हरियाणा सरकार के मुख्य समाचार:

हरियाणा के सरकारी समाचार ।
मुख्य कार्यक्रमों की जानकारी।
मातृभूमि संदेश के साथ एक ही स्थान पर:

चंडीगढ़, 15 अक्टूबर- बी डी कौशिक मुख्य संपादक मातृभूमि संदेश न्यूज। हरियाणा में जारी धान खरीद प्रक्रिया के तहत आज 139134.90 टन धान खरीदा गया।

सम्बन्धित विभाग के प्रवक्ता ने इस संबंध में जानकारी देते हुए बताया कि धान की फसल के अलावा आज 11521.47 टन बाजरा, 36.70 टन मूंग और 82.59 टन मक्का की भी खरीद की गई।

उन्होंने बताया कि आज तक प्रदेश की मंडियों में 2209486.02 टन धान, 584.11 टन मूंग, 111119.50 टन बाजरा और 1326.73 टन मक्का की आवक हुई। इसमें से 1545637.05 टन धान, 91420.73 टन बाजरा, 857.62 टन मक्का और 405.65 टन मूंग की खरीद की गई हैं।

 

 

चंडीगढ़, 15 अक्तूबर- हरियाणा सरकार ने तुरंत प्रभाव से एचसीएस अधिकारी बावल के उपमंडल अधिकारी (नागरिक) श्री मनोज कुमार को उनके वर्तमान कार्यभार के अलावा नारनौल के उपमंडल अधिकारी (नागरिक) का कार्यभार भी सौंपा है।

 

 

 

चण्डीगढ़, 15 अक्टूबर-बी डी कौशिक मुख्य संपादक मातृभूमि संदेश न्यूज। हरियाणा के राज्यपाल श्री सत्यदेव नारायण आर्य ने भूतपूर्व राष्ट्रपति, विश्व के महान वैज्ञानिक और युवाओं के प्रेरणास्रोत डा0 ए.पी.जे अब्दुल कलाम की 89वीं जयंती पर उन्हें नमन करते हुए श्रद्घासुमन अर्पित किए हैं।

उन्होंने कहा कि देश के विकास में डा0 कलाम का महत्वपूर्ण योगदान है। डा0 कलाम भारत माता के ऐसे सच्चे सपूत थे जिन्होनें विज्ञान के क्षेत्र में भारत को अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाई। आज उन्हें प्रत्येक देशवासी सादर नमन कर रहा है। उनके जीवन से शिक्षा लेकर युवाओं को राष्ट्र निर्माण में और अधिक ताकत से कार्य करना है।

 

 

चंडीगढ़, 15 अक्टूबर-बी डी कौशिक मुख्य संपादक मातृभूमि संदेश न्यूज। हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री मनोहर लाल ने पूर्व राष्ट्रपति डॉक्टर एपीजे अब्दुल कलाम की 89वीं जयंती पर उन्हें याद करते हुए श्रद्धासुमन अर्पित किए हैं।

उन्होंने कहा कि मिसाइल मैन के नाम से पहचाने जाने वाले डॉक्टर कलाम न केवल युवाओं बल्कि हर देशवासी के प्रेरणास्रोत हैं। भारत को परमाणु शक्ति सम्पन्न राष्ट्र बनाने में डॉक्टर कलाम का अहम योगदान रहा। वे भारत माता के सच्चे सपूत थे। उनका सम्पूर्ण जीवन देश के विकास के लिए समर्पित रहा। उनकी अगुवाई में भारत ने रक्षा अनुसंधान के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनने की दिशा में महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की। उनके जीवन से प्रेरणा लेकर युवा वर्ग राष्ट्र के निर्माण में अपना योगदान दे, यही उनके प्रति सच्चा सम्मान होगा।

 

