हरियाणा सरकार की मुख्य गतिविधियां एवं उनसे जुड़े समाचार

राज्य सरकार किसानी और किसानों के हितों की रक्षा के लिए है प्रतिबद्ध-मुख्यमंत्री

 

एक अप्रैल, 2021 से शुरू फसलों की खरीद का भुगतान 72 घंटों में होगा सुनिश्चितभुगतान में देरी पर किसानों को मिलेगा 9 प्रतिशत ब्याज

 

चंडीगढ़, 1 अप्रैल–  बी डी कौशिक मुख्य संपादक मातृभूमि संदेश न्यूज नेटवर्क।    हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री मनोहर लाल ने कहा कि राज्य सरकार किसानी और किसानों के हितों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है। इसी कड़ी में राज्य सरकार ने निर्णय लिया है कि 1 अप्रैल 2021 से शुरू होने वाले रबी खरीद सीजन 2021-22 के दौरान किसानों को किए जाने वाले भुगतान में किसी प्रकार की देरी नहीं होगी। यदि भुगतान में देरी होती है तो लगभग 9 प्रतिशत ब्याज (बैंक दर और एक प्रतिशत) के साथ भुगतान किया जाएगा। यह भुगतान किसानों के सत्यापित बैंक खातों में सीधे किया जाएगा।

मुख्यमंत्री आज यहां पत्रकार वार्ता को संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री श्री जे.पी. दलाल भी उपस्थित थे।

श्री मनोहर लाल ने कहा कि यह सुनिश्चित किया जाएगा कि किसानों को एक निर्धारित समय अवधि के भीतर उनकी खरीदी गई उपज का भुगतान प्राप्त हो और इसके लिए जिम्मेदारियां तय की गई हैं। इसके अलावा, राज्य सरकार ने मंडियों में आई-फॉर्म जारी होने के 72 घंटों के भीतर किसानों के खातों में सीधे पैसा भेजने का फैसला किया है। यदि किसी कारण से किसानों का पैसा उनके सत्यापित खातों में समय पर जमा नहीं किया जाता है, तो उन्हें 9 प्रतिशत ब्याज के साथ भुगतान किया जाएगा।

 

खरीद के लिए पर्याप्त व्यवस्था की गई

मुख्यमंत्री ने कहा कि 1 अप्रैल, 2021 से शुरू होने वाली रबी फसलों की सुचारू खरीद के लिए पर्याप्त व्यवस्था की गई है और संबंधित विभागों और खरीद एजेंसियों को यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं कि किसानों को मंडियों में अपनी उपज बेचते समय किसी भी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।

मुख्यमंत्री ने कहा कि यदि इस बार आवश्यकता हुई तो खरीद केंद्रों की संख्या भी बढ़ाई जा सकती है। फसल के समय पर उठान, खरीद प्रक्रिया के सुचारू संचालन को सुनिश्चित करने के लिए पहले ही दिशा-निर्देश जारी कर दिए हैं ताकि आढ़ती या किसानों को किसी समस्या का सामना न करना पड़ेखरीद के लिए जारी किए गए एसओपीमुख्यमंत्री ने कहा कि खरीद प्रक्रिया में शामिल प्रत्येक हितधारक जैसे किसान, आढ़ती, मार्केटिंग बोर्ड, ट्रांसपोर्टर्स और बैंक आदि के लिए मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) जारी किए गए हैं और पूरे खरीद सत्र के दौरान इन एसओपी के कार्यान्वयन के निर्देश दिए गए हैं। इसके अलावा, खरीद संचालन में लगे लोगों के स्वास्थ्य जोखिम को कम करने के लिए स्वास्थ्य सुरक्षा की व्यवस्था भी की गई है।

 

कई सुशासन सुधार शुरू किए गए

मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले डेढ़ वर्षों में राज्य सरकार द्वारा न्यूनतम सरकार और अधिकतम शासन सुनिश्चित करते हुए कई सुशासन सुधार किए गए। उन्होंने कहा कि अंत्योदय की भावना से गरीब से गरीब व्यक्ति के उत्थान के लिए राज्य सरकार ने एक नई योजना ‘मुख्यमंत्री अंत्योदय परिवार उत्थान अभियान’ की घोषणा की गई है।

इस अभियान का उद्देश्य परिवार पहचान पत्र (पीपीपी) के सत्यापित डाटा से राज्य के सबसे गरीब एक लाख परिवारों की पहचान करके शिक्षा, कौशल विकास, रोजगार, स्वरोजगार के माध्यम से सामाजिक-आर्थिक उत्थान को सुनिश्चित करना है।

उन्होंने कहा कि पीपीपी सर्वेक्षण के माध्यम से इन परिवारों की पहचान करने की प्रक्रिया चल रही है और अब तक लगभग 13,000 परिवारों का डाटा सत्यापित किया जा चुका है।

 

जल संरक्षण को बढ़ावा देने के लिए कई कदम उठाए गए

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा जल संरक्षण को बढ़ावा देने के लिए कई कदम उठाए जा रहे हैं। इसके अलावा, द्विवार्षिक जल प्रबंधन योजना बनाने के साथ-साथ गैर-पोर्टेबल उपयोग के लिए 25 प्रतिशत उपचारित अपशिष्ट जल का उपयोग करने का लक्ष्य भी निर्धारित किया गया है।

