हरियाणा सरकार की 6अगस्त 2021 की मुख्य गतिविधियां एवं उनसे जुड़े समाचार पढ़िए मातृभूमि संदेश न्यूज नेटवर्क पर।

  • चंडीगढ़, 7 अगस्त- बी डी कौशिक मुख्य संपादक मातृभूमि संदेश न्यूज नेटवर्क। हरियाणा सरकार ने तुरंत प्रभाव से एक आईएएस और 29 एचसीएस अधिकारियों के स्थानांतरण एवं नियुक्ति आदेश जारी किए हैं।
    सिरसा के अतिरिक्त उपायुक्त उत्तम सिंह को पलवल का अतिरिक्त उपायुक्त और जिला नागरिक संसाधन सूचना अधिकारी, पलवल तथा डीटीओ-सह-सचिव, आरटीए, पलवल लगाया गया है।

स्थानांतरिक एचसीएस अधिकारियों में रेवाड़ी के जिला नगर आयुक्त दिनेश सिंह यादव को खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले विभाग का अतिरिक्त निदेशक (प्रशासन) और विशेष सचिव लगाया गया है।

सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग के अतिरिक्त निदेशक (प्रशासन) विवेक पदम सिंह को वित्त विभाग का विशेष सचिव लगाया गया है।

डीटीओ-सह-सचिव, आरटीए, करनाल वीणा हुड्डा को कुरुक्षेत्र का अतिरिक्त उपायुक्त और जिला नागरिक संसाधन सूचना अधिकारी, कुरुक्षेत्र लगाया गया है।

फरीदाबाद के अतिरिक्त उपायुक्त और जिला नगर आयुक्त, फरीदाबाद डॉ. मुनीष नागपाल को अतिरिक्त रजिस्ट्रार, सहकारी समितियां, हरियाणा लगाया गया है।

जिला परिषद, नूंह के मुख्य कार्यकारी अधिकारी और डीआरडीए, नूहं के मुख्य कार्यकारी अधिकारी महाबीर प्रसाद को सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग का अतिरिक्त निदेशक (प्रशासन) लगाया गया है।

अतिरिक्त रजिस्ट्रार, सहकारी समितियां, हरियाणा सुशील कुमार-1 को सिरसा का अतिरिक्त उपायुक्त और जिला नागरिक संसाधन सूचना अधिकारी, सिरसा लगाया गया है।

पलवल के अतिरिक्त उपायुक्त और डीटीओ-सह-सचिव, आरटीए, पलवल सत्येंद्र दुहन को मेडिकल कॉलेज, नल्हड़ (नूहं) का अतिरिक्त निदेशक (प्रशासन) लगाया गया है।

जिला परिषद, हिसार के मुख्य कार्यकारी अधिकारी और डीआरडीए, हिसार के मुख्य कार्यकारी अधिकारी जयदीप कुमार को जिला परिषद, रेवाड़ी का मुख्य कार्यकारी अधिकारी और डीआरडीए, रेवाड़ी का मुख्य कार्यकारी अधिकारी लगाया गया है।

हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण, गुरुग्राम-2 के संपदा अधिकारी मनीषा शर्मा को पुन्हाना का उप मंडल अधिकारी (नागरिक) लगाया गया है।

जिला परिषद, सिरसा के मुख्य कार्यकारी अधिकारी और डीआरडीए, सिरसा के मुख्य कार्यकारी अधिकारी राजेश कुमार-1 को हिसार मंडल, हिसार के आयुक्त कार्यालय में ओएसडी लगाया है।

जिला परिषद, फतेहाबाद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी और डीआरडीए, फतेहाबाद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी अजय चोपड़ा को फतेहाबाद का अतिरिक्त उपायुक्त और जिला नागरिक संसाधन सूचना अधिकारी, फतेहाबाद तथा जिला नगर आयुक्त, फतेहाबाद लगाया गया है।

जिला परिषद, महेंद्रगढ़ के मुख्य कार्यकारी अधिकारी और डीआरडीए, महेंद्रगढ़ के मुख्य कार्यकारी अधिकारी तरूण कुमार पवारिया को निगरानी एवं समन्वय विभाग का संयुक्त सचिव और विदेश सहयोग विभाग का संयुक्त सचिव लगाया गया है।

महम सहकारी चीनी मिल की प्रबंध निदेशक और महम की उपमंडल अधिकारी (नागरिक) मेजर (सेवानिवृत) गायत्री अहलावत को जींद का जिला नगर आयुक्त लगाया गया है।

गुरुग्राम महानगरीय विकास प्राधिकरण, गुरुग्राम के संयुक्त मुख्य कार्यकारी अधिकारी जितेंद्र कुमार-2 को हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण, गुरुग्राम-2 का संपदा अधिकारी लगाया गया है।

हरियाणा रोडवेज, भिवानी के महाप्रबंधक बिजेंद्र सिंह को लघु एवं मध्यम उद्योग, हरियाणा का संयुक्त निदेशक तथा हरियाणा व्यापारी कल्याण बोर्ड का सचिव लगाया गया है।

संयुक्त आबकारी एवं कराधान आयुक्त, हरियाणा और कलेक्टर, आबकारी आशुतोष राजन को उनके वर्तमान कार्यभार के अलावा खान एवं भू-विज्ञान विभाग के संयुक्त निदेशक का कार्यभार सौंपा गया है।

डबवाली के उप मंडल अधिकारी (नागरिक) अश्वनी कुमार को वित्त विभाग का उप सचिव तथा ओएसडी, माइक्रो इरिगेशन एंड कमांड एरिया डेवलपमेंट ऑथोरिटी (मिकाडा) लगाया गया है।

