हरियाणा सरकार की मुख्य गतिविधियां एवं उनसे जुड़े समाचार पढ़िए मातृभूमि संदेश न्यूज नेटवर्क पर।

-किसानों पर दर्ज केस वापिस करवाने के लिए करेंगे केंद्र से बातचीत – उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला

-किसानों के संघर्ष की जीत, खेती को लाभकारी बनाने के लिए केंद्र और राज्य सरकार प्रयासरत – दुष्यंत चौटाला

चंडीगढ़, 20 नवम्बर – बी डी कौशिक मुख्य संपादक मातृभूमि संदेश न्यूज नेटवर्क।
हरियाणा के उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला ने तीन नए कृषि कानूनों को वापस लेने के फैसले का स्वागत करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आभार व्यक्त किया है। साथ ही उन्होंने कहा कि आंदोलन के दौरान हरियाणा, पंजाब, दिल्ली में दर्ज मामलों को वापस लेने के लिए वे केंद्र सरकार से बातचीत करेंगे। डिप्टी सीएम शुक्त्रवार को नई दिल्ली में मीडिया से रूबरू थे।

डिप्टी सीएम ने कहा कि आंदोलन के दौरान लोगों पर दर्ज हुए केस, इनमें जो गैर घातक गतिविधि के मामले है, उन्हें वापस करवाने का प्रयास रहेगा। उन्होंने कहा कि पंजाब, हरियाणा, दिल्ली में दर्ज जो मामले ज्यादा संगीन नहीं है, उन्हें वापस लिया जाने चाहिए और जो मामले संगीन है उन पर कोर्ट फैसला करें। दुष्यंत चौटाला ने कहा कि वे इसके लिए केंद्र से बातचीत करेंगे।

दुष्यंत चौटाला ने कहा कि पावन प्रकाश पर्व पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने किसानों के लंबे संघर्ष को देखते हुए सराहनीय निर्णय लिया है और यह किसानों के संघर्ष की जीत है। उन्होंने केंद्र से उम्मीद जताई की कि केंद्र सरकार कृषि क्षेत्र से जुड़ी अन्य समस्याओं को दूर करके किसानी को और बेहतर, फायदेमंद बनाने की दिशा में कार्य करेगी।

उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला ने कहा कि किसानों का यह संघर्ष इसलिए भी लंबा चला क्योंकि कानूनों के लाभ के बारे अच्छे से प्रचार नहीं हो पाया और इसकी वजह से इन नये कानूनों की छवि कठोर कानून के रूप में बन गई। दुष्यंत चौटाला ने कहा कि यह बात स्वयं प्रधानमंत्री ने मानी कि कानूनों को लेकर समझाने में कमी रही और इसके लिए उन्होंने माफी भी मांगी, जो कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बड़प्पन को दिखाता हैं।

दुष्यंत चौटाला ने यह भी कहा कि किसानों के लिए एमएसपी सुनिश्चित करने में हरियाणा प्रदेश देश में सबसे आगे है। उन्होंने कहा कि हरियाणा में 13 फसलों की निर्धारित एमएसपी पर खरीद होती है। भावांतर भरपाई योजना के तहत 17 बागवानी फसलों के नुकसान की भरपाई हरियाणा सरकार करती है। वहीं बाजरे की फसल को लेकर अन्य किसी भी राज्य ने अतिरिक्त पैसा किसानों को नहीं दिया जबकि हरियाणा में प्रदेश सरकार ने 600 रुपए प्रति क्विंटल के हिसाब से भावांतर भरपाई योजना के तहत किसानों को पैसा दिया और फसल बेचने से पहले किसानों को उसका लाभ पहुंचाया।

सभी किसान संगठनों को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आभार प्रकट करना चाहिए-अनिल विज

चंडीगढ़ 19 नवंबर – मातृभूमि संदेश बी डी कौशिक। हरियाणा के गृह एवं स्वास्थ्य मंत्री श्री अनिल विज ने कहा कि आज श्री गुरु नानक देव जी के प्रकाश उत्सव के पावन पर्व पर प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी द्वारा की गई एक अहम घोषणा का किसानों को स्वागत करना चाहिए।

