हरियाणा सरकार की मुख्य गतिविधियां एवं उनसे जुड़े समाचार पढ़िए मातृभूमि संदेश न्यूज नेटवर्क पर।

‘‘हरियाणा 112’’ की राष्ट्रीय स्तर पर हो रही सराहना – डीजीपी
सेवा से जुड़े 15 कर्मियों को किया सम्मानित
चण्डीगढ़, 7 सितंबर – बी डी कौशिक मुख्य संपादक मातृभूमि संदेश न्यूज नेटवर्क । हरियाणा पुलिस द्वारा नागरिकों को त्वरित पुलिस सहायता मुहैया करवाने के उद्देश्य से शुरू की गई हरियाणा 112 इमरजेंसी रिस्पांस सपोर्ट सिस्टम सेवा को देशभर में सराहा जा रहा है।
उक्त विचार हरियाणा के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) श्री प्रशांत कुमार अग्रवाल ने पंचकुला में स्थापित हरियाणा 112 के स्टेट इमरजेंसी रिस्पांस सेंटर के सभागार में आयोजित कार्यक्रम में व्यक्त किए। उन्होंने पेशेवर तरीके से अपने कर्तव्यों का निर्वहन करते हुए पीडि़तों को त्वरित पुलिस सहायता प्रदान करने वाले 15 पुलिस अधिकारियों व कर्मचारियों को उनकी उल्लेखनीय सेवाओं के लिए सम्मानित किया।
इस अवसर पर डीजीपी ने हरियाणा 112 की टीम को बधाई देते हुए कहा कि मुख्यमंत्री श्री मनोहर लाल व गृह मंत्री श्री अनिल विज के समर्थन से ही यह महत्वकाक्षी परियोजना नागरिकों को समर्पित की गई है। इसकी शुरूआत होने से पुलिस को इमरजेंसी के समय लोगों की अधिक तेजी और प्रभावी ढंग से मदद करने में सहायता मिल रही है। हाल ही में बिहार राज्य से आए एक उच्च सदस्यीय शिष्टमंडल ने भी हरियाणा 112 का दौरा कर इसके कामकाज की सराहना की है जिसका श्रेय 112 की टीम को जाता है।
उन्होंने कहा कि सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वालों को पुरस्कृत करने से न केवल सम्मानित होने वाले कर्मियों का मनोबल बढ़ेगा बल्कि अन्य कर्मचारी भी प्रेरणा लेते हुए आने वाले समय में और बेहतर प्रदर्शन करते हुए सम्मानित होने का अवसर प्राप्त कर सकेंगे। उन्होंने उम्मीद जताई कि 112 की टीम विभिन्न संकट कॉलों का जवाब देते हुए बिना किसी देरी के जरूरतमंद नागरिकों को इसी प्रकार तुरंत सहायता प्रदान कर हरियाणा पुलिस का नाम देश में रोशन करेगी।
जुलाई माह के लिए, सुश्री रीता देवी को लघु प्रतिक्रिया समय, कैप्चर की गई जानकारी की सटीकता, अनुशासन जैसे विभिन्न मापदंडों के आधार पर सर्वश्रेष्ठ कम्युनिकेशन ऑफिसर का पुरस्कार प्रदान किया गया। हेड कांस्टेबल ज्ञानचंद और हेड कांस्टेबल अंकुर को सर्वश्रेष्ठ डिस्पैच अधिकारी का पुरस्कार मिला। इसी प्रकार, सोनीपत की ईआरवी नंबर 665 पर तैनात ईएसआई बिजेंदर, कांस्टेबल पुरुषोत्तम और कांस्टेबल मनीष को बेस्ट ईआरवी वाहन की श्रेणी में सम्मानित किया गया।
अगस्त 2021 के लिए पूजा रवीश को सर्वश्रेष्ठ कम्युनिकेशन ऑफिसर जबकि एचसी बलजीत सिंह को सर्वश्रेष्ठ डिस्पैच अधिकारी की श्रेणी में सम्मानित किया गया। बेस्ट ईआरवी की श्रेणी में फरीदाबाद में ईआरवी नंबर 184 पर तैनात ईएएसआई सुभाष चंद्र, सिपाही रवि, सिपाही अजय, ईएएसआई श्री कृष्ण, सिपाही रोहतास व सिपाही रोहित को सम्मानित किया गया।
इस अवसर पर एडीजीपी दूरसंचार और आईटी हरियाणा, श्री ए. एस. चावला, जो हरियाणा 112 परियोजना के नोडल अधिकारी भी हैं, ने परियोजना के बारे में जानकारी देते हुए कहा कि 112 सेवा हरियाणा पुलिस की बेहतरीन उपलब्धि है जिससे पुलिस की उपस्थिति बढी है। उन्होंने डीजीपी श्री अग्रवाल को एक स्मृति चिन्ह भी भेंट किया।
इस अवसर पर एसपी ईआरएसएस श्री उदय सिंह मीणा, एसपी प्रशासन श्री राजेश फोगाट एवं अन्य अधिकारी एवं कर्मी भी उपस्थित थे।

भारत प्रजातांत्रिक देश, यहां पर सबको अपनी-अपनी बात कहने का अधिकार- गृह मंत्री
किसानों से अपील, शांतिपूर्ण तरीके से प्रदर्शन करें ताकि आम आदमी की स्वतंत्रता प्रभावित न हो-विज
चण्डीगढ़, 6 सितंबर- मातृभूमि संदेश बी डी कौशिक। हरियाणा के गृह मंत्री श्री अनिल विज ने कहा है कि भारत प्रजातांत्रिक देश है, यहां पर सबको अपनी-अपनी बात कहने व प्रदर्शन करने का अधिकार है। उन्होंने किसानों से अपील करते हुए कहा कि किसान भाई भी कल प्रदर्शन कर रहे हैं, वे करें, लेकिन शांतिपूर्ण तरीके से प्रदर्शन करें और आम आदमी की स्वतंत्रता प्रभावित नहीं होनी चाहिए।
श्री विज यहां मीडिया कर्मियों से बातचीत कर रहे थे।
उन्होंने कहा कि लोगों की सुविधा के लिए हमने सभी इंतजाम किए हैं और कुछ रास्तों को डायवर्ट किया है तथा पर्याप्त संख्या में फोर्स को भी तैनात किया है। श्री विज ने अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (कानून व्यवस्था) को आदेश भी दिए हैं कि वे स्वयं वहां पर रहेंगे और सारी स्थिति की निगरानी रखेंगे ताकि यह कार्यक्रम शांतिपूर्ण निपट जाएं।
इंटरनेट बंद रखने के संबंध में पूछे गए प्रश्न के उत्तर में श्री विज ने कहा कि इस प्रकार के कार्यक्रमों की आड़ में कुछ शरारती तत्व फायदा न उठा जाएं और कोई अफवाह फैलाने वाले (रूमर मोंगर्स) इसका फायदा न उठा पाएं, इसलिए प्रशासन को एहतिहात बरतनी पड़ती है।
धारा 144 लगाने के संबंध में पूछे प्रश्न के उत्तर में गृह मंत्री ने कहा कि किसान जहां भी प्रदर्शन करना चाहते हैं, हम उसकी इजाजत देंगें। उन्होंने कहा कि कहा कि उनका किसान नेताओं व आयोजकों से कहना है कि शांति बरकरार रखने का दायित्व उनके ऊपर भी है । उन्होंने उम्मीद जताते हुए कहा कि किसानों का यह कार्यक्रम शांतिपूर्ण तरीके से निपट जाएगा।