चण्डीगढ़, 15 अक्टूबर- छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय के पूर्व न्यायाधीश व हरियाणा के लोकायुक्त श्री नवल किशोर अग्रवाल ने वीरवार को हरियाणा के राज्यपाल श्री सत्यदेव नारायण आर्य से मुलाकात कर वर्ष 2019-2020 की वार्षिक रिपोर्ट सौंपी। इस मौके पर राज्यपाल की सचिव डॉ० जी.अनुपमा भी उपस्थित थी।

न्यायाधीश श्री अग्रवाल द्वारा प्रस्तुत की गई इस रिपोर्ट में एक अप्रैल 2019 से 31 मार्च 2020 तक का वार्षिक ब्योरा दिया गया है। श्री अग्रवाल ने बताया कि हरियाणा लोकायुक्त अधिनियम 2002 की धारा 17(3) के तहत वार्षिक रिपोर्ट राज्यपाल हरियाणा को सौंपी जाती है। उसी अधिनियम की अनुपालना में यह वार्षिक रिपोर्ट सौंपी गई है।

 

 

 

चंडीगढ़, 15 अक्तूबर- बी डी कौशिक मुख्य संपादक मातृभूमि संदेश न्यूज। हरियाणा के स्वास्थ्य, आयुष एवं गृहमंत्री श्री अनिल विज ने कहा कि राज्य में योग को बढ़ावा देने के लिए योगासनों को प्राथमिकता के आधार पर खेलों की सूची में शामिल करने हेतु सैद्धांतिक स्वीकृति प्रदान की है।

आयुष मंत्री ने हरियाणा योग परिषद की बैठक की अध्यक्षता करते हुए कहा कि इसके लिए परिषद को अपने कार्यों, भावी कार्य योजनाओं के नीति निर्धारण पर बल देना चाहिए ताकि हरियाणा को योग में एक मॉडल स्टेट बनाया जा सके। उन्होंने कहा कि योग को शिक्षा के पाठ्यक्रम में भी शामिल करने तथा प्रदेश में विश्व स्तरीय ध्यान योग केन्द्र स्थापित करने पर भी विचार किया जा रहा है। इसके साथ ही उन्होंने स्थानीय शहरी निकाय विभाग को निर्देश देते हुए कहा कि वे सभी शहरों में योगशालाओं के निर्माण को प्राथमिकता दें ताकि राज्य का प्रत्येक नागरिक योग से लाभ उठा सके।

श्री विज ने कहा कि प्रदेश में इस समय 594 योग एवं व्यायामशालाएं स्थापित हो चुकी हैं। इनके अलावा अन्य पर निर्माण कार्य अन्तिम चरण में चल रहा है। इसके साथ ही परिषद के अधिनियम तथा ‘लोगो’ को भी शीघ्र ही स्वीकृति दी जाएगी। उन्होंने कहा कि हरियाणा योग परिषद का नाम बदल कर हरियाणा योग आयोग करने पर भी विचार किया जा रहा है। इसके साथ ही 26 जनवरी और 15 अगस्त पर राज्य के सभी सरकारी कार्यक्रमों में सूर्य नमस्कार आसन की प्रस्तुति करने पर भी विचार किया जाएगा।

विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव श्री राजीव अरोड़ा ने कहा कि योग परिषद को प्रत्येक माह का कार्यक्रम तय करना चाहिए ताकि उचित प्रचार-प्रसार किया जा सके। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य मंत्री द्वारा दिए गए निर्देशों का पूरी तरह पालन करते हुए योग को जन-जन तक पहुंचाने का काम किया जाएगा। इसके साथ ही राज्य की सभी योग कक्षाओं का पूरा रिकार्ड रखा जाएगा।

योग परिषद के चेयरमैन डॉ. जयदीप आर्य ने कहा कि उत्तम स्वास्थ्य के लिए योग का महत्वपूर्ण योगदान हो सकता है। उन्होंने कहा कि परिषद द्वारा गत दिनों अन्तर्राष्ट्रीय वेबीनार तथा 26 जनवरी पर विद्यार्थियों को योगासन करवाए गए। इन कार्यक्रमों में लाखों लोगों तथा विद्यार्थियों ने भाग लिया।

