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हरियाणा के मुख्यमंत्री ने प्रशासनिक सचिवों और उपायुक्तों के साथ उच्च स्तरीय बैठक की अध्यक्षता की
एमएफएमबी पर फसलों के सत्यापन, खरीफ खरीद मौसम 2021-22 में फसलों की खरीद की तैयारी जैसे विभिन्न कार्यों की समीक्षा की
मुख्यमंत्री ने फसल अवशेष प्रबंधन पर फोकस करने, जन जागरूकता के लिए व्यापक आईईसी अभियान शुरू करने के दिए निर्देश
खरीफ खरीद मौसम 2021-22 से पहले अतिरिक्त क्रय केंद्रों की व्यवस्था करने के निर्देश
बाजरा की तस्करी पर कड़ी नजर रखने के दिए निर्देश

चंडीगढ़, 18 सितंबर- बी डी कौशिक मुख्य संपादक मातृभूमि संदेश न्यूज नेटवर्क।
हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री मनोहर लाल ने कहा कि विपणन सत्र 2021-22 के दौरान खरीफ फसलों की खरीद के लिए पर्याप्त व्यवस्था सुनिश्चित की जाए ताकि किसानों को अपनी फसल बेचने में कोई परेशानी न हो। इसके अतिरिक्त, उन्होंने अतिरिक्त खरीद केन्द्रों की स्थापना हेतु आवश्यक स्थानों की समय रहते पहचान करने के भी निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री ने मण्डी व्यवस्था को सुदृढ़ करने के संबंध में निर्देश देते हुए कहा कि मंडियों में मजदूरों की उपलब्धता की समय पर व्यवस्था करने के साथ ही पर्याप्त संख्या में ड्रायर्र्स, तराजू, बारदाना, सिलाई मशीन आदि उपलब्ध होना भी सुनिश्चित किया जाये।

मुख्यमंत्री आज यहां वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से उपायुक्तों एवं अन्य संबंधित जिला अधिकारियों के साथ मेरी फसल मेरा ब्योरा के तहत फसलों के सत्यापन, फसलों की खरीद की तैयारी और परिवार पहचान पत्र (पीपीपी) में आय और दिव्यांगों के सत्यापन की समीक्षा के लिए आयोजित बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। बैठक में प्रशासनिक सचिवभी उपस्थित रहे।
खरीद मौसम 2021-22 के दौरान खरीफ फसलों की खरीद 25 सितंबर से शुरू होगी

बैठक के दौरान मुख्यमंत्री को विपणन मौसम 2021-22 के दौरान खरीफ फसलों की खरीद की अवधि के बारे में अवगत कराया गया।

उन्हें बताया गया कि धान की खरीद 25 सितंबर से शुरू होने की संभावना है और यह 15 नवंबर, 2021 तक जारी रहेगी। मक्का, बाजरा और मूंग की खरीद पहली अक्टूबर, 2921 से शुरू होने की संभावना है और यह 15 नवंबर, 2021 तक जारी रहेगी। इसी प्रकार, मूंगफली की खरीद पहली नवंबर से की जाएगी और 31 दिसंबर 2021 तक जारी रहेगी।

मुख्यमंत्री को यह भी बताया गया कि खरीफ फसलों की खरीद भारत सरकार द्वारा घोषित न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर की जाएगी।

बैठक में बताया गया कि खरीफ फसलों की निर्बाध खरीद सुनिश्चित करने के लिए पर्याप्त संख्या में मण्डिय़ों की व्यवस्था की गई है, जिसके तहत धान की खरीद के लिए 199, बाजरा की खरीद के लिए 86, मक्का की खरीद के लिए 19, मूंगफली की खरीद के लिए सात और मूंग की खरीद के लिए 38 मंडियां खोली गई हैं।

अतिरिक्त खरीद केंद्रों व्यवस्था सुनिश्चित की जाए

मुख्यमंत्री ने कहा कि किसानों की सुविधा और फसलों की परेशानी मुक्त खरीद सुनिश्चित करने के लिए यदि आवश्यकता हो तो मंडियों या खरीद केंद्रों की संख्या बढ़ाई जाए।
इसके अतिरिक्त, हर खरीद केंद्र पर बुनियादी सुविधाओं की उपलब्धता भी सुनिश्चित की जाए। सभी संबंधित अधिकारी मार्केट कमेटी के सचिवों और एचएसएएमबी के संबंधित अधिकारियों को उपयुक्त निर्देश जारी करें। इसके अलावा, खरीफ खरीद मौसम 2021-22 के दौरान मंडियों में पुलिस कर्मियों की तैनाती के साथ-साथ खरीद कार्यों की नियमित निगरानी भी सुनिश्चित की जानी चाहिए।
बीपीएल परिवारों को सरसों के तेल का लम्बित भुगतान करने के निर्देश देते हुए श्री मनोहर लाल ने कहा कि इसके लिए विशेष काउंडर खोले जाने चाहिए। उन्होंने कहा कि पात्र परिवार अपने भुगतान के लिए नजदीकी पीडीएस डीपो से भी सम्पर्क कर सकते हैं।
मुख्यमंत्री को बताया गया कि उनके निर्देशानुसार 72 अतिरिक्त खरीद केन्द्र स्थापित किए गए हैं ताकि किसानों को फसल बेचने मेें कोई परेशानी न हो और कार्य के लिए सक्षम युवक भी तैनात किए गए हैं।