 

टोक्यो पैरालंपिक्स में गोल्ड मेडल जीतकर पहुंचे मनीष नरवाल एवं अन्य विजेताओं का खेल मंत्री ने एयरपोर्ट पर किया स्वागत
चंडीगढ़, 6 सितम्बर – मातृभूमि संदेश बी डी कौशिक। हरियाणा के खेल एवं युवा मामले राज्य मंत्री सरदार संदीप सिंह ने टोक्यो पैरालंपिक्स में पदक जीतकर भारत लौटे खिलाडय़िों का दिल्ली एयरपोर्ट पर भव्य स्वागत किया। खिलाडय़िों के सम्मान में खेल राज्य मंत्री आज एयरपोर्ट पर पहुंचे और फूल मालाएं भेंट करके सभी खिलाडिय़ों का अभिनंदन किया गया।
खेल राज्य मंत्री सरदार संदीप सिंह ने कहा कि पैरालंपिक्स में भाग ले रहे खिलाडिय़ों ने तमाम चुनौतियां और बाधाओं को पार करते हुए देश के लिए डबल डिजिट में मेडल लाने के सपने को पूरा किया है। देश के लिए 19 मेडल हासिल करने में हरियाणा के खिलाडिय़ों का भरपूर योगदान रहा है। हरियाणा के खिलाडिय़ों ने दो गोल्ड, 2 सिल्वर और दो कांस्य पदक हासिल करके कुल 6 पदक लेकर देश का नाम रोशन किया है। उन्होंने कहा कि खिलाडिय़ों ने अपने प्रदर्शन के दौरान दृढ़ संकल्प और कड़ी मेहनत का परिचय देते हुए पूरी दुनिया के सामने देश का परचम लहराया है। उन्होंने शूटिंग इवेंट के हरियाणा से खिलाड़ी स्वर्ण पदक विजेता मनीष नरवाल, रजत पदक सिंहराज, तीरंदाज हरविंदर सिंह, भारतीय शूटर अवनि लेखारा और बैडमिंटन चैंपियन आईएएस अधिकारी सुहास सहित तमाम भारतीय खिलाड़ी और उनके साथ जो दल पहुंचा सभी का अभिनंदन किया।
खेल राज्य मंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री मनोहर लाल ने पैरा खिलाडिय़ों के लौटने के बाद उनके स्वागत को अधिक भव्य बनाया है। मुख्यमंत्री ने इन खिलाडिय़ों के गांव में जाकर वहां खिलाडिय़ों को सम्मानित करने के साथ-साथ गांव के विकास के लिए भी अनेक घोषणाएं की हैं। इसके साथ ही इन खिलाडिय़ों को सरकार की नई खेल नीति के तहत लाभ भी दिया जा रहा है। खेल मंत्री ने कहा कि अब अगला फोकस पेरिस 2024 के ओलंपिक पर रहेगा। इसके लिए सरकार खिलाडिय़ों की तैयारी में कोई कसर नहीं छोड़ेगी।

 

सहकारिता मंत्री डॉ बनवारी लाल ने बावल क्षेत्र के गांव मंगलेश्वर मेंं कोविड वैक्सीनेशन कैम्प का किया शुभारंभ
चण्डीगढ़, 6 सितंबर – हरियाणा के सहकारिता, अनुसूचित जाति एवं पिछड़ा वर्ग कल्याण मंत्री डॉ. बनवारी लाल ने कहा कि हरियाणा सरकार ने इस माह एक करोड़ वैक्सीन खरीदने का निर्णय लिया है ताकि प्रदेश के सभी नागरिकों को जल्दी से जल्दी वैक्सीनेट किया जा सके।
सहकारिता मंत्री आज रेवाड़ी जि़ला के बावल विधानसभा क्षेत्र के गांव मंगलेश्वर में वैक्सीनेशन कैम्प का शुभारंभ करने उपरांत संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि केन्द्र सरकार द्वारा लोगों को कोविड-19 महामारी से बचाने के लिए देशभर में वैक्सीनेशन अभियान चलाया हुआ है, जिसके तहत लोग स्वयं आगे बढ़कर कोरोना का टीका लगवा कर अपने आप को सुरक्षित कर रहे हैं।
उन्होंने कहा कि कोरोना महामारी से बचने के लिए वैक्सीन ही एकमात्र सुरक्षित उपाय है। उन्होंने लोगों से अपील करते हुए कहा कि वैक्सीन की डोज लेने के बाद भी कोई आदमी अपने आप को मास्क से फ्री न करें। उन्होंने कहा कि इस महामारी से सुरक्षित रहने के लिए मास्क, सेनेटाईजर व सामाजिक दूरी को बनाए रखना बहुत जरूरी है। उन्होंने कहा कि जिन लोगों ने अभी वैक्सीन की डोज नहीं लगवाई है वे वैक्सीन अवश्य लगवाएं।

चण्डीगढ़, 6 सितंबर – मातृभूमि संदेश बी डी कौशिक। हरियाणा सरकार ने तुरंत प्रभाव से आईएएस अधिकारी कौशल विकास एवं औद्योगिक प्रशिक्षण और रोजगार विभाग की निदेशक एवं विशेष सचिव तथा नागरिक संसाधन सूचना विभाग की निदेशक श्रीमती शरणदीप कौर बराड़ को उनके वर्तमान कार्यभार के अलावा हरियाणा कौशल रोजगार निगम लिमिटेड, पंचकूला का मुख्य कार्यकारी अधिकारी नियुक्त किया है।

 

