हरियाणा सरकार की मुख्य गतिविधियां एवं उनसे जुड़े समाचार पढ़िए मातृभूमि संदेश न्यूज नेटवर्क पर।

बाबा खेतानाथ राजकीय आयुर्वेद कॉलेज पटीकरा में बीएएमएस की 100 सीटों पर होगा दाखिला – यादव

चंडीगढ़, 11 सितंबर – बी डी कौशिक मुख्य संपादक मातृभूमि संदेश न्यूज नेटवर्क।
हरियाणा के सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता राज्यमंत्री श्री ओम प्रकाश यादव ने कहा कि पटीकरा के बाबा खेतानाथ राजकीय आयुर्वेद कॉलेज में बीएएमएस की 100 सीटों के लिए दाखिला प्रक्त्रिया शीघ्र शुरू की जाएगी।

श्री यादव ने जानकारी देते हुए बताया कि मुख्यमंत्री श्री मनोहर लाल ने इस संबंध में अपनी स्वीकृति प्रदान कर दी है। उन्होंने कहा कि आयूष विभाग द्वारा गांव पटीकरा की करीब 25 एकड़ पंचायती भूमि पर 100 बिस्तरों का आयुर्वेद कॉलेज एवं अस्पताल भवन का निर्माण लगभग 20 करोड़ की लागत से किया गया। इसके लिए जल्द ही कक्षाओं की शुरुआत की जाएगी।इससे क्षेत्र के युवाओं को आगे बढ़ने का मौका मिलेगा और रोजगार के अवसर बढ़ेंगे। इसके लिए श्री यादव ने मुख्यमंत्री श्री मनोहर लाल व स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज का आभार जताया है।

-निर्धारित समय-सीमा में काम न करने वाले अधिकारियों पर लगेगा जुर्माना

-सेवा के लिए किये गये आवेदनों को बेवजह रद्द करने पर आयोग लेगा कड़ा संज्ञान

चण्डीगढ़, 10 सितम्बर – मातृभूमि संदेश बी डी कौशिक। हरियाणा में अब विभिन्न प्रकार की सेवाओं के लिए लोगों के आवेदनों को बिना किसी ठोस कारण के रद्द करना सम्बन्धित अधिकारी को महंगा पड़ेगा। ऐसे मामलों पर सेवा का अधिकार आयोग द्वारा कड़ा संज्ञान लिया जाएगा। आयोग के मुख्य आयुक्त श्री टी.सी. गुप्ता ने चेतावनी दी कि अधिकारी बेवजह आवेदनों को रद्द करने की आदत को बदल लें।

श्री टी.सी. गुप्ता ने आज सोनीपत में सेवा का अधिकार अधिनियम के तहत अधिकारियों और गणमान्य नागरिकों की बैठक के दौरान ऐसे विभागीय अधिकारियों को तलब करते हुए विस्तार से कारणों की पड़ताल की, जिनके पास लंबित आवेदनों की संख्या अधिक है। इनमें खास तौर पर कृषि विभाग, हरियाणा राज्य कृषि विपणन बोर्ड, हाउसिंग बोर्ड, टाउन एंड कंट्री प्लानिंग, परिवहन, एचएसआईआईडीसी, यूएचबीवीएन, अनुसूचित जाति एवं पिछड़ा वर्ग कल्याण, हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण, स्वास्थ्य विभाग, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता, शहरी स्थानीय निकाय शामिल हैं।

उन्होंने कहा कि राज्य सरकार और आयोग का एकमात्र उद्देश्य है कि आमजन को सरकारी सेवाओं तथा योजनाओं का पूरा लाभ मिले। लोगों के काम बिना किसी परेशानी के समय पर तथा उनकी तसल्ली के साथ पूरे हों। अगर ऐसा नहीं होता तो आयोग सख्त कदम उठाने के लिए भी तैयार है। उन्होंने कहा कि 31 विभागों की 546 सेवाओं को सूचीबद्ध किया गया है, जिनमें से 277 सेवाएं ऑनलाइन हैं। शेष सेवाओं को भी ऑनलाइन किया जाएगा। इन सेवाओं की डिलीवरी में लोगों को किसी भी प्रकार की समस्या नहीं होनी चाहिए। निर्धारित समय-सीमा में लोगों को इन सेवाओं का लाभ मिलना चाहिए। इसकी उल्लंघना करने वाले अधिकारी पर जुर्माना लगाया जाएगा और यदि किसी अधिकारी पर तीन बार जुर्माना लगता है तो यह उसकी नौकरी पर भारी पड़ सकता है।

मुख्य आयुक्त ने कहा कि कुछ सेवाओं में प्रथम अपीलीय अधिकारी उपायुक्त, अतिरिक्त उपायुक्त और एसडीएम होते हैं, जिन्हें स्वयं भी जुर्माना लगाने की शक्ति प्राप्त है। किंतु कुछ मामलों में इन पर भी आयोग की ओर से जुर्माना लगाया जा सकता है। उन्होंने कहा कि पहली जनवरी, 2022 से अधिसूचित सेवाओं में विस्तार किया जाएगा, ताकि लोगों को ज्यादा से ज्यादा लाभ मिल सके।

सेवा का अधिकार आयोग के मुख्य आयुक्त ने इस दौरान नागरिकों से फीडबैक भी ली और अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे जिले की रैंकिंग में सुधार के लिए कटिबद्ध हैं। रैंकिंग में जिले का स्कोर 10 में से 9.5 से कम नहीं होना चाहिए। साथ ही, लोगों से सेवाओं के संदर्भ में मिलने वाली फीडबैक में 5 में से 4 अंक अवश्य होने चाहिए। उन्होंने कहा कि विभाग का स्कोर भले ही सही हो किंतु फीडबैक में कम अंक मिले हैं तो इसका अर्थ है कि लोगों को सेवाओं का लाभ संतोषजनक ढंग से नहीं मिला।

