगा। आगे, 12 दिसंबर को ज्योतिसर में गीता पाठ, संत सम्मेलन पुरुषोत्तमपुरा बाग, सांध्यकालीन सांस्कृतिक कार्यक्त्रम, 13 दिसंबर को ऑनलाइन माध्यम से गीता संसद, ज्योतिसर में गीता पाठ, गीता क्विज प्राइज वितरण समारोह श्रीकृष्ण संग्रहालय, सांध्यकालीन सांस्कृतिक कार्यक्त्रम और 14 दिसंबर को ज्योतिसर में गीता पाठ, ज्योतिसर व सन्निहित सरोवर पर गीता यज्ञ, गीता के 18 अध्यायों के श्लोकों का 55 हजार विद्यार्थियों द्वारा आनलाईन माध्यम से सामूहिक उच्चारण, कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय में 48 कोस तीर्थ सम्मेलन का आयोजन, 48 कोस तीर्थों पर दीपोत्सव, गीता शोभा यात्रा, पुरुषोतमपुरा बाग में महाआरती व दीपदान कार्यक्त्रम, सांध्यकालीन सांस्कृतिक कार्यक्त्रमों का आयोजन किया जाएगा।

स्टार्टअप इंडिया योजना ने दी युवाओं के हौसलों को उड़ान – डॉ बनवारी लाल

सहकारिता मंत्री डॉ. बनवारी लाल ने नगर पालिका परिसर बावल में क्षेत्र के लोगों के साथ सुनी प्रधानमंत्री के मन की बात

चंडीगढ़, 28 नवंबर – मातृभूमि संदेश बी डी कौशिक। हरियाणा के सहकारिता, अनुसूचित जाति एवं पिछड़ा वर्ग कल्याण मंत्री डा. बनवारी लाल ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी का मन की बात कार्यक्त्रम सदैव युवा पीढ़ी के लिए प्रेरणा देने का कार्य करता है।

सहकारिता मंत्री डॉ बनवारी लाल ने रविवार को नगर पालिका परिसर बावल में पार्टी कार्यकर्ताओं व क्षेत्र के लोगों के साथ प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की मन की बात कार्यक्त्रम को सुना। उन्होंने कार्यक्त्रम के उपरांत उपस्थित लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अनेक जनकल्याणकारी योजनाएं चलाई हैं । उन्होंने कहा कि युवाओं को नौकरी लेने वाला नहीं, बल्कि नौकरी देने वाला बनना होगा।

मंत्री ने कहा कि स्टार्टअप इंडिया योजना ने युवाओं के हौसलों को नई उड़ान दी है जिसके तहत अनेक युवाओं को स्वरोजगार प्राप्त हुआ है। उन्होंने कहा कि स्टार्टअप इंडिया कार्यक्त्रम में हरियाणा अग्रणी राज्य के रूप में उभरा है। प्रदेश सरकार युवाओं को सस्ते दर पर ऋण उपलब्ध करा रही है ताकि वह स्वरोजगार अपनाकर आत्मनिर्भरता की ओर अग्रसर हों । उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने इसी उद्देश्य को लेकर स्टार्ट अप इंडिया, मेक इन इंडिया व स्किल इंडिया जैसे कार्यक्त्रम आरंभ किए हैं । युवाओं को खुले मन से अपने कौशल में निखार लाना चाहिए जिसके लिए सरकार ने अनेक कौशल विकास प्रशिक्षण आरंभ किए है।

डॉ बनवारी लाल ने कहा कि आयुष्मान भारत योजना गरीबों के लिए वरदान साबित हुई है, इसके तहत अनेक गरीब लोगों का असाध्य रोगों का इलाज किया गया है और उनको नया जीवन प्राप्त हुआ है। उन्होंने कहा कि व्यक्ति के जीवन में स्वास्थ्य सबसे महत्वपूर्ण है। इसी को लेकर सरकार ने इलाज नहीं करा पाने वाले गरीबों के लिए आयुष्मान कार्ड बनाए गए है। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य विभाग द्वारा लाभार्थियों के आयुष्मान कार्ड बनवाने का कार्य किया जा रहा है ताकि योजना के तहत पात्र व्यक्ति को योजना का लाभ मिल सकें। लाभार्थी देशभर में कहीं भी आयुष्मान भारत योजना के अंतर्गत आने वाले प्राइवेट अस्पतालों में भी उपचार करवा सकते है।