हिसार मंडल, हिसार के आयुक्त कार्यालय में ओएसडी वेद प्रकाश को जिला परिषद, सिरसा का मुख्य कार्यकारी अधिकारी और डीआरडीए, सिरसा का मुख्य कार्यकारी अधिकारी लगाया गया है।

कालांवाली के उप मंडल अधिकारी (नागरिक) विजय सिंह को पीजीआईएमएस, रोहतक का संयुक्त निदेशक (प्रशासन) लगाया गया है।

सिरसा के उप मंडल अधिकारी (नागरिक) जयवीर यादव को उनके वर्तमान कार्यभार के अलावा हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण, सिरसा के संपदा अधिकारी का कार्यभार सौंपा गया है।

फरीदाबाद महानगरीय विकास प्राधिकरण, फरीदाबाद के संयुक्त मुख्य कार्यकारी अधिकारी, निगरानी एवं समन्वय विभाग के उप सचिव तथा विदेश सहयोग विभाग के उप सचिव भुपेंद्र सिंह को बहादुरगढ़ का उप मंडल अधिकारी (नागरिक) लगाया गया है।

नगर निगम, हिसार की संयुक्त आयुक्त बेलिना को उनके वर्तमान कार्यभार के अलावा हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण, हिसार के संपदा अधिकारी का कार्यभार सौंपा गया है।

मेडिकल कॉलेज, नल्हड़ (नूहं) के अतिरिक्त निदेशक (प्रशासन) और मेवात विकास एजेंसी, नूहं के उप मुख्य कार्यकारी अधिकारी गजेंद्र सिंह को जिला परिषद, नूहं का मुख्य कार्यकारी अधिकारी और डीआरडीए, नूहं का मुख्य कार्यकारी अधिकारी तथा मेवात विकास एजेंसी, नूहं का उप मुख्य कार्यकारी अधिकारी लगाया गया है।

हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण, फरीदाबाद के संपदा अधिकारी और नगर निगम, फरीदाबाद के संयुक्त आयुक्त जितेंद्र कुमार-4 को फरीदाबाद मंडल, फरीदाबाद के आयुक्त कार्यालय में ओएसडी लगाया गया है।

हरियाणा रोडवेज, पंचकूला के महाप्रबंधक विनेश कुमार को नगर निगम, पंचकूला के संयुक्त आयुक्त और हरियाणा रोडवेज, पंचकूला का महाप्रबंधक लगाया गया है।

हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण, हिसार के संपदा अधिकारी उदय सिंह को कालांवाली का उप मंडल अधिकारी (नागरिक) लगाया गया है।

पुन्हाना के उप मंडल अधिकारी (नागरिक) रणबीर सिंह को फिरोजपुर झिरका का उप मंडल अधिकारी (नागरिक) लगाया गया है।

हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण, सिरसा के संपदा अधिकारी राजेश पुनिया को डबवाली का उप मंडल अधिकारी (नागरिक) लगाया गया है।

जींद के जिला नगर आयुक्त संजय बिश्नोई को जिला परिषद, फतेहाबाद का मुख्य कार्यकारी अधिकारी और डीआरडीए, फतेहाबाद का मुख्य कार्यकारी अधिकारी लगाया गया है।

ओलम्पिक खेलों में चौथे स्थान पर रहने पर अब हरियाणा के खिलाडिय़ों को मिलेगा 50 लाख का पुरस्कार :- मुख्यमंत्री मनोहर लाल

चंडीगढ़, 6 अगस्त- हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री मनोहर लाल ने आज घोषणा करते हुए कहा कि ओलंपिक में अब चौथे स्थान पर रहने वाले प्रदेश के प्रत्येक खिलाड़ी को 50-50 लाख रुपये की राशि प्रदान की जायेगी। राज्य की खेल नीति में ओलम्पिक खेलों में चौथे स्थान पर रहने वाले खिलाडिय़ों के लिए अभी तक कोई प्रावधान नहीं था।

मुख्यमंत्री ने कहा कि ओलंपिक खेलों में भाग लेना अपने आप में गर्व की बात है। राज्य की खेल नीति के अनुसार इन खेलों में किसी कारणवश पदक न लाने वाले खिलाडय़िों के लिए भी प्रोत्साहन राशि दिए जाने का प्रावधान है। इसके अनुसार ओलंपिक खेलों में हिस्सा लेने वाले प्रत्येक खिलाड़ी को 15-15 लाख रुपये प्रोत्साहन राशि भी दी जायेगी, जिनमें से प्रत्येक खिलाड़ी को 5-5 लाख रुपये की राशि खेलों के शुरू होने से पूर्व दी जा चुकी है तथा शेष 10-10 लाख रुपये की राशि खिलाडिय़ों के ओलम्पिक सम्पन्न होने के बाद वापिस लौटने पर दी जायेगी।

मुख्यमंत्री आज रोहतक में प्रेस वार्ता को संबोधित कर रहे थे।

उन्होंने कहा कि प्रदेश की खेल नीति में ओलम्पिक खेलों में स्वर्ण पदक प्राप्त करने वाले खिलाड़ी को 6 करोड़ रुपये, रजत पदक प्राप्त करने वाले खिलाड़ी को 4 करोड़ रुपये तथा कांस्य पदक प्राप्त करने वाले खिलाड़ी को 2.5 करोड़ रुपये की राशि देने का प्रावधान किया गया है। इस नीति में ओलम्पिक खेलों में चौथे स्थान पर रहने वाले खिलाडिय़ों के लिए अभी तक कोई प्रावधान नहीं था, परंतु अब चौथे स्थान पर रहने वाले प्रदेश के प्रत्येक खिलाड़ी को 50-50 लाख रुपये की राशि प्रदान की जायेगी।