स्वच्छता अभियान के लिए सेम एवं जल निकासी के प्रबंधन के लिए समय रहते प्रबंध सुनिश्चित किए जाए
मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि आवासीय क्षेत्रों और खेतों में सेम और जल निकासी से सम्बन्धित समस्याओं का समय रहते समाधान किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि स्वच्छता अभियान को सफल बनाने के लिए फोङ्क्षगंग और आस पास के क्षेत्र में स्वच्छता सुनिश्चित करने के लिए सभी संसाधनों का उपयोग किया जाना चाहिए।
इसके अतिरिक्त उन्होंने निर्देश दिए कि मानसून के दौरान सडक़ों की स्थिति खराब हो जाती है इसलिए सभी सम्बन्धित विभाग 15 दिनों के भीतर खराब सडक़ों की रि-कारपेटिंग से पूर्व खड्डïे भरना सुनिश्चित करें।
मुख्यमंत्री ने उपायुक्तों को शीघ्र गिरदावरी का कार्य पूरा करने के निर्देश दिये ताकि मेरी फसल मेरा ब्योरा पर उपलब्ध सभी डेटासेट से बेमेल डेटा निकाला जा सके।
उन्होंने उपायुक्तों को खरीद के दौरान किसानों की सहायता करने और उनकी शिकायतों को हल करने के लिए मंडी स्तर पर टीमों का गठन करने के भी निर्देश दिये।
श्री मनोहर लाल ने कहा कि खरीद के दौरान फसल क्षेत्र के सत्यापन से संबंधित किसानों की शिकायतों को दूर करने के लिए सप्ताह में दो बार जिला शिकायत निवारण समिति (डीजीआरसी) की बैठक बुलाई जाए और डीडीए डीजीआरसी के सदस्य-सचिव के रूप में उपायुक्त की सहायता करें।
श्री मनोहर लाल ने उपायुक्तों को निर्देश दिए कि एमपीएमवी के तहत लंबित क्षेत्र को कृषि क्षेत्र के पदाधिकारियों से सत्यापित करवाया जाए ताकि पहली किस्त का भुगतान समय पर किया जा सके।
उन्होंने निर्देश दिये कि सभी फसलों के लिए बेमेल आंकड़ों का सत्यापन 21 सितंबर, 2021 तक पूरा किया जाए और इस तरह के बेमेल आंकड़े गांवों में पंचायत घर आदि जैसे विशिष्ट स्थानों पर चिपकाए जाएं। उन्होंने कहा कि इसके लिए 15 सितम्बर, 2021 को विस्तृत एसओपी जारी किया गया है। उन्होंने कहा कि यह कार्य विपणन समितियों के सचिवों और ग्राम सचिवों के माध्यम से किया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि मंडी स्तर पर सुविधा केंद्र स्थापित किए जाएं। मंडी स्तर पर बाजरा के स्टॉक की जांच की जाए। उन्होंने कहा कि विशेष बाजरा पंजीकरण किए जाने के अतिरिक्त अपने डेटा को सही करवाने के इच्छुक बाजरा उत्पादकों की सुविधा के लिए लगभग 700 केन्द्र स्थातिप किए जाने चाहिए।
परालीे जलाने पर रोक के लिए तुरन्त कदम उठाए
मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि उपायुक्त पराली जलाने पर रोक लगाने के लिए तत्काल कदम उठाएं।
दूसरे चरण में आमंत्रित आवेदनों को ग्राम/ब्लॉक एवं उपुमंडल स्तर पर नोडल अधिकारी द्वारा 28 सितम्बर,2021 तक संसाधित किया जाएगा।
राज्य के कोने-कोने में मशीनों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए कटाई कार्यक्रम के लिए प्रयास किए जाएं और इसकी निगरानी ग्राम स्तर के नोडल अधिकारियों द्वारा किए जाने की आवश्यकता है ।
यह सुनिश्चित करने के लिए कि डीएलईसी द्वारा पहले से अनुमोदित मामलों के लिए 25 सितम्बर, 2021 तक मशीनें खरीदी जाएं, मशीन उपयोग डेटा को दैनिक आधार पर www.agriharyana.gov.in पोर्टल पर अपलोड किया जाए। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि हॉट स्पॉट गांवों यानी रेड और येलो जोन पर कम से कम एक सीएचसी स्थापित करने का प्रयास किया जाए।
उन्होंने कहा कि जिला स्तर पर उपायुक्त कार्यालयों पर नियंत्रण कक्ष स्थापित करने के साथ ही पराली की गांठों के भंडारण के लिए पंचायत भूमि उपलब्ध करवाने के प्रयास किए जाए। गौ-शाला/उद्योगों तथा अन्य धान फसल अवशेष उपयोग करने वाले उद्योग आदि के साथ तालमेल स्थापित किया जाए।
मुख्यमंत्री ने कहा फसल अवशेष जलाने के दुष्परिणामों के बारे में किसानों को जागरूक करने के लिए आईईसी गतिविधि और जागरूकता अभियान/शिविरों की शुरुआत की जानी चाहिए। यह सुनिश्चित किया जाए कि रेड और यलो ज़ोन के प्रत्येक गाँव कवर हो। राज्य सरकार की प्रोत्साहन योजना के बारे में जागरूकता पैदा की जाए और उनहें बताया जाए कि www.agriharyana.gov.in पोर्टल पर पंजीकरण कर गांठें बनाकर फसल अवशेष प्रबंधन के लिए 1000 रुपये प्रति एकड़ दिए जाते हैं। इसके अतिरिक्त, ग्राम स्तरीय/ब्लॉक स्तर/जिला स्तरीय प्रवर्तन दल एवं मोबाईल स्क्वाड का गठन किया जाए।