इस दौरान उपायुक्त ललित सिवाच, पुलिस अधीक्षक जशनदीप सिंह रंधावा, नगर निगम के आयुक्त धर्मेंद्र सिंह और सेवा का अधिकार आयोग की सचिव मीनाक्षी राज समेत जिला प्रशासन के कई अधिकारी मौजूद थे।

चण्डीगढ़, 10 सितम्बर – मातृभूमि संदेश बी डी कौशिक । ऊर्जा दक्षता में सुधार की दिशा में सर्वोत्तम प्रयासों के लिए हरियाणा अक्षय ऊर्जा विकास एजेंसी (हरेडा) को एसडीए श्रेणी में सीम बेस्ट परफॉर्मेंस अवार्ड-2020 से सम्मानित किया गया है। यह अवार्ड सोसाइटी ऑफ एनर्जी इंजीनियर्स एंड मैनेजर्स (एसईईएम) इंडिया की ओर से दिया गया है। हरेडा द्वारा किए गए इन प्रयासों ने जलवायु परिवर्तन और सतत विकास की दिशा में भारत की यात्रा में अपना योगदान सुनिश्चित किया है। हरेडा के साथ, छत्तीसगढ़ राज्य अक्षय ऊर्जा विकास अभिकरण (क्त्रेडा) और केरल के ऊर्जा प्रबंधन केंद्र (ईएमसी) को भी इस श्रेणी के तहत सम्मानित किया गया।

हरेडा के महानिदेशक डॉ हनीफ कुरैशी ने कहा कि राज्य सरकार भी प्रदेश में अक्षय ऊर्जा व ऊर्जा संरक्षण को बढ़ावा देने के लिए प्रतिबद्ध है और हम डीकार्बोनाइजिंग के वैश्विक प्रयास में अपना योगदान देने हेतु अपनी जिम्मेदारी को पहचानेंगे।

उन्होंने कहा कि राज्य में ऊर्जा संरक्षण कार्यक्त्रम नीतियों, विनियमों और प्रोत्साहनों के बहुआयामी रणनीति के साथ चलाया जा रहा है।

सोसाइटी ऑफ एनर्जी इंजीनियर्स एंड मैनेजर्स (एसईईएम) इंडिया देश में प्रमाणित ऊर्जा प्रबंधकों, लेखा परीक्षकों और ऊर्जा पेशेवरों का राष्ट्रीय पेशेवर निकाय है, जिसे 2005 में शुरू किया गया था और चैरिटेबल सोसायटी अधिनियम, 1955 के तहत पंजीकृत किया गया था।

सीम, इंडिया उद्योगों को ऊर्जा दक्षता के महत्वपूर्ण लक्ष्य को प्राप्त करने, एनर्जी ऑडिट से सर्वोत्तम संभावित परिणाम देने वाली सही सेवा का चयन करने और औद्योगिक ऊर्जा दक्षता लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए सार्थक चर्चाओं में भागीदारी करने में मदद करता है।

चण्डीगढ़, 10 सितम्बर – मातृभूमि संदेश बी डी कौशिक। आज यहाँ हुई हरियाणा राज्य भण्डारण निगम की समीक्षा बैठक में सार्वजनिक उपक्रम ब्यूरो के चेयरमैन श्री सुभाष बराला ने चल रहे प्रगति कार्यों की जानकारी ली। उन्होनें खरीफ सीज़न से पहले अधिकारियों को फसल खरीद तथा भण्डारण की तैयारियों का जायज़ा लेने के निर्देश दिए। उन्होनें बताया कि प्रदेश सरकार किसानों को हर प्रकार से लाभ पहुँचाने तथा बेहतर सुविधाएँ उपलब्ध करवाने के लिए प्रयासरत है तथा इस उद्देश्य की पूर्ति के लिए हम सभी को मिलकर प्रयास करना है। श्री बराला ने कहा कि किसानों को अनाज के सुरक्षित भण्डारण के प्रति जागरूक किया जाना चाहिए। इसके लिए उन्होनें अधिकारियों को व्यापक प्रचार माध्यमों का इस्तेमाल करने के निर्देश भी दिए।

बैठक में निगम के प्रबंध निदेशक श्री अशोक कुमार शर्मा ने बताया कि हरियाणा राज्य भण्डारण निगम एक अक्टूबर 2021 से अपनी कार्यप्रणाली को ऑनलाइन करने जा रहा है। इससे वेयरहाउस मैनेजमेंट सिस्टम की सारी जानकारी एक ही क्लिक पर उपलब्ध होगी। बैठक में किसानों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए निगम द्वारा स्टील – साइलोस बनाये जाने के बारे में जानकारी देते हुए श्री शर्मा ने कहा कि इससे भण्डारण का कार्य बेहतर तरीके से हो पायेगा। खरीफ के उत्पादन का 40 प्रतिशत निगम द्वारा खरीदे जाने का लक्ष्य है। बैठक में हरियाणा राज्य भण्डारण निगम के अन्य अधिकारी भी उपस्थित रहे।

चण्डीगढ़, 10 सितंबर – मातृभूमि संदेश बी डी कौशिक। हरियाणा सरकार ने तुरंत प्रभाव से 14 एचसीएस अधिकारियों के स्थानांतरण एवं नियुक्ति आदेश जारी किए हैं।

खण्ड विकास एवं पंचायत अधिकारी, नीलोखेड़ी (नामित) मोहित कुमार को जिला परिषद, रोहतक का अतिरिक्त मुख्य कार्यकारी अधिकारी लगाया गया है। साथ ही उन्हें, खण्ड विकास एवं पंचायत अधिकारी, कलानौर का अतिरिक्त कार्यभार भी सौंपा गया है।

खण्ड विकास एवं पंचायत अधिकारी, थानेसर (नामित) शिवजीत भारती को शहरी स्थानीय निकाय विभाग का उप सचिव लगाया गया है।

