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चंडीगढ़, 17 सितंबर- बी डी कौशिक मुख्य संपादक मातृभूमि संदेश न्यूज नेटवर्क।
हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री मनोहर लाल ने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी को हरियाणा आर्बिटल रेल कोरिडोर के शिलान्यास के लिए निमंत्रित किया है।
हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री मनोहर लाल ने आज नई दिल्ली में प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी से उनके आवास पर मुलाकात की। श्री मनोहर लाल ने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी को उनके जन्मदिन की शुभकामनाएं भी दीं।
प्रधानमंत्री से मुलाकात के उपरांत मीडिया से बातचीत करते हुए हरियाणा के मुख्यमंत्री ने बताया कि 5600 करोड रूपये की लागत से बनने वाले हरियाणा आर्बिटल रेल कोरिडोर के शिलान्यास के लिए प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी को हरियाणा आने के लिए निमंत्रित किया है। शिलान्यास का कार्यक्रम हरियाणा के मानेसर , पलवल या आर्बिटल रेल कोरिडोर मार्ग पर अन्य किसी दूसरे स्थल पर आयोजित किया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री को हरियाणा में किसान आंदोलन की स्थिति, करनाल की घटना व किसान आंदोलन के कारण राजमार्गों को खुलवाने के लिए कई जा रही कार्रवाई बारे भी अवगत करवाया।
मुख्यमंत्री ने बताया कि उन्होने हरियाणा सरकार द्वारा की जा रही नई पहल जैसे परिवार पहचान-पत्र, मेरी फसल-मेरा ब्यौरा, मेरी पानी-मेरी विरासत व आटो अपील साफ्टवेयर के बारे में अवगत करवाया।

अंबाला में बनाया जा रहा ‘आजादी की पहली लड़ाई का शहीद स्मारक’ संभवतः देश का सबसे बड़ा व आधुनिक तकनीक से लैस शहीद स्मारक होगा- गृह मंत्री
स्मारक में विभिन्न प्रदर्शित वस्तुओं के रख-रखाव व मूल्यांकन के लिए पंडित लख्मीचंद स्टेट यूनिवर्सिटी आफ परफोरर्मिंग एंड विज्युल आर्टस के अधिकारियों की एक टीम का होगा गठन
1857 के जानकार इतिहासकारों की कमेटी का भी होगा गठन, अधिसूचना होगी जारी

चंडीगढ़, 16 सितंबर- मातृभूमि संदेश बी डी कौशिक। हरियाणा के गृह, शहरी स्थानीय निकाय एवं स्वास्थ्य मंत्री श्री अनिल विज ने कहा कि प्रथम स्वतन्त्रता संग्राम 1857 की क्रांन्ति के अनसंग असंख्य योद्धाओं व सेनानियों की याद में अंबाला में बनाया जा रहा ‘आजादी की पहली लड़ाई का शहीद स्मारक’ संभवतः देश का सबसे बड़ा व आधुनिक तकनीक से लैस शहीद स्मारक होगा। उन्होंने कहा कि शहीद स्मारक को स्थापित करने के संबंध में विभिन्न विभागों, संस्थाओं तथा विश्वकविद्यालय से संबंधित अधिकारियों की राज्य स्तर की एक कमेटी का गठन किया जाएगा ताकि शहीद स्मारक को तैयार करने की प्रक्रिया को सुव्यवस्थित करते हुए स्मारक को जल्द से जल्द स्थापित किया जा सकें।
श्री विज आज यहां पर अंबाला छावनी में बनाए जा रहे ‘आजादी की पहली लड़ाई का शहीद स्मारक’ के संबंध में अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक कर रहे थे। बैठक में लोक निर्माण विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव श्री आलोक निगम, सूचना एवं जनसंपर्क विभाग के महानिदेशक डाॅ अमित अग्रवाल भी उपस्थित थे।
गृह मंत्री ने कहा कि इस शहीद स्मारक को तैयार करने के लिए इतिहास की पुख्ता वस्तुओं व कहानियों को दिखाने हेतू 1857 से संबंधित इतिहासकारों की एक कमेटी का गठन किया जाएगा जिसमें वे अपने-अपने अध्ययन के अनुसार जो सुझाव देंगें, उन्हें स्मारक में विभिन्न कलाकृतियों, आर्ट, लाईट एंड साऊंड इत्यादि के माध्यम से आंगुतकों के ज्ञान के लिए दर्षाया जाएगा और इसी संबंध में जल्द ही अधिसूचना भी जारी की जाएगी। इसी प्रकार, पंडित लख्मीचंद स्टेट यूनिवर्सिटी आफ परफोरर्मिंग एंड विज्युल आर्टस के अधिकारियों की एक टीम का गठन किया जाएगा ताकि वे स्मारक स्थल का निरीक्षण कर विभिन्न सुझाव राज्य स्तर पर बनाई जाने वाली कमेटी को दे सकें। यह टीम स्मारक में लगाई जाने वाली विभिन्न प्रदर्शित वस्तुओं के रख-रखाव व मूल्यांकन के लिए अपने सुझाव भी देगी। ऐसे ही, स्मारक को शीघ्र स्थापित करने के लिए क्यूरेटर भी नियुक्त किए जाएंगें।
स्मारक अपनी तरह का आधुनिक तकनीक से लैस स्मारक होगा
बैठक में श्री विज को बताया गया कि यह स्मारक अपनी तरह का आधुनिक तकनीक से लैस स्मारक होगा जिसमें आज की आधुनिक डिजीटल तकनीक का इस्तेमाल इतिहास को दिखाने के लिए किया जाएगा। बैठक में बताया गया कि इस स्मारक में तीन भागों में 1857 की क्रांति का पर्दापरण होगा जिसमें पहले चरण के तहत अम्बाला में 1857 की क्रांति कब शुरू हुई थी, कहां से शुरू हुई थी, उसका इतिहास दिखाया जायेगा। दूसरे चरण में हरियाणा में 1857 की क्रांति कहां-कहां लड़ी गई, उसका वर्णन किया जायेगा और तीसरे चरण में हिन्दुस्तान में कहां-कहां आजादी की लड़ाई लड़ी गई, झांसी की रानी, बहादुरशाह जफर के साथ-साथ अन्य क्रांतिकारियों ने अपनी क्या-क्या भूमिका निभाई, उसका भी वर्णन किया जायेगा।
स्मारक में लोगों की सुविधा के लिए इंडोर नेवीगेशन सिस्टम होगा
बैठक में बताया गया कि इस स्मारक में आने वाले लोगों की सुविधा के लिए इंडोर नेवीगेषन सिस्टम होगा जिसके तहत आडियो के माध्यम से आंगुतक को स्मारक में आने खडे होने की जानकारी मुहैया हो पाएगी। इसी प्रकार, 1857 की क्रंाति की इस लड़ाई की योजना को भी डिजीटल तकनीक से दर्षाने का काम होगा और भी बताया जाएगा कि किस प्रकार से 1857 के बाद अगले 90 सालों के लिए स्वतंत्रता का संग्राम लडा गया।
स्मारक में 1857 के काल की आर्थिक, राजनीतिक, प्रषासनिक, धार्मिक व सामाजिक परिस्थितियों का भी व्यापक वर्णन होगा
बैठक में बताया गया कि इस स्मारक में 1857 के काल की आर्थिक, राजनीतिक, प्रषासनिक, धार्मिक व सामाजिक परिस्थितियों का भी व्यापक वर्णन आधुनिक तकनीक के प्रयोग के माध्यम से किया जाएगा। इसी प्रकार, स्मारक में स्थापित किए जाने वाले संग्रहालय में इतिहास से जुडी पुख्ता वस्तुओं को प्रदर्षन होगा क्योंकि संग्रहालय में रखी जाने वाले वस्तुओं से लोगों को सही ज्ञान प्राप्त करने का एक माध्यम भी प्राप्त होता हैं।
स्मारक में डिजीटल संकल्प स्तंभ की भी होगी स्थापना
बैठक में यह भी बताया गया कि हरियाणा व राज्य के कारीगरों को बढावा देने के मदेनजर इस स्मारक में विभिन्न ऐसी वस्तुओं को भी दर्षाया जाएगा जोकि हरियाणा के देहात में विभिन्न कारीगरों द्वारा तैयार की जाती है। स्मारक में डिजीटल संकल्प स्तंभ की भी स्थापना की जाएगी ताकि आने वाले लोग देषभक्ति के प्रति एक संकल्प लेकर जाए। बैठक में बताया गया कि यह संकल्प स्तंभ अपनी तरह का अलग डिजीटल स्तंभ होगा जिसमें विभिन्न प्रकार की लाईटों के प्रकाष का उजाला संकल्प लेते समय निकलेगा। इसी प्रकार, देष-विदेष के चित्रकारों के दुर्लभ चित्र भी स्मारक के दीवारों पर होंगें जिसमें आजादी की पहली लड़ाई के दृष्य होंगें।
स्मारक में ओपन एयर थियेटर भी बनाया जाएगा
बैठक में बताया गया कि स्मारक में ओपन एयर थियेटर भी बनाया जा रहा है कि जिसमें हरियाणा सरकार की उपलब्धियां दिखाई जाएगी और लाईट एंड साऊंड भी होगा।
बैठक में लोक निर्माण विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव श्री आलोक निगम, सूचना एवं जनसंपर्क विभाग के महानिदेशक डाॅ अमित अग्रवाल ने भी अपने-अपने सुझाव दिए। बैठक में गृह मंत्री को एक प्रस्तुति भी दिखाई गई।