जिला मिलिंग कमेटी

मुख्यमंत्री को अवगत कराया गया कि प्रत्येक जिले के लिए उपायुक्त की अध्यक्षता में जिला मिलिंग कमेटी का गठन किया गया है। एफसीआई सहित खरीद एजेंसियों के जिला प्रमुख और राइस मिलर्स एसोसिएशन द्वारा नामित राइस मिलर्स के दो नामित सदस्य इसके सदस्य हैं और जिला खाद्य एवं आपूर्ति नियंत्रक इसके सदस्य सचिव हैं।
बैठक में बताया गया कि खरीद मौसम प्रारंभ होने के पूर्व जिला आवंटन कमेटी द्वारा पात्र चावल मिलों का ऑनलाइन पंजीयन, सूची की जांच, आवंटित राइस मिलों की सूची जारी करना और आबंटित मिल मालिक द्वारा अनुबंध पर हस्ताक्षर एवं प्रतिभूति जमा करवाना आदि सुनिश्चित किया जायेगा।

परिवार पहचान पत्र डेटाबेस में आय सत्यापन

मुख्यमंत्री को अवगत कराया गया कि वर्तमान में जिलों में आय सत्यापन के दो चरण चल रहे हैं। लगभग छ: महीने पहले शुरू किए गए पहले चरण में लगभग 92 प्रतिशत परिवारों का सत्यापन पूरा हो चुका है और दूसरे चरण में 28 प्रतिशत कार्य पूरा कर लिया गया है।

उन्हें बताया गया कि दोनों चरणों के कार्य को 30 सितंबर, 2201 तक पूरा करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।

परिवार पहचान पत्र डेटाबेस में दिव्यांग सत्यापन के लिए विशेष सॉफ्टवेयर
मुख्यमंत्री को अवगत कराया गया कि नागरिक संसाधन सूचना विभाग (सीआरआईडी) ने दिव्यांग अम्ब्रेला योजनाओं के तहत लाभ के पात्र दिव्यांग नागरिकों के सत्यापन के लिए एक सॉफ्टवेयर मॉड्यूल विकसित किया है।
मुख्यमंत्री को बताया गया कि मॉड्यूल परिवार पहचान पत्र डेटाबेस में व्यक्तियों की दिव्यांग स्थिति के डेटा का सत्यापन करता है। इसमें संबंधित सीएमओ के रिकॉर्ड में उपलब्ध हरियाणा के दिव्यांग निवासियों के केडेटा के डिजिटलीकरण (डेटा प्रविष्टि के माध्यम से) के लिए एक सबमॉड्यूल भी हैै।
मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि परिवार उत्थान योजना का सर्वेक्षण तुरन्त किया जाए। सीएमओ और ऑपरेटरों को आवश्यक प्रशिक्षण प्रदान किया गया है। संबंधित अतिरिक्त उपायुक्तों के समन्वय से सीआरआईडी द्वारा ऑपरेटरों को उपलब्ध कराया गया है और यह कार्य 30 सितंबर, 2021 तक पूरा होने की संभावना है।

मेरी फसल मेरा ब्योरा पर 7.5 लाख किसान पंजीकृत

मुख्यमंत्री को अवगत कराया गया कि एमएसपी पर उपज की बिक्री और सरकार की विभिन्न योजनाओं के तहत प्रोत्साहन राशि प्राप्त करने के लिए मेरी फसल मेरा ब्योरा (एमएफएमबी) पर पंजीकरण अनिवार्य है। मेरी फसल मेरा ब्योरा पोर्टल 31 अगस्त, 2021 को बंद कर दिया गया था और एमएमएफबी पर पंजीकरण की स्थिति रिपोर्ट के अनुसार 22 जिलों में 46,98,781 एकड़ क्षेत्र के पंजीकरण के साथ कुल 7,50,949 किसान पंजीकृत हैं, जबकि 88,92,329 एकड़ को कृषि योग्य संचयी क्षेत्र के रूप में पंजीकृत किया गया है। इस प्रकार, 22 जिलों में कुल पंजीकरण लगभग 52.82 प्रतिशत है।
बैठक में बताया गया कि खरीफ 2021 में फसलों के लिए पंजीकरण खरीफ 2020 की तुलना में बढ़ गया है और धान में 114 प्रतिशत, मक्का 115 प्रतिशत, मूंग, अरहर, उड़द सहित खरीफ दलहन 214 प्रतिशत, मूंगफली, तिल, अरंडी सहित खरीफ तिलहन 222 प्रतिशत, बागवानी फसलें 319 प्रतिशत और चारा 84 प्रतिशत बढ़ा है। इसी तरह, पिछले वर्ष की तुलना में किसानों की संख्या में मक्का में 116 प्रतिशत, खरीफ दलहन में 201 प्रतिशत, खरीफ तिलहन में 199 प्रतिशत और बागवानी में 222 प्रतिशत की वृद्धि हुई है।

मुख्यमंत्री ने निर्देश दिये कि एमएमएफबी पर सभी लंबित शिकायतों का जल्द से जल्द समाधान किया जाए।
बैठक में मुख्य सचिव श्री विजय वर्धन, मुख्यमंत्री के मुख्य प्रधान सचिव श्री डी.एस. ढेसी, रोजगार विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव श्री वी. एस. कुण्डू, बिजली विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव श्री पी.के.दास, स्कूल शिक्षा विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव श्री महावीर सिंह, कृषि एवं किसान कल्याण विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव डॉ. सुमिता मिश्रा, खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव श्री अनुराग रस्तोगी, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव श्री वी. उमाशंकर, इलैक्ट्रॉनिक्स, सूचना प्रौद्योगिकी एवं संचार विभाग के प्रधान सचिव श्री वनीत गर्ग, उद्योग एवं वाणिज्य विभाग के प्रधान सचिव श्री विजेन्द्र कुमार, मुख्यमंत्री के अतिरिक्त प्रधान सचिव एवं सूचना, जन सम्पर्क एवं भाषा विभाग के महानिदेशक डॉ. अमित अग्रवाल, मुख्यमंत्री की उप प्रधान सचिव श्रीमती आशिमा बराड़ और कृषि एवं किसान कल्याण विभाग के महानिदेशक श्री हरदीप सिंह भी उपस्थित थे।