राज्य सरकार द्वारा ओलम्पिक खेलों में पदक प्राप्त करने वाले एवं प्रतिभागिता करने वाले खिलाडिय़ों को सम्मानित किया जायेगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत की पुरुष हॉकी टीम ने 41 वर्षों के बाद ओलम्पिक खेलों में कांस्य पदक जीतकर देश का नाम रोशन किया है। इस टीम में प्रदेश के दो खिलाड़ी शामिल हैं, जिन पर सभी को गर्व है।

उन्होंने कहा कि महिला हॉकी टीम ने भी बहादुरी के साथ कांस्य पदक के लिए मैच खेला। महिला हॉकी टीम में प्रदेश की 9 खिलाड़ी हैं। सरकार द्वारा इन सभी 9 खिलाडिय़ों को 50-50 लाख रुपये की राशि प्रदान की जायेगी।

उन्होंने कहा कि प्रदेश के पहलवान रवि दहिया ने ओलम्पिक खेलों में रजत पदक जीतकर देश व प्रदेश का नाम रोशन किया है। उन्होंने पहलवान बजरंग पुनिया को कांस्य पदक के लिए होने वाले मैच के लिए शुभकामनाएं देते हुए आशा व्यक्त की कि वे देश के लिए कांस्य पदक जीतेंगे।

श्री मनोहर लाल ने कहा कि प्रदेश में खेल सुविधाओं को बढावा देते हुए प्रदेश को खेलों का हब बनाया जायेगा। देश की मात्र 2 प्रतिशत जनसंख्या होने के बावजूद ओलम्पिक खेलों में भाग लेने वाले देश के खिलाडिय़ों में लगभग 25 प्रतिशत भागीदारी प्रदेश के खिलाडिय़ों की है, जो गौरव का विषय है।

उन्होंने कहा कि खेलों में हार-जीत का विषय महत्वपूर्ण नहीं होता, बल्कि देश के लिए जज्बे के साथ खेलना महत्वपूर्ण होता है। प्रदेश के सभी ग्रामीण स्टेडियम में खेल सुविधाओं को बढ़ावा दिया जायेगा। प्रदेश में खेलों को बढ़ावा देने के लिए खेल नर्सरियों की संख्या बढ़ाई जायेगी। इन खेल नर्सरियों में सरकार द्वारा खिलाडिय़ों को अच्छी डाइट, कोच की सुविधा एवं बुनियादी ढांचागत सुविधाएं दी जा रही हैं ।

मुख्यमंत्री ने राजीव गांधी खेल रत्न पुरुस्कार के स्थान पर केंद्र सरकार द्वारा शुरू किये गये मेजर ध्यानचंद खेल रत्न पुरुस्कार के संदर्भ में पूछे गये प्रश्न का उत्तर देते हुए कहा कि ऐसा करने से खिलाडिय़ों को प्रोत्साहन मिलेगा। केंद्र सरकार द्वारा विशिष्ट उपलब्धि हासिल करने वाले खिलाड़ी के नाम पर खेल रत्न पुरुस्कार का नामकरण किया गया है।

इस मौके पर हरियाणा के पूर्व मंत्री श्री मनीष कुमार ग्रोवर, नगर निगम के सीनियर डिप्टी मेयर राजकमल सहगल, जिला उपायुक्त कैप्टन मनोज कुमार, पुलिस अधीक्षक राहुल शर्मा सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।

चण्डीगढ़, 6 अगस्त – हरियाणा सरकार कोविड की तीसरी लहर की आशंका को दूर करने के लिए कोविड के प्रभावी प्रबंधन के लिए पांच स्तरीय रणनीति यानी टेस्ट-ट्रैक-ट्रीट-टीकाकरण और कोविड उपयुक्त व्यवहार का पालन करने पर जोर दे रही है।
यह जानकारी हाल ही में स्वास्थ्य मंत्री श्री अनिल विज की अध्यक्षता में सिविल सर्जनों, उपायुक्तों और पुलिस अधीक्षक के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से कोविड-19 की तीसरी लहर की तैयारियों की निगरानी के लिए आयोजित बैठक में दी गई।

अनुमानित तीसरी लहर को रोकने के लिए उठाए जाने वाले कदमों पर, श्री विज ने कहा कि संबंधित अधिकारियों को कम पोजिविटी के कारण लोगों को आत्मसंतुष्ट होने के प्रति सचेत करने और उन्हें रचनात्मक प्रयास करने के लिए प्रेरित करने की आवश्यकता है ताकि मामलों में किसी भी तरह की वृद्धि को रोका जा सके। इसके लिए होटल, रेस्तरां, मॉल और शादियों में भीड़ जमा होने से रोका जाना चाहिए और लोगों को इस संबंध में परामर्श दिया जाना चाहिए और कोविड उपयुक्त व्यवहार का पालन न करने पर जुर्माना लगाया जाना चाहिए।

उन्होंने विस्तार से बताया कि राज्य सरकार विभिन्न सोशल मीडिया प्लेटफार्मों और सूचना, शिक्षा और संचार (आईईसी) रणनीतियों के माध्यम से लोगों के बीच इस विचारधारा को बढ़ावा दे रही है। उन्होंने कहा कि वास्तव में, राज्य ने यह सुनिश्चित किया है कि प्रदेश के प्रत्येक अस्पताल और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों (सीएचसी) में, यहां तक कि दूर-दराज के ग्रामीण क्षेत्रों में भी कोविड-उपयुक्त उपचार उपलब्ध है।