हरियाणा में तेजी से वैक्सीनेशन का कार्य जारी- स्वास्थ्य मंत्री
चंडीगढ़, 16 सितंबर- हरियाणा के स्वास्थ्य मंत्री श्री अनिल विज ने कहा कि राज्य में तेजी से वैक्सीनेशन का कार्य जारी है और इसी कड़ी में प्रदेश में अब तक कुल दो करोड़ 60,158 पात्र व्यक्तियों का कोविड-19 का वैक्सीनेशन हो चुका है।
श्री विज ने आज टवीट करके कहा कि हरियाणा ने आज कोविड टीकाकरण के लिए 2 करोड़ का लक्ष्य 1,47,92,987 की पहली डोज और 52,67,220 वैक्सीन की दूसरी डोज के साथ प्राप्त कर लिया है। हरियाणा में 18 वर्ष से अधिक आयु के टीकाकरण के लिए पात्र व्यक्तियों की संख्या 1,90,69,418 है ।
उन्होंने इस संबंध में अधिक जानकारी देते हुए बताया कि कुल पात्र 1,90,69,418 लाभार्थियों में से 18 से 44 वर्श आयु वर्ग के 1,05,67,138 लोगों को वैक्सीनेट किया चुका है। इस श्रेणी में से 87,20,304 लोगों को पहली डोज लगाई गई जोकि 77 प्रतिषत है। इसी प्रकार, 18,46,834 लोगों को दूसरी डोज लगाई जा चुकी है जो कि 16 प्रतिषत है।
श्री विज ने बताया कि इसी प्रकार, 45 से 60 साल की आयु वर्ग के कुल 47,61,715 लाभार्थियों को वैक्सीनेट किया चुका है और जिसमें से 32,06,714 लोगों को पहली डोज लगाई गई जोकि 70 प्रतिषत है। इसी प्रकार, 15,55,001 लोगों को दूसरी डोज लगाई जा चुकी है जो कि 34 प्रतिशत है।
स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि 60 साल से अधिक आयु वर्ग के कुल 37,54,943 लोगों को वैक्सीनेट किया चुका है और जिसमें से 23,62,091 लोगों को पहली डोज लगाई गई जोकि 77 प्रतिषत है। इसी प्रकार, 13,92,852 लोगों को दूसरी डोज लगाई जा चुकी है जो कि 45 प्रतिषत है।
श्री विज ने बताया कि अब तक फं्रटलाईन वर्करों की श्रेणी में 4,88,150 को वैक्सीनेट किया जा चुका है जिसमें से 2,51,519 को पहली डोज लगाई जा चुकी है जोकि 103 प्रतिषत है तथा 2,36,631 को दूसरी डोज लगाई जा चुकी है जोकि 97 प्रतिषत है।
इसी प्रकार, अब तक हैल्थकेयर वर्करों की श्रेणी में 4,88,261 को वैक्सीनेट किया जा चुका है जिसमें से 2,52,359 को पहली डोज लगाई जा चुकी है जोकि 99 प्रतिषत है तथा 2,35,902 को दूसरी डोज लगाई जा चुकी है जोकि 92 प्रतिषत है।

गुरूग्राम जिला के गांव भौंडसी के शहीद तरुण भारद्वाज के परिजनों को सांत्वना देने पहुंचे सीएम मनोहर लाल
’-सरकार की नीति के अनुसार शहीद के परिवार को दी जाएगी आर्थिक सहायता व परिवार के एक सदस्य को नौकरी

चण्डीगढ़ 16 सितंबर- मातृभूमि संदेश बी डी कौशिक। सियाचिन में हिमस्खलन की चपेट में आने से शहीद हुए गुरूग्राम जिला के गांव भौंडसी निवासी तरूण भारद्वाज के परिजनों को सांत्वना देने के लिए आज मुख्यमंत्री श्री मनोहर लाल उनके निवास पर पहुंचे। उन्होंने शोक संतप्त परिवार को हिम्मत बंधवाते हुए कहा कि बेटा तरूण देश के काम आया है, उसकी शहादत पर सभी को गर्व है।
शहीद तरूण के पिता श्री नंद किशोर का धीर बंधाते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार ने शहीदों के लिए नीति बना दी है जिसके अनुसार उनके परिवार को भी आर्थिक सहायता दी जाएगी और परिवार के एक सदस्य को योग्यता अनुसार नौकरी भी मिलेगी। उन्होंने बताया कि वर्तमान राज्य सरकार ने शहीदों के परिवारों को ढूंढ -ढूंढकर 279 व्यक्तियों को नौकरियां दी हैं। इनमें 1971 के भारत पाक युद्ध के शहीदों के परिजन भी शामिल हैं। हरियाणा सरकार द्वारा शहीदों के लिए बनाई गई नीति अनुसार
शहीद के परिवार को ₹50 लाख की आर्थिक सहायता और एक परिजन को नौकरी दी जाती है।
मुख्यमंत्री ने गांव के सामुदायिक केन्द्र का नामकरण शहीद के नाम पर करने की घोषणा करने के साथ कहा कि गांव भौंडसी की पीएचसी का दर्जा बढ़ाकर उसे सीएचसी या छोटा अस्पताल बनाने की संभावनाओं का पता लगाया जाएगा। उन्होंने एक सडक़ का नामकरण भी शहीद तरूण के नाम पर रखने की घोषणा भी की।
मुख्यमंत्री ने तरुण के घर जाकर सर्वप्रथम उनके फ़ोटो पर पुष्प अर्पित कर अपने श्रद्धा सुमन अर्पित किए। तरुण के पिता श्री नंदकिशोर भारद्वाज से पूरी घटना का विवरण लेकर मुख्यमंत्री ने कहा कि यह सामान्य मृत्यु नहीं हैं, यह मां भारती की सेवा में सर्वाेच्च बलिदान है। उन्होंने कहा कि हम सबको तरुण की शहादत पर गर्व है, जिसने इतनी कम उम्र में देश सेवा में अपने प्राण न्यौछावर किए हैं। उन्होंने कहा कि तरुण का यह बलिदान सदैव याद रखा जाएगा। मुख्यमंत्री ने शहीद की माता मंजू देवी से मुलाकात कर उनको ढांढस बंधाते हुए कहा कि आप हिम्मत रखिये, आप एक बहादुर बेटे की मां हैं जिसने मां भारती के लिए अपना बलिदान दिया है। मुख्यमंत्री ने तरुण के परिजनों को आश्वस्त करते हुए कहा कि उनकी हर संभव मदद के लिए सरकार सदैव तत्पर रहेगी।