चण्डीगढ़ 18 सितम्बर- मातृभूमि संदेश बी डी कौशिक। हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री मनोहर लाल ने कहा कि प्रशासनिक अधिकारियों से समाज व जनता को बहुत अपेक्षाएं होती हैं इसलिए बेहतर कार्य करते हुए सरकार के ध्येय अनुसार अंत्योदय की भावना से कार्य करेें। उन्होंने कहा कि वे जनता की अपेक्षाओं पर खरा उतरते हुए लोगों को लाभ पहुंचाना सुनिश्चित करें।
मुख्यमंत्री आज यहां एचसीएस 2020 बैच के अधिकारियों की बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सिविल सर्विस का यह सबसे बड़ा बैच है और सरकार ने मेरिट के आधार पर सभी अधिकारियों का चयन किया है। उन्होंने कहा कि कठिन कोविड काल में ज्वाईन करते हुए उन्हें कठिनाइयां झेलनी पड़ी और इन कठिनाइयों में उनकी स्वत: ट्रैनिंग हुई है जिससे उन्हें आगे कार्य करने में आसानी होगी। सिविल सर्विस अधिकारी अपनी मजबूत इच्छा शक्ति और नैतिक दायित्व के साथ ईमानदारी से कार्य करें। मुख्यमंत्री ने कहा कि कार्य के प्रति इनिसिएटिव लेने का प्रयास करें और कार्य मेें पूर्णता की ओर बढ़े। उन्होंने कहा कि अच्छी शुरूआत उन्हें सुनहरे भविष्य की ओर लेकर जाएगी।
मुख्मयंत्री ने कहा कि परिवार पहचान पत्र सरकार की महत्वाकांक्षी योजना है। इस योजना से इस वर्ष एक लाख गरीब परिवारों के जीवन में सामाजिक और आर्थिक खुशहाली आएगी। इस योजना के तहत 64 लाख परिवारों की वेरिफिकेशन का कार्य किया जा रहा है। इसके अतिरिक्त, जन्म प्रमाण पत्र, मृत्यु प्रमाण पत्र, विवाह प्रमाण पत्र आदि को भी पीपीपी से जोड़ा जाएगा। इसके बाद यह प्रमाण पत्र बनकर लोगों को उनके घर में उपलब्ध करवाए जाएंगेे। उन्होंने कहा कि पैंशन योजना को भी पीपीपी से जोड़ा जाएगा, जिस लाभार्थी की आयु 60 साल हो जाएगी, उसकी स्वत: ही पैंशन मंजूर हो जाएगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि मेरी फसल मेरा ब्यौरा योजना में हरियाणा की प्रत्येक एकड़ भूमि का साल में दो बार रजिस्ट्रेशन किया जाना है। सरकार का लक्ष्य किसानों की फसल का मूल्यांकन कर उनकी आमदनी को दोगना करना है। स्वामित्व योजना में भी गांवों के लोगों को भू-मालिक होने के प्रमाण पत्र दिए जाएंगे। म्हारा गांव जगमग गांव योजना के तहत प्रदेश के लगभग 5500 गांवों में 24 घण्टे बिजली दी जा रही है। शेष गांवों को भी आगामी वर्ष तक इस योजना से जोड़ा जाएगा। उन्होंने कहा कि इस योजना के लिए ग्रामीणों को बिजली बिल भरने के लिए प्रेरित किया जा रहा है।

फिल्ड का अनुभव होना आवश्यक
मुख्यमंत्री ने कहा कि समाज हित के कार्य सीखने के लिए हर सिविल अधिकारी को फिल्ड का अनुभव होना जरूरी है। एचसीएस अधिकारियों की खण्ड विकास एवं पंचायत अधिकारी के पद पर हुई नियुक्ति को लेकर मुख्यमंत्री ने कहा कि उनके मन में यह विचार नहीं आना चाहिए कि उन्हें कौन सा कार्य मिला है। कुछ समय पहले आईएएस अधिकारियों को भी प्रशिक्षण के दौरान बीडीपीओ लगाया जाता रहा है। बीडीपीओ के जिम्मे गांवों का विकास होता है और यह पद उनमें निपुणता लाएगा तथा निपुणता ही बेस्ट आफिसर बनाती है। उन्होंने कहा कि अपनी कार्यशैली में सुधार करते हुए सिविल सर्विस के हरफनमौला बनेें।
मुख्यमंत्री ने सिविल सर्विस अधिकारियों के साथ अपने अनुभव एवं सुझाव भी सांझा किए। इस मौके पर मुख्यमंत्री के मुख्य प्रधान सचिव श्री डी एस ढेसी, मुख्यमंत्री के अतिरिक्त प्रधान सचिव डा. अमित अग्रवाल, मुख्यमंत्री की उप प्रधान सचिव श्रीमती आशिमा बराड़, कार्मिक प्रशिक्षण के विशेष सचिव श्री अशोक कुमार मीणा सहित सिविल सर्विस अधिकारी मौजूद रहे।