उन्होंने कहा कि फसल विविधिकरण के लिए धान की फसल के स्थान पर अन्य वैकल्पिक फसलें उगाने हेतु किसानों को प्रोत्साहित करने के लिए मेरा पानी मेरी विरासत योजना शुरू की गई। इसके तहत किसानों को 7000 रुपये प्रति एकड़ की प्रोत्साहन राशि दी जा रही है।

 

वन टाइम पंजीकरण पोर्टल पर पंजीकरण की तिथि बढ़ाई

मुख्यमंत्री ने कहा कि ग्रुप सी और डी श्रेणी के पदों के लिए वन टाइम रजिस्ट्रेशन पोर्टल पर पंजीकरण की अंतिम तिथि 31 मई, 2021 तक बढ़ा दी गई है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने ग्रुप सी और डी श्रेणी के विभिन्न पदों को भरने के लिए हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग (एचएसएससी) द्वारा एक सामान्य पात्रता परीक्षा (सीईटी) आयोजित करने की भी घोषणा की है।

 

ऑपरेशन शुद्धि के परिणास्वरूप 72 करोड़ रुपये की वसूली

मुख्यमंत्री ने कहा कि परिवहन विभाग में अनियमितताओं को दूर करने के लिए लिए, राज्य सरकार ने ‘ऑपरेशन शुद्धि’ की शुरुआत की थी, जिसके परिणामस्वरूप नवंबर 2020 से मार्च 2021 तक पिछले पांच महीनों में 72 करोड़ रुपये की राशि वसूल की गई है। उन्होंने कहा कि नवंबर 2020 से मार्च 2021 तक 25289 चालान किए गए, जिनमें से 22431 का निपटान किया गया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि ‘जन सेवा’ की भावना के साथ राज्य सरकार ने अपने कार्यकाल के दौरान विभिन्न ई-सुधार किए, जिसमें ऑनलाइन शिक्षक स्थानांतरण नीति, खनन की ई-नीलामी, ई-भूमि पोर्टल, अंत्योदय सरल पोर्टल, ई-रजिस्ट्रेशन, सीएलयू की ऑनलाइन मंजूरी शामिल हैं।

 

सभी पीजी छात्रों को पासपोर्ट देने की योजना

मुख्यमंत्री ने कहा कि विदेश में रोजगार तलाश करने वाले युवाओं के लिए महाविद्यालयों में एक नई महत्वाकांक्षी योजना पासपोर्ट सहायता शुरू की गई है, जिसके तहत 6800 छात्रों को पासपोर्ट दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि अब तक इस योजना में केवल उन छात्रों को पासपोर्ट मिलता था, जिन्होंने इसके लिए आवेदन किया था। अब सरकार ने निर्णय लिया है कि कॉलेजों और विश्वविद्यालयों में पढ़ऩे वाले सभी स्नातकोत्तर विद्यार्थियों का पासपोर्ट बनाया जाएगा।

इस अवसर पर कृषि एवं किसान कल्याण विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव डॉ. सुमिता मिश्रा, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव श्री वी. उमाशंकर, हरियाणा राज्य कृषि विपणन बोर्ड के मुख्य प्रशासक श्री विनय सिंह सहित अन्य अधिकारी उपस्थितथे

हरियाणा के गुरुग्राम की मानेसर तहसील और करनाल के सिरसी गाँव को डिजिटल इंडिया लैंड रिकॉर्ड आधुनिकीकरण कार्यक्रम के लिए क्रियान्वयन हेतू चयनित किया गया है। इस कार्यक्रम के लिए, प्रत्येक भूखंड को चिन्हित करने के लिए यूनिक लैंड पार्सल पहचान संख्या दी जाएगी ताकि प्रत्येक भूखंड की अलग पहचान हो सकें।

हरियाणा के वित्तायुक्त और राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव श्री संजीव कौशल ने आज इस कार्यक्रम की पायलट परियोजना की शुरूआत वीडियो कान्फ्रेसिंग के माध्यम से की। इस अवसर पर भारत सरकार के भूमि संसाधन मंत्रालय के सचिव श्री अजय तिर्कें, भू-रिकार्ड की निदेशक श्रीमती आमना तस्नीम, गुरूग्राम के उपायुक्त श्री यश गर्ग और करनाल के उपायुक्त श्री निसांत कुमार तथा हरियाणा एनआईसी के एसआईसी श्री दीपक बंसल भी उपस्थित थे।

श्री कौशल ने कहा कि इस परियोजना का मुख्य उद्देश्य एपीआई (एप्लीकेशन प्रोग्रामिंग इंटरफेस) के मानकों के साथ ऑनलाइन भूमि सूचना प्रणाली तैयार करना है जो जीआईएस और ओजीसी पर आधारित है ताकि अन्य हितधारक इनका उपयोग ऑनलाइन कर सकें। यह देश भर में सभी विभागों और एजेंसियों के मूल डेटा की स्थिरता को बनाए रखने के अलावा शाब्दिक और स्थानिक डेटा से युक्त भूमि और संपत्तियों पर व्यापक जानकारी प्रदान करेगा। यह विभागों में संबंधित भूमि रिकॉर्ड के आंकड़ों में भी मदद करेगा। यह डेटा और एप्लिकेशन स्तर पर अंतर विभागों के साथ प्रभावी एकीकरण और क्षमता लाएगा।