बैठक में आयुष महानिदेशक श्री अतुल कुमार द्विवेदी, खेल विभाग के निदेशक एस एस फूलिया, पंचायत विभाग के निदेशक सुशील सारवान, सहित स्थानीय शहरी निकाय विभाग तथा शिक्षा विभाग के अनेक अधिकारी उपस्थित थे।

 

 

 

 

चंडीगढ़, 15 अक्तूबर- बी डी कौशिक मुख्य संपादक मातृभूमि संदेश न्यूज। हरियाणा के स्वास्थ्य एवं गृहमंत्री श्री अनिल विज ने आज जिला नागरिक अस्पताल पानीपत में स्थापित की गई नई कोविड-19 आणविक (मॉलिक्यूलर) प्रयोगशाला का विडियो कांफ्रेंसिंग से उदघाटन किया।

श्री विज ने कहा कि राज्य में अब सरकारी अस्पतालों तथा मेडिकल कॉलेजों में ऐसी कोविड-19 लैब की संख्या में एक और वृद्धि हो गई है, जिससे प्रतिदिन किए जाने वाले टेस्टों में बढ़ोतरी होगी। इसके साथ ही विभाग ने सभी जिलों में इस प्रकार की लैब स्थापित करने का लक्ष्य रखा है, जिसके तहत शीघ्र ही यमुनानगर तथा भिवानी में भी ऐसी लैब स्थापित की जाएगी।

इस दौरान स्वास्थ्य मंत्री ने ‘एनएचएम हरियाणा’ नामक मासिक पत्रिका का भी अनावरण किया। यह पत्रिका स्वास्थ्य सेवाओं पर उठाए जाने वाले कदमों, विभाग की गतिविधियों तथा उपलब्धियों का प्रचार-प्रसार करेगी। उन्होंने कहा कि विभाग की पत्रिकाएं लोगों तथा सरकार के मध्य एक सेतु का काम करती हैं, जिससे जनता की समस्याओं का हल निकालने में सहायता मिलती हैं।

विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव श्री राजीव अरोड़ा ने बताया कि मरीजों के लिए निजी अस्पतालों में आइसोलेशन बैड, आईसीयू व वेंटिलेटर की सुविधा के लिए भी रेट तय किए गए हैं ताकि कोई भी अस्पताल मरीजों से अधिक बिल की वसूली न कर सके । इसके साथ ही फरीदाबाद, गुरुग्राम, पंचकूला, रोहतक तथा करनाल में प्लाज्मा बैंक चल रहे हैं।

इस अवसर पर आयुष्मान भारत के सीईओ श्री अशोक कुमार मीणा, राष्टï्रीय स्वास्थ्य मिशन के प्रबन्ध निदेशक श्री प्रभजोत सिंह, स्वास्थ्य महानिदेशक डॉ. सुरजभान कम्बोज, निदेशक डॉ. उषा गुप्ता सहित विभिन्न जिलों के सिविल सर्जन भी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से शामिल हुए।

 

 

 

चंडीगढ़, 15 अक्तूबर-बी डी कौशिक मुख्य संपादक मातृभूमि संदेश न्यूज। हरियाणा के स्वास्थ्य, आयुष एवं गृहमंत्री श्री अनिल विज ने कहा कि कोविड-19 के प्रसार का पता लगाने के लिए 19 व 20 अक्तूबर को प्रदेशभर में दूसरा सीरो सर्वे करवाया जाएगा। इस दौरान प्रत्येक जिले के ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों के 720 लोगों के सैम्पल एकत्रित किए जाएंगे।