चंडीगढ़, 18 सितम्बर- मातृभूमि संदेश बी डी कौशिक। हरियाणा के राज्यपाल श्री बंडारू दत्तात्रेय ने कहा कि शोधकार्यों में प्रयोगशालाओं तथा बेहतर संसाधनों का भरपूर उपयोग करने के लिए सभी विश्वविद्यालय उपलब्ध सुविधाओं के आधार पर दूसरे विश्वविद्यालयों के साथ एम.ओ.यू. साइन करें ताकि विद्यार्थी और शोधार्थी शिक्षा की नवीनतम शोध, तकनीकों व जानकारियों से अपडेट रह सकें।
श्री दत्तात्रेय आज यहां राजभवन में पंजाब विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. राजकुमार से विश्वविद्यालय में उपलब्ध ढांचागत सुविधाओं, संसाधनों और विशेषज्ञों से सम्बन्धित विषयों पर चर्चा कर रहे थे।
उन्होंने कहा कि नवीनतम शोध और शैक्षणिक तकनीकों से हरियाणा और चण्डीगढ़ के छात्रों को लाभ होगा। श्री दत्तात्रेय ने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति के उद्देश्यों के अनुरूप सभी विश्वविद्यालय आगे बढ़ेंगे और नए पाठ्यक्रम तैयार करने व उन्हें लागू करने में तीव्रता आएगी।
इस शिष्टाचार मुलाकात में पंजाब विश्वविद्यालय के कुलपति ने शिक्षा के विभिन्न क्षेत्रों, शोधकार्यों, खेलों इत्यादि के लिए हरियाणा के विश्वविद्यालयों के साथ कार्य करने की इच्छा जताई। उन्होंने कहा कि पंजाब विश्वविद्यालय परिसर में नवीनतम प्रयोगशालाएं, रिसोर्स पर्सन उपलब्ध हैं, जिनका विभिन्न क्षेत्रों में लाभ लिया जा सकता है। उन्होंने कहा कि पंजाब विश्वविद्यालय में अपनी तरह का देश का श्रेष्ठतम नीति अनुसंधान केन्द्र स्थापित है, जिसका राज्य सरकार के उपक्रमों, सार्वजनिक क्षेत्रों व विभिन्न विभागों से सम्बन्धित प्रशिक्षण सुविधाओं में लाभ लिया जा सकता है।
कुलपति ने बताया कि पंजाब विश्वविद्यालय परिसर में इंडोर व आउटडोर खेलों से सम्बन्धित सभी तरह की उम्दा किस्म के संसाधन हैं। इन सभी सुविधाओं का हरियाणा के खिलाड़ी लाभ ले सकते हैं। उन्होंने कहा कि हरियाणा के युवाओं में खेलों का जनून व जज्बा है, इसी कारण प्रदेश के खिलाडिय़ों ने ओलम्पिक व पैरालम्पिक व विभिन्न खेल प्रतियोगिताओं में देश और प्रदेश का नाम रोशन किया है। उन्होंने कहा कि पंजाब विश्वविद्यालय चण्डीगढ़ व हरियाणा के विश्वविद्यालय मिलकर काम करेंगे तो शिक्षा के क्षेत्र में सकारात्मक परिणाम आएंगे।