चण्डीगढ़, 16 सितम्बर- मातृभूमि संदेश बी डी कौशिक। हरियाणा के कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री श्री जे.पी.दलाल ने कहा कि इनलैंड फिश कल्चर में हरियाणा मत्स्य उत्पादकता के क्षेत्र में भारत में 9600 कि.ग्रा. प्रति हैक्टेयर प्रति वर्ष की दर से प्रथम स्थान पर है। प्रदेश में मत्स्य पालन को और अधिक बढाने के लिए सभी जिला मत्स्य अधिकारियों को 31 मार्च, 2022 तक मत्स्य यूनिट स्थापित करने के लक्ष्य दिए गए ।
श्री जे.पी. दलाल ने यह बात आज यहां मत्स्य विभाग के अधिकारियो की समीक्षा बैठक के दौरान कही।
उन्होंने कहा कि मत्स्य विभाग का बजट वर्ष 2014-15 में 6.9 करोड रूपये था जो वर्ष 2021-22 में बढक़र 124.59 करोड रूपये हो गया है। उन्होंने कहा कि मत्स्य पालन के लिए महिलाओं व एससी श्रेणी को 60 प्रतिशत और सामान्य श्रेणी को 40 प्रतिशत की सब्सिडी दी जाती है।
उन्होंने कहा कि वर्ष 2020-21 के दौरान प्रदेश में लगभग 45519 एकड़ भूमि में मत्स्य पालन किया गया है और इसी वर्ष के दौरान 2925.31 लाख मत्स्य बीज संचय किया गया है, जिससे 2.03 लाख टन मत्स्य उत्पादन किया गया है। उन्होंने बताया कि वर्ष 2020-21 के दौरान प्रदेश में 1440 लाख झींगा पालन बीज संचय किया गया है, जिससे 3120 मीट्रिक टन सफेद झींगा उत्पादन किया गया है।
कृषि मंत्री ने कहा कि प्रदेश में वर्ष 2020-21 के दौरान लगभग 1232.50 एकड़ भूमि में झींगा पालन किया गया जबकि पंजाब में 850 एकड़ भूमि में इसका पालन किया गया है। जिसकी तुलना में हरियाणा में झींगा पालन पंजाब से अधिक है। उन्होंने कहा कि केंद्रीय प्रायोजित स्कीम प्रधानमंत्री मत्स्य सम्पंदा योजना के तहत वर्ष 2020-21 के दौरान दो बड़ी पैलेटिड फीड़ मिल प्लांट की स्थापना जिला चरखी दादरी व करनाल में की जा चुकी है।
कृषि मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि पिछले तीन वर्ष में जो फार्म बनाए और कितनी सब्सिडी प्रदान की है उसका अगले दस दिनों में जवाब दिया जाए। इसी प्रकार, पिछले तीन से चार साल में जो यूनिट स्थापित किए गए है, उन यूनिटो में से कितने चल रहे है व कितने बंद है, और जो बंद हुए है उसका क्या कारण रहा है कि रिपोर्ट भी देने को कहा गया है।
उन्होंने विभाग के अधिकारियों को कहा कि मत्स्य पालन पर अच्छा काम करेंगे और समय पर लक्ष्य को हासिल करेंगे तो विभाग की तरफ से उन्हे प्रशंसा पत्र दिया जाएगा। इसके अतिरिक्त, झींगा मत्स्य पालन के लिए कलस्टर बनाकर बताया जाए कि इस पालन के लिए कौन सा क्षेत्र ठीक है ताकि झींगा व मछली पालन को अधिक बढ़ाया जाए।
श्री दलाल ने अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि प्रदेश में मत्स्य पालन किसानों की सुविधा के लिए प्रदेश में एक ऐसा स्थान चिन्हित किया जाए जहां पर मत्स्य मंडी स्थापित की जा सके और किसानों को इस मंडी में अपने उत्पाद लाने में किसी भी प्रकार की दिक्कत न हो, अगर प्रदेश में मत्स्य मंडी स्थापित होगी तो मत्स्य पालन करने वाले किसानों को काफी लाभ मिलेगा।
इस अवसर पर मत्स्य विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव श्री अंकुर गुप्ता व विशेष सचिव श्री रवि प्रकाश गुप्ता और निदेशक प्रेम सिंह मलिक सहित संयुक्त निदेशक मत्स्य, सभी जिला मत्स्य अधिकारी और एचएयू के प्रोफेसर भी मौजूद रहे।

चेयरमैन सुभाष बराला ने ट्यूरिज्म अधिकारियों के साथ बैठक कर हरियाणा में ट्यूरिज्म की संभावनाओं बारे किया विचार विमर्श

चंडीगढ़, 16 सितंबर। मातृभूमि संदेश बी डी कौशिक। हरियाणा सार्वजनिक उपक्रम ब्यूरो के चेयरमैन सुभाष बराला ने हरियाणा में ट्यूरिज्म को बढ़ाने के लिए अधिकारियों के साथ विचार विमर्श किया । नई दिल्ली हरियाणा भवन में अधिकारियों के साथ विचार विमर्श करते हुए चेयरमैन सुभाष बराला ने राज्य में ट्यूरिज्म को बढ़ावा देने के लिए किए जा रहे कार्यों बारे कहा कि हरियाणा में इस क्षेत्र में अनेक संभावनाएं हैं । दिल्ली के साथ हरियाणा की बेहतर कनेक्टिविटी की वजह से यहां पर्यटन की अपार संभावना है। विभाग हरियाणा में पर्यटन के लिए चिन्ह्ति स्थानों का व्यापक प्रचार प्रसार करें। दिल्ली के साथ लगते क्षेत्र का हमें पर्यटन के रूप में लाभ लेना चाहिए।
उन्होंने कहा कि सरस्वती धरोहर विकास बोर्ड द्वारा सरस्वती तीर्थ पिहोवा को विकसित किया जा रहा है। पिहोवा सरस्वती तीर्थ के पास सरस्वती पार्क बनाया जा रहा है। इसका सौंदर्यकरण और ऐतिहासिक महत्व अपने आप में अनूठा है। कुरूक्षेत्र विकास बोर्ड द्वारा भी ऐतिहासिक धरोहरों बारे अनेक विकासत्मक कार्य किए गए है। कुरूक्षेत्र के ब्रह्मसरोवर, ज्योतिसर, 48 कोस क्षेत्र के ऐतिहासिक और धार्मिक स्थलों का पर्यटन विभाग प्रचारित व प्रसारित करें ।

भ्रष्टचारियों पर मनोहर हुए ‘लाल’

दागियों पर फेंका जांच का ‘जाल’

मुख्यमंत्री का ‘एक्शन अगेन्स्ट करप्शन’ हुआ तेज

पब्लिक-डिलिंग’ सीट पर 3 साल से जमे कर्मचारी ‘राडार पर’

चण्डीगढ़, 16 सितंबर – मातृभूमि संदेश बी डी कौशिक। हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री मनोहर लाल ने अपने मिशन ‘एक्शन अगेन्स्ट करप्शन’ की मुहिम को तेज कर दिया है । हालांकि उन्होंने वर्ष 2014 में सत्ता की बागडोर संभालते ही कार्यों में पारदर्शिता लाने के उद्देश्य से भ्रष्टचार के प्रति ‘जीरो टोलरेंस’ की नीति पर काम करते हुए कई विभागों में डिजिटलाइजेशन को बढ़ावा दिया और गरीब वर्ग के लिए लागू की गई कल्याणकारी योजनाओं के लिए आवेदन से लेकर धनराशि मिलने तक सब प्रक्त्रिया को ऑनलाइन कर दिया।