उन्होंने कहा कि ये प्रणाली भूमि के सत्य एकल स्रोत स्वामित्व और रिकॉर्ड के अन्य भूमि मापदंडों को प्रमाणित करने के लिए आधिकारिक संदर्भ के रूप में होगी। इससे पंजीकरण के दौरान लेनदेन के लिए व्यक्तियों को ऐसी भूमि की तत्काल पहचान और रोकथाम के लिए भूमि के वर्गीकरण का लाभ मिलेगा। एक एकीकृत आईडी (अर्थात, आधार संख्या जैसे असाइनमेंट में एकरूपता) भविष्य में प्रमाणीकरण को बढाते हुए शासन को कम करने की दिशा में काम करेगी। यह प्रणाली डेटा और अनुप्रयोग स्तर पर मानकीकरण विभागों और अन्य हितधारकों / सेवा प्रदाताओं के बीच प्रभावी एकीकरण लाएगी। ये प्रणाली राज्य में प्रत्येक भूमि पार्सल के लिए यूनिक आईडी को सृजित करेगी और सभी हितधारकों के लिए सिस्टम को व्यवस्थित करने में मदद करेगी।

क्रमांक-2021

 

 

 

रबी खरीद सीजऩ से पहले मुख्यमंत्री ने की आढ़तियों के लिए बड़ी राहत की घोषणा

डिफ़ॉल्ट राशि पर 40 प्रतिशत और दंडात्मक ब्याज की 100 प्रतिशत माफी की घोषणा

 

चंडीगढ़, 31 मार्च- हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री मनोहर लाल ने 1 अप्रैल 2021 से आरंभ होने वाले रबी खरीद सीजऩ से पूर्व आढ़तियों को बड़ी राहत देते हुए दुकानों की बकाया राशि और ब्याज में छूट प्रदान करने की घोषणा की है।

मुख्यमंत्री ने आज यहां एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए राज्य सरकार की अनूठी पहल ‘विवादों का समाधान’ के तहत आढ़तियों को डिफाल्ट राशि पर ब्याज में 40 प्रतिशत की छूट और दंडात्मक ब्याज शत प्रतिशत माफ करने की घोषणा की। इस अवसर पर कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री श्री जे पी दलाल भी उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हरियाणा राज्य कृषि विपणन बोर्ड के तहत अनाज मण्डियों और सब्जी मण्डियों के जो प्लॉटधारक किन्हीं कारणों से समय पर अपनी किस्त का भुगतान नहीं कर पाए, उन के लिए अब हरियाणा सरकार ने डिफाल्ट राशि पर ब्याज में 40 प्रतिशत और दंडात्मक ब्याज को शत-प्रतिशत माफ करने का निर्णय लिया है, बशर्ते कि प्लॉटधारक 15 जून, 2021 तक पूरी शेष राशि जमा करवा दें। उन्होंने कहा कि इस समय हरियाणा राज्य कृषि विपणन बोर्ड के 2421 आबंटी डिफॉल्टर हैं जिनकी तरफ लगभग 1131 करोड़ रूपये की राशि बकाया है। आज की घोषणा के बाद प्लॉटधारकों को 370 करोड़ रुपये (ब्याज में 40 प्रतिशत की छूट और शत प्रतिशत दंडात्मक ब्याज माफी) का लाभ होगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि विवादों का समाधान पहल के तहत हाल ही में प्रदेश सरकार ने हरियाणा राज्य औद्योगिक एवं अवसंरचना विकास निगम लिमिटेड (एचएसआईआईडीसी) के भूखंडों की बकाया राशि पर ब्याज और दंडात्मक ब्याज के भुगतान में बड़ी राहत की घोषणा की थी।

उन्होंने कहा कि राज्य सरकार द्वारा प्लॉट की लागत और एनहांस्ड कॉस्ट के एकमुश्त भुगतान के लिए एक योजना लाई गई है, जिससे 2250 उद्योगपति लाभान्वित होंगे। इस योजना के तहत 31 मार्च 2021 तक की देनदारियों के लिए ओवरडयू ब्याज पर 25 प्रतिशत की छूट और दंडात्मक ब्याज 100 प्रतिशत माफ किया जाएगा, बशर्ते पूरी शेष राशि का भुगतान 30 जून, 2021 तक एक बार में ही किया जाए। इससे 1500 करोड़ रुपये की बकाया राशि में से 225 करोड़ रुपये के लाभ होने की संभावना है।

 

एक्सटेंशन फीस स्ट्रक्चर को अधिक तर्कसंगत व सरल बनाया

मुख्यमंत्री ने कहा कि 1 अप्रैल, 2021 से एक्सटेंशन फीस स्ट्रक्चर को और अधिक तर्कसंगत व सरल बनाया जाएगा । एक्सटेंशन फीस को पहले की अपेक्षा कम भी किया गया है।

श्रेणी ए संपदा के लिए चौथे और पाँचवें वर्ष की एक्सटेंशन फीस 50 रुपये प्रति वर्ग मीटर, श्रेणी बी संपदा के लिए 25 रुपये प्रति वर्ग मीटर और श्रेणी सी संपदा के लिए 10 रुपये प्रति वर्ग मीटर होगगा 6 वर्ष से अधिक की कोई भी एक्सटेंशन मान्य नहीं होगी