उपराष्ट्रपति एम. वेंकैया नायडू रविवार को करेंगे गुरुग्राम का दौरा, दो कार्यक्रमों में लेंगे हिस्सा।
-दोनों कार्यक्रमों की तैयारियों को प्रशासन ने दिया अंतिम रूप, आयोजन स्थलों पर सुरक्षा रहेगी चाक-चौबंद
– इन कार्यक्रमों का यू-ट्यूब पर होगा सीधा प्रसारण, इच्छुक लोग घर बैठे भी जुड़ पाएंगे कार्यक्रमों से।
-दीनबंधु सर छोटू राम के लेख व भाषणों पर आधारित पुस्तकों का उपराष्ट्रपति करेंगे विमोचन तथा पैरालंपिक खेलों में भाग लेने वाले खिलाडिय़ों को करेंगे सम्मानित।
चंडीगढ़, 18 सितंबर- मातृभूमि संदेश बी डी कौशिक। देश के उपराष्ट्रपति श्री एम. वेंकैया नायडू 19 सितंबर रविवार को गुरुग्राम में दो कार्यक्रमों में शिरकत करेंगे। इन दोनों कार्यक्रमों की तैयारियों को आज गुरुग्राम में प्रशासनिक व पुलिस अधिकारियों द्वारा अंतिम रूप दिया गया। कार्यक्रम स्थलों पर सुरक्षा व्यवस्था सहित मेहमानों की सुविधा का खास तौर पर ध्यान रखा जा रहा है जिसे लेकर उच्च अधिकारियों की ड्यूटी लगाई गई है।
ये दोनों कार्यक्रम जिला गुरुग्राम में दो अलग-अलग स्थानों पर आयोजित किए जा रहे हैं। पहला कार्यक्रम सैक्टर-44 स्थित अपैरल हाउस में प्रात: 11 बजे आयोजित किया जाएगा, जहां पर उपराष्ट्रपति द्वारा दीनबंधु सर छोटूराम के लेख व भाषणों पर आधारित पुस्तकों के 5 वॉल्यूम का विमोचन किया जाएगा। इस अवसर पर हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री मनोहर लाल के अलावा अन्य नेतागण भी उपस्थित रहेंगे। प्रत्येक अधिकारी व कर्मचारी को उनकी ड्यूटी के बारे में स्पष्ट दिशा-निर्देश देते हुए उन्हें जिम्मेदारी से काम करने के लिए कहा गया।
सैक्टर-44 में कार्यक्रम स्थल में प्रवेश से लेकर ऑडिटोरियम में अतिथियों के बैठने तक की व्यवस्थाओं का बारीकी से अध्ययन किया गया है। इस कार्यक्रम में आमंत्रित व्यक्ति की ही प्रवेश की अनुमति है। इसके प्रसारण को लेकर यू-ट्यूब लिंक भी तैयार किया गया है जिससे आमजन इस कार्यक्रम से यू-ट्यूब के लिंक- https://youtu.be/qGZzBXWI7N8 के माध्यम से भी जुड़ सकता है। जैसे ही प्रात: 11 बजे ये कार्यक्रम ऑडिटोरियम में शुरू होगा, कोई भी व्यक्ति इस लिंक पर क्लिक करके इससे जुड़ सकता है। आमंत्रित व्यक्तियों की संख्या बढऩे की आशा को ध्यान में रखते हुए ऑडिटोरियम के साथ वाले हॉल में भी दो एलईडी स्क्रीन लगाई गई हैं, जहां पर बैठकर वे ऑडिटोरियम में हो रहे कार्यक्रम को देख पाएंगे। वीवीआईपी व वीआईपी मेहमानों के लिए पार्किंग की व्यवस्था अलग से होगी जबकि अन्य मेहमानों के लिए आयोजन स्थल से बाहर मेन गेट के सामने पार्किंग बनाई गई है।
उपराष्ट्रपति का दूसरा कार्यक्रम सैक्टर-23 स्थित नॉर्थ कैप यूनिवर्सिटी में आयोजित किया जा रहा है, जहां पर पैरालंपिक खेलों में देश का प्रतिनिधित्व करने वाले हरियाणा के खिलाडिय़ों को सम्मानित किया जाएगा। यह कार्यक्रम दोपहर 2:30 बजे शुरू होगा। पैरालंपिक खेलों में हरियाणा के 19 खिलाडिय़ों ने भाग लिया था, जिनमें से 6 ने पदक जीतकर देश की झोली में डालें। ओलंपिक व पैरालंपिक में गोल्ड, सिल्वर व ब्रांज पदक जीतने वाले हरियाणा के खिलाडिय़ों को प्रदेश सरकार क्रमश: 6 करोड़ रुपये 4 करोड़ रुपये तथा 2.5 करोड़ रुपये की पुरस्कार राशि दे रही है। इस कार्यक्रम का भी सीधा प्रसारण यू-ट्यूब लिंक – https://youtu.be/fry6R2r9jt0 के माध्यम से किया जाएगा। इस कार्यक्रम में खेल एवं युवा कार्यक्रम मंत्री संदीप सिंह भी उपस्थित रहेंगे।
कार्यक्रम स्थल के ऑडिटोरियम से कुछ दूरी पर मेहमानों के लिए अलग से दो पार्किंग एरिया बनाए गए हैं। विश्वविद्यालय के साथ में अति विशिष्ट व्यक्तियों तथा मीडिया के लिए पार्किंग निर्धारित की गई है। बाकियों के लिए पार्किंग लगभग 50 मीटर दूर है।

फेमिना मिस इंडिया ग्रैंड मनिका श्योकंद बनी हरियाणा की गुडविल एंबेसडर

– मुख्यमंत्री श्री मनोहर लाल ने सौंपा नियुक्ति पत्र
– जल संरक्षण अभियान के प्रति फैलाएंगी जागरूकता
– मनिका बिना मानदेय के करेंगी काम

चंडीगढ़, 18 सितंबर- मातृभूमि संदेश बी डी कौशिक। फेमिना मिस ग्रैंड इंडिया-2021 मनिका श्योकंद को हरियाणा सरकार ने जल संरक्षण अभियान का गुडविल एंबेसडर नियुक्त किया है। हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री मनोहर लाल ने आज हरियाणा निवास में आयोजित एक कार्यक्रम में सुश्री मनिका श्योकंद को नियुक्ति पत्र और एग्रीमेंट सौंपा।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि आज जल संरक्षण के प्रति जागरूकता फैलाना समय की मांग है। जल के बिना जीवन संभव नहीं है। जैसे समय को कीमती माना जाता है, उसी तरह जल भी बेहद कीमती है। उन्होंने मनिका को इस अभियान के लिए आगे आने पर बधाई दी। साथ ही मुख्यमंत्री ने मनिका को आगामी प्रतियोगिताओं के लिए शुभकामनाएं दी। जल संरक्षण अभियान की गुडविल एंबेसडर नियुक्त की गई मनिका श्योकंद हरियाणा के जींद जिले के उचाना की मूल निवासी हैं और इन्होंने केमिकल इंजीनियरिंग में बीटेक किया है।