उन्होंने कार्यकर्ताओं से आह्वान करते हुए कहा कि सरकार की कल्याणकारी योजनाओं को जन जन तक पहुंचाने का कार्य करें ताकि आमजन को इन योजनाओं का ज्यादा से ज्यादा लाभ मिल सकें। कोविड-19 को लेकर मंत्री ने कहा कि कोरोना की तीसरी लहर व कोरोना के नए वेरिएंट के खतरे को लेकर प्रदेश सरकार की स्वास्थ्य सेवाएं पूरी तरह सजग है। उन्होंने आमजन को भी नए वेरिएंट से सावधान रहने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि हमें कोरोना के नियमों की सख्ती से पालना करनी होगी।

 

चंडीगढ़, 28 नवंबर – मातृभूमि संदेश बी डी कौशिक। महात्मा ज्योतिबा फुले भारत में महिला शिक्षा के अग्रदूत थे। उन्होंने जाति व्यवस्था के उन्मूलन, महिलाओं और गरीब वर्ग के लोगों को शिक्षित करने के लिए कार्य किया। यह बात हरियाणा के राज्यपाल श्री बंडारू दत्तात्रेय ने आज महात्मा ज्योतिबा फुले की पुण्यतिथि के अवसर पर राजभवन में आयोजित कार्यक्त्रम में उनके चित्र पर पुष्प अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि देते हुए कही।

श्री दत्तात्रेय ने कहा कि ज्योतिबा फुले एक सच्चे राष्ट्रवादी, महान विचारक, जाति विरोधी समाज सुधारक तथा महान लेखक थे। उन्होंने सदैव पिछड़ी जाति, अनुसूचित जाति, गरीब दबे कुचले व वंचित लोगों के कल्याण के लिए कार्य किया। महात्मा फुले ने अपने अनुयायियों के साथ मिलकर अनुसूचित जाति व पिछड़ी जातियों के लिए समान अधिकार प्राप्त करने के लिए सत्यशोधक समाज का भी गठन किया।

श्री दत्तात्रेय ने कहा कि महात्मा फुले का मानना था कि शिक्षा ही मनुष्य के जीवन को श्रेष्ठ बना सकती है इसी उद्देश्य को लेकर उन्होंने गरीब समाज के लोगों को शिक्षित करने का कार्य किया। सबसे पहले उन्होंने अपनी धर्मपत्नी सावित्रीबाई फुले को शिक्षित किया। श्रीमती सावित्री बाई फुले जो भारत की प्रथम महिला अध्यापिका बनी। उन्होंने कहा कि आज की युवा पीढ़ी को ज्योतिबा फुले के संघर्षमयी जीवन से प्रेरणा लेकर गरीब, पिछड़े वंचित लोगों के कल्याण के लिए कार्य करना चाहिए तथा इन लोगों को शिक्षित करने के लिए आगे आना चाहिए। यही महात्मा ज्योतिबा फुले को सच्ची श्रद्धांजलि होगी।

चंडीगढ़, 28 नवंबर – मातृभूमि संदेश बी डी कौशिक। मुख्यमंत्री श्री मनोहर लाल ने कहा कि प्रधानमंत्री स्टार्ट-अप योजना के माध्यम से छोटे व्यवसाय शुरू करने के लिए बैंकों से ऋण मुहैया करवाये जाते हैं इसी तर्ज पर हरियाणा में भी मुख्यमंत्री अंत्योदय परिवार उत्थान योजना के माध्यम से गरीब परिवारों के जीवन स्तर को ऊंचा उठाया जायेगा।