परियोजनाओं के लिए किसानों की सहमति से जमीन लेगी सरकार – कमलेश ढांडा.
आमजन हित के लिए भूमि अधिग्रहण नीति में संशोधन किसानों को पहुंचाएगा फायदा
चण्डीगढ़, 6 सितम्बर – मातृभूमि संदेश बी डी कौशिक। हरियाणा की महिला एवं बाल विकास राज्य मंत्री श्रीमती कमलेश ढांडा ने कहा कि प्रदेश भर में आमजन के हित के लिए सडक़, रेलवे, उद्योग, स्वास्थ्य, शिक्षा, गरीबों को किफायती मकान जैसे विभिन्न कल्याणकारी परियोजनाओं के लिए सरकार किसानों की सहमति से जमीन अधिग्रहण करेगी। भूमि अधिग्रहण नीति में संशोधन करते हुए सीधे तौर पर किसानों को लाभ पहुंचाना सुनिश्चित किया गया है।
श्रीमती ढांडा आज जिला कैथल कार्यालय में जनता की समस्याएं सुन रही थीं।
उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार ने विधानसभा में भूमि अधिग्रहण कानून में संशोधन करते हुए आज जनता से जुड़ी परियोजनाओं के लिए जमीन देने वाले किसानों को अधिक लाभ देने का मार्ग प्रशस्त किया है। अब किसी भी परियोजना के लिए कलेक्टर और किसान के बीच सहमति बनने पर भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया अपनाने की जरूरत नहीं पड़ेगी।
इसी प्रकार, एक अन्य बदलाव में जमीन मालिक को पुर्नवास के लिए दी जाने वाली राशि या प्लाट आदि देने की बजाय उन्हें मुआवजा राशि का आधा पैसा एकमुश्त दे दिया जाएगा। नीति में बदलाव से किसानों की रूचि आमजन से जुड़ी परियोजना के लिए जमीन देने में बढ़ेगी और उसे नीति के अनुसार सही मुआवजा मिलेगा।

हरियाणा पुलिस ने किसानों द्वारा करनाल सचिवालय घेराव को देखते हुए सुरक्षा के किए पुख्ता इंतजाम
चण्डीगढ़, 6 सितंबर – मातृभूमि संदेश बी डी कौशिक। हरियाणा पुलिस द्वारा 7 सितंबर को विभिन्न किसान संगठनों द्वारा ‘करनाल मिनी सचिवालय का घेराव‘ के आह्वान को देखते हुए सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए हैं।
अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (कानून एवं व्यवस्था) श्री नवदीप सिंह विर्क ने आज इस संबंध में जानकारी देते हुए बताया कि पुलिस द्वारा सुरक्षा के लिए की गई व्यवस्थाओं का प्राथमिक उद्देश्य प्रदेश सहित विशेष रूप से करनाल में शांति व्यवस्था बनाए रखना, किसी भी तरह की हिंसा को रोकना, यातायात व सार्वजनिक परिवहन प्रणाली को सुचारू संचालन तथा सार्वजनिक संपत्ति की सुरक्षा सुनिश्चित करना है।
आईजीपी करनाल रेंज और सभी जिला पुलिस अधीक्षकों (करनाल रेंज) को करनाल और आसपास के जिलों में कानून-व्यवस्था और शांति बनाए रखने के लिए आवश्यक निवारक और एहतियाती उपाय करने के निर्देश दिये गए हैं। उन्होंने कहा कि किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना को रोकने और नागरिकों की सुरक्षा के लिए सभी आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।
डीजीपी कर चुके हैं तैयारियों की समीक्षा
श्री विर्क ने बताया कि डीजीपी हरियाणा श्री पी.के. अग्रवाल स्वयं भी 4 सितंबर को करनाल रेंज की पुलिस महानिरीक्षक तथा पुलिस अधीक्षकों के साथ बैठक कर किसानों के प्रस्तावित विरोध के मद्देनजर पुलिस की तैयारियों की समीक्षा कर चुके हैं। किसानों द्वारा घेराव के आह्वान पर पुलिस पूरी तरह से सतर्क है और किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए सुरक्षा के सभी पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। उन्होंने कहा कि सभी प्रबंध करने के अलावा कानून व्यवस्था की स्थिति से निपटने के लिए नागरिक प्रशासन के साथ भी लगातार तालमेल बनाए रखा जा रहा है।
उन्होंने कहा कि मुख्य राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या 44 (अंबाला-दिल्ली) पर करनाल जिले में कुछ यातायात बाधित हो सकता है। इसलिए, एनएच-44 का उपयोग करने वाले नागरिकों को सलाह दी जाती है कि 7 सितंबर को करनाल शहर की तरफ यात्रा से बचें या अपने गंतव्य तक जाने के लिए वैकल्पिक मार्गों का उपयोग करें। सभी नागरिकों को इन व्यवस्थाओं के बारे में अग्रिम रूप से सूचित किया जा रहा है ताकि किसी भी असुविधा से बचने के लिए वे स्थिति अनुसार अपनी यात्रा को संशोधित कर सकें।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार के निर्देशानुसार स्थिति से निपटने के लिए सभी आवश्यक इंतजाम किए गए हैं। उन्होंने किसानों से कानून-व्यवस्था बनाए रखने और आम जनता को बाधित किए बिना शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात रखने की भी अपील की। उन्होंने कहा कि कानून व्यवस्था बिगाडऩे की कोशिश करने वालों के खिलाफ कानून के तहत कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
रूट डायवर्ट – दिल्ली से चंडीगढ
दिल्ली की ओर से आने वाले वाहनों को पैप्सी पुल (पानीपत) से होते हुए मुनक से असंध व मूनक से गगसीना, घोघड़ीपुर से होते हुए करनाल के हांसी चौक, बाईपास पश्चिमी यमुना नहर से होते हुए कर्ण लेक जीटी रोड़ 44 से होते हुए चंडीगढ़ की ओर निकाला जाएगा। इसके अतिरिक्त हल्के वाहनों को मधुबन, दाहा, बजीदा, घोघड़ीपुर से होते हुए हांसी चैंक, बाईपास यमुना नहर कर्ण लेक जीटी रोड़ 44 से होते हुए चंडीगढ़ की ओर निकाला जाएगा।
रूट डायवर्ट – चंडीगढ़ से दिल्ली
7 सितम्बर को चंडीगढ़ की ओर से जाने वाले वाहनों को पीपली चौक (कुरूक्षेत्र) से लाडवा, इंद्री, ब्याना, नेवल, कुंजपुरा से होते हुए नंगला मेघा, मेरठ रोड़ से होते हुए अमृतपुर खुर्द, कैरवाली तथा घरौंडा से जीटी रोड़ 44 से होते हुए दिल्ली की ओर निकाला जाएगा। इसके अतिरिक्त हल्के वाहनों को रम्बा कट तरावड़ी से रम्बा चौक इंद्री रोड़ से होते हुए संगोहा, घीड़, बड़ागांव, नेवल, कुंजपुरा से हेते हुए नंगला मेघा, मेरठ रोड़ से होते हुए अमृतपनुर खुर्द, कैरवाली तथा घरौंडा से जीटी रोड़-44 से होते हुए दिल्ली की ओर निकाला जाएगा।