किसान की बेटी हूं, जल संरक्षण का महत्व जानती हूं – श्योकंद
मनिका श्योकंद ने कहा कि मैं किसान की बेटी हूं और जल संरक्षण के महत्व को समझती हूं। उन्होंने कहा कि वे हरियाणा सरकार की जल संरक्षण की योजनाओं से बेहद प्रभावित हैं। उन्होंने कहा कि अन्य विरासतों की तरह जल को भी एक विरासत के रूप में मानने की मुख्यमंत्री श्री मनोहर लाल की सोच ने मुझे बेहद प्रभावित किया है।
हरियाणा सरकार की इसी सोच से प्रभावित होकर उन्होंने इस नेक काम मे सहयोग करने के लिए एम्बेसडर के रूप में काम करने का ऑफर दिया था।
उन्होंने कहा कि हरियाणा सरकार द्वारा मुझे जल संरक्षण अभियान का गुडविल एंबेसडर नियुक्त किया जाना, मेरे लिए गर्व का विषय है। मैं हमेशा से पर्यावरण संरक्षण की समर्थक रही हूं। हरियाणा सरकार ने मुझे जल संरक्षण अभियान के लिए नियुक्त किया, इसके लिए मैं मुख्यमंत्री श्री मनोहर लाल का आभार व्यक्त करती हूं।
इस अवसर पर मनिका के माता-पिता भी मौजूद रहे।
इस दौरान मुख्यमंत्री के मुख्य प्रधान सचिव श्री डीएस ढेसी, हरियाणा जल संसाधन प्राधिकरण की चेयरपर्सन श्रीमती केशनी आनन्द अरोड़ा, अतिरिक्त मुख्य सचिव श्री देवेंद्र सिंह, मुख्यमंत्री के अतिरिक्त प्रधान सचिव डॉ. अमित अग्रवाल, उप प्रधान सचिव श्रीमती आशिमा बराड़, सिंचार्ई विभाग के इंजीनियर इन चीफ सतबीर कादियान सहित सिंचाई विभाग के कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

रजिस्ट्री होने के साथ म्युटेशन भी उसी दिन दर्ज होगी
हरियाणा सरकार का बड़ा फैसला
चंडीगढ़ 18 – मातृभूमि संदेश बी डी कौशिक। हरियाणा के वित्तायुक्त और राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव श्री संजीव कौशल ने बताया कि अब हरियाणा में सम्पति या जमीन की रजिस्ट्री होने के साथ म्युटेशन भी उसी दिन दर्ज होगी ताकि लोगों को किसी प्रकार की परेशानी न हो तथा उन्हें कार्यालयों के चक्कर न काटने पड़े।
वे आज वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जिला उपायुक्तों के साथ गांवों को लाल डोरा मुक्त बनाने की दिशा में क्रियान्वित की जा रही स्वामित्व योजना व मॉडर्न रिकॉर्ड रूम की प्रगति कार्यों की समीक्षा कर रहे थे। उन्होंने गिरदावरी के कार्य को बुधवार तक पूरा करने के निर्देश दिए।
उन्होंने सभी राजस्व अधिकारियों को आदेश दिए कि पंजाब राजस्व (हरियाणा संशोधन) अधिनियम, 2020 (हरियाणा अधिनियम संख्या 19,2021) अधिनियम में वैधानिक प्रावधान के अनुसार की बंटवारे की भूमि के संयुक्त सह-साझेदारों को 7 अक्टूबर तक नोटिस जारी करें। यह अधिनियम7 जुलाई को अधिसूचित हुआ जिसके अनुसार 3 महीने के भीतर नोटिस जारी करना अनिवार्य है। उन्होंने जिलों में जाकर चेक करने के लिए राजस्व विभाग के विशेष सचिवों की ड्यूटी भी लगाई।

हरियाणा में अब पानी की चोरी करने वालों पर लगेगी लगाम
मुख्यमंत्री श्री मनोहर लाल ने नहरी पानी के रियल टाइम डाटा सिस्टम का किया लोकार्पण
प्रदेशभर में 90 स्थानों पर स्थापित किया गया आरटीडीएएस

चंडीगढ़, 18 सितंबर- मातृभूमि संदेश बी डी कौशिक। हरियाणा में नहरी पानी की चोरी पर लगाम लगाने के लिए रियल टाइम डाटा एक्विजिशन सिस्टम (आरटीडीएएस) की शुरूआत हो गई है। आज हरियाणा निवास में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान सीएम मनोहर लाल ने इसका लोकार्पण किया। पहले चरण में प्रदेशभर में 90 स्थानों पर आरटीडीएएस को स्थापित किया गया है।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि आज के समय में जल प्रबंधन के लिए तकनीक बेहद आवश्यक है इसलिए आरटीडीएएस की शुरूआत की गई है। उन्होंने कहा कि जल को हम पैदा नहीं कर सकते, उसका केवल प्रबंधन किया जा सकता है। अलग-अलग अध्यनों से तस्वीर उभर कर सामने आ रही है कि यदि इसी तरह जल का दोहन होता रहा तो आने वाले 30 से 35 वर्ष के बाद हमारे प्रदेश में मरूस्थल जैसी स्थिति पैदा होने की आशंका है। इसलिए समय रहते जल प्रबंधन अति आवश्यक है।

उन्होंने कहा कि हरियाणा सरकार ने पिछले वर्ष जल प्रबंधन को लेकर दो वर्षीय योजना बनाई। इसके तहत मेरा पानी-मेरी विरासत योजना को अपनाने वाले किसानों को 7 हजार रुपये प्रोत्साहन राशि देने का काम कर रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि जल जीवन मिशन और अन्य जल प्रबंधन योजनाएं भी हरियाणा सरकार चला रही है। जल संकट पूरे प्रदेश में एक समान नहीं है। कहीं जलस्तर बेहद नीचे है तो कहीं पर बहुत ऊपर है। ऐसे में सिंचाई के लिए सूक्ष्म सिंचाई प्रणाली योजना लागू की गई है ताकि दक्षिण हरियाणा के उन खेतों तक भी पानी पहुंच सके जहां पानी की बेहद किल्लत है।