मुख्यमंत्री ने आज यहां प्रेसवार्ता के दौरान एक सवाल का जवाब देते हुए कहा कि इस योजना में छोटे उद्यमियों को बढ़ावा दिया जा सकता है।

एक अन्य सवाल के जवाब में मुख्यमंत्री ने कहा कि कोरोना के नये वेरिएंट को लेकर सरकार पूरी तरह मुस्तैद है । इस संबंध में स्वास्थ्य विभाग द्वारा लगातार मॉनिटरिंग की जा रही है और आपदा प्रबंधन विभाग द्वारा समय समय पर आवश्यक हिदायतें जारी की जा रही हैं। उन्होंने कहा कि गीता जयंती आयोजन को लेकर संबंधित उपायुक्तों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किये जा चुके हैं। सरकार द्वारा आवश्यकतानुसार विशेष कदम उठाये जायेंगे।

एक अन्य जवाब में उन्होंने कहा कि एचपीएससी की भर्ती में बेहतर मैकेनिज्म के लिए जो भी अच्छे सुझाव आयेंगे उन्हें लागू करने पर विचार किया जायेगा। उन्होंने कहा कि मिशन मेरिट के तहत ग्रुप सी व डी की भर्तियों में इंटरव्यू खत्म किया तथा जिन परिवारों में सरकारी नौकरी नहीं है उन्हें 5 अतिरिक्त अंक देने का निर्णय लिया है इससे प्रदेश के अनेक परिवारों को सीधा लाभ मिला है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार ने भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाने के लिए कारगर कदम उठाये हैं । किसी भी विभाग या एसएससी में भ्रष्टाचार के बारे में शिकायत मिलती है तो कोई भी उसकी सूचना विजिलेंस या पुलिस को दी जा सकती है। इसके अलावा सिविल कोर्ट में भी इसकी जानकारी दी जा सकती है।

उद्यमता की भावना बढ़ाने व स्वरोजगार से जोड़ने के लिए प्रदेश भर में लगाए जाएंगे अंत्योदय ग्राम उत्थान मेले – मुख्यमंत्री

चंडीगढ़ , 28 नवंबर – मातृभूमि संदेश बी डी कौशिक। हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री मनोहर लाल ने कहा है कि परिवार पहचान पत्र योजना के तहत एक लाख रुपये से कम आय वाले लगभग 1 लाख 50 हजार परिवारों में उद्यमता की भावना बढ़ाने व स्वरोजगार से जोड़ने के साथ-साथ सरकार की जनकल्याणकारी नीतियों का लाभ देने के लिए खण्ड स्तर पर अंत्योदय ग्राम उत्थान मेलों का आयोजन किया जा रहा है। इसके प्रथम चरण में 29 नवंबर से 25 दिसंबर सुशासन दिवस तक 180 स्थानों पर मेलों में प्रदेश भर के युवाओं की इच्छानुसार व्यवसाय चयन करने का मौका दिया जायेगा।

मुख्यमंत्री आज चंडीगढ़ में एक प्रेसवार्ता को संबोधित कर रहे थे । उन्होंने बताया कि पंक्ति में खड़े अंतिम व्यक्ति के जीवन स्तर को ऊपर उठाने की अपनी महत्वाकांक्षी मुख्यमंत्री अंत्योदय उत्थान योजना क्रियान्वित की गई है इसके तहत सोमवार से प्रदेश भर में अंत्योदय ग्राम उत्थान मेले लगाए जाएंगे ।

मुख्यमंत्री अंत्योदय परिवार उत्थान योजना के पात्र परिवारों की पहचान के लिए विशेष अभियान लांच किया गया जिसमें सवा तीन लाख परिवारों की आय एक लाख रुपये से कम है ऐसे डेढ लाख परिवारों की व्यक्तिगत जानकारी ली गई। उन्होंने कहा कि प्रत्येक जिले के जारी शेड्यूल अनुसार दो या तीन दिन तक लगने वाले इन अंत्योदय ग्राम उत्थान मेलों में व्यापक स्तर पर व्यवसाय व स्वरोजगार के लिए पात्र परिवारों का चयन किया जायेगा। इसके लिए प्रदेश को 272 जोनो में बांटा गया है तथा प्रत्येक जोन पर एक नोडल अधिकारी लगाया गया है। इसके अलावा प्रदेश स्तर के अधिकारियों की भी ड्यूटी लगाई गई है इनमें सामाजिक कार्यकर्ताओं व जनप्रतिनिधियों को भी शामिल किया गया है।

उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री अंत्योदय परिवार उत्थान योजना में परिवार पहचान पत्र (पीपीपी) से सत्यापित डेटा प्राप्त किया गया है और इसके आधार पर राज्य के गरीब परिवारों की पहचान की गई । इस योजना में शिक्षा , कौशल विकास , मजदूरी , स्वरोजगार और रोजगार सृजन के अन्य उपायों का एक पैकेज बनाया गया है। योजना का लक्ष्य शुरू में परिवार की वार्षिक आय कम से कम 1 लाख रुपये और बाद में 1.80 लाख रुपये करना है । राज्य में इस योजना के क्रियान्वयन के लिए राज्य स्तरीय टास्क फोर्स और जिला स्तरीय टास्क फोर्स का गठन किया गया है । राज्य के सभी उपायुक्तों को निर्देश देकर जोनों के लिए नगर आयुक्त, उपमंडल मजिस्ट्रेट, जिला विकास और पंचायत अधिकारी, उप निदेशक पशुपालन , जिला समाज कल्याण अधिकारी , जिला रोजगार अधिकारी , खंड विकास और पंचायत अधिकारियों की अध्यक्षता में जोनल समितियां बनाई गई हैं । इस कार्य में विकास और पंचायत , शहरी स्थानीय निकाय , हरियाणा कौशल विकास मिशन , पशुपालन व डेयरी विकास , ग्रामीण विकास और रोजगार विभाग के अधिकारियों व कर्मचारियों को शामिल किया गया हैं। अंत्योदय ग्राम उत्थान मेलों के दौरान जोनल समिति संबंधित विभागों के अंतर्गत स्वरोजगार , मजदूरी , कौशल विकास आदि से संबंधित विभिन्न योजनाओं के बारे में विस्तार से जानकारी लेंगे और प्रत्येक व्यक्ति के साथ बातचीत के आधार पर समिति प्रत्येक परिवार के उत्थान को सुनिश्चित करने के लिए आगे की कार्रवाई का सुझाव देगी ताकि सालाना 1.80 रुपये लाख की न्यूनतम आर्थिक सीमा तक पहुंचा जा सके ।

मुख्यमंत्री अंत्योदय परिवार उत्थान योजना का लक्ष्य

मुख्यमंत्री ने कहा कि इस योजना का लक्ष्य पंक्ति में खड़े अंतिम परिवार को आगे लाना है इसके लिए 42 योजनाएं चिन्हित की गई हैं जो इन परिवारों की आमदनी बढ़ाने में मददगार होंगी। इनमें पात्रता के लिए एससी,बीसी, महिला, दिव्यांग को प्राथमिकता दी जायेगी। उन्होंने कहा कि स्वरोजगार के लिए कृषि, मत्स्य, पशुपालन व डेयरी जैसे व्यापारिक, औद्योगिक क्षेत्रों में व्यवसाय के साथ-साथ स्किलिंग में निपुण करने के लिए कंप्यूटर, चालक, सिलाई कढाई आदि के प्रशिक्षण भी शामिल है।