यमुनानगर की सिटी मजिस्ट्रेट निशा को जिला परिषद, रेवाड़ी का अतिरिक्त मुख्य कार्यकारी अधिकारी लगाया गया है। साथ ही उन्हें, खण्ड विकास एवं पंचायत अधिकारी, रेवाड़ी का अतिरिक्त कार्यभार भी सौंपा गया है।

खण्ड विकास एवं पंचायत अधिकारी, सढौरा (नामित) अमित कुमार-3 को जिला परिषद, जींद का अतिरिक्त मुख्य कार्यकारी अधिकारी लगाया गया है। साथ ही उन्हें, खण्ड विकास एवं पंचायत अधिकारी, जुलाना का अतिरिक्त कार्यभार भी सौंपा गया है।

राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग के उप सचिव परवेश कादियान को जिला परिषद, सोनीपत का अतिरिक्त मुख्य कार्यकारी अधिकारी लगाया गया है। साथ ही, उन्हें खण्ड विकास एवं पंचायत अधिकारी, गन्नौर का अतिरिक्त कार्यभार भी सौंपा गया है।

खण्ड विकास एवं पंचायत अधिकारी, कैथल (नामित) अजय सिंह को जिला परिषद, सिरसा का अतिरिक्त मुख्य कार्यकारी अधिकारी लगाया गया है। साथ ही, उन्हें खण्ड विकास एवं पंचायत अधिकारी, बारागुधा का अतिरिक्त कार्यभार भी सौंपा गया है।

खण्ड विकास एवं पंचायत अधिकारी, महम (नामित) राजेश कुमार सोनी को जिला परिषद, पानीपत का अतिरिक्त मुख्य कार्यकारी अधिकारी लगाया गया है। साथ ही, उन्हें खण्ड विकास एवं पंचायत अधिकारी, सनौली खुर्द का अतिरिक्त कार्यभार भी सौंपा गया है।

खण्ड विकास एवं पंचायत अधिकारी, फरीदाबाद (नामित) द्विजा को जिला परिषद, सोनीपत का अतिरिक्त मुख्य कार्यकारी अधिकारी लगाया गया है। साथ ही, उन्हें खण्ड विकास एवं पंचायत अधिकारी, कथूरा का अतिरिक्त कार्यभार भी सौंपा गया है।

खण्ड विकास एवं पंचायत अधिकारी, जींद (नामित) सुरेश को जिला परिषद, फतेहाबाद का अतिरिक्त मुख्य कार्यकारी अधिकारी लगाया गया है। साथ ही, उन्हें खण्ड विकास एवं पंचायत अधिकारी, भूणा का अतिरिक्त कार्यभार भी सौंपा गया है।

खण्ड विकास एवं पंचायत अधिकारी, फतेहाबाद (नामित) गौरव चौहान को हरियाणा स्कूल शिक्षा परियोजना परिषद का संयुक्त राज्य परियोजना निदेशक लगाया गया है।

खण्ड विकास एवं पंचायत अधिकारी, तोशाम (नामित) नसीब कुमार को चिकित्सा शिक्षा एवं अनुसंधान विभाग का संयुक्त निदेशक (प्रशासन) लगाया गया है।

खण्ड विकास एवं पंचायत अधिकारी, हांसी-1 (नामित) दीपक कुमार को संयुक्त निदेशक, राज्य परिवहन, हरियाणा लगाया गया है।

खण्ड विकास एवं पंचायत अधिकारी, रायपुररानी (नामित) गुलजार अहमद को जिला परिषद, कैथल का अतिरिक्त मुख्य कार्यकारी अधिकारी लगाया गया है। साथ ही, उन्हें खण्ड विकास एवं पंचायत अधिकारी, सिवान का अतिरिक्त कार्यभार भी सौंपा गया है।

खण्ड विकास एवं पंचायत अधिकारी, पलवल (नामित) विजय कुमार यादव को संयुक्त निदेशक (प्रशासन), प्राथमिक शिक्षा लगाया गया है।

चंडीगढ़, 10 सितम्बर – मातृभूमि संदेश बी डी कौशिक। हरियाणा अकादमी भवन,पंचकूला में केंद्रीय साहित्य अकादमी के उपाध्यक्ष वरिष्ठ साहित्यकार श्री माधव कौशिक एवं हरियाणा उर्दू अकादमी के उपाध्यक्ष डॉ. चन्द्र त्रिखा द्वारा आज हरियाणा उर्दू अकादमी द्वारा प्रकाशित हरबंस सिंह की पुस्तक ‘सूफी सत्ता और समाज’ का लोकार्पण किया गया। इस अवसर पर श्री माधव कौशिक ने डॉ. हरबंस सिंह की लेखन शैली एवं गहन अध्ययन के बारे में चर्चा करते हुए उनके लेखन कार्य की सराहना की।

हरियाणा उर्दू अकादमी के उपाध्यक्ष डॉ. चन्द्र त्रिखा ने कहा कि ‘सूफी सन्त और समाज’ पुस्तक कई अर्थों में विलक्षण है। बहुत से विद्वान अद्वैतवाद और सूफी पन्थ में समानताओं को तलाशते हैं और कहीं न कहीं सूफी पंथ को भारतीय अध्यात्म दर्शन से प्रभावित बताने लगते हैं। लेकिन यह भी स्पष्ट है कि हिन्दी में सूफी कवियों का प्रत्यक्ष स्रोत वेदान्त नहीं था बल्कि इबनुल अरबी द्वारा प्रतिपादित वहदतुल वजूद था। इस मौके पर डॉ. विजेन्द्र, श्याम सुंदर, एस.ए हन्नान और डॉ. जतिन्दर परवाज भी मौजूद रहे।