मुख्यमंत्री ने कहा कि एक्सटेंशन फीस के मामले में भी उद्योगपतियों को राहत दी गई है। अब 6 वर्ष से अधिक की कोई भी एक्सटेंशन मान्य नहीं होगी और प्लाट की अनिवार्य रूप से नीलामी की जाएगी। उन्होंने कहा कि 6 साल के बाद यदि कोई आवंटी परियोजनाओं को पूरा करने में सक्षम नहीं हैं, तो वह प्लॉट को सरेंडर कर सकता है अथवा एचएसआईआईडीसी के माध्यम से प्लॉट नीलाम करवा सकता है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि यदि आवंटी अपने प्लॉट को सरेंडर करता है तो प्लॉट की कीमत की 10 प्रतिशत (अरनेस्ट मनी) राशि की कटौती करके, शेष 90 प्रतिशत राशि में से जितनी राशि का आवंटी ने भुगतान किया है उसका 50 प्रतिशत या 10 प्रतिशत, जो भी कम हो, वह राशि ली जाएगी। कुल मिलाकर आवंटी से अधिकतम 20 प्रतिशत राशि ही ली जाएगी। शेष राशि आवंटी को रिफंड कर दी जाएगी। यदि कोई आवंटी नीलामी के साथ सरेंडर का विकल्प चुनता है तो एचएसआईआईडीसी प्लाट की नीलामी करेगा और अपने शुल्क की कटौती के बाद , बिक्री पर हुआ लाभ आवंटी के साथ समान रूप से विभाजित हो जाएगा।

श्री मनोहर लाल ने कहा कि नीलामी का एक प्रावधान और किया गया है जिसमें यदि 6 साल बाद भी आवंटी परियोजनाओं को पूरा नहीं करता है तो उसे नोटिस देकर प्लॉट को नीलाम किया जाएगा, जिस पर नीलामी के उपरोक्त नियम व शर्तें लागू होंगी।

 

ओसी प्रक्रिया का सरलीकरण

मुख्यमंत्री ने कहा कि यदि आवंटी ने सभी दस्तावेज आदि आवश्यकताएं पूरा करने के बाद ओ.सी. जारी करने के लिए आवेदन किया है, लेकिन शुल्क बकाया होने के कारण ओसी जारी नहीं किया गया, ऐसे मामलों में निर्णय लिया गया है कि अब यदि ओसी के आवेदन करने की तिथि से 6 महीने के भीतर विभाग इन्सपेक्शन कर लेता है तो ओसी के आवेदन करने से इन्सपेक्शन की तिथि तक ही फीस ली जाएगी। यदि विभाग 6 महीने के बाद इन्सपेक्शन करता है या इन्सपेक्शन नहीं की जाती है तो उस स्थिति में ओसी के आवेदन करने की तिथि तक ही फीस ली जाएगी। ओसी का यह प्रावधान तब लागू होगा जब आवेदक बकाया राशि का भुगतान कर देगा।

 

प्रतिष्ठित परियोजनाओं से एग्जिट रूट

मुख्यमंत्री ने प्रतिष्ठित परियोजनाओं में निवेश करने वाले उद्योगपतियों को राहत देते हुए घोषणा की कि एमनेस्टी स्कीम की तिथि 30 सितंबर, 2021 तक बढ़ा दी है। यह योजना उन आवंटियों के लिए है, जिन्होंने प्रस्तावित फिक्स्ड कैपिटल इनवेस्टमेंट का कम से कम 25 प्रतिशत निवेश कर दिया है और वाणिज्यिक उत्पादन शुरू कर दिया है तथा विस्तार शुल्क सहित सभी बकाया राशि का भुगतान कर दिया है।

 

नए प्लॉटधारक को राहत

श्री मनोहर लाल ने कहा कि नए प्लॉटधारक को भी राहत दी गई है। यदि प्लॉटधारक प्लॉट की राशि का भुगतान निलामी से 60 दिनों के भीतर करता है तो प्लॉटधारक को प्लॉट की राशि पर 10 प्रतिशत की छूट दी जाएगी।

 

एचएसआईआईडीसी और एचएफसी के लिए टर्म लोनिंग स्कीम

मुख्यमंत्री ने कहा कि टर्म लोनिंग स्कीम में एचएसआईआईडीसी के डिफ़ॉल्ट मामलों में, जिस तिथि को आवंटी एनपीए हुआ, उस दिन से बकाया राशि (जो मूलधन जमा ब्याज है) पर दंडस्वरूप ब्याज माफ किया गया है। उपरोक्त फॉर्मूला एचएफसी के मामले में 25 लाख रुपये से अधिक के ऋण खातों के मामले में भी लागू होंगे।

उन्होंने कहा कि ऐसे मामलों में एकमुश्त निपटान राशि का भुगतान करने के लिए अतिरिक्त छूट भुगतान करने के समय के अनुसार प्रदान की जाएगी। इसके अनुसार यदि भुगतान 30 दिनों के भीतर किया जाता है, तो 13.5 प्रतिशत वार्षिक ब्याज पर साधारण ब्याज की गणना करके 3 प्रतिशत ब्याज की छूट मिलेगी। इसी प्रकार यदि भुगतान 60 दिनों के भीतर किया जाता है, तो 13.5 प्रतिशत वार्षिक ब्याज पर साधारण ब्याज की गणना करके 2 प्रतिशत ब्याज की छूट मिलेगी। अगर भुगतान 61 से 90 दिनों के भीतर किया जाता है तो तो 13.5 प्रतिशत वार्षिक ब्याज पर साधारण ब्याज की गणना करके 1 प्रतिशत ब्याज की छूट मिलेगी। यदि भुगतान 90 दिनों के बाद किया जाता है तो कोई छूट नहीं दी जाएगी। उन्होंने कहा कि यह योजना 30 सितंबर, 2021 तक लागू रहेगी।