श्री विज ने ट्वीट करके कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी की श्री गुरु नानक देव जी के प्रकाश उत्सव पर तीनों कृषि कानूनों को वापस लेने की घोषणा पर सभी किसान संगठनों को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी का आभार प्रकट करना चाहिए और अपने धरने तुरंत उठाकर अपने अपने घरों को जाकर अपने नियमित कामों में लगना चाहिए ।

 

पीएम नरेन्द्र मोदी निरन्तर किसानों के कल्याण को सजग – सहकारिता मंत्री

चंडीगढ़, 19 नवंबर – मातृभूमि संदेश बी डी कौशिक। हरियाणा के सहकारिता मंत्री डा. बनवारी लाल ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी द्वारा देश के किसानों के हित में कृषि कानून बनाने का फैसला लिया था और आज किसान व देश हित में ही फैसला लेते तीनों कृषि कानून संबंधी बिल वापस लेने का निर्णय लेकर किसान भावनाओं का सम्मान किया है।

रेवाड़ी के विभिन्न गांवों में आयोजित जनसभाओं में सहकारिता मंत्री डॉ. बनवारी लाल ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी सदैव किसानों के कल्याण के लिए सजग रहे हैं और उन्होंने किसानों की आय दोगुनी करने के लिए अनेक योजनाएं क्त्रियांवित की हैं, जिनका किसानों को पूरा लाभ मिल रहा है। प्रधानमंत्री ने शून्य बजट आधारित कृषि को बढ़ावा देने, देश की बदलती जरूरतों के अनुसार फसल पैटर्न बदलने और एमएसपी को अधिक प्रभावी और पारदर्शी बनाने के लिए समिति के गठन की भी घोषणा की है जिससे निश्चित तौर पर किसानों की आर्थिक स्थिति और अधिक मजबूत होगी और उनकी आय में बढ़ोतरी होगी।

उन्होंने विभिन्न स्थानों धरनों पर बैठे किसान भाइयों से अपील करते हुए कहा कि वह धरने समाप्त करके अपने घरों को वापस लौटे और नियमित दिनचर्या में लग जाएं

चंडीगढ़, 19 नवंबर – मातृभूमि संदेश बी डी कौशिक। हरियाणा की महिला एवं बाल विकास राज्यमंत्री कमलेश ढांडा ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा गुरु पर्व के अवसर पर तीन कृषि कानूनों को वापस लेने के निर्णय पर आभार व्यक्त किया।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार द्वारा निरंतर किसानों की आर्थिक मजबूती के लिए कदम उठाए गए, जिसके सकारात्मक परिणाम भी हमारे सामने हैं। अब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा कृषि कानूनों को लेकर किसानों के ऐतराज एवं उनकी भावना का सम्मान करते हुए इन कानूनों को वापस लेने का ऐलान करके बड़ा दिल दिखाया है। उन्होंने विभिन्न धरनों पर बैठे किसान भाईयों को वापस घर लौटने की अपील भी की है।

श्री गुरु नानक देव जी के प्रकाशोत्सव पर गृह मंत्री अनिल विज ने गुरुद्वारा साहिब में माथा टेका

चंडीगढ़, 19 नवंबर – मातृभूमि संदेश बी डी कौशिक। हरियाणा के गृह मंत्री अनिल विज ने पहली पातशाही श्री गुरु नानक देव जी के प्रकाशोत्सव पर संगत को संबोधित करते हुए कहा कि ‘मेरी एक-एक सांस जनता द्वारा दी हुई है और मैं अपनी हर सांस लोगों की सेवा में लगाऊंगा’।

आज प्रकाशोत्सव पर गृह मंत्री अनिल विज ने अम्बाला छावनी के पंजाबी और गोबिंद नगर गुरुद्वारा साहिब में माथा टेककर गुरु महाराज का आशीर्वाद लिया और संगत को इस पावन पर्व की लख-लख बधाईयां दी। दोनों गुरुद्वारा साहिब कमेटी के पदाधिकारियों ने गृह मंत्री अनिल विज को सिरोपा व तलवार भेंट किए ।