चण्डीगढ़, 10 सितंबर – मातृभूमि संदेश बी डी कौशिक। हरियाणा स्वास्थ्य सेवा निदेशालय ने आज ‘विश्व आत्महत्या रोकथाम दिवस’ मनाया। इस मौके पर राज्य मानसिक स्वास्थ्य प्रकोष्ठ द्वारा एक राज्य स्तरीय कार्यक्त्रम का आयोजन किया गया । इसकी अध्यक्षता स्वास्थ्य सेवाएं विभाग की महानिदेशक डॉ वीना सिंह ने की तथा इस मौके पर एडीजीएचएस और डीएचएस (एनएमएचपी), डॉ वी.के. बंसल भी उपस्थित थे। इस कार्यक्त्रम में सभी 22 जिलों के मनोचिकित्सक और मनोवैज्ञानिक शामिल हुए।

स्वास्थ्य सेवाएं विभाग की महानिदेशक डॉ वीणा सिंह द्वारा ‘आत्महत्या रोकथाम और आगे का रास्ता’ पर वर्ष के पहले सीएमई का उद्घाटन किया गया। उन्होंने कोविड-19 महामारी के कारण मानसिक स्वास्थ्य को भारी झटका लगने के बारे में चिंता व्यक्त की, इसने दुनिया और पूरे दैनिक जीवन को बदल दिया है। उन्होंने कहा कि विश्व आत्महत्या रोकथाम दिवस का उद्देश्य जीवन के महत्व के बारे में जागरूकता फैलाना है और आत्महत्या किसी भी समस्या का समाधान नहीं है।

इस अवसर पर डॉ. वी.के. बंसल ने कहा कि कार्यक्त्रम को मजबूत करने के लिए विभिन्न कदम उठाने होंगे, जिनमें जिला एनएमएचपी के नोडल अधिकारियों द्वारा व्यक्तिगत रूप से हेल्पलाइन कॉल में भाग लिया जाएगा। आत्महत्या की प्रवृत्ति का पता लगाने और कीमती जीवन को खोने से बचाने के लिए समय पर मूल कारण का पता लगाने के लिए सभी पंजीकृत रोगियों की टेली काउंसलिंग और भावनात्मक स्वास्थ्य और मानसिक स्वास्थ्य को मजबूत करने के लिए कार्यालयों, स्कूलों, कॉलेजों में वार्ता का आयोजन शामिल है।

डॉ. असीम मेहरा, सहायक प्रोफेसर, मनोचिकित्सक विभाग, पीजीआईएमईआर चंडीगढ़ ने रोगियों के प्रबंधन, अवसाद में उपलब्ध नई तकनीक के बारे में विस्तृत विवरण दिया। डॉ. शुभ मोहन सिंह, अतिरिक्त प्रोफेसर, मनोचिकित्सा विभाग, पीजीआईएमईआर चंडीगढ़ ने मानसिक स्वास्थ्य के मुद्दों के प्रबंधन में अपने अनुभव और चुनौतियों का सामना ने संबंधी जानकारी दी। डॉ एमपी शर्मा ने जिला मानसिक स्वास्थ्य कार्यक्त्रम के सामने आने वाली चुनौतियों को सांझा किया और कहा कि टेक होम का संदेश ज्ञान होना ही शक्ति नहीं है- ज्ञान किसी की जान बचा सकता है।

चंडीगढ़, 10 सितंबर- मातृभूमि संदेश बी डी कौशिक। हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री मनोहर लाल ने एक्सटेंशन लेक्चरर्स की नीति में एक शैक्षणिक वर्ष में एक सेमेस्टर(कम से कम 90 दिन) के लिए कार्य करने वाले एक्सटेंशन लेक्चरर्स को ‘समायोजित’ करने और उन्हें ‘विस्थापित एक्सटेंशन लेक्चरर’ मानने जैसे संशोधन करने सहित विभिन्न संशोधनों की स्वीकृति प्रदान की है।

एक सरकारी प्रवक्ता ने इस संबंध में जानकारी देते हुए बताया कि सरकार को एक्सटेंशन लेक्चरर वेलफेयर एसोसिएशन से एक प्रतिवेदन प्राप्त हुआ था, जिसमें उन्होंने अपनी विभिन्न समस्याएं व शिकायतें रखी थीं।

उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री ने संबंधित विभाग के साथ विचार-विमर्श करने के उपरांत एक्सटेंशन लेक्चरर की नीति में संशोधनों को मंजूरी दी, जिनके अनुसार केवल ऐसे व्यक्ति, जिसने एक शैक्षणिक वर्ष में कम से कम एक सेमेस्टर/90 दिनों के लिए एक पात्र एक्सटेंशन लेक्चरर के रूप में कार्य किया हो, लेकिन जिसे कार्यभार कम होने के कारण/स्थानांतरण/ प्रतिनियुक्ति या नई नियुक्ति के माध्यम से नियमित असिसटेंट/एसोसिएट प्रोफेसर की नियुक्ति के कारण कार्यमुक्त कर दिया गया था, को समायोजित किया जाएगा और उन्हें ‘विस्थापित एक्सटेंशन लेक्चरर’ के रूप में माना जाएगा। हालांकि, ऐसे व्यक्ति को कॉलेज के प्रमुख द्वारा जारी उचित अनुभव प्रमाण पत्र प्रस्तुत करना होगा। विभाग द्वारा ऐसे अनुभव प्रमाण पत्र का टेम्प्लेट सभी कॉलेजों को उपलब्ध करवाया जाएगा।

प्रवक्ता ने बताया कि एक्सटेंशन लेक्चरर एक कलैण्डर वर्ष में 12 आकस्मिक अवकाश के हकदार होंगे। यदि वह निर्धारित अवधि के भीतर अवकाश का लाभ नहीं उठाता है तो वह अवकाश समाप्त नहीं होगा और वह उसी वर्ष में किसी भी समय इसका लाभ उठा सकता है। इससे पूर्व, एक्सटेंशन लेक्चरर 12 आकस्मिक अवकाश यानी एक अवकाश प्रति कैलेंडर माह के हकदार थे और इस अवकाश को आगे नहीं बढ़ाया जा सकता था।