चण्डीगढ़, 6 सितंबर – मातृभूमि संदेश बी डी कौशिक। हरियाणा स्वास्थ्य विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव श्री राजीव अरोड़ा ने कहा कि राज्य सरकार ने यह लक्ष्य निर्धारित किया है कि चालू सितंबर माह के अंत तक पूरे प्रदेश में शत-प्रतिशत पात्र नागरिकों को कोरोनारोधी वैक्सीन की पहली डोज अवश्य लग जाए और जो नागरिक दूसरी डोज के लिए पात्र हो गए हैं अर्थात् पहली डोज के बाद जिनका निर्धारित समय पूरा हो गया है उनको भी दूसरी डोज लग जाए।
श्री अरोड़ा आज गुरुग्राम में तीन जिलों नामत: गुरूग्राम, नूंह व रेवाड़ी के वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों, स्वास्थ्य अधिकारियों तथा निजी अस्पतालों के प्रतिनिधियों के साथ समीक्षा बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे।
श्री अरोड़ा ने गुरुग्राम में चल रहे टीकाकरण कार्य पर संतोष जाहिर करते हुए कहा कि वहां पर ओवरआल परफॉर्मेंस काफी बेहतर है, पहली डोज की परफोरमेंस 119 प्रतिशत रही है। चूंकि गुरुग्राम में फ्लोटिंग या माइग्रेटरी जनसंख्या है, लोग आते जाते रहते हैं इसलिए वैक्सीनेशन 100 प्रतिशत से ज्यादा हुआ है। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे यहां रहने वाले सभी लोगों का वैक्सीनेशन करना सुनिश्चित करें।
श्री राजीव अरोड़ा ने कहा कि प्रदेश में कोरोनारोधी वैक्सीन का पर्याप्त स्टॉक है। उन्होंने तुरंत प्रभाव से आज ही वैक्सीन की 2 लाख डोज रेवाड़ी भेजने के निर्देश दिए। साथ ही बताया कि प्रदेश के सभी 22 जिलों में मांग के अनुसार या उससे अधिक मात्रा में वैक्सीन सप्लाई की जा रही है।
श्री अरोड़ा ने सभी निजी अस्पतालों के प्रतिनिधियों को निर्देश दिए कि वे एक सप्ताह में अपने सभी हेल्थ केयर वर्कर्स को वैक्सीन की दूसरी डोज लगवाकर इसकी रिपोर्ट सिविल सर्जन कार्यालय में भेजना सुनिश्चित करें। इसके अतिरिक्त सभी अस्पताल उनके यहां संचालित की जा रही एम्बुलेंस की संख्या व उनमें उपलब्ध मैडिकल सुविधाओं के बारे भी रिपोर्ट सिविल सर्जन कार्यालय को भेजें।
अतिरिक्त मुख्य सचिव ने गुरुग्राम के सिविल सर्जन को निर्देश देते हुए कहा कि वे कोविड पोर्टल पर रजिस्टर्ड सभी निजी अस्पतालों की ऑक्सीजन ऑडिट रिपोर्ट एक सप्ताह के अंदर उनके कार्यालय में भिजवाएं। साथ ही इन अस्पतालों में उपलब्ध बैड व ऑक्सीजन सिलेंडर की उपलब्धता की रिपोर्ट भी तैयार करवाएं। इसके अतिरिक्त सभी अस्पताल ऑक्सीजन सप्लाई के आवश्यक सभी प्रकार की नोजल अपने यहां मंगवाकर रखें।
श्री राजीव अरोड़ा ने उक्त तीनों जिलों के सिविल सर्जन से कहा कि वे दूसरी लहर के समय यानी अप्रैल, मई व जून के अनुभवों व डिमांड के आधार पर एक रिपोर्ट तैयार करें कि इन तीन महीनों में रेमिडिसिवर इंजेक्शन व स्वास्थ्य उपकरणों की कितनी मात्रा में खपत रही थी ताकि उक्त रिपोर्ट के आधार पर आगामी तैयारियां की जा सकें।

 