इस अवसर पर कृषि एवं किसान कल्याण विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव डॉ. सुमिता मिश्रा, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव श्री वी. उमाशंकर, हरियाणा राज्य कृषि विपणन बोर्ड के मुख्य प्रशासक श्री विनय सिंह सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे
चंडीगढ़, 31 मार्च- हरियाणा सरकार द्वारा एक तरफ जहां प्रदेश के किसानों के हित में बाजरे के एक-एक दाने की खरीद सुनिश्चित की जा रही है वहीं इसकी खपत बढ़ाने को लेकर भी सरकार काफी गंभीर है। साथ ही, उन्होंने अधिकारियों को फूड प्रोडक्ट में बाजरे की खपत बढ़ाने की संभावनाएं तलाशने के निर्देश भी दिए।

मुख्यमंत्री श्री मनोहर लाल ने आज बाजरे की खपत को लेकर पारले जी, आईटीसी, ओम स्वीट्स, हरीश बेकरी, काकाजी बेकरी और बीकानेर जैसी मशहूर कंपनियों के प्रतिनिधियों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए बाजरे की खपत बढ़ाने को लेकर चर्चा की। बैठक में उपमुख्यमंत्री श्री दुष्यंत चौटाला तथा कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री श्री जेपी दलाल भी मौजूद रहे।

मुख्यमंत्री ने कंपनी प्रतिनिधियों से रूबरू होते हुए कहा कि वे आगामी 2 से 3 महीने में इस तरह की कोई योजना बनाएं कि फूड प्रोडक्ट में बाजरे की खपत कैसे की जा सकती है। इस दौरान मुख्यमंत्री को अवगत करवाया गया कि बाजरे से बने बिस्कुट लोगों में काफी लोकप्रिय हो रहे हैं। इस पर मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि इसका उत्पादन बढ़ाया जाए जिसके लिए स्वयं सहायता समूहों की भी मदद ली जा सकती है।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने मोटे अनाज के उपभोग को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से वर्ष 2023 को ‘मिलेट इयर’ घोषित किया है ताकि लोग स्वस्थ रहें।

वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के दौरान कंपनी प्रतिनिधियों ने मुख्यमंत्री को आश्वासन दिलाया कि वे इस दिशा में लगातार प्रयास कर रहे हैं। इसके लिए ट्रायल किए जा रहे हैं और जल्द ही अच्छे परिणाम मिलेंगे।

बैठक में राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव श्री संजीव कौशल, वित्त विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव श्री टीवीएसएन प्रसाद, स्कूल शिक्षा विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव श्री महावीर सिंह, कृषि एवं किसान कल्याण विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव डॉ.सुमिता मिश्रा, खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव श्री अनुराग रस्तोगी, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव तथा सूचना एवं जनसंपर्क विभाग के प्रधान सचिव श्री वी.उमाशंकर, अतिरिक्त प्रधान सचिव श्रीमती आशिमा बराड़, महिला एवं बाल विकास विभाग के सचिव डॉ. राकेश गुप्ता, हैफेड के प्रबंध निदेशक श्री डी.के. बेहरा और ग्रामीण विकास विभाग के निदेशक श्री हरदीप सिंह समेत विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।

चंडीगढ़, 31 मार्च– हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री मनोहर लाल ने कहा है कि पंचायत स्तर पर एक-एक पैसे का भुगतान ऑनलाइन किया जाएगा। उन्होंने कहा कि हर जिले की ऑडिट रिपोर्ट बननी चाहिए। साथ ही कहा कि न केवल हर जिले की ऑडिट रिपोर्ट बननी चाहिए बल्कि उस पर चर्चा भी होनी चाहिए। मुख्यमंत्री बुधवार को यहां पंचायती राज एवं स्थानीय निकाय में बजट एवं वित्तीय प्रबंधन की योजना के लिए आयोजित बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे।

बैठक में छठे राज्य वित्त आयोग के चेयरमैन श्री राघवेंद्र वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जुड़े।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हमें नया हरियाणा बनाने की दिशा में आगे बढऩा है। उन्होंने हर स्तर का बजट निर्धारित फॉर्म पर बनाकर 30 अप्रैल से पहले भेजने के निर्देश भी दिए ताकि समय से बजट जारी हो सके।

मुख्यमंत्री ने कहा कि पहली दो तिमाही में ज्यादा बजट जारी करें ताकि पहली दो तिमाही में ज्यादा तेजी से कार्य हो सकें। अंतिम तिमाही में सबसे कम बजट जारी करने के लिए कहा गया ताकि पहली तीन तिमाही में शुरू हुए विकास कार्यों को अंतिम तिमाही तक पूर्ण करने पर जोर लगाया जा सके।

सभी पंचायतों को ई पंचायत करने के निर्देश देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि ई पंचायत और ई ऑफिस जैसी व्यवस्थाएं शुरू होने से पारदर्शिता आएगी।

बैठक में बताया गया कि प्रदेश में अभी 2713 पंचायतें ऑनलाइन भुगतान कर रही हैं। इस पर मुख्यमंत्री ने कहा कि यह प्रक्रिया हर पंचायत में शुरू कराएं। उन्होंने कहा कि सिस्टम ऑनलाइन होने से पारदर्शिता आएगी और बारीकी से हर बात को ट्रैक किया जा सकेगा। बैठक में यह भी बताया गया कि ई ग्राम स्वराज पोर्टल पर अब तक 55 हजार वेंडर्स ने रजिस्ट्रेशन कराया है।