श्री विज ने इस दौरान राज्य में चलाए जाने वाले सीरो सर्वे के दूसरे दौर के अभियान की वर्चुअल शुरूआत की, जिसमें रेवाड़ी, नूहं, यमुनानगर, रोहतक व अम्बाला सहित अनेक जिलों के अधिकारियों ने ऑनलाइन भाग लिया। इस अभियान को पीजीआईएमएस रोहतक के सामुदायिक चिकित्सा विभाग के सहयोग से इस माह के अंत तक पूरा करने की योजना है। इसके लिए जिला स्तर पर नोडल अधिकारी नियुक्त किए गए हैं, जोकि सर्वे संबंधी गतिविधियों पर निगरानी रखेंगे। इसके लिए सर्वेक्षण करने वाली टीमों में एक चिकित्सा अधिकारी, स्टॉफ नर्स तथा एलटी सहित तीन सदस्य शामिल होंगे।

स्वास्थ्य मंत्री ने आज यहां ‘कोविड-19 सीरो सर्वे मोबाइल ऐप’ का भी शुभारम्भ किया। कहा कि यह मोबाइल ऐप यूजर फ्रेंडली होगा, जिसकी सहायता से ऑनलाइन डॉटा की प्रविष्टïी, जीयो टैगिंग, ऑफलाइन डॉटा प्रविष्टी तथा स्व-जनित एसएमएस की सुविधा होगी। उन्होंने कहा कि इस सर्वेक्षण से कोविड-19 के प्रसार, रोकथाम के उपायों को डिजाइन और लागू करने में सहायता मिलेगी। इस सर्वे द्वारा लोगों में कोविड-19 की शरीर में बनने वाली एंटी-बॉडीज तथा संक्रमण के प्रसारण की प्रवृति का पता चल सकेगा। इस मोबाइल ऐप के निर्माण में आईटी इलेक्ट्रानिक्स और संचार विभाग के प्रधान सचिव एवं मुख्यमंत्री के अतिरिक्त प्रधान सचिव श्री वी उमाशंकर के निर्देश पर तैयार किया गया है। इसमें हरसक का भी सहयोग रहा है।

विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव श्री राजीव अरोड़ा ने कहा कि रैंडम प्रक्रिया से लोगों के सैम्पल लिए जाएंगे। इसमें शहरी तथा ग्रामीण क्षेत्र के लोग एक निर्धारित संख्या में शामिल होंगे। इससे पहले प्रदेश में अगस्त माह के दौरान पहला सीरो सर्वे करवाया गया था। विभाग में निदेशक डॉ. उषा गुप्ता ने इस संबंध में विस्तृत जानकारी एवं प्रस्तुति दी।

इस अवसर पर आयुष्मान भारत के सीईओ श्री अशोक कुमार मीणा, राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के प्रबन्ध निदेशक श्री प्रभजोत सिंह, स्वास्थ्य महानिदेशक डॉ. सुरजभान कम्बोज सहित विभिन्न जिलों के सिविल सर्जन भी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से शामिल हुए।

 

 

 

चंडीगढ़, 15 अक्तूबर- हरियाणा में आगामी त्यौहारों के मौसम को देखते हुए लोगों की आवाजाही और बाजारों में भीड़-भाड़ होने की संभावना के चलते मुख्य सचिव श्री विजय वर्धन ने संबंधित विभागों के अधिकारियों को जल्द से जल्द मानक संचालन प्रक्रियाएं (एसओपी) जारी करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही जिला उपायुक्तों और पुलिस अधिक्षकों को ‘कोविड ऐप्रोप्रिऐट व्यवहार’ अभियान के तहत मास्क पहनने, सोशल डिस्टेंसिंग और हाथों की स्वच्छता संबंधी नियमों की सख्ती से अनुपालना सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए।

श्री विजय वर्धन आज यहां वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से आगामी त्यौहारी सीजन के मद्देनजर कोविड-19 से बचाव हेतु विभिन्न विभागों के उच्चाधिकारियों, जिला उपायुक्तों और पुलिस अधीक्षकों के साथ बैठक कर रहे थे।

श्री विजय वर्धन ने आगामी नवरात्रों के लिए विशेषतौर पर पंचकूला उपायुक्त को श्री माता मनसा देवी मंदिर और गुरुग्राम के उपायुक्त को श्री शीतला माता मंदिर के लिए कल तक मानक संचालन प्रक्रियाएं (एसओपी) जारी करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि कुरुक्षेत्र के अमावस्या मेला और यमुनानगर के कपालमोचन मेले संबंधी भी एसओपी जल्द जारी किए जाएं।