प्रवक्ता ने बताया कि इसके अलावा, एक्सटेंशन लेक्चरर्स, जिन्होंने 4 मार्च, 2020 को जारी नीति की अधिसूचना के दिन या उससे पहले यूजीसी मानदंडों के अनुसार नेट / पीएचडी की योग्यता हासिल की है और जिन्होंने एक शैक्षणिक वर्ष में कम से कम एक सेमेस्टर या 90 दिनों के लिए एक्सटेंशन लेक्चरर के रूप में कार्य किया है, को पुनर् समायोजन के लिए पात्र माना जाएगा।

चंडीगढ़, 10 सितम्बर- मातृभूमि संदेश बी डी कौशिक। हरियाणा के फरीदाबाद में स्थित जे.सी. बोस विज्ञान और प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के चार संकाय-सदस्यों को विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) द्वारा फैकल्टी रिसर्च प्रमोशन स्कीम (एफआरपीएस) के तहत स्टार्टअप रिसर्च ग्रांट के लिए चुना गया है। स्कीम का उद्देश्य विश्वविद्यालय में वैज्ञानिक अनुसंधान को मजबूत करना है।

एक सरकारी प्रवक्ता ने इस बारे में जानकारी देते हुए बताया कि राष्ट्रीय स्तर पर इस अनुदान के लिए चुने गए 145 लोगों में विश्वविद्यालय से फिजिक्स विभाग से डॉ. प्रमोद कुमार और डॉ. योगिता, कैमिस्ट्री विज्ञान विभाग से डॉ. अनुराग प्रकाश और पर्यावरण विज्ञान विभाग से डॉ. नवीन कटारिया शामिल हैं। प्रत्येक शिक्षक को अगले तीन वर्षों के लिए अनुसंधान करने के लिए यूजीसी द्वारा 10 लाख रुपए का अनुदान मिलेगा।

चंडीगढ़, 10 सितम्बर – मातृभूमि संदेश बी डी कौशिक। आगामी सीजन में खरीफ फसलों की खरीद के लिए सुचारु व्यवस्था हो और खेतों में काम कर रहे किसान के दुर्घटनाग्रस्त हो जाने पर उन्हें मिलने वाला मुआवज़ा जल्दी प्राप्त हो। हरियाणा एग्रीकल्चर मार्केटिंग बोर्ड की समीक्षा बैठक में आज ये बात सार्वजनिक उपक्रम ब्यूरो के चेयरमैन श्री सुभाष बराला ने कही। बैठक में बोर्ड के अधिकारी और अपर मुख्य सचिव डॉ सुमिता मिश्रा मौजूद रहीं। श्री बराला ने कहा कि मंडियों में काम से आने वाले किसानों के भोजन – पानी के लिए कैंटीन और रुकने की प्रबंध व्यवस्था को दुरुस्त किया जाना चाहिए। उन्होनें बोर्ड के अधिकारियों को इस दिशा में कार्य शुरू करने के निर्देश दिए। श्री बराला ने मंडियों में उपलब्ध अधिशेष क्षेत्र के इस्तेमाल के लिए योजना तैयार करने के निर्देश भी दिए। बैठक में मौजूदा सड़कों की मरम्मत का काम तय समय सीमा में किये जाने के बारे में भी जानकारी दी गयी। प्रदेश में खेतों तक जाने वाले पांच क्त्रम के रास्तों की जानकारी लेने के लिए राजस्व विभाग को लिखा जायेगा ताकि कितने रास्ते कच्चे हैं और कब तक पक्के हो सकेगें इसके बारे में पता चल सके ।

इस दौरान श्री बराला ने प्रदेश में बनाये गए एग्रो मॉल्स की वर्तमान स्थिति का जायज़ा लेने के साथ साथ उनकी देखरेख पर आ रहे खर्चों की जानकारी लेने के साथ ही इन एग्रो मॉल्स के बेहतर से बेहतर उपयोग के लिए भी कहा.

उन्होनें बताया कि प्रदेश सरकार किसानों के हित के लिए प्रयासरत है तथा उनको सुविधाएं देने के लिए नित नई योजनाओं पर काम कर रही है। प्रदेश में विभाग द्वारा चलाई गई योजना ‘विवादों का समाधान’ का भी जायज़ा लिया गया।

अपर मुख्य सचिव डॉ सुमिता मिश्रा ने बताया कि पिंजौर में बनाई जा रही सेब मार्केट में स्टोरेज सुविधा के साथ साथ वह क्षेत्रफल के लिहाज़ से भी बड़ी होगी। मंडी से कोल्ड स्टोरेज सहित भंडारण की दृष्टि से भी किसानों को लाभ होगा।

सूचना प्रौद्योगिकी के युग में सीएम विण्डो बनी – सरकार आपके द्वार

वर्षों पुरानी शिकायतें हुई हल

चंडीगढ़, 10 सितंबर – मातृभूमि संदेश बी डी कौशिक। हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री मनोहर लाल द्वारा जन शिकायतों के निपटान के लिए शुरू की गई सीएम विंडो के माध्यम से अनेक ऐसी व्यक्तिगत, सामाजिक व सार्वजनिक हित की शिकायतों का समाधान किया गया जा रहा है जिनकी कहीं भी सुनवाई नहीं हो रही थी और आमजन ने तो इन शिकायतों के निपटान की उम्मीद ही छोड़ दी थी।