आरंभ से ही मुख्यमंत्री ने चार्जसीटिड-कर्मचारियों व अधिकारियों को ‘पब्लिक-डिलिंग’ के स्थानों से हटाकर हैड-क्वार्टर पर भेजने के आदेश दिए हुए हैं ताकि अपने रोजमर्रा के कार्यों में भ्रष्ट व टरकाऊ किस्म के अधिकारी व कर्मचारियों से प्रदेश की जनता को परेशानी का सामना न करना पड़े।

मुख्यमंत्री ने विकास कार्यों में गुणवत्ता लाने व टैंडर के आवंटन में पारदर्शिता लाने की दिशा में अटल-कदम उठाते हुए सभी विभागों को निर्देश दिए कि 5 करोड़ रूपए से अधिक लागत के विकास कार्यों को वैबसाइट पर डालकर उनके टैंडर ऑनलाइन आमंत्रित किए जाएं, इससे कथित ‘सैटिंगबाज’ ठेकेदारों में खलबली अवश्य मची है परंतु विकास कार्यों में गुणवत्ता का स्पष्ट तौर पर असर देखा जाने लगा है। मुख्यमंत्री के इस निर्णय की राष्ट्रीय स्तर पर भी सराहना हुई है। राज्य सरकार अब इंजीनियरिंग से जुड़े कार्यों के लिए भी एक पोर्टल लांच कर रही है जो कि पारदर्शिता की दिशा में एक और अग्रणी-कदम माना जा रहा है।

हाल ही में मुख्यमंत्री ने दो ऐसे निर्णय लिए हैं जो कि भ्रष्ट व आलसी किस्म के अधिकारियों व कर्मचारियों पर लगाम कसने का काम करेंगे। इनमें एक तो यह है कि वर्षों तक एक ही पद पर जड़ें जमाए बैठे अधिकारियों की ‘कार्य-कुंडली’ खंगाली जाएगी जो कि उनकी बची हुई नौकरी का भविष्य तय करेगी। यही नहीं उन जांच अधिकारियों का भी ‘कच्चा-चिठ्ठा’ तैयार किया जा रहा है जो कि दोषी अधिकारियों के साथ सैटिंग करके जांच-रिपोर्टों पर सर्प-कुंडली मार कर बैठे हैं।

कुछ विभागों में ‘पब्लिक-डिलिंग’ पर कई-कई वर्षों तक जमे कुछ अधिकारियों व कर्मचारियों के खिलाफ जब भ्रष्टचार या कार्य में देरी की शिकायत मुख्यमंत्री तक पहुंची तो वे तुरंत एक्शन में आ गए। उन्होंने मुख्य सचिव के माध्यम से ऐसे अधिकारियों व कर्मचारियों का रिकार्ड एकत्रित करने के निर्देश दिए जो विभिन्न विभागों,बोर्डों व निगमों के प्रधान कार्यालयों और फील्ड कार्यालयों में संवेदनशील प्रकृति के पदों पर लंबे समय से विराजमान हैं। ऐसे ‘जुगाड़ी कर्मचारी’ मुख्यमंत्री के ‘राडार’ पर हैं, अगर कहीं गड़बड़ी मिली तो बख्शने के मूड में भी नहीं हैं।

मुख्यमंत्री के निर्देश पर मुख्य सचिव की ओर से सभी प्रशासनिक सचिवों से यह सुनिश्चित करने को कहा गया है कि वे अपने-अपने विभागों में ऐसे ‘संवेदनशील पदों’ की सूची तत्काल तैयार करें, जिन पदों पर बैठे कर्मचारी/अधिकारी ‘पब्लिक-डिलिंग’, वित्तीय निहितार्थ वाले निर्णय लेने, लाइसेंस प्रदान करने, प्रमाण-पत्र बनाने, स्टोर-आइटम्स की खरीद आदि से संबंधित ‘संवेदनशील पदों’ पर तीन वर्ष से अधिक समय से लगातार जमे हुए हैं। ऐसे कर्मचारियों व अधिकारियों की सूची 5 अक्तूबर 2021 तक मुख्य सचिव को भेजने के निर्देश दिए गए हैं।

हरियाणा सरकार द्वारा वर्ष 2021 को ‘सुशासन परिणाम वर्ष’ के रूप में मनाया जा रहा है। ऐसे में मुख्यमंत्री श्री मनोहर लाल की कार्यशैली में ‘सुशासन के परिणाम’ साफ तौर पर दृष्टिगोचर हो रहे हैं। मुख्यमंत्री के दूसरे अहम निर्णय के तहत, विभिन्न मामलों में कर्मचारियों व अधिकारियों के खिलाफ चल रही जांच को जान-बूझकर लटकाने वालों को भी कटघरे में खड़ा कर दिया है, जवाब-तलबी करनी शुरू कर दी है। अगर जांचकर्ता कोई सेवानिवृत्त अधिकारी है तो उससे जांच लेकर अन्य अधिकारी को सौंप दी जाएगी।

मुख्यमंत्री ने मुख्य सचिव के माध्यम से सभी प्रशासनिक सचिवों को हरियाणा सिविल सेवा (दंड एवं अपील) नियम, 2016 के नियम 7 के तहत अनुशासनात्मक कार्यवाही के निपटान के लिए निर्देश जारी कर दिए हैं।

मुख्यमंत्री के जब यह संज्ञान में आया कि नियम 7 के तहत अनुशासनात्मक कार्रवाई के कई मामलों की जांच रिपोर्ट जांच-अधिकारियों द्वारा प्रस्तुत करने में अत्यधिक देरी की जाती है तो उन्होंने इस पर तत्काल कार्रवाई करते हुए अनुशासनात्मक मामलों का समय पर निपटान सुनिश्चित करने के लिए आदेश जारी कर दिए। अब राज्य सरकार ने निर्णय लिया है कि ग्रुप-ए और बी के राजपत्रित अधिकारियों से संबंधित अनुशासनात्मक मामलों में सभी प्रशासनिक सचिव यह सुनिश्चित करेंगे कि राजपत्रित अधिकारियों के खिलाफ लंबित नियमित जांच को 30 नवंबर, 2021 से पहले फाइनल कर दिया जाए। अगर कोई जांच अधिकारी उक्त अवधि तक जांच रिपोर्ट प्रस्तुत करने में असमर्थ है तो संबंधित प्रशासनिक सचिव मुख्य सचिव को 7 दिसंबर 2021 तक रिपोर्ट करेंगे जिसमें देरी के कारणों का उल्लेख किया जाएगा।

अगर किसी मामले में सरकार को यह आभास हुआ कि जांच अधिकारी जांच को पूरी करने में अनुचित विलंब कर रहा है, तो उस जांच अधिकारी (यदि वह सेवा में है) के खिलाफ भी अनुशासनात्मक कार्रवाई की जा सकती है। यदि किसी मामले की जांच सेवानिवृत्त अधिकारी द्वारा की जा रही है और उसकी कार्यप्रणाली संतोषजनक नहीं मिली अथवा जानबुझकर जांच को लटकाने की भावना लगेगी तो उनसे जांच का कार्य लेकर अन्य अधिकारी को सौंप दिया जाएगा। यही नहीं मुख्यमंत्री ने ग्रुप-सी व डी वर्ग के कर्मचारियों के विरूद्ध लम्बित नियम 7 एवं 8 के अन्तर्गत जांच के के मामलों की भी समीक्षा करने के निर्देश दिए हैं।

साधारण खान-पान व सादे पहनावे के लिए राजनैतिक गलियारों में सादगी की प्रतिमूर्ति कहे जाने वाले हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री मनोहर लाल ने राज्य सरकार के मेहनती कर्मचारियों को लगातार सम्मान भी दिया है,उनकी कई समस्याओं का निदान भी किया है।