मामलों की अचानक वृद्धि को रोकने के लिए अधिकारियों को ठोस कदम उठाने का निर्देश देते हुए, श्री विज ने टेस्टिंग में तेजी लाने के निर्देश देते हुए कहा कि यह सुनिश्चित किया जाना चाहिए कि परीक्षण दर में गिरावट न हो। उन्होंने अधिकारियों को सक्रिय रहने के लिए भी कहा क्योंकि स्थिति बहुत गतिशील है और सक्रिय मामलों या उच्च सकारात्मकता दर में वृद्धि के शुरुआती संकेतों पर कड़ी नजर रखने की जरूरत है। साथ ही, यह सुनिश्चित करने की आवश्यकता है कि कोविड दिशानिर्देशों का सही अर्थों में पालन किया जाए। इसके अलावा, सभी जिलों को टीकाकरण की गति तेज करनी चाहिए, ताकि अधिक से अधिक लोगों को शीघ्रता से कवर किया जा सके। उन्होंने अधिकारियों से वैक्सीन की दूसरी खुराक पर जोर देने के लिए भी निर्देश दिए।

कोविड-19 की तैयारियों के संबंध में स्वास्थ्य विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव श्री राजीव अरोड़ा ने मंत्री को अवगत कराया कि राज्य में वयस्क, बाल चिकित्सा और नवजात सहित 659 वेंटिलेटर हैं। ऑक्सीजन की उपलब्धता पर श्री अरोड़ा ने बताया कि विभिन्न जिलों में विशेष रूप से उन जिलों में प्रैशर स्विंग एजर्जोशन (पीएसए) संयंत्र स्थापित किए गए हैं जहां कोविड के मामले अधिक हैं। इसके अलावा, लिक्विड मेडिकल ऑक्सीजन टैंक (एलएमओ) 6 स्थानों (करनाल, कुरुक्षेत्र, पंचकुला, हिसार, जींद और रेवाड़ी) में मौजूद हैं और अधिक एलएमओ जोड़ने का काम प्रगति पर है। इसके अलावा, वर्ष 2020-21 में सभी जिला अस्पतालों में 16 रुपये की लागत से गैस मैनिफोल्ड और मेडिकल ऑक्सीजन पाइपलाइन स्थापित की गई थी तथा 36 करोड़ रूपए की लागत से वर्ष 2021-22 में गैस मैनिफोल्ड एवं ऑक्सीजन पाइपलाइनों की सुविधा को सीएचसी स्तर तक बढाया जा रहा है। इसके अलावा, ऑक्सीजन, कंसटैऊटर और दोनों इनवेस्वि और नॉन-इन्वेस्वि वेंटिलेशन भी पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध हैं।

कोविड बाल चिकित्सा मामलों के संबंध की तैयारियों पर श्री अरोड़ा ने बताया कि यह अनुमान है कि अधिकांश बच्चे 70-80 प्रतिशत एसिमटोमैटिक (स्पर्शोन्मुख) होंगे और उन्हें घर में आईसोलेशन की आवश्यकता होगी। इसके अलावा, 15 प्रतिशत माइल्ड मामले, 5 प्रतिशत मोडरेट और गंभीर मामले होंगे जिन्हें कोविड अस्पताल में ऑक्सीजन सहायता और एचडीयू/आईसीयू देखभाल की आवश्यकता होगी। राज्य में 808 आईसीयू बेड, 681 एनआईसीयू बेड इत्यादि हैं। उन्हें यह भी बताया गया कि दवाएं और चिकित्सा उपकरण जैसे इंजेक्शन एम्फोटेरिसिन बी, इंजेक्शन रेमेडिसविर, इंजेक्शन टोसीलिज़ुमैब, पीपीई किट, एन-95 मास्क, ट्रिपल लेयर मास्क, हैंड सैनिटाइज़र, आरटीपीसीआर परीक्षण किट पैरासिटामोल टैबलेट और अन्य उपलब्ध हैं।

चंडीगढ़, 6 अगस्त – हरियाणा स्वास्थ्य विभाग ने नाममात्र की कीमतों पर उत्कृष्ट स्वास्थ्य सुविधाएं प्रदान करने के उद्देश्य से आरटी-पीसीआर की कीमत को फिर से संशोधित कर दिया है। राज्य में निजी प्रयोगशाला या अस्पतालों द्वारा प्रति परीक्षण अब 299 रूपए लिए जाएंगे।

हरियाणा के स्वास्थ्य मंत्री श्री अनिल विज ने कहा कि कोविड महामारी की शुरुआत के बाद से, राज्य सरकार प्रदेशभर की सरकारी स्वास्थ्य सुविधाओं में मुफ्त कोविड जांच की सुविधा प्रदान कर रही है और निजी प्रयोगाशालाओं/अस्पतालों द्वारा ली जा रही दरों की निगरानी भी कर रही है।

उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने आरटीपीसीआर कोविड परीक्षण के लिए ली जाने वाली अधिकतम दरों में फिर से संशोधन किया है और अब 299 प्रति परीक्षण हरियाणा राज्य में निजी प्रयोगशालाओं/अस्पतालों द्वारा लिए जाएंगें।

गृह मंत्री अनिल विज ने पंचकूला के सैक्टर-5 पुलिस थाने का किया औचक निरीक्षण

डयूटी में कोताही बरतने पर चार पुलिस कर्मियों को निलंबित करने के आदेश मौके पर ही दिए