संगत को संबोधित करते हुए गृह मंत्री अनिल विज ने कहा कि गुरु महाराज के आशीर्वाद से ही वह अम्बाला में विकास कार्य करवा रहे हैं। वह तो केवल एक माध्यम बने हैं और गुरु महाराज की कृपा के बिना कुछ नहीं हो सकता।

गृह मंत्री विज ने प्रकाशोत्सव की संगत को बधाई देते हुए कहा कि श्री गुरु नानक देव जी ने समूचे विश्व को मानवता की राह दिखाई। गुरु जी ने कहा है कि परमात्मा एक है और वह कण-कण में विराजमान है। उन्होंने मानवता को राह दिखाने के लिए कई यात्राएं की और दुनिया के कोने-कोने में जाकर लोगों को जागृत किया। उनके बताए मार्ग पर चलकर करोड़ों-अरबों लोगों ने अपने जीवन को सफल किया। हमें आज भी उनके बताए रास्ते पर चलने की जरुरत है। उनके दिखाए रास्ते आज भी लोगों को ठीक रास्ते पर चलने, अच्छे कर्म करने, अच्छे संस्कार पर चलने के लिए प्रेरित करते हैं।

गृह मंत्री ने कहा कि सारे विश्व व हिंदुस्तान में आज का दिन बड़ी उम्मीदों, विश्वास, आस्था, श्रद्धा के साथ मनाया जा रहा है। उन्होंने एक बार पुनर् संगत को प्रकाशोत्सव की बधाई दी।

गृह मंत्री ने लंगर बांट गुरुघर में सेवा की

प्रकाशोत्सव पर पंजाबी गुरुद्वारा साहिब में पंगत में बैठी संगत को लंगर बांटकर गुरुघर में सेवा भी की।

चंडीगढ़, 19 नवम्बर – मातृभूमि संदेश बी डी कौशिक। हरियाणा के खेल एवं युवा मामले राज्य मंत्री सरदार संदीप सिंह ने श्री गुरु नानक देव जी के पावन प्रकाशोत्सव के अवसर पर श्री करतारपुर साहिब पहुंच कर माथा टेका। खेल मंत्री के साथ सिखों का जत्था भी श्री करतारपुर साहिब के पवित्र स्थान पर पहुंचा।

इस दौरान खेल राज्य मंत्री संदीप सिंह ने कहा कि श्री करतारपुर साहिब कॉरिडोर को दोबारा शुरू करके प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने दुनिया भर में बसे सिखों और नानक नाम लेवा संगत का मान बढ़ाया है। इस कॉरिडोर के शुरू होने से दोनों देशों के संबंधों में भी सुधार आएगा। खेल मंत्री ने कहा कि सरकार सभी वर्गों को पूरा मान सम्मान दे रही है। श्री गुरु तेग बहादुर साहिब के 400वें साला प्रकाश पर्व को भी भव्य रूप में मनाने की घोषणा करके सरकार ने दुनिया भर में बसे सिखों का मन जीत लिया है। गौरतलब है कि पूरे एक साल आठ महीनों के बाद भारत के गृह मंत्रालय ने करतारपुर साहिब कॉरिडोर को खोलने की अनुमति दी है।

श्री गुरु नानक देव जी के प्रकाश पर्व पर प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी द्वारा तीनों कृषि कानूनों को वापस लेने की घोषणा पर खेल राज्य मंत्री संदीप सिंह ने कहा कि विपक्ष के कुछ दलों और कुछ लोगों द्वारा भ्रमित किए जाने के चलते किसान नए कृषि कानूनों का फायदा नहीं समझ पाए। लेकिन लोकतंत्र में जन भावना ही सर्वोपरि होती हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जन भावनाओं की कद्र करते हुए कानून वापसी का निर्णय लिया है ताकि शांति का माहौल कायम रह सके। लेकिन सरकार किसानों और कृषि क्षेत्र की आय बढ़ाने के लिए लगातार वचनबद्ध और प्रयासरत रहेगी।