मुख्यमंत्री ने कर्मचारियों के हित में स्पष्ट निर्देश दे रखे हैं कि सरकारी कर्मचारियों को देय तिथि के 3 महीने के अंदर नियमों के अनुसार ए.सी.पी पे-स्केल देना सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कर्मचारियों की चिर-लंबित मांग ‘नई एक्सग्रेसिया स्कीम’ को स्वीकृत किया। अगर किसी सरकारी कर्मचारी की 52 साल की उम्र से पहले मृत्यु हो जाती है तो उसके आश्रित को अनुकंपा के आधार पर नौकरी दी जाने लगी है।

बहरहाल, मुख्यमंत्री श्री मनोहर लाल ने जहां ईमानदार व मेहनती कर्मचारियों को ईनाम देने की नीति बनाई है वहीं भ्रष्ट व काम में देरी करने वाले दागी कर्मचारियों को जांच के जाल में पकडक़र कर सबक सिखाने की तैयारी कर ली है। माना जा रहा है कि दोषी अधिकारियों व कर्मचारियों को मुख्यमंत्री बख्शने के मूड में नहीं हैं और यह ‘एक्शन अगेन्स्ट करप्शन’ अभियान का सिलसिला आगे भी जारी रहेगा।

चण्डीगढ़, 16 सितंबर – मातृभूमि संदेश बी डी कौशिक। हरियाणा सरकार ने सोनीपत के निकट कुंडली-सिंघू सीमा पर धरनारत किसानों द्वारा राष्ट्रीय राजमार्ग-44 पर उत्पन्न किए गए अवरोध को दूर करने के संबंध में सर्वोच्च न्यायालय के आदेशों का पालन करने के लिए किसानों और किसान संगठनों के साथ विचार-विमर्श करने के लिए एक राज्य स्तरीय कमेटी का गठन किया है।

एक सरकारी प्रवक्ता ने इस संबंध में जानकारी देते हुए बताया कि गृह विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव श्री राजीव अरोड़ा की अध्यक्षता में एक राज्य स्तरीय कमेटी गठित की गई है और पुलिस महानिदेशक श्री पी.के. अग्रवाल, अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक कानून एवं व्यवस्था श्री नवदीप सिंह विर्क और गृह-1 विभाग के सचिव डॉ. बलकार सिंह को कमेटी का सदस्य बनाया गया है।

प्रवक्ता ने बताया कि कमेटी आम जनता को किसी भी तरह की असुविधा से बचाने के लिए अंतरराज्यीय सडक़ों और राष्ट्रीय राजमार्गों के अवरोध के मुद्दे को हल करने के लिए किसानों/किसान संगठनों के साथ विचार-विमर्श करेगी। संबंधित मंडलायुक्त, पुलिस आयुक्त, पुलिस महानिरीक्षक, जिला मजिस्ट्रेट और पुलिस अधीक्षक भी उक्त उद्देश्य के लिए समिति से जुड़े रहेंगे।

उकलाना हलके में 5-6 करम से अधिक के सभी कच्चे रास्तों को किया जाएगा पक्का, एस्टीमेट तैयार – राज्यमंत्री अनूप धानक

चण्डीगढ़, 16 सितंबर – मातृभूमि संदेश बी डी कौशिक। हरियाणा के पुरातत्व-संग्रहालय एवं श्रम-रोजगार राज्यमंत्री अनूप धानक ने कहा कि उकलाना हलके में जितने भी 5-6 करम या इससे ज्यादा चौड़े कच्चे रास्ते हैं, उन्हें पक्का करवाने के लिए एस्टीमेट तैयार करवाए गए हैं और जल्द ही इन रास्तों पर नई सडक़े बनाई जाएंगी, ताकि लोगों को आने जाने में सहूलियत रहे।

उन्होंने बताया की इसके अलावा करोड़ों रुपए की लागत से उकलाना हलके के एक गांव को दूसरे गांव से जोडऩे वाली नई सडक़ें बनाई जा रही हैं। वे वीरवार को अपने हलके के लोगों की जनसमस्याएं सुन रहे थे। इस मौके पर मुख्य रुप से नई सीवरेज लाइन बिछाने, सीवरेज व्यवस्था को दुरुस्त करवाने, गांव में नई सडक़ें बनवाने, पीने के स्वच्छ पानी, गंदे पानी की निकासी, बिजली सप्लाई आदि को लेकर लोगों ने अपनी समस्याएं रखी, जिस पर राज्यमंत्री अनूप धानक ने संबंधित विभागों के अधिकारियों को इन समस्याओं का तुरंत निदान करने के निर्देश भी दिए।

नितिन गडकरी और सीएम मनोहर लाल ने किया दिल्ली-मुंबई एक्सप्रैस वे के निर्माण का निरीक्षण

-सीएम मनोहर लाल द्वारा हरियाणा में कनेक्टिविटी सुधार के लिए रखी गई मांगे श्री गडकरी ने मौके पर की मंजूर

-दिल्ली-मुंबई एक्सप्रैस वे का दिल्ली से दौसा तक का भाग होगा मार्च-2022 तक पूरा

चण्डीगढ़, 16 सितंबर – मातृभूमि संदेश बी डी कौशिक। केन्द्रीय सड़क परिवहन व राजमार्ग मंत्री श्री नितिन गडकरी ने आज कहा कि दिल्ली एनसीआर में 53 हजार करोड़ रूपये की लागत से सड़क व पुल निर्माण के 15 प्रौजेक्ट मंजूर किए हुए हैं। इनमें से 14 परियोजनाओं पर काम चल रहा है। ये प्रौजेक्ट पूरे होने से दिल्ली एनसीआर में प्रदूषण कम होगा और लोगों को ट्रैफिक जाम से मुक्ति मिलेगी।

हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री मनोहर लाल के साथ दिल्ली-मुम्बई एक्सप्रेस वे के निर्माण कार्य का निरीक्षण करने के उपरांत श्री नितिन गडकरी गुरुग्राम जिले के सोहना उपमंडल के लोहटकी गांव में आयोजित कार्यक्त्रम को सम्बोधित कर रहे थे। उनके साथ केन्द्रीय सांख्यिकी राज्य मंत्री राव इन्द्रजीत सिंह और सोहना के विधायक संजय सिंह भी थे।

गुरुग्राम के लोहटकी गांव में आयोजित कार्यक्त्रम में केन्द्रीय मंत्री श्री गडकरी ने कहा कि लगभग 1380 किलोमीटर लंबाई का दिल्ली-मुबंई एक्सप्रैस हाईवे भारत का सबसे लंबा एक्सप्रेस वे है जो मार्च-2023 तक बनकर तैयार होगा। इस पर लगभग 95 हजार करोड़ रुपये की लागत आएगी। इस एक्सप्रैस-वे का दिल्ली से राजस्थान के दौसा तक तथा वडोदरा से अंकलेश्वर तक का हिस्सा मार्च-2022 तक बन जाएगा। यह एक्सप्रैस वे 8 लेन का एक्सैस कंट्रोल ग्रीन फील्ड एक्सप्रैस वे बनाया जा रहा है जिसमें भविष्य में 4 लेन और जोड़कर इसे 12 लेन तक का किया जा सकता है। इस एक्सप्रैस वे पर 21 मीटर चौड़ाई की मीडियन बनाई जा रही है, जिसे भविष्य में घटाकर एक्सप्रैस वे को चौड़ा किया जा सकता है।