चण्डीगढ़, 6 अगस्त- हरियाणा के गृह मंत्री श्री अनिल विज ने आज पंचकूला के सैक्टर-5 पुलिस थाने का औचक निरीक्षण किया और डयूटी में कोताही बरतने पर चार पुलिस कर्मियों को निलंबित करने के आदेश मौके पर ही दे दिए। जिन चार पुलिस कर्मियों को निलंबित किया गया है उनमें पुलिस थाना प्रभारी (एसएचओ) ललित कुमार, मुंशी डिम्पल, नाईट मुंशी अजय और पुलिस इंस्पैक्टर मंदीप शामिल हैं । इसके अलावा, श्री विज ने एक अन्य शिकायतकर्ता के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने के आदेश भी दिए।
औचक निरीक्षण के उपरांत श्री विज ने मीडिया कर्मियों से बातचीत करते हुए कहा कि इस पुलिस थाना में जो मुंशी तैनात है उसके पास से बहुत सारी दर्खास्तें मिली हैं, जिनको पंजीकृत नहीं किया गया। इसके अलावा, जो नाइट मुंशी है उसके पास से भी दर्खास्तें मिली हैं और यह बिना वर्दी थाना में घुम रहा था, जिन्हें निलंबित किया गया है।
उन्होंने बताया कि इस थाना से जाली करंसी भी मिली है, जो बैंक ने थाना में जमा कराई है और बहुत दिनों से इस मामले को दर्ज नहीं किया गया । इसके अलावा, पुलिस थाना के प्रभारी (एसएचओ) के कार्यालय से बहुत से आवेदन मिले हैं जिनके पर भी कोई कार्यवाही नहीं हुई है । इसलिए थाना प्रभारी (एसएचओ), मुंशी और नाइट मुंशी को उन्होंने निलंबित कर दिया है।
श्री विज ने बताया कि इस पुलिस थाना में किसी भी कर्मचारी की कोई रवानगी नहीं दिखाई जाती और यहां कौन आता है और कौन चला जाता है, कुछ पता नहीं लगता। उन्होंने कहा कि हैरानी की बात यह भी है कि इस पुलिस थाना में कोई संतरी तक नहीं है और इंस्पैक्टर द्वारा लिखित-पढत तक भी नहीं की गई है।
गृह मंत्री ने कहा कि ‘‘मैंने एक महीने की एफआईआर की एक्शन-टेकन रिपोर्ट मांगी है । श्री विज नेे बताया कि इसके अलावा, ‘‘मैंने और सीपी, पंचकूला ने 143 एफआईआर के बारे में, जिनका अनुंसधान या कार्यवाही नहीं हुई है, उसकी भी जानकारी मांगी है, तो मौखिक तौर पर बताया गया है कि तलाशी की कर दी गई है, लेकिन बकाया एफआईआर की क्या कार्यवाही की, कितने लोग पकड़े। जिनमें जघन्य अपराध, उत्पीड़न, धमकाना व धमकी इत्यादि इस प्रकार के अपराध शामिल है, जो महीने से लंबित है और जिन पर कोई कार्यवाही नहीं की गई है’’।
श्री विज ने बताया कि ‘‘मैंने एक शिकायतकर्ता के खिलाफ भी एफआईआर दर्ज करने के आदेश दिए हैं । ये व्यक्ति गंभीर आरोप लगाकर पुलिस का नाजायज फायदा उठा रहा है’’। उन्होंने बताया कि ऐसे कई मामलों के बारे में पुलिस आयुक्त और डीसीपी को एफआईआर दर्ज करने के आदेश दिए हैं।
होमगार्ड जवान द्वारा जहर खाने के संबंध में पूछे गए प्रश्न के उत्तर में उन्होंने कहा कि होमगार्ड के जवान ने जो एफआईआर दर्ज करवाई थी, उसके ऊपर तुरंत कार्यवाही करने के आदेश उन्होंने दिए हैं।

चंडीगढ़, 6 अगस्त- हरियाणा के उपमुख्यमंत्री श्री दुष्यंत चौटाला ने कहा कि आबकारी एवं कराधान विभाग को भविष्य में आधुनिक तकनीक से अपडेट रखा जाएगा जिससे न केवल जीएसटी से प्राप्त राजस्व में वृद्घि होगी बल्कि टैक्स देने वाले लोगों को भी बेहतर सेवाएं दी जा सकेंगी।
डिप्टी सीएम, जिनके पास आबकारी एवं कराधान विभाग का प्रभार भी है, ने यह बात चंडीगढ़ में जीएसटी के ‘मॉडल-2’ कार्यान्वयन की नई प्रणाली का उद्घाटन करने के बाद कही। इस अवसर पर उन्होंने इस मॉडल को तैयार करने वाली आईटी टीम व अधिकारियों को सम्मानित भी किया। कार्यक्रम में विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव श्री अनुराग रस्तोगी, आयुक्त श्री शेखर विद्यार्थी एवं विभाग के अन्य अधिकारी उपस्थित थे।
उपमुख्यमंत्री ने आबकारी एवं कराधान विभाग के अधिकारियों को संबोधित करते हुए कहा कि राज्य के ‘जीएसटी मॉडल-1’ को बदलकर ‘मॉडल-2’ की नई प्रणाली में परिवर्तित करने से विभाग का कामकाज पहले की की तुलना में अब अधिक आधुनिक, तेज और बेहतर डेटा की गुणवत्ता वाला बन गया है। उन्होंने कम समय में अच्छे ढंग से काम करके मॉडल-2 को सफलतापूर्वक लागू करने के लिए विभाग के अधिकारियों को बधाई दी। उन्होंने कहा कि वर्तमान तकनीकी युग में विभाग के साथ-साथ प्रत्येक कर्मचारी व अधिकारी को भी नई-नई तकनीक से अपडेट रहना पड़ेगा।
श्री दुष्यंत चौटाला ने कहा कि टैक्स सुधारों को लागू करने में हरियाणा अग्रणी राज्य रहा है। हमारा राज्य वैट अधिनियम को लागू करने वाला भी पहला राज्य था। नई और बेहतर प्रणालियों को अपनाने की अपनी परंपरा को जारी रखते हुए प्रदेश ने हाल ही में जीएसटी के कार्यान्वयन के ‘मॉडल-2’ मोड को शुरू करने का निर्णय लिया है। अब नई प्रणाली की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है और सभी अधिकारी अब ‘जीएसटीएन’ द्वारा विकसित ‘बीओ-वेब पोर्टल’ पर काम कर रहे हैं।
उन्होंने बताया कि आबकारी एवं कराधान विभाग के कंप्यूटर एवं अन्य उपकरणों को आधुनिक तकनीक में बदला जाएगा, इसके पहले ही निर्देश दे दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि अगर हम अपने अधिकारियों को बेहतरीन सॉफ्टवेयर और हार्डवेयर सिस्टम मुहैया कराएंगे तभी हम टैक्सपेयर को बेहतरीन सेवाएं दे पाएंगे।