उन्होंने कहा कि अभियान के पहले चरण में 50000 से 100000 वार्षिक आय तक के परिवारों को आय दोगुनी तक लेकर जाना है इसके लिए बैंकों का पूरा सहयोग लिया जायेगा। उन्होंने कहा कि मेले के दौरान ही बैंक अधिकारी लोन संबंधी औपचारिकताएं पूरी करेंगे। किसी पात्र व्यक्ति को बैंक गारंटी की आवश्यकता हुई तो उसकी भी मदद सरकार करेगी। इन मेलों में फॉर्म सबमिशन डेस्क भी स्थापित किये गये हैं। दूसरे चरण में जनवरी माह के दौरान इन अंत्योदय ग्राम उत्थान मेलों में मंजूर किये गये ऋण वितरित कर कार्य को अंतिम रूप दिया जायेगा। इस प्रकार सेवाभाव से कार्य करते हुए हर किसी की कठिनाई दूर करके सरकार उनके लिए आमदनी दोगुनी करने के साधन मुहैया करवाने के लिए तत्पर है।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री के मुख्य प्रधान सचिव श्री डी एस ढेसी, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग हरियाणा के प्रधान सचिव श्री विनीत गर्ग, शहरी स्थानीय निकाय के प्रधान सचिव अरुण गुप्ता, मुख्यमंत्री के अतिरिक्त प्रधान सचिव डा अमित अग्रवाल, मुख्यमंत्री अंत्योदय परिवार उत्थान योजना के मिशन निदेशक श्री मंदीप सिंह बराड़ भी उपस्थित रहे।

विश्वविद्यालयों को आत्मनिर्भर बनाने में पूर्व छात्रों का अहम योगदान- राज्यपाल बंडारू दत्तात्रेय

चंडीगढ़, 28 नवंबर – मातृभूमि संदेश बी डी कौशिक। हरियाणा के राज्यपाल तथा चौधरी देवीलाल विश्वविद्यालय, सिरसा के कुलाधिपति श्री बंडारू दत्तात्रेय ने प्रदेश के विश्वविद्यालयों को आत्मनिर्भर बनाने में पूर्व छात्रों से योगदान देने के लिए आगे आने का आह्वान किया । उन्होंने कहा कि पूर्व छात्र अपने मातृ संस्थानों को अपनाये और विश्वविद्यालय के सरकारी अनुदान को शून्य तक ले जाने का लक्ष्य निर्धारित करें।

राज्यपाल श्री बंडारू दत्तात्रेय आज चौधरी देवीलाल विश्वविद्यालय सिरसा के ऑनलाइन ‘पूर्व छात्र मिलन समारोह’ को संबोधित कर रहे थे। इस ऑनलाईन कार्यक्रम में 800 से अधिक प्रतिभागियों ने अपनी उपस्थिति दर्ज की।

पूर्व छात्रों को शिक्षण संस्थान की पूंजी बताते हुए राज्यपाल ने कहा कि सभी विश्वविद्यालयों को एक अलग एलुमनाई सेल बनाना चाहिए और पहले बैच से लेकर अब तक का डेटाबेस बनाना चाहिए। विश्वविद्यालय एवं पूर्व छात्रों के बीच संवाद को बढ़ावा दिया जाना समय की मांग है ताकि पूर्व छात्रों में संस्थान के विकास में योगदान देने का भाव उत्पन्न हो। उन्होंने कहा कि कौशल एवं व्यावसायिक शिक्षा को बढ़ावा देकर आत्मनिर्भर भारत का निर्माण किया जा सकता है और नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति मूल्य आधारित होने के साथ-साथ विद्यार्थियों के संपूर्ण व्यक्तित्व विकास पर केंद्रित है। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य एवं शिक्षा सेवाएं जन सेवा पर आधारित होती हैं। इसलिए विश्वविद्यालयों के प्राध्यापक एवं विद्यार्थी विभिन्न जन कल्याणकारी कार्यों से जुड़कर राष्ट्र निर्माण सुनिश्चित कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि पूर्व छात्रों को स्थानीय मांग के आधार पर शैक्षणिक ढांचा तैयार करवाने में मदद करनी होगी ताकि सुनहरे भारत का निर्माण किया जा सके।