हरियाणा सरकार ने सभी विभागों, बोर्डों, निगमों, पंचायती राज संस्थाओं और शहरी स्थानीय निकायों के लिए राज्य में भूमि की बाजार दर के निधार्रण के लिए नीति तैयार की- वित्तायुक्त
चण्डीगढ़, 6 सितंबर – मातृभूमि संदेश बी डी कौशिक। हरियाणा सरकार ने सभी विभागों, बोर्डों, निगमों, पंचायती राज संस्थाओं और शहरी स्थानीय निकायों के लिए राज्य में भूमि की बाजार दर के निधार्रण के लिए नीति अधिसूचित की है।
वित्तायुक्त और राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव श्री संजीव कौशल ने बताया कि इस समय सरकार के विभिन्न विभागों, निगमों व नगरीय स्थानीय निकाय संस्थाओ द्वारा भूमि के दर निधाज़्रित करने के लिए समितियों का गठन किया हुआ है और इन द्वारा अलग अलग मापदंड अपनाए जाने के कारण क़ानूनी जटिलताओं का सामना करना पड़ता है। इसलिए भूमि का बाजार भाव निधाज़्रित करने में एकरूप मापदंड बनाने के उद्देश्य से यह नीति बनाई गई है।
उन्होंने बताया कि इस नीति का एक मुख्य उद्देश्य यह भी है कि स्पष्ट आदेशों के अभाव में सरकार के कई विभाग और उनके इकाइयां भूमि के टुकड़े जो निजी निकायों की परियोजनओं की भूमि के बीच में अप्रयुक्त (बेकार) यानि प्रयोग में नहीं आ रहे हैं, को हस्तांतरित करने में कठिनाई का सामना कर रहे हैं। इस कारण से निजी निकायो की परियोजनाओं के तीव्र विकास में बाधा आ रही है। इसके अलावा राज्य का राजस्व भी काफी हद तक प्रभावित हो रहा है। इसके अलावा ऐसी भूमियों व अचल सम्पतियों पर कब्ज़ा या अधिकृत या अनधिकृत स्वामित्व है। परिणामस्वरूप विभिन्न प्रासंगिक विधियों के तहत निष्फल मुकदमेबाजी होती है और बिना किसी फलदायी ठोस परिणाम के मानव संसाधनों की संलिप्ता होती है। अत: इसलिए इस नीति को बनाने की जरूरत पड़ी है।
संपत्ति का मूल्यांकन और मूल्यांककों (वैलुयुर्अस) का चयन व मूल्यांकनकर्ताओं के लिए आचार संहिता भी भूमि की कीमत निर्धारित करने के लिए आवश्यक है। उन्होंने बताया कि राजस्व और आपदा प्रबंधन विभाग, हरियाणा राज्य से संबंधित आयकर विभाग, भारतीय स्टेट बैंक और सरकारी स्वामित्व वाली बीमा कंपनियों के पंजीकृत मूल्यांकनकर्ताओं से लिए गए मूल्यांकनकर्ताओं को सूचीबद्ध करेगा। उक्त विभाग पैनल में शामिल मूल्यांकनकर्ताओं के लिए आचार संहिता को भी अधिसूचित करेगा ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि मूल्यांकनकर्ता संहिता का पालन करते रहें और संहिता के उल्लंघन की स्थिति में उन्हें पैनल से हटाया जा सकता है।
इसी प्रकार, सबसे पहले, समिति में तीन मूल्यांकनकर्ताओं में से एक को संबंधित प्रशासनिक विभाग द्वारा नामित किया जाएगा, दूसरे मूल्यांकनकर्ता को दूसरे/विपरीत पक्ष द्वारा पैनल से चुना जाएगा और तीसरे को दोनों द्वारा सहमति के अनुसार चुना जाएगा। यदि तीसरे मूल्यांकनकर्ता पर कोई सहमति नहीं है, तो उसे प्रशासनिक विभाग द्वारा नामित किया जाएगा। मूल्यांकनअपनी रिपोर्ट अनुरोध किए जाने की तारीख से 10 दिनों के भीतर प्रस्तुत करेंगे। तीन मूल्यांकनकर्ताओं द्वारा रिपोर्ट प्राप्त होने के 7 दिनों के भीतर स्थायी समिति की बैठक होगी। डिविजऩल कमिश्नर की अध्यक्षता में बनी स्थायी समिति अपने विचार-विमर्श में भाग लेने के लिए संबंधित मूल्यांकनकर्ताओं को आमंत्रित करने के लिए स्वतंत्र होगी। इसके बाद स्थायी समिति तीन मूल्यांकनकर्ताओंं द्वारा किए गए मूल्यांकन के औसत का आकलन करेगी।
अंतिम बाजार मूल्य के निर्धारण के संबंध में श्री कौशल ने बताया कि स्थायी समिति उपरोक्त प्रक्रिया के अनुसार भूमि के बाजार मूल्य का निर्धारण करेगी, बशर्ते कि वह क्षेत्र में बिक्री विलेख के पंजीकरण के लिए भारतीय स्टाम्प अधिनियम, 1899 के तहत निधाज़्रित कलेक्टर दरों से कम नहीं होगी। इस नीति की प्रक्रिया के संबंध में उन्होंने बताया कि मंडल आयुक्त की राजस्व टीम द्वारा दस्तावेज और उनका सत्यापन किया जाएगा, जिसमें अंतिम बाजार मूल्य स्थायी समिति द्वारा सरकारी विभाग और उसकी इकाई को सूचित किया जाएगा, जैसा भी मामला हो।
यदि संबंधित निजी संस्था संदर्भाधीन भूमि के विक्रय विलेखों के पंजीकरण के लिए भारतीय स्टाम्प अधिनियम के अंतर्गत निर्धारित नवीनतम कलेक्टर दर की दोगुनी राशि या उच्चतम के दो विलेखों का औसत भुगतान करने के लिए तैयार है। पिछले वर्ष के दौरान उसी प्रकार की भूमि अचल संपत्ति से संबंधित राजस्व संपदा में राशि, जो भी अधिक हो, संबंधित विभाग द्वारा मुख्यमंत्री के अनुमोदन से उचित निर्णय लिया जा सकता है और इस नीति की प्रक्रिया लागु नहीं होगी। यह स्पष्ट किया गया है कि उपरोक्त प्रावधान केवल सरकार या लोकल अथॉरिटी द्वारा बिक्री पर लागू होगा। पार्टी द्वारा भूमि का पूरा मूल्य और स्टाम्प शुल्क एवं निबंधन शुल्क का भुगतान होने पर संबंधित सरकारी विभाग द्वारा हस्तान्तरण विलेख (कन्वेयन्स डीड) का निष्पादन (एक्सेक्यूटेड) कराकर पंजीयन अधिनियम 1908 के अन्तर्गत निबंधन करवाया जायेगा

 

चण्डीगढ़, 6 सितंबर – मातृभूमि संदेश बी डी कौशिक। हरियाणा सरकार ने तुरंत प्रभाव से एक आईएएस अधिकारी विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग के निदेशक एवं विशेष सचिव, खाद्य एवं औषधि प्रशासन के आयुक्त और हरियाणा भूमि सुधार एवं विकास निगम लिमिटेड के प्रबंध निदेशक श्री राजीव रतन को उनके वर्तमान कार्यभार के अलावा सीपीग्रामपीजी पोर्टल के नोडल अधिकारी का अतिरिक्त कार्यभार सौंपा गया है।

चण्डीगढ़, 6 सितंबर – मातृभूमि संदेश बी डी कौशिक। हरियाणा सरकार ने तुरंत प्रभाव से एक एचसीएस अधिकारी हरियाणा प्रशासनिक सुधार विभाग के उप-सचिव श्री मुकुंद को उनके वर्तमान कार्यभार के अलावा सामान्य प्रशासन विभाग के उप-सचिव का अतिरिक्त कार्यभार सौंपा है।