इस अवसर पर शहरी स्थानीय निकाय विभाग के एसीएस श्री एसएन रॉय, वित्त विभाग के एसीएस श्री टीवीएसएन प्रसाद, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव श्री वी उमाशंकर आदि मुख्य रूप से उपस्थित रहे। सभी जिलों के डिस्ट्रिक्ट म्युनिसिपल कमिश्नर, जिला परिषदों के सीईओ एवं डीडीपीओ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जुड़े।

कोई भी दे सकेगा गांव के विकास के लिए सुझाव

मुख्यमंत्री श्री मनोहर लाल ने कहा कि विकास कार्यों को गति देने के लिए हरियाणा सरकार प्रतिबद्ध है। विकास कार्यों के लिए पैसे की कोई कमी नहीं रहने दी जाएगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हम ऐसी व्यवस्था कर रहे हैं जिससे हर व्यक्ति अपने गांव के विकास से सम्बंधित सुझाव सरकार को दे सकेगा। इसके लिए ग्राम दर्शन पोर्टल पर जाकर अपना सुझाव दर्ज किया जा सकता है। पोर्टल पर ऐसी व्यवस्था की गई है कि यह सुझाव तत्काल पांच लोगों (सांसद, विधायक, जिला परिषद सदस्य, पंचायत समिति सदस्य और सरपंच) के पास रिफ्लेक्ट करेगा। इनमें से कोई भी इस सुझाव को रिकमेंड कर सके

चंडीगढ़, 31 मार्च- हरियाणा के वित्तायुक्त और अतिरिक्त मुख्यसचिव श्री संजीव कौशल ने सभी उपायुक्तों के निर्देश दिए कि वे अपने जिलों के कलेक्टर रेट 7 अप्रैल तक अधिसूचित कर दे।

वे आज विडिओ कांफ्रेंस के माध्यम से इस सम्बंध में उपायुक्तों के साथ समीक्षा बैठक कर रहे थे।

उन्होंने कलेक्टर रेट निर्धारण करने के लिए पारदर्शी पद्ति अपनाने पर जिला उपायुक्तों की प्रशंसा की। इसके निर्धारण के लिए जिला स्तर पर बनाई की कमेटी में सभी हितधारकों को उचित प्रतिनिधित्व दिया गया और आम जनता से इसके लिए सुझाव और आपत्तियों को सुना है और उसके पश्चात ही कलेक्टर रेट की सिफारिश की है।

उन्होंने बताया कि हरियाणा सरकार ने वर्ष 2021-22 के लिए कलेक्टर दरों की समीक्षा करने के उद्देश्य से राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग के विशेष सचिव की अध्यक्षता में छह सदस्यीय समिति का गठन किया था। जिसने अपनी रिपोर्ट जिला उपायुक्तों को भेज दी है।
चण्डीगढ़, 31 मार्च- उत्तर हरियाणा बिजली वितरण निगम के उपभोक्ताओं की शिकायतें दर्ज करने और पुरानी शिकायतों की सुनवाई के लिए उपभोक्ता शिकायत निवारण मंच के सदस्य अप्रैल माह में विभिन्न स्थानों का दौरा करेंगे।

यह जानकारी देते हुए निगम के प्रवक्ता ने बताया कि मंच के सदस्य, 2 अप्रैल को ऑपरेशन डिविजन, पुण्डरी (कैथल), 5 अप्रैल को ऑपरेशन डिविजन, समालखा (पानीपत), 6 अप्रैल को ऑपरेशन डिविजन, बहादुरगढ़ (झज्जर), 7 अप्रैल को ऑपरेशन डिविजन, जगाधरी (यमुनानगर), 9 अप्रैल को ऑपरेशन सब-अर्बन डिविजन नंबर-1, करनाल, 12 अप्रैल को ऑपरेशन डिविजन, पिहोवा (कुरुक्षेत्र), 13 अप्रैल को ऑपरेशन सिटी डिविजन, रोहतक, 16 अप्रैल को ऑपरेशन डिविजन, पंचकूला में सी.जी.आर.एफ. टीम के सदस्य शिकायतों की सुनवाई करेंगे।

इसी प्रकार, 19 अप्रैल को ऑपरेशन डिविजन, बेरी (झज्जर), 20 अप्रैल को ऑपरेशन सिटी डिविजन, सोनीपत, 23 अप्रैल को ऑपरेशन डिविजन, गोहाना (सोनीपत), 26 अप्रैल को ऑपरेशन सब-अर्बन डिविजन नंबर-1, रोहतक, 27 अप्रैल को ऑपरेशन सिटी डिविजन, करनाल, 28 अप्रैल को ऑपरेशन डिविजन, अम्बाला सिटी और 30 अप्रैल को ऑपरेशन सिटी डिविजन, पानीपत में शिकायतों की सुनवाई करेंगे और नई शिकायतें भी दर्ज करेंगे। इससे उपभोक्ताओं को अपने केस की सुनवाई की सुविधा निकटतम स्थान पर उपलब्ध होगी।

उन्होंने बताया कि मंच के सदस्य उपभोक्ताओं की सभी प्रकार की समस्याओं की सुनवाई करेंगे, जिनमें मुख्यत: बिलिंग, वोल्टेज, मीटरिंग से सम्बंधित शिकायतें, कनैक्शन काटने और जोडऩे, बिजली आपूर्ति में बाधाएं, कार्यकुशलता, सुरक्षा, विश्वसनीयता में कमी और हरियाणा बिजली विनियामक आयोग के आदेशों की अवहेलना आदि शामिल हैं। मंच द्वारा बिजली अधिनियम की धारा 126 तथा धारा 135 से 139 के अन्तर्गत बिजली चोरी और बिजली के अनधिकृत उपयोग के मामलों में दंड तथा जुर्माना और धारा 161 के अन्तर्गत जांच एवं दुर्घटनाओं से सम्बंधित मामलों की सुनवाई नहीं की जाएगी।