मुख्यमंत्री के ओ.एस.डी श्री भूपेश्वर दयाल जो चण्डीगढ़ मुख्यालय से सीएम विण्डो की मॉनिटरिंग कर रहे हैं के अनुसार, मुख्यमंत्री की यह व्यवस्था लोगों के लिए ‘सरकार आपके द्वार’ बन कर उभरी है क्योंकि 25-25 वर्षों पुरानी शिकायतों का निपटान कर हरियाणा के लोगों के समक्ष एक उदाहरण प्रस्तुत किया है। कई समाचार पत्रों ने तो इसे अपने सम्पादकीय पेज में भी जगह दी है। उन्होंने बताया कि सरकार की इस पहल के लिए शिकायतकर्ता सोशल मीडिया के माध्यम से या व्यक्तिगत तौर पर मिलकर व पत्र लिखकर न केवल मुख्यमंत्री का बल्कि सीएम विंडो से जुड़े अधिकारियों व कर्मचारियों का धन्यवाद व्यक्त कर रहे हैं।

उन्होंने बताया कि सीएम विंडो के माध्यम से कई मामलों में तो गड़बड़ी करने वालों के खिलाफ एफआईआर दर्जा करवाकर उनसे रिकवरी भी की गई है। उन्होंने बताया कि पलवल जिले की होडल तहसील के औरंगाबाद गांव के बलदेव नामक व्यक्ति ने शिकायत दर्ज करवाई थी कि खनन विभाग की अनुमति के बिना उनके गांव में मिट्टी की खुदाई की जा रही है और मिट्टी का स्टॉक करके कच्ची ईंट बनाकर भट्ठे चलाए जा रहे हैं। सीएम विंडो पर इसे 2021/02056 के तहत अॅपलोड किया गया था। शिकायकर्ता के साथ 2 अप्रैल को पुलिस बल ने छापा मारा और जाचं के दौरान पाया गया कि भट्ठे का लाइसैंस खाद्य एवं आपूर्ति विभाग द्वारा 5-6 वर्ष पूर्व निरस्त कर दिया गया था। भट्ठे से जेसीबी जब्त कर मुकद्दमा दर्ज किया गया। शिकायतकर्ता की संतुष्टि पर विभागीय कार्यवाही कर शिकायत को फाईल किया गया। इसी प्रकार, महेन्द्रगढ़ जिले के खेड़की गांव के खनन से जुड़े एक अन्य शिकायत में एफआईआर दर्ज करवाई और कार्यवाही की गई। एक अन्य मामले में पंचकूला जिला के मोरनी हिल्स के गांव कण्डेरण से बेला भोज नगल तक सड़क बनाने के 51 लाख रुपये के टैंडर होने के बावजूद वन विभाग की आनाकानी को सीएम विंडो के माध्यम से सुलझाया गया और इस दुर्गम रास्ते का निर्माण करवाकर स्थानीय लोगों को बड़ी राहत पहुंचाई गई। इसके अलावा सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजनाओं से जुड़े मामले हल किए गए।

हरियाणा अनुसूचित जाति वित्त एवं विकास निगम ने अगस्त, 2021 तक लाभार्थियों को 263.12 लाख रुपये की वित्तीय सहायता मुहैया करवाई- डा0 बनवारी लाल

चंडीगढ़, 10 सितंबर- मातृभूमि संदेश बी डी कौशिक। हरियाणा अनुसूचित जाति वित्त एवं विकास निगम ने चालू वित्त वर्ष के दौरान अगस्त, 2021 तक विभिन्न योजनाओं के अंतर्गत 405 लाभार्थियों को 263.12 लाख रुपये की वित्तीय सहायता मुहैया करवाई है, जिसमें 25.43 लाख रुपये की सब्सिडी तथा 12.32 लाख रुपये मार्जिन मनी के रूप में दिया जाना शामिल है।

इस सम्बन्ध में जानकारी देते हुए हरियाणा के अनुसूचित जाति एवं पिछड़ा वर्ग कल्याण मंत्री डा0 बनवारी लाल ने बताया कि निगम द्वारा अनुसूचित जातियों से संबंधित लोगों को विभिन्न श्रेणियों के अंतर्गत ऋण मुहैया करवाया जाता है ताकि वे अपना कारोबार और स्व-रोजगार स्थापित कर सकें। इन श्रेणियों में कृषि एवं संबद्ध क्षेत्र, औद्योगिक क्षेत्र, व्यापार एवं कारोबार क्षेत्र तथा स्व-रोजगार क्षेत्र शामिल हैं। इसके अतिरिक्त, राष्ट्रीय अनुसूचित जाति वित्त एवं विकास निगम की सहायता से लागू योजनाओं के तहत भी उन्हें वित्तीय सहायता प्रदान की जा रही है।

उन्होंने बताया कि कृषि एवं सम्बद्ध क्षेत्र के अंतर्गत 231 लाभार्थियों को डेरी फार्मिंग, भेड़ पालन, सुअर पालन के लिए 130.2 लाख रुपये का ऋण उपलब्ध करवाया गया है । इनमें से 118.28 लाख रुपये बैंक ऋण और 11.93 लाख रुपये सब्सिडी तथा 0.75 लाख रूपए मार्जिन मनी के रूप में जारी किए गए हैं। इण्डस्ट्रियल सैक्टर के तहत 17 लाभार्थियों को 7.50 लाख रुपये की राशि मुहैया करवाई गई, जिसमें से 5.61 लाख रुपये बैंक ऋण, 1.14 लाख रुपये सब्सिडी और 0.75 लाख रुपये मार्जिन मनी के रूप में जारी किए गए हैं।

इसी प्रकार, व्यापार और कारोबार क्षेत्र के अंतर्गत 144 लाभार्थियों को 114.92 लाख रुपये की राशि मुहैया करवाई गई, जिसमें से 91.34 लाख रुपये बैंक ऋण, 12.06 लाख रुपये सब्सिडी और 11.52 लाख रुपये मार्जिन मनी के रूप में जारी किए गए हैं।

उन्होंने बताया कि प्रोफेशनल और स्वयं रोजगार सैक्टर के तहत 1 लाभार्थी को 0.50 लाख रुपये की राशि मुहैया करवाई गई, जिसमें से 0.35 लाख रुपये बैंक ऋण, 0.10 लाख रुपये सब्सिडी और 0.05 लाख रुपये मार्जिन मनी के रूप में जारी किए गए हैं।