चंडीगढ़, 6 अगस्त- हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री मनोहर लाल ने कहा कि प्रदेश में अगर कोई खनन पट्टाधारक सहमति पत्र जारी होने कद्घी तिथि से 12 महीने के भीतर पर्यावरण संबंधी स्वीकृति और संचालन की सहमति हासिल नहीं कर पाया तो उसे पहले 6 महीनों के लिए अब वार्षिक बोली राशि का एक प्रतिशत जबकि अगले 6 महीनों के लिए प्रत्येक माह के लिए वार्षिक बोली राशि का 2 प्रतिशत देना होगा। श्री मनोहर लाल ने कहा कि ऐसे ठेकेदारों को देय राशि पर 12 प्रतिशत वार्षिक की दर से ब्याज देना होगा जो ठेका शुरू होने की तिथि से लागू होगा। हालांकि ब्याज की राशि कुल देय राशि के 50 प्रतिशत से अधिक नहीं होगी। इसके अलावा, ठेके की अवधि नहीं बदलेगी यानि अवधि शुरू होने की तिथि वही रहेगी जो पहले निर्धारित है।
मुख्यमंत्री आज यहां सालों से लंबित खनन संबंधी विवादों व समस्याओं के समाधान के मकसद से बुलाई गई समीक्षा बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। बैठक में खान एवं भू-विज्ञान मंत्री श्री मूलचंद शर्मा भी मौजूद रहे। बैठक में प्रदेशभर से खनन पट्टाधारकों के प्रतिनिधियों को आमंत्रित किया गया था।
उन्होंने कहा कि जिन ठेकेदारों द्वारा 3 मई 2021 के विभागीय नियम संशोधन से पहले ठेका रद्द करने की मांग की गई थी और उसे अस्वीकार कर दिया गया था, ऐसे सभी मामलों में ठेका रद्द करने के लिए अनुरोध (यदि सरेंडर पूरे क्षेत्र के लिए मांगा गया है)जमा करवाने की तिथि से 2 महीने की देय राशि के बराबर राशि या ठेका रद्द करने के आदेश पारित करने की तिथि, जो भी पहले हो, तक का भुगतान ठेकेदार द्वारा किया जाएगा। परंतु यदि ठेका रद्द करने का अनुरोध प्रस्तुत करने के बाद भी खनन कार्य बंद नहीं किया गया, तो इसके अनुसार 2 महीने की अवधि की गणना खनन कार्य बंद करने की तिथि से की जाएगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि जिन मामलों में खनन ठेकेदार अनुबंधों को निष्पादित नहीं कर सके और खानों का संचालन नहीं कर सके, ऐसे मामलों में नीलामी के समय जमा करवाई गई प्रारंभिक सिक्योरिटी राशि (बोली राशि का 10 प्रतिशत) को जब्त करते हुए रद्द कर दिया जाएगा। बोली राशि का 15 प्रतिशत राशि तथा विभाग द्वारा मांगी गई किसी भी तरह की अन्य राशि माफ कर दी जाएगी।
उन्होंने कहा कि अगर खनन ठेका इस आधार पर छोडऩे या सरेंडर करने की मांग की गई थी कि खान क्षेत्र आरक्षित वन, अरावली परियोजना वृक्षारोपण के अंतर्गत पाए जाने पर 50 प्रतिशत से कम पाया गया है तो ऐसे मामले में ठेका समाप्त माना जाएगा और किसी भी पक्ष की कोई देयता नहीं होगी। प्रस्तावित उत्पादन के 50 प्रतिशत से कम उत्पादन के लिए पर्यावरण मंजूरी प्राप्त होने की स्थिति में ठेका समाप्त माना जाएगा और किसी भी पक्ष की कोई देयता नहीं होगी। इसी तरह, जिन विषयों में पर्यावरण मंजूरी, स्थापना या संचालन की सहमति से इंकार कर दिया गया था, ऐसे मामलों में भी ठेका समाप्त माना जाएगा और किसी पक्ष की कोई देयता नहीं होगी।
श्री मनोहर लाल ने कहा कि यदि किसी ठेकाधारक को आवंटित खान के क्षेत्रफल का 25 से 50 प्रतिशत भाग किन्हीं कारणों से कम हो जाता है तो ऐसे सभी मामलों में वार्षिक ठेका राशि क्षेत्र के अनुपात में कम कर दी जाएगी। हांलाकि विवादित खनन क्षेत्र कुल क्षेत्र के 25 प्रतिशत से अधिक नहीं होना चाहिए। ठेकेदार द्वारा खनन करते हुए पहले 3 वर्षों के दौरान किए गए खनन की मात्रा कुल मंजूरी की मात्रा का 90 प्रतिशत या उससे अधिक होनी चाहिए। खनन क्षेत्रों में 50 प्रतिशत से अधिक की कमी होने पर भी ठेका राशि में अधिकतम 50 प्रतिशत राशि ही कम की जाएगी।
पर्यावरण मंजूरी लेने के उपरान्त अगर प्रदूषण् नियंत्रण बोर्ड ने कंसेंट टू इस्टेबलिश/कंसेंट टू आप्ररेट न दी है या दिए जाने के उपरान्त माननीय उच्च न्यायालय द्वारा रोक लगा दी गई, उस अवधि की ठेका राशि को छोड़ दिया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरेंडर के लिए एप्लीकेशन देने पर माइनिंग बंद होने की तिथि से 2 महीने बाद अनुबंध को खत्म माना जाएगा और ठेकेदार को केवल 2 महीने के पैसे ही देने पड़ेंगे। सरेंडर की तिथि के बाद उन्हें 2 किस्तें चुकानी पड़ेगी। उन्होंने कहा कि जो ठेके 31 मार्च 2010 से पहले समाप्त हो चुके हैं, उनकी पूरी बकाया राशि 90 दिन के अंदर जमा करवा दी जाती है तो ब्याज की सारी राशि माफ कर दी जाएगी। इसी तरह, जो ठेके पहली अप्रैल, 2010 के बाद खत्म हुए हैं या अभी चल रहे हैं, ऐसे मामलों में 90 दिन के अंदर सारी बकाया राशि जमा करवाने पर ब्याज की 50 प्रतिशत राशि माफ कर दी जाएगी। हालांकि, ब्याज की राशि अगले 90 दिन के अंदर जमा करवानी होगी।
मुख्यमंत्री श्री मनोहर लाल ने कहा कि इस वर्ष बजट सेशन में की गई घोषणा के अनुसार ‘विवादों से समाधान’ कार्यक्रम के तहत खनन ठेकेदारों के सालों से लंबित विवादों को सुलझाने के मकसद से उन्हें ये रियायतें दी गई हैं। इससे एक तरफ जहां ठेकेदारों को लाभ होगा वहीं राज्य सरकार को भी राजस्व मिलेगा और प्रदेश में खनन गतिविधियों को सुचारू बनाया जा सकेगा।
बैठक में मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव श्री वी.उमाशंकर, खान एवं भू-विज्ञान विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव श्री आलोक निगम, वित्त विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव श्री टी.वी.एस.एन. प्रसाद, सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव श्री देवेंद्र सिंह तथा खान एवं भू-विज्ञान विभाग के महानिदेशक मोहम्मद शाइन के अलावा कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।