चंडीगढ़, 31 मार्च- हरियाणा विधानसभा अध्यक्ष श्री ज्ञान चंद गुप्ता ने हरियाणा विधानसभा प्रक्रिया एवं कार्य संचालन नियमों के तहत कमेटी वर्ष 2021-22 के लिए विधानसभा की 11 कमेटियां गठित की हैं।

विधानसभा सचिवालय द्वारा इस आशय की जारी अधिसूचना के अनुसार जन स्वास्थ्य, सिंचाई, बिजली तथा लोक निर्माण (भवन एवं सडक़ें) विभाग की कमेटी में विधायक श्री दीपक मंगला को अध्यक्ष मनोनीत किया है जबकि विधायक श्री विनोद भ्याना, श्री लीला राम, श्री आफ़ताब अहमद, डॉ. कृष्ण लाल मिड्ढï, श्री प्रवीण डागर, श्री मामन खान, श्री शमशेर सिंह गोगी तथा श्री देवेन्द्र सिंह बबली इस कमेटी के सदस्य होंगे।

इसी प्रकार, स्थानीय निकायों एवं पंचायती राज संस्थानों की कमेटी डॉ. कमल गुप्ता की अध्यक्षता में बनाई गई है। इसके सदस्यों में विधायक श्री कुलदीप बिश्नोई, श्री घनश्याम सर्राफ, श्रीमती सीमा त्रिखा, श्री बिशम्बर सिंह, श्री धर्म सिंह छोक्कर, श्री सुरेन्द्र पंवार, श्री अमरजीत ढांडा तथा श्री राकेश दौलताबाद शामिल हैं।

अनुसूचित जातियां, अनुसूचित जन जातियां तथा पिछड़ा वर्ग कल्याण कमेटी में विधायक श्री ईश्वर सिंह को अध्यक्ष तथा विधायक श्री जगदीश नय्यर, श्री लक्ष्मण नापा, श्री सत्य प्रकाश, श्रीमती रेणु बाला, श्री शीश पाल सिंह, श्री चिंरजीव राव, श्री राम करण व श्री धर्मपाल गोंदर को इस कमेटी के सदस्य के रूप में नामित किया गया है।

लोक लेखा समिति के लिए श्री हरविन्द्र कल्याण को अध्यक्ष तथा विधायक श्रीमती किरण चौधरी, श्री राम कुमार गौतम, डॉ. अभय सिंह यादव, श्री नरेन्द्र गुप्ता, श्री सुधीर कुमार सिंगला, श्री वरूण चौधरी, श्री जोगी राम सिहाग व श्री रणधीर सिंह गोलन को सदस्य बनाया गया है।

इसी प्रकार, अनुमानों पर गठित कमेटी में श्री सुभाष सुधा को अध्यक्ष, विधायक राव दान सिंह, श्री आफताब अहमद, श्री लक्ष्मण नापा, श्री प्रमोद कुमार विज, श्री राम कुमार कश्यप, श्री सीताराम यादव, श्री अमित सिहाग तथा श्री मेवा सिंह को सदस्य मनोनीत किया है।

इसके अलावा, हरियाणा विधायक सभा प्रक्रिया एवं संचालन कमेटी के लिए विधान सभा उपाध्यक्ष श्री रणबीर गंगवा को पदेन अध्यक्ष के रूप में मनोनीत किया गया है तथा विधायक मोहम्मद इलियास, श्री असीम गोयल, श्री राम करण तथा श्री रणधीर सिंह गोलन कमेटी के सदस्य होंगे।

अधीनस्थ विधायी कमेटी के लिए विधायक श्री राम निवास को अध्यक्ष मनोनीत किया गया है जबकि विधायक श्री जगबीर सिंह मलिक, जयवीर सिंह, बिशम्बर सिंह, श्री राम कुमार कश्यप, श्री अमित सिहाग, श्री बलवीर सिंह, श्री सोमवीर सांगवान तथा महाधिवक्ता हरियाणा इस कमेटी के सदस्य होंगे।

इसी प्रकार, सार्वजनिक उपक्रमों पर गठित कमेटी के लिए विधायक असीम गोयल को अध्यक्ष तथा विधायक श्री दूडा राम, श्री भारत भूषण बत्तरा, श्री मोहन लाल बडौली, श्री राजेश नागर, श्री चिंरजीव राव, श्री कुलदीप वत्स, श्री नीरज शर्मा तथा देवेन्द्र सिंह बबली को सदस्य मनोनीत किया है।

सरकारी अश्वासनों पर गठित कमेटी में विधायक मोहम्मद इलियास को अध्यक्ष के रूप में नामित किया गया है, जबकि विधायक श्री बिशन लाल सैनी, श्री राजेन्द्र सिंह जून, श्री गोपाल कांडा, श्री महीपाल ढांडा, श्रीमती निर्मल रानी, श्री सुभाष गांघोली, श्री अमरजीत ढांडा तथा श्री दूडा राम इस कमेटी के सदस्य होंगे।