झज्जर में बनेगा स्वामी ओमानंद सरस्वती के नाम पर विशाल पुरातत्व संग्रहालय

मुख्यमंत्री ने संग्रहालय के निर्माण के लिए एचएसवीपी भूमि देने की दी स्वीकृति

स्वामी ओमानंद द्वारा संरक्षित पुरातात्विक धरोहरों को इस विशाल संग्रहालय में किया जाएगा प्रदर्शित

चंडीगढ़, 19 नवंबर – मातृभूमि संदेश बी डी कौशिक। हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री मनोहर लाल ने स्वामी ओमानन्द सरस्वती पुरातत्व संग्रहालय समिति, गुरुकुल झज्जर के प्रतिनिधियों के साथ आज बैठक करते हुए झज्जर में एक विशाल संग्रहालय के निर्माण के लिए एचएसवीपी भूमि देने के प्रस्ताव को स्वीकृति प्रदान कर दी है। इस संग्रहालय में स्वामी ओमानन्द द्वारा संरक्षित पुरातात्विक महत्व की लगभग 2 लाख वस्तुओं को प्रदर्शित किया जाएगा।

बैठक में स्वामी ओमानन्द सरस्वती पुरातत्व संग्रहालय समिति, गुरुकुल के आचार्य विजय पाल और श्री विरजानंद देवकर्णी शामिल हुए।

उल्लेखनीय है कि गुरुकुल झज्जर पुरातत्व संग्रहालय प्रदेश के लिए गौरव का स्थान है। यह हरियाणा का सबसे बड़ा संग्रहालय है। देश के विभिन्न हिस्सों से प्राचीन वस्तुओं को एकत्र करने में स्वामी ओमानंद सरस्वती की प्रतिबद्धता और प्रयासों से यह संग्रहालय 1959 में अस्तित्व में आया था।

मौजूदा संग्रहालय में दुर्लभ सिक्कों, मृण्मूर्ति, मूर्तियां, पांडुलिपियां आदि का अनूठा और अतुलनीय संग्रह है। इन धरोहरों को पिछले कई दशकों के दौरान गुरुकुल झज्जर द्वारा दुनिया भर से एकत्र किया गया है और इस प्रकार राज्य सरकार ने इस राष्ट्रीय धरोहर को भावी पीढ़ी के लिए संरक्षित करने और

इस अद्वितीय विरासत को प्रदर्शित करने के लिए एक नया संग्रहालय बनाने का फैसला किया है।

इस अवसर पर नगर एवं ग्राम आयोजना एवं शहरी संपदा विभाग के प्रधान सचिव श्री ए. के. सिंह, हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण, पंचकूला, के मुख्य प्रशासक श्री अजीत बालाजी जोशी भी मौजूद रहे।

कृषि कानूनों को वापिस लेने के निर्णय ने एक बार फिर प्रधानमंत्री के उदार चरित्र को उजागर किया है- मनोहर लाल

किसानों से अपील, अपना आंदोलन खत्म कर अपने घरों को लौटे- मनोहर लाल

चंडीगढ़, 19 नवंबर – मातृभूमि संदेश बी डी कौशिक। हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री मनोहर लाल ने गुरुपर्व के शुभ अवसर पर आज प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी द्वारा तीन कृषि कानूनों को वापिस लेने की घोषणा का स्वागत करते हुए कहा कि इन कानूनों को वापिस लेने के निर्णय ने एक बार फिर प्रधानमंत्री के उदार चरित्र को दिखा दिया है और वास्तव में इस निर्णय से प्रधानमंत्री का कद और बड़ा हो गया है।

आज यहां अपने आवास पर मीडिया को संबोधित करते हुए श्री मनोहर लाल ने कहा कि लगभग सवा साल पहले केंद्र सरकार किसानों विशेषकर छोटे और सीमांत किसानों के लाभ के लिए तीन नए कृषि कानून लेकर आई थी। किसानों ने इन कृषि कानूनों का स्वागत किया था, परंतु कुछ किसानों को किसी कारणवश यह कानून लाभदायक नहीं लगे और वे किसान लगभग 11 महीनों से दिल्ली की सरहदों पर बैठे हैं । आज समाज हित, किसान हित को देखते हुए प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने इन तीन कृषि कानूनों को वापस लेने की घोषणा करके अपने उदार दिल का प्रदर्शन किया है ।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री द्वारा कृषि कानूनों को वापस लेने का निर्णय यह दर्शाता है कि जब भी जनकल्याण की बात आती है, तो वह जनता के हित को सर्वोपरि रखते हुए इस तरह के निर्णय लेने से भी पीछे नहीं हटते हैं और उन्होंने आगामी संसदीय सत्र में इन कानूनों को वापस लेने की घोषणा की है। मैं मानता हूं कि इस निर्णय से वास्तव में उनका कद और बड़ा हो गया है।