उन्होंने बताया कि राष्ट्रीय अनुसूचित वित्त एवं विकास निगम की सहायता से लघु व्यवसाय योजना के तहत इस अवधि के दौरान दो लाभार्थियों को 1.20 लाख रुपये जारी किए गए। इसमें राष्ट्रीय अनुसूचित वित्त एवं विकास निगम का प्रत्यक्ष ऋण हिस्सा 90 हजार रुपये और हरियाणा अनुसूचित जाति वित्त एवं विकास निगम का प्रत्यक्ष हिस्सा 10,000 रुपये है। इसके अतिरिक्त, 20,000 रुपये की सब्सिडी भी वितरित की गई।

मंत्री ने बताया कि राष्ट्रीय सफाई कर्मचारी वित्त एवं विकास निगम की सहायता से लागू योजनाओं के तहत इस अवधि के दौरान 10 लाभार्थियों को 8.80 लाख रुपये जारी किए गए। इसमें राष्ट्रीय अनुसूचित वित्त एवं विकास निगम का प्रत्यक्ष ऋण हिस्सा 8.64 लाख रुपये और हरियाणा अनुसूचित जाति वित्त एवं विकास निगम का प्रत्यक्ष हिस्सा 1.16 लाख रुपये है।

हरियाणा सोलर पम्प स्थापित करने में देश में प्रथम

चंडीगढ़, 10 सितंबर- मातृभूमि संदेश बी डी कौशिक। हरियाणा ने वर्ष 2020-21 के लिए स्वीकृत 15,000 पंपों के मुकाबले 14,418 पंपों की स्थापना करके प्रधान मंत्री किसान ऊर्जा सुरक्षा एवं उत्थान महाभियान (पीएमकेयूएसयूएम) के तहत ऑफ-ग्रिड सोलर पंपों की स्थापना में देश में प्रथम स्थान प्राप्त किया है।

यह घोषणा केन्द्रीय नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय द्वारा आयोजित सप्ताह भर चले राष्ट्रव्यापी ‘आज़ादी का अमृत महोत्सव’ समारोह के समापन सत्र में की गई।

सोलर पंपों को इतने बड़े पैमाने पर अपनाने के लिए राज्य के किसानों की सराहना करते हुए मुख्यमंत्री श्री मनोहर लाल ने कहा कि यह सरकार द्वारा कृषि लागत को कम करके किसानों की आय को दोगुना करने की दिशा में उठाए गए कदमों में से एक है।

नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा विभाग एवं हरेडा के महानिदेशक डॉ. हनीफ कुरैशी ने योजना की विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि केन्द्रीय नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय ने वर्ष 2019 में 20 लाख स्टैंडअलोन सोलर पंप स्थापित करने के लक्ष्य के साथ पीएमकेयूएसयूएम योजना शुरू की थी, जिसके तहत हरियाणा को वर्ष 2020-21 के लिए 520 करोड़ रुपये की कुल लागत के साथ 15,000 पंप स्थापित करने का लक्ष्य दिया गया था।

योजना के तहत राज्य में 75 प्रतिशत सब्सिडी के साथ 3 एचपी से 10 एचपी क्षमता के स्टैंडअलोन सोलर पंप स्थापित किए जा रहे हैं। इस योजना के तहत भारत सरकार 30 प्रतिशत केंद्रीय वित्तीय सहायता और राज्य सरकार 45 प्रतिशत सब्सिडी प्रदान कर रही है। किसानों को कुल पंप लागत का केवल 25 प्रतिशत भुगतान करना होता है। उन्होंने कहा कि इन पंपों को किसान/जल प्रयोक्ता संघ/समुदाय/क्लस्टर आधारित सिंचाई प्रणाली आदि द्वारा केवल सिंचाई के उद्देश्य से स्थापित किया जा सकता है।

उन्होंने कहा कि डार्क/ब्लैक जोन में किसानों को केवल मौजूदा डीजल पंपों को ही सोलर पंप में बदलने की अनुमति है, बशर्ते वे पानी बचाने के लिए सूक्ष्म सिंचाई तकनीकों का इस्तेमाल करें। पीएमकेयूएसयूएम के कार्यान्वयन ने किसानों को डीजल पंपों के स्थान पर सोलर पंपों को अपनाने का अवसर प्रदान किया है। आंकड़ों के विश्लेषण से पता चलता है कि पीएमकेयूएसयूएम के लाभार्थी या तो सीमांत किसान हैं, जिनके पास बिजली कनेक्शन नहीं है या फिर वो किसान हैं जो डीजल पंपों का उपयोग कर रहे हैं।

डॉ. कुरैशी ने कहा कि इन पंपों को किसान पर बिना किसी अतिरिक्त लागत के 5 वर्षीय वार्षिक रख-रखाव अनुबंध (एएमसी) और प्राकृतिक आपदाओं, चोरी आदि के लिए बीमा कवर के साथ स्थापित किया गया है।

उन्होंने कहा कि हरियाणा एक कृषि प्रधान राज्य है और यहां लगभग 6.5 लाख इलेक्ट्रिक पंप और तीन लाख डीजल संचालित पंप हैं। उन्होंने कहा कि ये सोलर पंप न केवल पर्यावरण के अनुकूल हैं बल्कि खेती की लागत को भी कम करेंगे क्योंकि बिजली और डीजल पर कोई आवर्ती खर्च नहीं होगा।

सोलर पंप के मॉड्यूल की लाइफ 25 वर्ष होती है और डीजल संचालित पंपों के साथ तुलना की जाए तो यह लगभग डेढ़ वर्ष में ही अपनी सब्सिडी लागत का भुगतान कर देंगे। उन्होंने कहा कि ये पंप केवल दिन के समय ही चलाए जाते हैं इसलिए किसानों को रात के समय सिंचाई के लिए नहीं जाना पड़ता है।