-दिल्ली-मुंबई एक्सप्रैस वे का 160 किलोमीटर हिस्सा हरियाणा की सीमा में॒

श्री गडकरी ने कहा कि इस एक्सप्रेस वे की लगभग 160 किलोमीटर लंबाई हरियाणा प्रदेश में पड़ती है जिस पर 10400 करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं। इसमें से 130 किलोमीटर लंबाई के एक्सप्रैस वे के निर्माण के लिए काम अलॉट भी किया जा चुका है। यह एक्सप्रैस-वे हरियाणा में गुरुग्राम , पलवल तथा नूंह जिलों से होकर गुजरेगा। हरियाणा में पड़ने वाले हिस्से में 6 स्थानों पर वे-साईड सुविधाएं बनाई जाएंगी। इनमें यात्रियों के लिए सुविधाएं जैसे रिजॉर्ट , रेस्टोरेंट , डोरमैट्री , अस्पताल, फूड कोर्ट, फ्यूल स्टेशन आदि के अलावा ट्रकों की पार्किंग गैराज आदि की सुविधा होगी। यही नहीं, कमर्शियल स्पेस ऑफ लॉजिस्टिक पार्क भी होंगे। उन्होंने कहा कि इस एक्सप्रैस- वे पर दुर्घटना के पीडि़त व्यक्तियों को जल्द से जल्द नजदीकी अस्पताल में पहुंचाने के लिए हैलीकॉप्टर एंबुलैंस सेवा भी उपलब्ध होगी।

मुख्यमंत्री श्री मनोहर लाल द्वारा रखी गई मांगों को मंजूर करते हुए श्री गडकरी ने बताया कि दिल्ली-जयपुर हाईवे पर गांव बिलासपुर , मानेसर तथा कापड़ीवास सहित 3 परियोजनाओं को स्वीकृत किया जा चुका है जिन पर लगभग 250 करोड़ रुपये की लागत आएगी। मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में इन स्थानों पर अंडरपास या फलाईओवर बनाने की मांग रखी थी ताकि वहां पर लोगों को सुविधाएं मिलें और दुर्घटनाओं की संख्या कम हो। श्री गडकरी ने यह भी कहा कि पलवल -अलीगढ़ राष्ट्रीय राजमार्ग और ईस्टर्न पैरिफेरियल एक्सप्रैस हाईवे (केजीपी) पर इंटरचेंज बनाने के कार्य को भी स्वीकृति दी जा चुकी है। यह मांग भी मुख्यमंत्री श्री मनोहर लाल ने केन्द्रीय मंत्री श्री गडकरी के समक्ष रखते हुए कहा था कि इंटरचेंज जब तक नही बनेगा तब तक एक मार्ग से दूसरे मार्ग का उपयोग करने वाले लोगों को कठिनाई आएगी। फरीदाबाद शहर को जेवर हवाई अड्डे के साथ जोड़ने के लिए रखी गई मुख्यमंत्री श्री मनोहर लाल की मांग को भी श्री गडकरी ने मौके पर ही मंजूरी दी।

-गुरूग्राम-सोहना रोड पर ऐलिवेटिड सड़क का निर्माण होगा मार्च-2022 तक पूरा।

श्री गडकरी ने कहा कि गुरुग्राम-सोहना रोड़ पर लगभग 1700 करोड़ रुपये की लागत से 6 लेन का 5 किलोमीटर लंबा एलिवेटिड रोड बनाया जा रहा है जो मार्च 2022 तक पूरा होगा। उन्होंने ये भी बताया कि दिल्ली-जयपुर हाईवे पर एंबियंस मॉल के पास बनाया जा रहा यू-टर्न अंडरपास भी अक्टूबर 2021 तक पूरा हो जाएगा।

उन्होंने बताया कि दिल्ली-मुंबई एक्सप्रैस वे निर्माण के लिए किसानों को डेढ़ गुना मुआवजा दिया है ताकि किसान को नुकसान ना हो। श्री गडकरी ने कहा कि मै भी एक किसान हूं और किसान की दिक्कत समझता हूं। उन्होंने किसानों का भी आह्वान किया कि वे हाईवे के साथ लगती अपनी जमीन ना बेचें बल्कि उस जमीन को विकसित करेंगे तो उन्हें ज्यादा लाभ होगा।

एक प्रश्न के उत्तर में श्री गडकरी ने बताया कि सड़क निर्माण में 8 प्रतिशत वैस्ट प्लास्टिक का प्रयोग किया जा रहा है। इसके बारे में उनके मंत्रालय ने एक अधिसूचना भी जारी कर रखी है। इसके अलावा, बिटुमिन में टायर रबड़ वैस्ट का मिश्रण करके उसकी गुणवत्ता को बढ़ाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि वे इस प्रकार के नए प्रयोग करते रहते हैं।

इससे पहले मुख्यमंत्री श्री मनोहर लाल ने केन्द्रीय मंत्री श्री गडकरी का स्वागत करते हुए उन्हें देशभर में सड़कों का जाल बिछाने वाले अनथक और मेहनती मंत्री बताया। उन्होंने कहा कि जो भी परियोजना वे श्री गडकरी के पास लेकर गए उन्होंने कभी ना नही की और परियोजना को मंजूर कर दिया।

श्री मनोहर लाल ने बताया कि पिछले दिनों दिल्ली से अमृतसर तक स्पेशल एक्सप्रैस वे, जो बाद में जम्मू तक जाएगा, बनाने की बात आई तो श्री गडकरी जी ने उन्हें तथा पंजाब के मुख्यमंत्री को बुलाकर उसकी अलाइंमेंट पूछी और तुरंत उसे फाइनल कर दिया। इसी प्रकार, हरियाणा में पूर्व से पश्चिम दिशा की ओर हाईवे निर्माण की मांग रखी गई तो श्री गडकरी ने पानीपत से डबवाली तक सड़क मंजूर कर दी। मुख्यमंत्री ने कहा कि॒ऐसे कई राजमार्ग हरियाणा में अब बनाए जा रहे हैं। इनके बनने से हमारी आर्थिक स्थिति में सुधार होगा। उद्योग लगेंगे , और सर्विसिज आएंगी , लोगों को सुविधाजनक जीवन जीने का अवसर मिलेगा और निश्चित रूप से हम आगे बढ़ेगे।
श्री मनोहर लाल ने कहा कि दिल्ली- मुंबई एक्सप्रैस वे के बनने से हरियाणा के विशेष रूप से गुरुग्राम, नूंह तथा पलवल जिलों को लाभ होगा। यहां पर निवेशक आएंगे , उद्योग धंधे लगेंगे और लोगों को रोजगार मिलेगा। उन्होंने कहा कि अच्छी सड़क उस इलाके की आर्थिक उन्नति की द्योतक होती है।

कार्यक्त्रम में केन्द्रीय राज्यमंत्री राव इन्द्रजीत सिंह ने कहा कि 7 साल पहले मोदी सरकार बनी और उस समय महाराष्ट्र से आकर श्री नितिन गडकरी केन्द्र में मंत्री बने थे तब यह कहावत थी कि श्री गडकरी महाराष्ट्र में हाईवेज के फादर हैं। श्री गडकरी ने हरियाणा में और देश में राष्ट्रीय राजमार्ग का जाल बिछाने का काम किया है इसलिए इन्हें देश के हाईवेज का फादर कहा जा सकता है। उन्होंने यह भी कहा कि एक विकसित राष्ट्र के राष्ट्रपति ने कहा था कि उनका देश इसलिए विकसित है कि वहां की सड़के अच्छी हैं। इस लिहाज से श्री गडकरी द्वारा हिंदुस्तान को स्मृद्ध बनाने की नींव रखी जा रही है। उन्होंने श्री गडकरी से कहा कि वे हरियाणा पर अपनी नजरें इनायत रखें।

चण्डीगढ़, 16 सितम्बर – मातृभूमि संदेश बी डी कौशिक। हरियाणा के बिजली मंत्री श्री रणजीत सिंह ने कहा कि विभाग के अधिकारी ईमानदारी और कड़ी मेहनत से कार्य करें, जिससे बिजली विभाग को देश में प्रथम स्थान पर लाया जा सके।

बिजली मंत्री पंचकूला में उत्तर हरियाणा बिजली वितरण निगम द्वारा आयोजित उपमंडल अधिकारी परिचालन समारोह में बतौर मुख्य अतिथि बोल रहे थे। इस दौरान उन्होंने निगम के उपमंडल अधिकारियों से सीधा संवाद किया। उन्होंने अधिकारियों को कहा कि सरकार का प्रदेश के प्रत्येक गांव को 24 घंटे बिजली उपलब्ध करवाने का लक्ष्य है। इस दौरान उन्होंने बिजली चोरी के खिलाफ अभियान चलाकर लाईन लॉसिज को कम करने पर भी जोर दिया।