दिल्ली की सीमाओं पर बैठे किसानों से आग्रह करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि वे अपना धरना तुरंत खत्म करें और अपने घरों को लौट जाएं। इस आंदोलन से आम आदमी को भी काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। अब इस मुद्दे के प्रति सकारात्मक रवैया अपनाया जाना चाहिए।

किसानों द्वारा एमएसपी से संबंधित मांगों पर मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री ने कहा है कि इस संबंध में जल्द ही एक कमेटी का गठन किया जाएगा, जिसमें किसानों के प्रतिनिधि, राज्यों सरकारों के प्रतिनिधि और वैज्ञानिक भी शामिल होंगे। मुझे उम्मीद है इस संबंध में भी निर्णय जल्द ही लिया जाएगा।

किसान अब परेशान न हों, प्रधानमंत्री के प्रति विश्वास बनाए रखें

किसानों के खिलाफ दर्ज मामलों को वापस लेने के संबंध में पूछे गए एक सवाल के जवाब में श्री मनोहर लाल ने कहा कि जिस मामले में आपसी समझ बनती है तो कई विषयों पर विचार किया जाता है। कुछ मामले सामान्य होते हैं जबकि कुछ गंभीर धाराओं में भी दर्ज किए जाते हैं। अब अपनी ओर से भी सार्थक पहल की जाएगी और किसी भी प्रकार के विवाद को आगे नहीं बढ़ने दिया जाएगा।

उन्होंने कहा, ‘‘हरियाणा को इस आंदोलन के बड़े प्रभाव का सामना करना पड़ा है और इस एक वर्ष के दौरान मैंने प्रधानमंत्री, वरिष्ठ नेताओं और यहां तक कि किसान यूनियन के साथ भी कई बैठकें की हैं। प्रारंभ में इस मुद्दे पर किसानों के साथ 11 औपचारिक बैठकें हुई थी। इसके बाद, कई अनौपचारिक बैठकों भी हुई और केंद्र को इन बैठकों के संदेश भी साझा किये गए। मुझे लगता है कि हमारे द्वारा किए गए प्रयासों ने भी आज लिए गए इस निर्णय में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।’’

किसान यूनियनों द्वारा प्रधानमंत्री के प्रति अविश्वास दिखाने के संबंध में एक प्रश्न का उत्तर देते हुए कहा मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री द्वारा आज की गई घोषणा पर निश्चित रूप से मिली-जुली प्रतिक्त्रिया मिली है। कुछ ने इसके लिए उनकी सराहना की है, जबकि अन्य अभी भी संतुष्ट नहीं हैं। उन्होंने कहा कि किसानों से आग्रह करूंगा कि वे अब चिंता न करें और प्रधानमंत्री की घोषणा पर भरोसा रखें।

श्री मनोहर लाल ने कहा कि विपक्ष ने भी प्रधानमंत्री पर भरोसा दिखाया है, लेकिन अगर अभी भी कुछ लोग अफवाहें फैला रहे हैं और इस कल्याणकारी निर्णय पर अविश्वास दिखा रहे हैं तो यह बहुत दुर्भाग्यपूर्ण है।