इस अवसर पर दीनबंधु छोटू राम यूनिवर्सिटी ऑफ साइंस एंड टेक्नोलॉजी मुरथल के कुलपति प्रोफेसर राजेंद्र कुमार अनायत ने बतौर विशिष्ट अतिथि शिरकत की और अपने संबोधन में कहा कि पूर्व छात्र किसी भी विश्वविद्यालय की रीढ़ की हड्डी होते हैं और उनके दिखाए गए मार्ग पर चलकर उनके कनिष्ठ आगे बढ़ते हैं। विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर अजमेर सिंह मलिक ने विश्वविद्यालय की अकादमिक एवं ढांचागत विकास परियोजनाओं का ब्यौरा प्रस्तुत किया। उन्होंने कुलाधिपति श्री बंडारू दत्तात्रेय जी का अपने कीमती समय में से समय निकाल कर विश्वविद्यालय के पूर्व छात्रों को आशीर्वाद देने और विश्वविद्यालय के विकास के लिए मार्गदर्शन करने पर धन्यवाद किया।

इस अवसर पर विश्वविद्यालय के एलुमनी एसोसिएशन के निदेशक प्रोफेसर सुरेंद्र सिंह ने मुख्य अतिथि का स्वागत किया जबकि एसोसिएशन के सचिव डा. अमित सांगवान ने धन्यवाद किया।

राज्यपाल ने किया चौधरी देवीलाल विश्वविद्यालय के न्यूजलेटर का विमोचन

चंडीगढ़, 28 नवंबर – मातृभूमि संदेश बी डी कौशिक। हरियाणा के राज्यपाल तथा चौधरी देवीलाल विश्वविद्यालय सिरसा के कुलाधिपति बंडारू दत्तात्रेय ने कहा कि लोकतंत्र के अंदर मीडिया की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। मीडिया सरकार तथा जनता के मध्य कड़ी का कार्य करता है। केंद्र तथा राज्य सरकार की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं को जन-जन तक पहुंचाने में भी मीडिया का अहम योगदान होता है। भारतीय लोकतंत्र को सुदृढ़ करने में भी प्रेस की अग्रणी भूमिका है।

ये विचार उन्होंने हरियाणा राजभवन में चौधरी देवीलाल विश्वविद्यालय सिरसा के पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग द्वारा तैयार किए गए चौधरी देवी लाल यूनिवर्सिटी न्यूज़लेटर के पहले अंक का विमोचन करने के उपरांत व्यक्त किए। इस अवसर पर विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर अजमेर सिंह मलिक न्यूज़लेटर के संपादक एवं विश्वविद्यालय के निदेशक जनसम्पर्क डॉ अमित सांगवान भी उपस्थित थे।

राज्यपाल ने कहा कि नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति भी विद्यार्थियों को व्यवहारिक रूप से दक्ष करने पर जोर देती है इस प्रकार के प्रयोग करके विद्यार्थियों को व्यवहारिक रूप से दक्ष किया जा सकता है। उन्होंने कुलपति विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर अजमेर सिंह मलिक को विश्वविद्यालय के विकास से सम्बंधित अनेक टिप्स दिये और कहा की नवीन रोजगारोन्मुखी पाठ्यक्रम प्रारम्भ कर के युवाओं के अंदर कौशल को विकसित किया जा सकता है और सशक्त तथा आत्मनिर्भर भारत का निर्माण किया जा सकता है।

इस अवसर पर विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर अजमेर सिंह मलिक ने चौधरी देवीलाल विश्वविद्यालय सिरसा में विद्यार्थी हित के लिये उठाई गई अनेक पहल कदमियों के बारे बताया। उन्होंने कहा कि चौधरी देवीलाल न्यूज़लेटर पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग के विद्यार्थियों को व्यवहारिक रूप से दक्ष करने के उद्देश्य से निकाला गया है। विभाग के प्राध्यापकों की देखरेख में यह न्यूज़लेटर निकाला जायेगा। इस न्यूज़लेटर के अंदर विश्वविद्यालय में हो रहे विभिन्न प्रकार के कार्यक्रमों की जानकारी विद्यार्थी रिपोर्टरों द्वारा डाली जाएगी।