शिक्षा, तकनीकी शिक्षा, व्यावसायिक शिक्षा, चिकित्सा शिक्षा एवं स्वास्थ्य सेवाओं पर बनाई गई कमेटी के लिए विधायिका श्रीमती सीमा त्रिखा को अध्यक्ष मनोनीत किया गया है। कमेटी के अन्य सदस्यों में श्री जगदीश नय्यर, श्रीमती नैना सिंह चौटाला, श्रीमती निर्मल रानी, श्री शमशेर सिंह गोगी, श्रीमती शैली चौधरी, श्री शीश पाल सिंह, श्री नयन पाल रावत तथा श्री इन्दु राज नरवाल शामिल है।

इसी प्रकार डॉ0 रघुवीर सिंह कादियान विधायक को नियम कमेटी का सदस्य बनाया है।

चण्डीगढ़, 31 मार्च- हरियाणा के खेल एवं युवा मामले मंत्री सरदार संदीप सिंह ने कहा कि प्रदेश में युवा क्लबों को पूर्ण रूप से सक्रिय बनाने के लिए क्षेत्र अनुसार विभिन्न गतिविधियों को बढावा दिया जाए ताकि युवा सामाजिक विकास के साथ साथ आर्थिक रूप से भी सशक्त बन सकें।

खेल मंत्री सैक्टर 7 स्थित अपने आवास पर नेहरू युवा केन्द्र संगठन की राज्य स्तरीय सलाहकार समिति की बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। उन्होंने कहा कि एनवाईके के माध्यम से युवाओं को मानसिक तौर पर मजबूत बनाने पर भी बल देना चाहिए। इसके अलावा युवाओं के हर कार्यक्रम में नशे की प्रवृति से बचाव के लिए भी सचेत एवं जागरूक करना चाहिए। उन्होंने कहा कि इन कार्यक्रमों में 8 से 12वीं कक्षा के विद्यार्थियों को भी शामिल किया जाए और उन्हें जंक फूड से बचाव बारे प्रेरित करें।

खेल मंत्री ने कहा कि हरियाणा देशभर में स्पोर्टस हब के रूप में विख्यात है। इस साल प्रदेश में खेलो इंडिया का आयोजन किया जा रहा है।

उन्होंनेे कहा कि खेलो इंडिया खेलों में स्वैच्छिक रूप से सेवा करने वाले वॉलिंटियरों की सूची तैयार करके खेल विभाग को दें ताकि युवाओं की खेलों इंडिया में स्वैच्छिक सेवा की डयूटी लगाई जा सके। उन्होंने कहा कि फिट इंडिया मुवमेंट के तहत खेल स्टेडियमों में बड़े स्तर पर अन्य प्रतियोगिताएं आयोजित करवाई जाए और इनमें अभिभावकों को भी शामिल किया जाए। उन्होंने कहा कि विधानसभा व लोकसभा की तर्ज पर क्लबों में युवाओं की परिषद बैठकें आयोजित करवाई जाए ताकि युवाओं को देश प्रदेश की ससंद के बारे में पूरी जानकारी मिल सके।

खेल मंत्री ने उत्कृष्ट कार्य करने पर सिरसा के खैरेका युवा क्लब एवं यमुनानगर की समाजसेवी सोनिया सैनी को वर्ष 2020 के राज्य स्तरीय पुरस्कार से सम्मानित किया। युवा क्लब ने सामाजिक बुराईयों के विरूद्व अनेक कार्यक्रम किए। इसके अलावा युवा समन्वय, खेल गतिविधियों के साथ साथ केन्द्रीय योजनाओं के प्रति जागरूकता लाने के भी कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। युवा क्लब को जिला स्तरीय सर्वश्रेष्ठ युवा पुरस्कार एवं स्वच्छ भारत समर इंट्रशिप पुरस्कार से भी नवाजा जा चुका है। इसी प्रकार सोनिया सैनी को भी समर इंट्रशिप पुरस्कार एवं जिला स्तरीय पुरस्कार से सम्मानित किया जा चुका है।

राज्य स्तर पर हुई दूसरी बैठक में हरा भरा गांव अभियान, पर्यावरण, कैच दा रैन, जल सरक्षंण जैसी गतिविधियों पर साल भर किए गए कार्यो की विस्तार से समीक्षा की गई। बैठक में खेल विभाग के प्रधान सचिव श्री योगेन्द्र चौधरी, राज्य निदेशक नेहरू युवा केन्द्र डा. अर्जुन वर्मा, संयुक्त निदेशक धीरज चहल, अतिरिक्त निदेशक शशीकांत, सहायक निदेशक डा. जी एस बाजवा सहित राज्य सलाहाकार समिति के सदस्य मौजूद रहे।

चण्डीगढ़, 31 मार्च- हरियाणा के परिवहन तथा खान एवं भू-विज्ञान मंत्री श्री मूलचंद शर्मा ने आज कोरोना रोधी वैक्सीन की पहली डोज ली। उन्होंने सेक्टर-3 स्थित हरियाणा एमएलए होस्टल की डिस्पेंसरी में वैक्सीन की पहली डोज लगवाई। साथ ही, उन्होंने उम्मीद जताई कि हमें जल्द ही इस महामारी से छुटकारा मिलेगा।

परिवहन मंत्री ने कहा कि सोशल मीडिया में वैक्सीन को लेकर कई तरह की अफवाएं फैलाई जा रही हैं, जिससे लोग वैक्सीन लगवाने में हिचक रहे हैं। उन्होंने कहा कि इससे घबराने की जरूरत बिल्कुल नहीं है। लोगों को चाहिए कि वे इन अफवाहों have g पर ध्यान न देकर वैक्सीनेशन जरूर करवाएं और उन्हें टीका लगवाने के लिए भी प्रेरित करें। है