मुख्यमंत्री से बस्तर की सोसायटियों को भी धान उपार्जन के नुकसान की भरपाई के लिए एकमुश्त क्षतिपूर्ति सहायता राशि देने का आग्रह*

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नई दिल्ली /मातृभूमि संदेश न्यूज नेटवर्क/ छत्तीसगढ़ /जगदलपुर बस्तर /छत्तीसगढ़ कृषक कल्याण परिषद के सदस्य श्री जानकी राम सेठिया ने छत्तीसगढ़ में खरीफ विपणन वर्ष 2021-21 में सहकारी समितियों को धान उपार्जन में हुए नुकसान से बचाने के लिए मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल द्वारा 250 करोड़ रूपए की एकमुश्त सहायता राशि दिए जाने की घोषणा के लिए उनका आभार जताया है। श्री सेठिया ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल के इस निर्णय से सोसायटियों के नुकसान की भरपाई हो सकेगी और सोसायटियां समर्थन मूल्य पर धान खरीदी के लिए सक्षम होंगी। श्री सेठिया ने मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल से सोसायटियों को नुकसान से बचाने के लिए घोषित 250 करोड़ रूपए के विशेष पैकेज का लाभ बस्तर जिले की सोसायटियों को भी दिए जाने का आग्रह किया है। श्री सेठिया ने कहा कि बीते वर्ष समर्थन मूल्य पर धान उपार्जन में बस्तर जिले के 48 उपार्जन केन्द्रों में धान का विलंब से उठाव, सूखत आदि कारणों से लगभग 13 हजार क्विंटल धान का शार्टेज हुआ है। इसकी एकमुश्त क्षतिपूर्ति सहायता राशि देने से सोसायटियों आर्थिक रूप से सक्षम होंगी।

कृषक कल्याण परिषद के सदस्य श्री सेठिया ने बस्तर जिले के सभी विधायकगणों से भी नुकसान वाली सोसायटियों को एकमुश्त क्षतिपूर्ति राशि का लाभ दिलाने के लिए मुख्यमंत्री से आग्रह करने की अपील की है। श्री सेठिया ने बीते वर्ष धान उपार्जन में केन्द्रवार धान के नुकसान एवं सूखत की मात्रा की जानकारी विधायकगणों को दी है और उनसे अपील की है कि वे इसके लिए मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल से विशेष रूप से आग्रह करें कि बस्तर जिले की सोसायटियों को नुकसान से बचाने के लिए एकमुश्त क्षतिपूर्ति सहायता राशि दी जाए। उन्होंने बताया कि बस्तर जिले के 48 उपार्जन केन्द्रों में, जहां धान का सूखत एवं अन्य कारणों से नुकसान हुआ था, वहां के सहकारी बैंक के प्रबंधक द्वारा उसकी भरपाई उपार्जन केन्द्रों के कर्मचारियों से दबाव डालकर की गई। उपार्जन केन्द्रों में कार्यरत कर्मचारियों ने इसके लिए साहूकारों एवं बैंकों से कर्ज लेना पड़ा है और वह कर्जदार हो गए हैं।

श्री सेठिया का कहना है कि राज्य के अधिकांश जिलों की सोसायटियों में धान उपार्जन में नुकसान एवं सूखत की मात्रा अत्यधिक थी। वहां उपार्जन केन्द्र के कर्मचारियों से इसकी वसूली नहीं की गई। यहां तक के सोसायटी के कर्मचारी हड़ताल करने लगे। बस्तर जिले में उपार्जन केन्द्रों के कर्मचारी बैंक मैनेजर के दबाव में आकर कर्ज लेकर धान के नुकसान की भरपाई भी किए और आगे भी शासन-प्रशासन के प्रति अपना सहयोगात्मक रूख रखा। इस स्थिति को देखते हुए बस्तर के जिन कर्मचारियों से नुकसान की भरपाई के लिए राशि वसूल की गई है, उन्हें मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल द्वारा घोषित विशेष पैकेज का लाभ मिलना चाहिए और उन्हें राशि वापस लौटाया जाना चाहिए। इससे बस्तर में धान उपार्जन की व्यवस्था में लगे कर्मचारियों को राहत मिलेगी और उनका मनोबल बढ़ेगा। श्री जानकीराम सेठिया ने बताया कि बस्तर विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष श्री लखेश्वर बघेल, विधायक श्री चंदन कश्यप, संसदीय सचिव श्री रेखचंद जैन ने भी मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल से बस्तर जिले की सोसायटियों के नुकसान की भरपाई के लिए एकमुश्त क्षतिपूर्ति सहायता राशि देने के लिए आग्रह करने की बात कही है।