चण्डीगढ़, 6 सितंबर – मातृभूमि संदेश बी डी कौशिक। हरियाणा सरकार ने कल करनाल जिला में किसान महापंचायत के आह्वान को देखते हुए सुरक्षा एवं कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए आज दोपहर 12.30 बजे से कल 7 सितंबर को रात 23.59 बजे तक इंटरनेट सेवाएं निलंबित करने के निर्देश दिए हैं।
एक सरकारी प्रवक्ता ने इस बारे में जानकारी देते हुए बताया कि कल करनाल जिला में जो किसान महापंचायत आहूत की गई है उसमें जन सुरक्षा तथा कानून-व्यवस्था में व्यवधान हो सकता है। इंटरनेट सेवाओं के दुरुपयोग जैसे मोबाइल एसएमएस, सोशल मीडिया के माध्यम से झूठी अफवाहों का प्रसार हो सकता है जिससे सार्वजनिक संपत्ति और सुविधाओं को नुकसान पहुंचाने की स्पष्ट संभावना है।
उन्होंने बताया कि करनाल जिला में सुरक्षा एवं कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए हरियाणा के गृह विभाग के सचिव ने उक्त हालातों के मद्देनजर दूरसंचार सेवाओं के अस्थायी निलंबन (सार्वजनिक आपातकाल या सार्वजनिक सुरक्षा) नियम, 2017 के नियम-2 के आधार पर प्रदान की गई शक्तियों का प्रयोग करते हुए मोबाइल इंटरनेट सेवाओं (2जी/3जी/4जी/सीडीएमए/जीपीआरएस), ज्यादा मात्रा में एसएमएस सहित सभी एसएमएस सेवाएं (बैंकिंग और मोबाइल रिचार्ज को छोड़कर) और सभी डोंगल सेवाएं आदि (वॉयस कॉल को छोड़कर) को निलंबित करने का आदेश दिया है। यह आदेश आज दोपहर 12.30 बजे से कल 7 सितंबर को रात 23.59 बजे तक लागू रहेंगे।

सैरिबरल अटैक्सिया से चलने में असमर्थ बालक आयुर्वेदिक इलाज से दौडऩे लगा-कुलपति
चण्डीगढ़, 6 सितंबर – श्रीकृष्ण आयुष विश्वविद्यालय कुरुक्षेत्र के कुलपति डॉ. बलदेव कुमार ने कहा कि आयुर्वेद में हर बीमारी का इलाज संभव है। आयुर्वेद में रोग के लक्षण पहचान कर उसको जड़ से खत्म किया जाता है। संस्थान का प्रयास है प्रदेश के नागरिकों को बेहतर इलाज व सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं। इसमें अस्पताल के डॉक्टर महती भूमिका निभा रहे हैं।
कुलपति ने बताया कि इसे आयुर्वेद का चमत्कार ही कहेंगे, चलने-फिरने में असमर्थ आरव आज दौड रहा है। बाबैन के गांव इसरेहड़ी का 3 साल का आरव जो वात-वहसंस्थान (सैरिबरल अटैक्सिया) रोग से पीडि़त था। वह चलते-चलते गिर जाता था मगर छह माह के आयुर्वेदिक उपचार के दौरान ही दौड़ने लगा।
आरव लगभग 15 माह की आयु में बच्चों को लगने वाले टीके के बाद से सैरिबरल अटैक्सिया रोग से ग्रसित हो गया था। श्रीकृष्ण आयुष विश्वविद्यालय स्थित राजकीय आयुर्वेदिक अस्पताल एवं कॉलेज के बाल रोग विभाग के सहायक प्रोफेसर डॉ. अमित कटारिया द्वारा दी गई आयुर्वेदिक औषधियों से वह चल-फिर रहा है।
प्रो. डॉ. शंभू दयाल शर्मा ने बताया कि सैरिबरल अटैक्सिया जिसे आयुर्वेद में वात वह- संस्थान रोग के नाम से जानते हैं। यह रोग आमतौर पर हैड ट्रोमा (सर की चोट), स्ट्रोक (दिमाग में ऑक्सीजन की कमी, ब्रेन इन्फेक्शन के कारण होता है। इस बीमारी के कारण रोगी चलने में असमर्थ हो जाता है। मगर आयुर्वेद में इस बीमारी का इलाज किया जा सकता है।
आरव की माता कर्मजीत ने बताया कि आरव का शहर के कई डॉक्टरों से इलाज चला। मगर कोई फायदा नहीं हुआ। आयुर्वेदिक अस्पताल में छह महीने के इलाज से आरव अब वह पहले से ठीक है और चल भी रहा है।

चण्डीगढ़, 6 सितम्बर – मातृभूमि संदेश बी डी कौशिक। चौधरी चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय कुलपति प्रोफेसर बी.आर. काम्बोज ने बताया कि विश्वविद्यालय में दो साल बाद आयोजित होने वाले ऑफलाइन कृषि मेला (रबी) में किसानों को बिक्री के लिए विभिन्न फसलों की उन्नत किस्मों के करीब 9000 क्विंटल बीज उपलब्ध करवाए जाएंगे। इसके अलावा विश्वविद्यालय द्वारा विकसित की गई सब्जियों के बीज भी उपलब्ध करवाए जाएंगे।
कुलपति ने बताया कि विश्वविद्यालय परिसर में ‘जल संरक्षण’ विषय पर 8 व 9 सितंबर को दो दिवसीय किसान मेले के लिए अधिकारियों की बैठक आयोजित कर दिशा-निर्देश दे रहे थे। उन्होंने बताया कि किसानों के हित के लिए उनकी मांग पर विश्वविद्यालय द्वारा दो वर्ष बाद कृषि मेले का आयोजन परम्परागत तरीके से ऑफलाइन किया जा रहा है ताकि किसानों को उच्च गुणवत्ता वाले बीज व आधुनिक तकनीक मिल सकें। कुलपति ने बताया कि न केवल प्रदेश बल्कि अन्य प्रदेशों के किसानों को भी विश्वविद्यालय द्वारा आयोजित किए जाने वाले मेले का इंतजार रहता है और वे भारी तादाद में हिस्सा लेते हैं। मेले के दौरान राज्य व कें द्र सरकार की ओर से कोरोना महामारी को लेकर जारी सभी हिदायतों का सख्ती से पालन किया जाएगा। किसानों को किसी प्रकार की मेले के दौरान असुविधा न हो इसके लिए कमेटियों का गठन किया गया है जो किसानों को जागरूक करने के साथ-साथ उनकी समस्याओं का समाधान भी करेंगी।
कुलपति ने बताया कि मेले के दौरान विश्वविद्यालय के लगभग सभी महाविद्यालयों की ओर से प्रदर्शनी लगाई जाएंगी और विभिन्न फसलों की विकसित किस्मों और तकनीकी की जानकारी दी जाएगी। साथ ही प्रश्नोत्तरी सत्र भी आयोजित किया जाएगा जिसमें किसान अपनी फसल संबंधी समस्याओं का बेहतरीन तरीके से समाधान हासिल कर सकेंगी। मेले के दौरान किसानों को विभिन्न फसलों व सब्जियों की उन्नत किस्मों के बीजों के अलावा फलदार पौधे भी बिक्री किए जाते हैं। किसानों की सुविधा के लिए मेला ग्राउंड में ही फलदार पौधों की ट्राली खड़ी की जाएगी ताकि किसानों को पौधे लेने के लिए मेला ग्राउंड से दूर विश्वविद्यालय के फार्म पर न जाना पड़े। इस बार मेले में अमरूद, बेरी, आंवला, करोंदा, अंगूर, आड़ू व अनार के पौधे दिए जाएंगे। उन्होंने बताया कि किसानों को मेले के दौरान रामधन सिंह सीड फार्म, फार्म निदेशालय व मेला ग्राउंड के प्रवेश द्वारा स्थित बीज बिक्री केंद्र पर बीजों की बिक्री की जाएगी।