इस फैसले को चुनाव से जोड़ना तर्कसंगत नहीं

प्रधानमंत्री द्वारा इन कानूनों को वापिस लिए जाने की घोषणा के संबंध में एक अन्य प्रश्न के उत्तर में श्री मनोहर लाल ने कहा कि यह फैसला एकदम से नहीं लिया गया है। इस पर काफी समय से बातचीत चल रही है और काफी समय से चल रहे गतिरोध को देखते हुए किसान हित में यह निर्णय लिया गया है। इस फैसले को चुनाव से जोड़ना तर्कसंगत और न्यायसंगत नहीं है। चुनाव आते हैं और चले जाते हैं। निश्चित तौर पर प्रधानमंत्री ने यह फैसला करके बड़ा दिल दिखाया है। उन्होंने एक बार फिर साबित कर दिया है कि वह आम आदमी के नेता हैं।

सरकार ने हमेशा किसानों के हित में कदम उठाए हैं

श्री मनोहर लाल ने कहा कि हरियाणा में किसानों के कल्याण के लिए सरकार ने कई कदम उठाए गए हैं। चाहे हर टेल तक पानी की पहुंच सुनिश्चित करना हो, न्यूनतम समर्थन मूल्य पर फसलों की खरीद, जल संरक्षण योजनाओं के कार्यान्वयन, फसल खराबे की मुआवजे की राशि में वृद्धि, मृदा परीक्षण प्रयोगशालाओं को खोलना इत्यादि। हरियाणा ने निश्चित रूप से अन्य राज्यों के लिए विभिन्न किसान-हितैषी निर्णय लेने के लिए एक उदाहरण स्थापित किया है।

मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर राज्य के लोगों को कार्तिक पूर्णिमा और गुरु नानक देव जी के प्रकाश पर्व की बधाई और शुभकामनाएं दी।

भ्रष्टाचार किसी भी सूरत में पनपने नहीं दिया जाएगा, दोषी के खिलाफ होगी सख्त कार्रवाई – मनोहर लाल

मुख्यमंत्री ने स्कैटिंग गोल्ड मैडलिस्ट वैभव गुलाटी को किया सम्मानित, कहा सरकार की नई खेल नीति से खेलों के प्रति युवाओं का बढ़ा रूझान

चंडीगढ़ 19 नवम्बर – मातृभूमि संदेश बी डी कौशिक। हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री मनोहर लाल ने करनाल में जिले के स्कैटिंग गोल्ड मैडलिस्ट वैभव गुलाटी को मेडल पहनाकर सम्मानित किया और उन्हें आशीर्वाद दिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि हरियाणा सरकार की खेल नीति के कारण युवाओं का खेलों के प्रति रूझान बढ़ा है और प्रदेश के खिलाड़ी राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय स्तर के खेलों में मेडल हासिल करके प्रदेश का गौरव बढ़ा रहे हैं।

बता दें कि वैभव गुलाटी ने पिछले दिनों पंचकूला में आयोजित 35वीं हरियाणा स्टेट स्पीड रोलर प्रतियोगिता में 3 गोल्ड मेडल जीतकर करनाल जिला का नाम रोशन किया है और अब दिल्ली में आयोजित होने वाली नेशनल प्रतियोगिता की तैयारी में जुटे हुए हैं।

गुरु नानकदेव जी सिर्फ सिख पंथ, भारत की ही धरोहर नहीं बल्कि पूरी मानवता के लिए प्रेरणा पुंज

इस दौरान मुख्यमंत्री श्री मनोहर लाल ने मीडिया से बातचीत करते हुए गुरु नानक देव जी के प्रकाश पर्व पर प्रदेश व देश की जनता को बधाई दी। उन्होंने कहा कि गुरु नानक देव जी सिर्फ सिख पंथ, भारत की ही धरोहर नहीं बल्कि पूरी मानवता के लिए प्रेरणा पुंज हैं । गुरु नानक देव जी ने सारी मानवता को किरत करने, नाम जपने, वंड छकने और एक परमेश्वर की बंदगी करने के लिए प्रेरित किया। हमें उनके बताए आदर्श के अनुसार अपना जीवन व्यतीत करना चाहिए और समाज कल्याण में भी अपना योगदान देना चाहिए।