श्री सिंह ने कहा कि प्रदेश में पिछले दिनों बिजली चोरी रोको अभियान के तहत छापामारी की गई, जिसमें प्रदेशभर में 5508 मामले सामने आए थे और डिफॉल्टरों पर लगभग 24 करोड़ रुपये का जुर्माना किया गया। उन्होने बताया कि तकनीकी कर्मचारियों की कमी को जल्द दूर किया जाएगा। इसके लिए अधिकारियों व कर्मचारियों को समय-समय पर प्रशिक्षण दिया जा रहा है। इससे पहले कंज्यूमर क्लर्क, कमर्शियल असिस्टेंट तथा जूनियर इंजीनियर्स को भी उचित दिशा निर्देश दिए गए हैं।

कार्यक्त्रम की अध्यक्षता करते हुए अतिरिक्त प्रमुख सचिव (पॉवर) पी.के. दास ने कहा कि बिजली निगमो के लिए उपभोक्ता की संतुष्टि सर्वाेपरि है, हमें उपभोक्ताओं को पूरी सुविधाएं प्रदान करनी हैं। उन्होंने कहा कि हमें अगर किसी बडे लोड की स्वीकृति देनी है, उसके लिए पहले से तैयारी करनी चाहिए। हरियाणा प्रदेश पर्याप्त उपलब्घ बिजली आपूर्ति वाले राज्यों में से एक है, हमें इसमें और अधिक सुधार करने की जरूरत है । उन्होंने कहा कि बिजली शिकायतों का कम से कम समय में निपटाया जाना चाहिए तथा प्रत्येक 6 महीने के अंतराल पर किए गए विकास कार्यों का मूल्यांकन किया जाएगा।

निगम के प्रबंध निदेशक, शशांक आनंद ने सभी अधिकारियों को अपने उत्तरदायित्व का निर्वहन पूरी ईमानदारी से करने बारे में प्रेरित किया। उन्होंने म्हारा गांव जगमग गांव योजना के कार्यो को शीघ्रतापूर्वक करने पर जोर दिया और अधिकारियों को अपने अधीन कार्य कर रहे सभी तकनीकी कर्मचारियों की सुरक्षा के लिए भी आश्वस्त किया। उन्होंने कहा कि उपमंडल अधिकारी निगम का प्रमुख चेहरा होता है, उसे एक समय में समानांतर अनेक कार्य करने होते हैं।

सीएम विंडो के साथ-साथ ट्विटर हैंडल से भी हो रहा है – शिकायतों का समाधान

मुख्यमंत्री का ट्वीट – मनचलों पर भी हुई कारवाई- लड़कियों ने किया धन्यवाद

चण्डीगढ़, 16 सितंबर- मातृभूमि संदेश बी डी कौशिक। हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री मनोहर लाल द्वारा लोगों की शिकायतें सीधे उन तक पहुंचाने के लिए की गई सीएम विंडो की व्यवस्था के साथ-साथ उनके ट्विटर हैंडल से भी शिकायतों पर तत्काल संज्ञान लिया जाता है और यह सोशल मीडिया प्लेटफार्म पर कारगर सिद्घ हो रहा है।

मुख्यमंत्री के ओएसडी श्री भूपेश्वर दयाल ने बताया कि अभी हाल ही में यमुनानगर, पानीपत, सोनीपत, झज्जर व फरीदाबाद जिलो से मुख्यमंत्री के ट्विटर हैंडल पर पांच शिकायतें आईं। फरीदाबाद से कांग्रेस नेता @RAHULVERMA_INC ने ट्वीट किया की कुछ लड़कियों से शिकायत आई है कि सैक्टर-37, फरीदाबाद के निकट मदरसन लेन के नजदीक लगातार मनचले लड़कियों का पीछा करते हैं और भद्दी भाषा का प्रयोग करते हैं। कृपया लड़कियों की सुरक्षा के लिए पीसीआर की गश्त बढ़ाई जाए। उन्होंने यह ट्वीट @FBDPolice@cmhry, @anilvijminister, @VipulGoelBJP पर 6 सितम्बर, 2021, रात्रि 10.32 बजे टिकट नम्बर 3321010 जिला फरीदाबाद से मोबाइल नम्बर 8505987234 से किया ।

श्री भूपेश्वर दयाल ने बताया कि सीएमओ से इस ट्वीट पर तत्काल संज्ञान लिया गया और उन्होंने स्वयं पुलिस आयुक्त, फरीदाबाद को फोन कर इस ट्वीट बारे सूचित किया। पुलिस आयुक्त ने भी सराय ख्वाजा पुलिस चौकी के एसएचओ को निर्देश दिए कि मनचलों को सबक सिखाया जाए तथा पुलिस गश्त बढ़ाई जाए। राहुल वर्मा ने 7 सितम्बर को प्रातः 10ः20 बजे अपने उत्तर में पुनः ट्वीट किया कि ‘‘मेरी दी गई शिकायत का तुरन्त हल करने के लिए फरीदाबाद पुलिस और सर अशोक कुमार एसएचओ सराय ख्वाजा का दिल से हार्दिक धन्यवाद जय हिन्द जय भारत।’’ उन्होंने बताया कि लड़कियों ने भी धन्यवाद किया।

इसी प्रकार, मोबाइल नम्बर-9034434533 यमुनानगर से 2 सितम्बर,2021 को प्रातः 11ः25 बजे टिकट नम्बर 3289270 से @arpitHR®w ट्विटर पर पोस्ट आया कि ‘‘सर मेरी माता को 28 अगस्त, 2021 को वैक्सीन की पहली डोज सरोजनी कॉलोनी में लगी लेकिन कौन सी वैक्सीन लगी इसका कोई पता नहीं, मोबाइल पर कोई मैसेज नहीं आया और न ही CO-WIN ऐप व आरोग्य सेतु ऐप पर कोई डाटा है, जिस कारण वैक्सीनेशन सर्टिफिकेट भी नहीं मिल रहा कृपया संज्ञान लेकर मदद करें।’’

श्री भूपेश्वर दयाल ने बताया कि यमुनानगर के डिप्टी सिविल सर्जन (टीकाकरण) डॉ. विजय विवेक को सूचित किया गया और उनका 6 सितम्बर को जवाब आया कि उन्होंने वैक्सीन के संबंध में अर्पित से बात की है और उनकी माता श्रीमती राधिका को वैक्सीन की पहली डोज पहले ही लग चुकी है और अब उन्हें कोई शिकायत नहीं है। उन्होंने बताया कि अर्पित ने 4 सितम्बर को रि-ट्विट में @cmohry व @mlkhattar पर पोस्ट किया कि मुख्यमंत्री जी की त्वरित कार्यवाही से मेरी माता जी को कोरोना वैक्सीन लग गई है और वैक्सीन सर्टिफिकेट मिल चुका है। समस्या का संज्ञान लेकर उचित कार्यवाही करने के लिए मुख्यमंत्री जी का हार्दिक धन्यवाद।

ओएसडी ने बताया कि झज्जर से 4 सितम्बर को सायं 7ः09 बजे मोबाइल नम्बर-8901080236 से @vivekgupta1096 नाम से ट्वीट आया कि अधिकारियों की लापरवाही व स्वास्थ्य सेवाओं की कमी के चलते वैक्सीन की दूसरी डोज नहीं ले पा रहा हूँ। मुख्यमंत्री कार्यालय से संज्ञान लिया गया और झज्जर के सीएमओ से इस संबंध में जानकारी मांगी गई। बाद में, उन्होंने 6 सितम्बर को बाद दोपहर 12.41 बजे रि-ट्विट किया कि समय पर मेरी समस्या का समाधान करवाने के लिए मुख्यमंत्री कार्यालय का आभार। दो अन्य मामलों में, पानीपत से अंकित रावल व सोनीपत से विकास तिवारी ने अपनी कॉलोनियों में जलभराव के संबंध में ट्वीट कर पोस्ट किए थे। मुख्यमंत्री कार्यालय के संज्ञान से जन-स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग द्वारा जल निकासी करवा दी है।