चण्डीगढ़, 6 सितम्बर – मातृभूमि संदेश बी डी कौशिक। हरियाणा के कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री श्री जे.पी.दलाल ने कहा कि फसल विविधिकरण के माध्यम से किसानों की आय बढ़ाने के लिए बागवानी को बढ़ावा दिया जा रहा है। प्रदेश में 2030 तक बागवानी क्षेत्र को बढ़ाकर 15 प्रतिशत करने का लक्ष्य रखा है।
उन्होंने कहा कि बागवानी को बढ़ावा देने के लिए 11 सेंटर ऑफ एक्सीलेंस स्थापित किए गए हैं व तीन अन्य इस वर्ष के अंत तक भिवानी, हिसार व मेवात जिला में बनाए जा रहे हैं।
श्री दलाल ने कहा कि बागवानी फसलों की आसानी से बिक्री व उचित मूल्य सुनिश्चित करने के लिए प्रदेश में एक हजार किसान उत्पादक समूह बनाए जाएंगे। अब तक 600 किसान उत्पादक समूह बनाए गए हैं । उन्होंने बताया कि इन समूहों द्वारा 150 इंटीग्रेटेड पेक हाउस बनाए जाएंगे, जिनके माध्यम से किसान अपने फल व सब्जियों को बेचने में सक्षम होंगे।
कृषि मंत्री ने कहा कि फलों व सब्जियों की ऑनलाइन मार्केटिंग के लिए प्रदेश के 227 किसान उत्पादक समूह E-NAM पोर्टल पर पंजीकृत हुए हैं । इनके माध्यम से प्रदेश के बाहर भी फल व सब्जियां बेची जाएंगी। फल व सब्जियों के शीत भंडारण के लिए कोल्ड स्टोर लगाने पर एक किसान के लिए 35 प्रतिशत व एफ.पी.ओ के लिए 80 से 90 प्रतिशत अनुदान का प्रावधान किया गया है।
उन्होंने बताया कि आम, अमरूद व सिट्रस फलों के बाग लगाने पर प्रति एकड़ 5100 रुपए से लेकर एक लाख 21 हजार रूपये तक का अनुदान दिया जा रहा है। ताकि किसानों का रूझान अधिक से अधिक बागवानी फसलों की ओर बढ़े, और उनको कम लगात में अधिक मुनाफा हो।
कृषि मंत्री ने कहा कि ‘भावान्तर भरपाई योजना’ में 21 बागवानी फसलों के संरक्षित मूल्य निर्धारित किए हैं। इसी दिशा में ‘मुख्यमंत्री बागवानी बीमा योजना’ भी शुरू की है जिसके तहत फसल की प्राकृतिक आपदा से होने वाले नुकसान की भरपाई की जाएगी।

 

चण्डीगढ़, 6 सितंबर – मातृभूमि संदेश बी डी कौशिक। हरियाणा में एकल उपयोग प्लास्टिक को पूरी तरह समाप्त करने के लिए मुख्य सचिव श्री विजय वर्धन ने अधिकारियों को प्रदेश में उपयोग में लाए गए प्लास्टिक को रिसाईकिल करने वाले तथा स्क्रेप डीलर्स को चिह्नित कर उनका संबंधित शहरी स्थानीय निकाय अथवा ग्राम पंचायत के तहत पंजीकरण करवाने के निर्देश दिए हैं। इसके अलावा शहरी स्थानीय निकाय अथवा ग्राम पंचायत प्रत्येक युनिट से हर माह प्लास्टिक वेस्ट कलेक्शन और उसकी ढुलाई की रिपोर्ट लेना सुनिश्चित कर इस रिपोर्ट को मुख्यालय में भेजने के भी निर्देश दिए।
मुख्य सचिव आज यहां राज्य में एकल उपयोग प्लास्टिक को पूरी तरह खत्म करने हेतु प्लास्टिक अपशिष्ट प्रबंधन नियम, 2016 के प्रभावी क्रियान्वयन के संबंध में बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे।
मुख्य सचिव ने राज्य में सभी प्रकार के प्लास्टिक निर्माताओं को चिह्नित करने के निर्देश दिए । इसके कार्य के लिए विभिन्न विभागों के अधिकारियों को शामिल कर जिला स्तर पर टीम गठित करने के भी निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि विस्तारित उत्पादक जिम्मेदारी (ईपीआर) के तहत उत्पादक, ब्रांड मालिक, विनिर्माता और थोक विक्रेताओं को शहरी स्थानीय निकाय अथवा ग्राम पंचायत के साथ जोड़ा जाए, ताकि शहर या गांव में शत-प्रतिशत प्लास्टिक कचरे के निस्तारण के लिए स्वयं या एजेंसियों या उत्पादकों को शामिल कर प्लास्टिक कचरे के पृथक्करण, संग्रहण, भंडारण, ढुलाई, प्रसंस्करण और निपटान के लिए बुनियादी ढांचे की स्थापना की जा सके। इसके अलावा, प्लास्टिक कचरे की रिसाइकलिंग पंजीकृत रिसाईकलर के माध्यम से करवाना सुनिश्चित किया जाए।
मुख्य सचिव ने कहा कि अधिकारी सुनिश्चित करें कि कोई भी खुदरा विक्रेता और रेहड़ी फड़ी वाले उपभोक्ताओं को प्लास्टिक से बने कैरी बैग या प्लास्टिक शीट या अन्य कोई भी पैकेजिंग सामान, जो नियमों के तहत निर्धारित मापदंडों के अनुसार नहीं हैं, में वस्तुओं को न दें। बैन की गई प्लास्टिक की चीजों का पुन: उपयोग न हो, इसके लिए विशेष अभियान चलाया जाए और यदि कोई नियमों का उल्लंघन करता पाया जाए तो उसके विरुद्ध सख्त कार्रवाई अमल में लाई जाए। उन्होंने कहा कि प्लास्टिक का उपयोग न करने के लिए व्यापक जन जागरूकता अभियान चलाया जाए। उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि रिसाइकिल न किए जा सकने वाले प्लास्टिक कचरे को सडक़ निर्माण में अधिक से अधिक उपयोग में लाया जाए।
बैठक में बताया गया कि हरियाणा सरकार द्वारा पहले से कैरी बैग और अन्य प्लास्टिक सामान पर प्रतिबंध लगाया हुआ है । इसके अलावा, अब थर्मोकोल से बने किचनवेयर जैसे कप, प्लेट, गिलास इत्यादि और औद्योगिक पैकिंग जो 50 माइक्रॉन से कम हो, उस पर भी प्रतिबंध लगाया जाएगा। साथ ही गुब्बारों के लिए उपयोग होने वाली प्लास्टिक स्टिक, प्लास्टिक फ्लैग, कैंडी स्टिक, एकल उपयोग वाले पैन, सजावट के लिए थर्मोकोल , पैकिंग शीट, प्लास्टिक रिब्बन, टेटरापैक के साथ आने वाले स्ट्रॉ, पीने के पानी के सीलबंद गिलास, प्लास्टिक मिनरल वॉटर पाउच इत्यादि पर भी प्रतिबंध लगाया जाएगा। बैठक में यह भी बताया गया कि प्लास्टिक अपशिष्ट प्रबंधन नियम , 2016 के कार्यान्वयन के लिए व्यापक कार्य योजना तैयार कर ली गई है ।
बैठक में शहरी स्थानीय निकाय विभाग के प्रधान सचिव श्री अरूण कुमार गुप्ता, उद्योग एवं वाणिज्य विभाग के प्रधान सचिव श्री विजयेंद्र कुमार, शहरी स्थानीय निकाय विभाग के निदेशक श्री डी. के. बेहरा, हरियाणा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के सदस्य सचिव श्री एस. नारायाणन, सूचना, जनसंपर्क एवं भाषा विभाग के संयुक्त निदेशक (प्रशासन) श्री अमन कुमार सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