सरकार भ्रष्टाचार पर पूर्णतः रोक लगाने के लिए कृत संकल्प – मुख्यमंत्री

मुख्यमंत्री श्री मनोहर लाल ने एक सवाल के जवाब में कहा कि सरकार भ्रष्टाचार पर पूर्णतः रोक लगाने के लिए कृतसंकल्प है। जहां भी भ्रष्टाचार की शिकायत मिलती है, उस पर सरकार की ओर से तुरंत कार्रवाई अमल में लाई जाती है। यह इसी का परिणाम है कि एचपीएससी के उप सचिव से 1 करोड़ रुपये की बरामदी करके विजिलेंस ब्यूरो ने एक बड़ी कार्रवाई की है। विपक्ष की सरकारों में भ्रष्टाचार चरम सीमा पर रहा, पहले ऐसे लोगों पर सरकार की ओर से कभी कार्रवाई नहीं की जाती थी । उन्होंने आज फिर दोहराया कि भ्रष्टाचार किसी भी सूरत में पनपने नहीं दिया जाएगा और भ्रष्ट आदमी को बख्शा नहीं जाएगा।

मुख्यमंत्री ने सुनी आमजन की समस्याएं

मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने लोक निर्माण विभाग के विश्राम गृह में आम लोगों से मिले और उनकी समस्याओं का निराकरण किया। इस अवसर पर मेयर रेनू बाला गुप्ता एवं मुख्यमंत्री के प्रतिनिधि संजय बठला सहित वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

कलेसर से कालका तक के क्षेत्र को तीर्थाटन व पर्यटन की दृष्टि से किया जाएगा विकसितः मुख्यमंत्री

50 वर्ष के बाद हरियाणा के कोई मुख्यमंत्री पहुंचे कपालमोचन मेले में

चंडीगढ़, 19 नवम्बर – मातृभूमि संदेश बी डी कौशिक। हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री मनोहर लाल ने कहा कि यमुनानगर के कलेसर से पंचकूला के कालका तक के क्षेत्र को तीर्थाटन तथा पर्यटन की दृष्टि से विकसित किया जाएगा। इसी के तहत कपालमोचन मेला क्षेत्र में इन्फ्रास्ट्रक्चर मजबूत किया जा रहा है। मुख्यमंत्री आज देवों, गुरुओं एवं ऋषि मुनियों की पावन धरा पर आयोजित ऐतिहासिक कपालमोचन मेला में शिरकत करने पहुंचे थे। पिछले पचास वर्षों में श्री मनोहर लाल ही ऐसी मुख्यमंत्री हैं जो अनेक मिथकों और अंधविश्वासों को तोड़ कर यहां पहुंचे हैं । अंधविश्वास के चलते सन 1970 के बाद यहां कोई मुख्यमंत्री नहीं आए थे। कुछ दिन पहले जब इन्हें इस पावन-पवित्र स्थान के बारे में इस प्रकार के मिथकों और अंधविश्वास के बारे में पता चला तो इन्होंने इसे तोड़ने का फैसला लिया । इसी के चलते उन्होंने आज यहां सबसे पहले गुरुद्वारा कपालमोचन में मत्था टेका, इसके बाद प्राचीन सफेद गऊबच्छा मंदिर के घाट, ऋणमोचन सरोवर व सूरजकुंड सरोवर पर पूजा-अर्चना की।

कपिल मुनि जी की धरती कपालमोचन में उन्होंने लोगों को गुरुनानक देव के प्रकाशपर्व और देव दीपावली की बधाई देते हुए इस क्षेत्र की धार्मिक व ऐतिहासिक महत्ता बताई। उन्होंने कहा कि पिछले वर्ष कोरोना के कारण कपालमोचन मेला का आयोजन नहीं करवाया जा सका लेकिन इस बार कोविड प्रोटोकॉल को अपनाते हुए मेला का भव्य आयोजन किया गया। जिला प्रशासन द्वारा कम समय में बेहतरीन तैयारी करने पर मुख्यमंत्री ने सराहना की। उन्होंने कहा कि बीती शाम करीब 2 लाख श्रद्धालुओं ने कपालमोचन मेला में आस्था की डुबकी लगाई।