नहरों में उपलब्ध पानी का होगा डाटा
मुख्यमंत्री श्री मनोहर लाल ने कहा कि नहर में कितना पानी छोड़ा गया और आखिरी टेल तक कितना पानी पहुंचा, इसे अब आरटीडीएएस के माध्यम से पता लगाया जा सकेगा। कहीं बीच में पानी की चोरी हुई हो तो संबंधित अधिकारी को मैसेज जाएगा कि किस कारण से टेल के आखिरी छोर तक पानी कम हुआ है। आरटीडीएएस के माध्यम से विभाग के पास यह डाटा भी उपलब्ध होगा कि नहरों में कितना पानी उपलब्ध है, कितना होना चाहिए और टेल पर कितना पानी पहुंचना चाहिए और कितना पानी पहुंचा।

इस मौके पर हरियाणा जल संरक्षण अभियान की गुडविल एंबेसडर नियुक्त की गई मनिका श्योकंद, मुख्यमंत्री के मुख्य प्रधान सचिव श्री डीएस ढेसी, हरियाणा जल संसाधन प्राधिकरण की चेयरपर्सन श्रीमति केशनी आनंद अरोड़ा, अतिरिक्त मुख्य सचिव श्री देवेंद्र सिंह, मुख्यमंत्री के अतिरिक्त प्रधान सचिव डॉ. अमित अग्रवाल, उपप्रधान सचिव श्रीमति आशिमा बराड़, सिंचाई विभाग के इंजीनियर-इन-चीफ सतबीर कादियान सहित विभाग के कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।

चंडीगढ़, 18 सितंबर- मातृभूमि संदेश बी डी कौशिक। हरियाणा के कौशल विकास एवं औद्योगिक प्रशिक्षण विभाग के मंत्री श्री मूलचंद शर्मा ने कहा कि प्रदेशभर की सभी सरकारी और प्राइवेट आईटीआई में दाखिले के लिए विभाग द्वारा नया पोर्टल तैयार किया गया है। इसे एनआईसी की मदद से तैयार किया गया है। इसकी सबसे खास बात ये है कि इसे परिवार पहचान पत्र (पीपीपी) से जोड़ा गया है, जिसकी मदद से आवेदन करने वाले छात्र और छात्राओं का कम से कम समय खर्च होगा। आवेदक सीधे itiharyanadmissions.nic.in पर आवेदन कर सकते हैं।

उन्होंने कहा कि परिवार पहचान पत्र सीएम श्री मनोहर लाल की एक फ्लैगशिप योजना है। पीपीपी को इस पोर्टल से जोड़ देने की वजह से आवेदक की ज्यादातर डिटेल खुद ही भर जाएंगी। इससे आवेदन करने में कम समय लगेगा। उन्होंने कहा कि प्रदेशभर की 172 सरकारी आईटीआई और 200 प्राइवेट आईटीआई की 86 हजार सीटों के लिए दाखिला होना है। पोर्टल के तैयार होने से लाखों आवेदकों को लाभ मिलेगा।

उन्होंने श्री मूलचंद शर्मा ने पोर्टल को तैयार करने वाली विभागीय टीम की तारीफ करते हुए कहा कि सरकारी संसाधनों व एनआईसी की मदद से इस पोर्टल को मात्र 15 दिन में तैयार किया है। यह पोर्टल आवेदकों के साथ-साथ विभाग के लिए भी मददगार होगा।

आंखें हमारे शरीर का सबसे महत्वपूर्ण अंग, शरीर के अन्य अंगों की तरह आंखों की भी करें विशेष देखभाल – डा. बनवारी लाल
सहकारिता मंत्री ने किया आंखों के अस्पताल का उद्घाटन

चंडीगढ़,18 सितंबर- मातृभूमि संदेश बी डी कौशिक। हरियाणा के सहकारिता, अनुसूचित जाति एवं पिछड़ा वर्ग कल्याण मंत्री डा. बनवारी लाल ने कहा कि आंखें हमारे शरीर का सबसे महत्वपूर्ण अंग हैं, हमारी आंखें एक पल के लिए भी बंद हो जाती हैं तो जीवन में अंधेरा छा जाता है। दृष्टि है तो सृष्टि है, इसलिए हमें शरीर के अन्य अंगों की तरह आंखों की भी अच्छी तरह से देखभाल करनी चाहिए।
उन्होंने यह विचार आज रेवाड़ी में ‘सैंटर फॉर साईट’ आंखों के अस्पताल का दीप प्रज्जवलित कर उद्घाटन करते हुए व्यक्त किए।
उन्होंने अस्पताल संचालक को बधाई देते हुए कहा कि आंखों के बिना जीवन की कल्पना भी नहीं की जा सकती। उन्होंने कहा कि लगातार मोबाइल, टीवी और लैपटॉप में लगे रहने से हमारी आंखें अधिक कमजोर होने लगती हैं। इसलिए हमें इन चीजों का अधिक देर तक प्रयोग नहीं करना चाहिए और आंखों को बीच-बीच में आराम देते रहना चाहिए और आंखों का विशेष ध्यान रखना चाहिए।
उन्होंने कहा कि क्षेत्र में आंखों का अस्पताल खुल जाने से बड़ी आयु के व्यक्ति जो चश्मा नहीं लगवाना चाहते वे भी यहां अपना इलाज करा सकते हैं। उन्होंने कहा कि आंखों की उचित देखभाल व जांच कराकर इसकी कोई भी बीमारी से छुटकारा पाया जा सकता है।
इस अवसर पर उपायुक्त श्री यशेन्द्र सिंह ने भी अस्पताल संचालक को अपनी ओर से हार्दिक शुभकामनाएं देते हुए कहा कि अब रेवाड़ी क्षेत्र के लोगों को आंखों की देखभाल व इलाज के लिए दूर नहीं जाना पड़ेगा और उनके घर-द्वार पर ही यह सुविधा उपलब्ध होगी।