चंडीगढ़, 6 अगस्त – हरियाणा सरकार ने एक आईएएस अधिकारी उद्योग एवं वाणिज्य विभाग के महानिदेशक और सचिव, नागरिक उड्डयन विभाग के सलाहकार तथा सचिव और हरियाणा चिकित्सा सेवा निगम के प्रबंध निदेशक श्री साकेत कुमार को उनके वर्तमान कार्यभार के अलावा, श्रीमती अमनीत पी. कुमार की प्रशिक्षण अवधि के दौरान आयुष्मान भारत हरियाणा स्वास्थ्य संरक्षण प्राधिकरण के मुख्य कार्यकारी अधिकारी का अतिरिक्त कार्यभार सौंपा है।

मुख्यमंत्री शिकायत निवारण व निगरानी प्रणाली’ (सीएम विंडो) और ‘सेवा का अधिकार आयोग’ साथ मिलकर करेंगे आमजन की समस्याओं का समाधान
चंडीगढ़, 6 अगस्त – हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री मनोहर लाल की निर्देशों के बाद अब प्रदेश में ‘मुख्यमंत्री शिकायत निवारण व निगरानी प्रणाली’ (सीएम विंडो) और ‘सेवा का अधिकार आयोग’ एक साथ मिलकर प्रदेश वासियों की समस्याओं का समाधान करेंगे।
वीरवार को मुख्यमंत्री श्री मनोहर लाल की अध्यक्षता में हुई बैठक में यह निर्णय लिया गया।
मुख्यमंत्री श्री मनोहर लाल ने अपने ओएसडी भूपेश्वर दयाल और सेवा का अधिकार आयोग के मुख्य आयुक्त टी सी गुप्ता को सीएम विंडो पर आने वाली शिकायतों का तय समय सीमा में निपटारा करने के निर्देश देते हुए दोनों विभागों को साथ मिलकर काम करने के आदेश जारी किए हैं।
सीएम विंडो पर आने वाली 338 सेवाओं (सर्विसेज) से सम्बंधित शिकायतों को अब सीएम विंडो द्वारा सेवा का अधिकार आयोग को भेज दिया जाएगा, जिसके बाद आयोग समय सीमा के अंदर सेवा नहीं उपलब्ध कराने वाले अधिकारियों पर कार्रवाई करेगा। इन सेवाओं में बिजली-पानी जैसी बुनियादी सुविधाओं समेत 338 ऐसी सेवाएं हैं, जिनकी शिकायतों की निगरानी अब सीएम विंडो के साथ-साथ सेवा का अधिकार आयोग भी करेगा।
मुख्यमंत्री ने टी सी गुप्ता को सेवा का अधिकार आयोग के पास आने वाली शिकायतों पर अधिकारियों के खिलाफ कड़ा रुख अपनाने के आदेश देते हुए, आमजन की समस्याओं का तय समयसीमा में निपटारा करने के निर्देश दिए हैं।
बैठक में मुख्यमंत्री श्री मनोहर लाल के ओएसडी भूपेश्वर दयाल, सेवा का अधिकार आयोग के मुख्य आयुक्त टी सी गुप्ता, सेवा का अधिकार आयोग की सचिव मीनाक्षी राज शामिल रहे।