उन्होंने कहा कि वर्ष 2020-21 में स्थापित किए गए लगभग 15,000 पंपों ने राज्य में लगभग 105 मेगावाट की सौर क्षमता को जोड़ा है और इसके परिणामस्वरूप कार्बन फुटप्रिंट में लगभग 76,000 टन वार्षिक की कमी आई है।

उन्होंने बताया कि इस योजना के प्रति किसानों की प्रतिक्त्रिया उत्साहवर्धक है और 15000 पंपों के लक्ष्य के मुकाबले विभाग को 42,000 से अधिक ऑनलाइन आवेदन प्राप्त हुए हैं। इस प्रतिक्त्रिया को देखते हुए विभाग ने चालू वित्त वर्ष के लिए 844 करोड़ रुपये की कुल परियोजना लागत के साथ 22,000 पंप स्थापित करने का लक्ष्य निर्धारित किया है और इसके लिए केन्द्रीय नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय द्वारा दरों एवं फर्मों को अंतिम रूप देने के तुरंत बाद आवेदन आमंत्रित किए जाएंगे।

चंडीगढ़, 10 सितंबर- मातृभूमि संदेश बी डी कौशिक। हरियाणा के उपमुख्यमंत्री श्री दुष्यंत चौटाला ने गणेश चतुर्थी के पावन अवसर पर लोगों को बधाई एवं शुभकामनाएं दी हैं। उन्होंने यहां जारी संदेश में कहा कि गणेश चतुर्थी का यह पावन अवसर हर किसी के जीवन में सुख, शांति, सौभाग्य और आरोग्य लेकर आए।

श्री दुष्यंत चौटाला ने कहा कि ज्ञान, समृद्धि, अच्छे भविष्य के प्रतीक भगवान श्रीगणेश के जन्म के उपलक्ष्य में मनाए जाने वाले इस त्योहार में भरपूर उत्साह व उल्लास देखने को मिलता है। उन्होंने लोगों से आहवान किया कि आइए, इस साल गणेश चतुर्थी के अवसर पर हम सब मिलकर विघ्नहर्ता भगवान श्रीगणेश से प्रार्थना करें कि कोविड-19 महामारी के खिलाफ किए जा रहे हमारे प्रयासों को सफल बनाएं और हम सभी को सुख-शांति प्रदान करें। उन्होंने लोगों को कोविड के दिशा-निर्देशों का पालन करते हुए उत्साह और सद्भाव के वातावरण में इस त्योहार को मनाने की अपील की है।

चंडीगढ़, 10 सितंबर- मातृभूमि संदेश बी डी कौशिक। हरियाणा में शैक्षिक सत्र 2021-22 के लिए राजकीय एवं अराजकीय विद्यालयों में कक्षा 9वीं एवं 11वीं हेतु प्रवेश की तिथियां बढ़ाई गई हैं।

इस बारे में जानकारी देते हुए सैकेंडरी शिक्षा विभाग के प्रवक्ता ने बताया कि उक्त कक्षाओं में संस्था के मुखिया द्वारा संबंधित खंड शिक्षा अधिकारी/जिला शिक्षा अधिकारी से अनुमति प्राप्त कर 20 सितंबर 2021 तक बिना विलंब शुल्क के प्रवेश किए जा सकते हैं। उन्होंने बताया कि इसके बाद सैकेंडरी शिक्षा विभाग के निदेशक की अनुमति से इन कक्षाओं में प्रवेश किए जा सकते हैं।

रबी फसलों के एमएसपी बढ़ाने के लिए हरियाणा ने जताया प्रधानमंत्री का आभार

हरियाणा में दिए जा रहे गन्ने के सर्वाधिक भाव – मुख्यमंत्री मनोहर लाल

चण्डीगढ, 10 सितम्बर -मातृभूमि संदेश बी डी कौशिक। हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री मनोहर लाल ने बुआई मौसम आरंभ होने से पहले छर् रबी फसलों के न्यूनतम समर्थन मूल्य घोषित करने के लिए प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी व केन्द्र सरकार का आभार व्यक्त किया । उन्होंने आशा व्यक्त की कि यह निर्णय किसानों की आय दोगुनी करने के लक्ष्य को प्राप्त करने में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगा।

मुख्यमंत्री ने यह बात आज यहां एक विशेष बातचीत के दौरान कही ।

उन्होंने कहा कि हरियाणा भी किसानों की आय दोगुनी करने में अहम भूमिका निभा रहा है । हरियाणा देश का ऐसा पहला राज्य है जहां गन्ने का सर्वाधिक भाव दिया जा रहा है । इस वर्ष भी हरियाणा सरकार ने गन्ने का भाव 12 रुपये प्रति किवंटल बढ़ाकर इसे 350 रुपये से 362 रुपये किया है। यह देश में तो सर्वाधिक है ही नजदीकी और हाल ही में चुनाव वाले पड़ोसी राज्य पंजाब से भी दो रुपये ज्यादा है ।

मुख्यमंत्री ने कहा कि रबी की इन छर् फसलों में न्यूनतम समर्थन मूल्यों में 40 से 400 रुपये तक की बढ़ौतरी की गई । यहां तक कि कई फसलों में तो 100 प्रतिशत तक की भी बढ़ौतरी हुई है । उन्होंने कहा कि अगले वर्ष भी इसी तरह न्यूनतम समर्थन मूल्यों में वृद्घि की जाती रहेगी तो निश्चित रूप से किसानों की आय प्रधानमंत्री के लक्ष्य के अनुरूप वर्ष 2022 तक दोगुनी होगी।

उल्लेखनीय है कि पिछले चार वर्षों से केन्द्र सरकार बुआई मौसम से पहले रबी फसलों के न्यूनतम समर्थन मूल्य घोषित करती आ रही है। इससे किसान अपना मन बना लेता है कि उसे किस फसल की बुआई करने से अधिक मुनाफा हो सकता है।