मुख्यमंत्री ने कहा कि इस क्षेत्र का सांस्कृतिक दृष्टि से भी काफी महत्व है। इस जगह गुरु नानकदेव जी और गुरु गोबिंद सिंह जी का आगमन हुआ था। इसे भी ध्यान में रखते हुए हमने इस क्षेत्र के विकास के लिए अनेक कदम उठाए हैं। श्री कपालमोचन तीर्थ के अलावा श्री बद्रीनारायण, श्री माता मंत्रादेवी व श्री केदारनाथ के विकास के लिए श्राइन बोर्ड बनाया गया है। कपालमोचन में 300 लाख रुपये की लागत से भव्य गुरु गोबिंद सिंह युद्ध कला संग्रहालय का निर्माण किया गया है। बिलासपुर-कपालमोचन-दनोरा सड़क को 20 करोड़ 8 लाख 97 हजार रुपये की लागत से चौड़ा व मजबूत किया गया है। जिला यमुनानगर में लिंक रोड कपालमोचन-दनौरा सड़क से भगवानपुर सड़क को 2 करोड़ 58 लाख 4 हजार रुपये खर्च करके चौड़ा किया गया है। इसी प्रकार काटगढ़ से रामपुर गेंडा सड़क पर सोम नदी के ऊपर 6 करोड़ 43 लाख 79 हजार रुपये की लागत से ऊपरगामी पुल का निर्माण किया गया है। राजकीय महाविद्यालय अहड़वाला भवन का 14 करोड़ 13 लाख 50 हजार रुपये की लागत से निर्माण किया गया है।

उन्होंने कहा कि भारतीय संस्कृति को संरक्षित करने और आने वाली पीढि़यों को अपनी समृद्ध परंपराओं से अवगत कराने के लिए कुरुक्षेत्र में हर वर्ष अंतरराष्ट्रीय गीता जयंती महोत्सव मनाया जाता है। इसके साथ-साथ हमारी सरकार ने प्राचीन पावन सरस्वती नदी को पुनः धरा पर लाने और इसके तटों पर स्थित तीर्थों के पुनरूद्वार के लिए सरस्वती विकास बोर्ड का गठन किया है। सरस्वती नदी को पुनः प्रवाहित करने के उद्देश्य से आदिबद्री में 3 सरस्वती सरोवरों एवं बांधों का निर्माण, पेहोवा के निकट सरस्वती वन क्षेत्र, स्योंसर में 2 सरस्वती सरोवरों का निर्माण और सरस्वती नदी की 2 अन्य धाराओं को सरस्वती से जोड़ने का कार्य किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि आज मेला में आए संतों से मिले मांगपत्र के बाद उन्होंने जिला उपायुक्त को एक प्लॉन तैयार करने के निर्देश दिए हैं, जिस पर शीघ्र कार्रवाई शुरू की जाएगी।

अंधविश्वास पर ध्यान नहीं देना चाहिए

कपालमोचन मेला में दर्शन करने के बाद मीडिया द्वारा कपालमोचन मेला में मुख्यमंत्रियों के न आने बारे फैले अंधविश्वास का जवाब देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि मैं ऐसे अंधविश्वास को नहीं मानता। उन्होंने कहा कि मेला शुरू होने से कुछ दिन पहले ही मुझे इस प्रकार की जानकारी मिली थी कि वर्ष 1970 के बाद कोई भी मुख्यमंत्री इस कपालमोचन मेला में नहीं आया है, पहले पंजाब के मंत्री व मुख्यमंत्री भी इस मेले में आते थे। उन्होंने कहा कि आज मैं दो बैठकें रद्द करके इस कार्यक्रम में शिरकत करने आया हूं, इससे पहले भी एक बार दर्शन करके जा चुका हूं। ऐसा ही अंधविश्वास करनाल के मधुबन को लेकर भी माना जाता है। मैं मुख्यमंत्री रहते हुए मधुबन में भी तीन बार अलग-अलग कार्यक्रमों में पहुंचा हूं जबकि पिछले 30 साल से मेरे अलावा कोई दूसरा मुख्यमंत्री मधुबन नहीं गया।

इस मौके पर शिक्षा मंत्री श्री कंवरपाल, अंबाला के सांसद श्री रतनलाल कटारिया, कुरुक्षेत्र के सांसद श्री नायब सैनी, यमुनानगर के विधायक श्री घनश्याम दास समेत कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।