चण्डीगढ़, 6 अगस्त – हरियाणा के राज्यपाल श्री बंडारू दत्तात्रेय ने सामाजिक संस्थाओं का आह्वान किया है कि वे सरकार के कार्यक्रर्मों से जुडक़र बुजुर्गों, युवाओं, महिलाओं व स्कूली बच्चों के लिए ‘तनाव प्रबन्धन’ केे कार्यक्रम आयोजित करें ताकि समाज में आत्महत्या के बढ़ते मामलों को कम किया जा सके।
श्री दत्तात्रेय आज यहां राजभवन में ‘‘आत्महत्या की रोकथाम व जागरूकता’’ विषय पर आयोजित वेबिनार में बोल रहे थे। यह कार्यक्रम आन्ध्र प्रदेश की संस्था स्पन्दना ईडा इंटरनेशनल फाउन्डेशन द्वारा आयोजित किया गया।
उन्होंने इस संस्था के संस्थापक डा. ईडा सेम्यूल रेड्डी की प्रशंसा करते हुए कहा कि मात्र 19 महीनों में संस्था के माध्यम से 100 लोगों की जान बचाई गई है। उन्होंने कहा कि डा. सेम्यूल रेड्डी, जिनकी एम.बी.ए बेटी ने आत्महत्या कर ली थी, ने इसी को ध्यान में रखते हुए ‘‘स्पन्दना ईडा इंटरनेशनल फाउन्डेशन’’ का गठन कर आत्महत्या रोकथाम व जागरूकता अभियान चलाया है।
श्री दत्तात्रेय ने कहा कि बढ़ते भौतिकवाद, घरेलू झगड़ों, दहेज समस्या, आर्थिक समस्या, स्वास्थ्य कारणों व नशे के प्रचलन से समाज में आत्महत्या की समस्या विकराल रूप लेती जा रही है। यह भी समझने की जरूरत है कि आत्महत्या जैसी समस्या जैविक, मनोवैज्ञानिक, सामाजिक और पर्यावरणीय कारणों से भी बढ़ी है।
उन्होंने चिंता जताई कि पूरी दुनिया में होने वाली आत्महत्या की घटनाओं में से 50 प्रतिशत मामले चीन और भारत के हैं। भारत में एक लाख लोगों के पीछे 10.5 लोग आत्महत्या कर रहे हैं। यह चिन्ताजनक होने के साथ-साथ मंथन का विषय भी है। उन्होंने कहा कि वर्तमान में विश्वभर में मृत्यु का दसवां बड़ा कारण आत्महत्या है।
श्री दत्तात्रेय ने अपने सम्बोधन में आगे कहा कि संतुलित जीवन के लिए योग, शारीरिक व्यायाम, सामाजिक संवाद से परिवारों का हौसला बढ़ाने जैसे कार्यक्रम शुरू किए जाने की जरूरत है, जिससे समाज से आत्महत्या के कारणों को कम किया जा सके। उन्होंने कहा कि विशेषकर युवाओं, स्कूली बच्चों के लिए विंटर एक्टीविटी कार्यक्रम, खेल कार्यक्रम व जागरूकता अभियान चलाकर बच्चों के मनोबल को बढ़ाया जा सकता है।
राज्यपाल श्री दत्तात्रेय ने कहा कि देश में ‘‘फिट इंडिया’’ अभियान की शुरूआत की गई है जिसके तहत अनेक प्रकार के स्वास्थ्यवर्धक, मानसिक मनोबल बढ़ाने से जुड़े कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं। इसके साथ-साथ सरकार द्वारा आत्महत्या की घटनाओं को रोकने के लिए हैल्प लाईन की सुविधा शुरू की गई है। इसी प्रकार से राष्ट्रीय मानसिक स्वास्थ्य नीति भी देश में शुरू की गई है। केन्द्र व राज्य सरकार द्वारा नशे से प्रभावित लोगों के लिए देश के विभिन्न शहरों में पुनर्वास व परामर्श केन्द्र स्थापित किए गए हैं।
उन्होंने आमजन से अपील की कि सरकारी व गैर सरकारी, सामाजिक व धार्मिक संस्थाओं से जुडक़र नशामुक्ति के साथ-साथ अन्य कार्यक्रम चलाएं, जिनसे समाज में होने वाली आत्महत्या की घटनाओं के कारणों का पता लगाकर इन घटनाओं पर काबू पाया जा सके। उन्होंने यह भी कहा कि लोग पवित्र पुस्तकों के साथ-साथ अच्छा साहित्य पढ़े, इससे मनुष्य के मन में सकारात्मकता बढ़ती हैं। उन्होंने पवित्र पुस्तकों में श्रीमद्भगवद गीता का भी जिक्र किया और कहा कि गीता पढऩे से मनुष्य जीवन जीने की कला में पारंगत हो जाता है।