विदेशों में भी लठ गाड़ेंगे हरियाणा के युवा
हमारी सरकार दे रही डिग्री के साथ फ्री पासपोर्ट की सुविधा – मनोहर लाल
मुख्यमंत्री ने इंटरनेशनल हरियाणा एजुकेशन सोसाइटी का किया शुभारंभ
लंदन, अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया से जुड़ी कई नामी हस्तियां
लंदन के रोहित अहलावत के इस प्रयास के लिए मुख्यमंत्री ने की खूब प्रशंसा
अंतरराष्ट्रीय शिक्षा के क्षेत्र में भी छात्रों को सहयोग कर रही मनोहर सरकार
मातृ भाषा के साथ विदेशी भाषा भी सीखें युवा- मुख्यमंत्री
चण्डीगढ़, 6 सितम्बर – मातृभूमि संदेश बी डी कौशिक। हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री मनोहर लाल ने कहा कि प्रदेश में अंतरराष्ट्रीय हरियाणा शिक्षा विभाग स्थापित किए जाने की दिशा में राज्य सरकार विचार करेगी।
मुख्यमंत्री ने आज हरियाणा भवन, नई दिल्ली में ‘इंटरनेशनल हरियााणा एजूकेशन सोसायटी’ का शुभारंभ करते हुए कहा कि प्रदेश सरकार हरियाणा के युवाओं की विदेशों में पढऩे व नौकरी करने के सपने को साकार करेगी। इसके लिए ‘विदेश सहयोग विभाग’ स्थापित करने वाला हरियाणा देश का प्रथम राज्य है।
उन्होंने कहा कि प्रदेश में बीए-एम की डिग्री के साथ पासपोर्ट देने वाली हमारी पहली सरकार है। अब तक 3,000 युवाओं के पासपोर्ट बनवाए भी जा चुके हैं। मुख्यमंत्री ने प्रदेश के युवाओं को विदेशी भाषाओं को सीखने के लिए भी कहा। उन्होंने अपना उदाहरण देते हुए कहा कि उन्होंने स्वयं जैपनीज़ भाषा सीखने के कोर्स में एडमिशन लिया है। उन्होंने कहा कि विदेशों के साथ सांस्कृतिक आदान-प्रदान भी परस्पर समझ स्थापित किए जाने का एक बेहतर माध्यम होता है।
मुख्यमंत्री ने हरियाणा के युवाओं के लिए ‘इंटरनेशनल हरियाणा एजूकेशन सोसायटी’ द्वारा प्रारंभ किए गए आनलाईन प्रशिक्षण कार्यक्रम के लिए लंदन के युवा रोहित अहलावत की प्रशंसा करते हुए कहा कि विदेश में रहते हुए अपने समाज की चिंता करने वालों की फौज खड़ी हो जाएगी तो हरियाणा के युवा विदेशों में जल्द लठ गाड़ देंगे।
ब्रिटेन के सांसद श्री वीरेंद्र शर्मा ने अपने संबोधन में हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री मनोहर लाल के साथ हुई एक पुरानी मुलाकात के अनुभवों को सांझा किया। उन्होंने आनलाईन प्रशिक्षण कार्यक्रम की भी प्रशंसा की। संयुक्त राज्य अमेरिका के कैलिफोर्निया से जुडे डॉ. राजवीर दहिया ने अपने संबोधन में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर विभिन्न शिक्षण संस्थानों में प्रवेश की व्यापक संभावनाओं बारे उपयोगी विवरण प्रस्तुत किया।
‘हरियाणा एजूकेशन सोसायटी’ के संस्थापक श्री रोहित अलावावत ने अपने संबोधन में सोसायटी के उद्देश्यों के बारे में बताया। ब्रिटेन से जुड़ी श्रीमती रेखा धनखड़ ने मुख्यमंत्री के कर कमलों से सोसाइटी का पहला रजिस्ट्रेशन करवाया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री के मीडिया सलाहकार श्री अमित आर्य, विदेश सहयोग विभाग के प्रधान सचिव श्री योगेन्द्र चौधरी, विभाग के समन्यवक श्री पवन चौधरी, लंदन से किरण गुलिया, निशा अहलावत के अलावा देश विदेश की अनेकों हस्तियां जुड़ीं ।