अल्पसंख्यक छात्रों के लिए छात्रवृति आवेदन ऑनलाईन शुरू

चण्डीगढ़, 16 सितंबर – मातृभूमि संदेश बी डी कौशिक। केंद्रीय अल्पसंख्यक मामले मंत्रालय द्वारा वर्ष 2021-22 हेतू अल्पसंख्यक समुदाय के मुस्लिम, सिख, बौद्ध, ईसाई, जैन एवं पारसी धर्मों से संबंधित मैट्रिक-पूर्व, मैट्रिककोतर व मैरिट-सह-साधन आधारित पात्र छात्रों को छात्रवृति प्रदान करने के लिए ऑनलाईन आवेदन आमंत्रित किए गए हैं। मैट्रिक-पूर्व छात्रवृति के लिए 15 नवंबर तथा मैट्रिककोतर व मैरिट-सह-साधन आधारित छात्रवृत्ति के लिए 30 नवंबर 2021 तक आवेदन कर सकते हैं।

इस संबंध में जानकारी देते हुए बताया कि प्रत्येक अल्पसंख्यक समुदायों को प्री-मैट्रिक, पोस्ट-मेट्रिक व मैरिट-कम-मिन्स के पात्र छात्रों को छात्रवृति प्रदान करने के लिए जिन छात्र-छात्राओं ने अंतिम परीक्षा में 50 प्रतिशत या इससे अधिक अंक प्राप्त किए हैं। उनके लिए राष्ट्रीय छात्रवृति पोर्टल www.scholarship.gov.in पर आवेदन आमंत्रित किए गए हैं। उन्होंने बताया कि आय प्रमाण-पत्र तथा अल्पसंख्यक प्रमाण-पत्र राज्य सरकार द्वारा घोषित सक्षम अधिकारी द्वारा जारी होना जरूरी है, अन्यथा आवेदन रद्द कर दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि सरकार द्वारा जारी दिशा-निर्देशों के अनुसार छात्रवृति सीधे छात्रों/अभिभावकों के बैंक खाते में स्थानांतरित की जाएगी। आवेदन कर्ता एक समय में केवल एक कोर्स/कक्षा के लिए ही छात्रवृति प्राप्त कर सकता है।

उन्होंने बताया कि ऑनलाईन छात्रवृति आवेदन के लिए आवेदन-पत्र के साथ पूर्व फाईनल परीक्षा प्रमाण-पत्र, आयकर प्रमाण-पत्र एवं अल्पसंख्यक समुदाय प्रमाण-पत्र, बैंक पासबुक, पैन कार्ड व आधार नम्बर दस्तावेजों को सलंग्न करना अनिवार्य है। छात्रों द्वारा नई छात्रवृत्ति (पहली बार आवेदक) तथा नवीकरण छात्रवृत्ति (वह आवेदक जिसने 2020-21 के दौरान छात्रवृत्ति प्राप्त की) हेतू ऑनलाइन आवेदन प्रस्तुत करने की अंतिम तारीख मैट्रिक-पूर्व छात्रवृत्ती के लिए 15 नवंबर तथा मैट्रिककोतर व मैरिट-सह-साधन आधारित छात्रवृत्ति के लिए 30 नवंबर 2021 हैं।

मुख्यमंत्री विवाह शगुन योजना के तहत दी जाने वाली शगुन की राशि में बढ़ोतरी

गरीबी रेखा से नीचे जीवन यापन करने वाले अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और टपरिवास समुदाय की लड़कियों के विवाह के अवसर पर शगुन के तौर पर राज्य सरकार देगी 71 हजार रुपए

चण्डीगढ़, 16 सितंबर – मातृभूमि संदेश बी डी कौशिक। राज्य सरकार ने मुख्यमंत्री विवाह शगुन योजना के तहत पात्र व्यक्तियों को दी जाने वाली शगुन की राशि में बढ़ोतरी की है। योजना के तहत गरीबी रेखा से नीचे जीवन यापन करने वाले अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति तथा टपरिवास समुदाय के परिवारों को लड़की के विवाह के अवसर पर कन्यादान के तौर पर अब 71 हजार रुपए की राशि दी जा रही है।

यह जानकारी देते हुए एक सरकारी प्रवक्ता ने बताया कि अनुसूचित जाति एवं पिछड़े वर्ग कल्याण विभाग द्वारा गरीब एवं जरूरतमंद लोगों के कल्याणार्थ विभिन्न योजनाएं एवं कार्यक्त्रम संचालित किए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि विभाग द्वारा मुख्यमंत्री विवाह शगुन योजना के तहत अनुसूचित जाति/जनजाति तथा टपरिवास समुदाय के लोग जो गरीबी रेखा से नीचे जीवन यापन करते हैं, उनकी लड़कियों के शादी के अवसर पर दी जाने वाली शगुन की राशि को 51 हजार से बढ़ाकर 71 हजार रुपये कर दिया गया है। अब इस योजना के तहत शगुन के तौर 66 हजार रुपये की राशि शादी के अवसर पर या उससे पहले तथा 5 हजार रुपये की राशि शादी का रजिस्ट्रेशन प्रमाण पत्र जमा करवाने के उपरांत 6 महीने के भीतर दी जाएगी।

उन्होंने बताया कि इसी प्रकार मुख्यमंत्री विवाह शगुन योजना के तहत प्रदेश के गरीबी रेखा से नीचे जीवन यापन करने वाले लोगों को मिलने वाली शगुन की राशि को भी बढ़ाकर अब 31 हजार रुपये कर दिया गया है। इससे पहले ऐसे पात्र व्यक्तियों को 11 हजार रुपये राशि कन्यादान के तौर पर दी जाती थी। उन्होंने बताया कि बीपीएल परिवारों की लड़कियों को उनकी शादी के अवसर पर या उससे पहले 28 हजार रुपये तथा 3 हजार रुपये की राशि शादी का पंजीकरण जमा कराने के उपरांत दी जाएगी।

इसी प्रकार राज्य सरकार द्वारा अनुसूचित जाति और पिछड़ा वर्ग के उन परिवारों जिनकी सालाना आमदनी 1लाख 80 हजार से कम है उन्हे भी कन्यादान के तौर पर 31 हजार दिए जा रहें है ।

चण्डीगढ़, 16 सितंबर – मातृभूमि संदेश बी डी कौशिक। हरियाणा सरकार ने पहली से तीसरी कक्षा तक के सरकारी और प्राइवेट स्कूलों को 20 सितंबर, 2021 से खोले जाने का फैसला लिया है। इन स्कूलों में कक्षाओं को शिक्षा विभाग द्वारा जारी एसओपी की अनुपालना करते हुए चलाया जाएगा।

एक सरकारी प्रवक्ता ने जानकारी देते हुए बताया कि कोरोना महामारी के चलते लॉकडाउन की अनुपालना में राज्य के स्कूलों को बंद किया गया था। छठी से बारहवीं की कक्षाओं को 23 जुलाई, 2021 को शुरू किया गया था जबकि चौथी से पांचवी तक की कक्षाओं को 1 अगस्त, 2021 को खोला गया था। अब 20 सितंबर, 2021 से पहली से तीसरी तक की कक्षाएं शुरू होंगी।

प्रवक्ता ने बताया कि गृह मंत्रालय द्वारा जारी गाइडलाइन के अनुसार माता-पिता की पूर्व अनुमति के साथ छात्र को स्कूल में आने की अनुमति होगी। स्कूल में हर छात्र के तापमान की जांच होगी। सामान्य से अधिक तापमान वाले किसी भी छात्र या आगन्तुक को स्कूल में प्रवेश नहीं दिया जाएगा।