उन्होंने कहा कि दशहरा व दिवाली के दौरान बाजारों में पटाखों, मिठाईयों इत्यादि की दुकानों के मध्य सोशल डिस्टेंसिंग के मानदंडों की सख्ती से पालना की जाए और आमजन में कोविड-19 के प्रभावों के प्रति जागरूक करने हेतु आईईसी गतिविधियों को बढ़ाया जाए। उन्होंने पुलिस अधीक्षकों को निर्देश देते हुए कहा कि मास्क न पहनने वालों के खिलाफ चालान करने की कार्रवाई को भी सख्ती से अमल में लाया जाए।

गृह, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव श्री राजीव अरोड़ा ने बताया कि ‘कोविड ऐप्रोप्रिऐट व्यवहार’ अभियान का उद्देश्य कोविड-19 से बचाव के लिए मास्क पहनने, सोशल डिस्टेंसिंग बनाए रखने और हाथों की स्वच्छता सहित कुल 15 बिंदुओं को आमजन के व्यवहार का हिस्सा बनाना प्राथमिकता है। इसके लिए व्यापक कार्ययोजना तैयार कर ली गई है।

बैठक में सूचना, जनसंपर्क एवं भाषा विभाग के महानिदेशक श्री पी. सी. मीणा ने बताया कि ‘कोविड ऐप्रोप्रिऐट व्यवहार’ अभियान के संबंध में प्रचार सामग्री तैयार कर ली गई है। उन्होंने बताया कि प्रिंट मीडिया, इलेक्ट्रॉनिक मीडिया, रेडियो, मोबाइल, एसएमएस और सार्वजनिक परिवहन के माध्यम से लोगों को जागरूक किया जाएगा। इसके अलावा, बस स्टैंड पर एलईडी स्क्रीम, सार्वजनिक स्थलों पर हॉर्डिंग, बैनर, पोस्टर व पैम्फलेट के माध्यम से भी ‘कोविड ऐप्रोप्रिऐट व्यवहार’ के संदेश आमजन तक पहुंचाए जाएंगे।

बैठक में बताया गया कि स्कूल शिक्षा विभाग, उच्चतर शिक्षा विभाग और तकनीकी शिक्षा विभाग द्वारा शिक्षण संस्थान खोलने संबंधी एसओपी बनाए जा रहे हैं, जल्द ही इन्हें अंतिम रूप दे दिया जाएगा।

बैठक में शहरी स्थानीय निकाय विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव श्री एस.एन. रॉय, विकास एवं पंचायत विभाग के प्रधान सचिव श्री सुधीर राजपाल, आयुष्मान भारत हरियाणा स्वास्थ्य संरक्षण प्राधिकरण के मुख्य कार्यकारी अधिकारी श्री अशोक मीणा सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे। इसके अलावा, राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव एवं वित्तायुक्त श्री संजीव कौशल, स्कूल शिक्षा विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव श्री महावीर सिंह, उच्चतर शिक्षा विभाग के प्रधान सचिव श्री अंकुर गुप्ता और पुलिसमहानिदेश श्री मनोज यादव सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बैठक में शामिल हुए।

 

 

 

चंडीगढ़,15 अक्टूबर- बी डी कौशिक मुख्य संपादक मातृभूमि संदेश न्यूज। हरियाणा के खेल एवं युवा मामले राज्यमंत्री श्री संदीप सिंह ने कहा कि प्रदेश में आयोजित होने वाले खेलो इंडिया-2021 के गेम्स को यादगार बनाने में सरकार कोई कसर नहीं छोड़ेगी। यह आयोजन इतना भव्य होगा कि खेलों के इतिहास में इसे लंबे समय तक याद रखा जाएगा।

खेल राज्य मंत्री श्री संदीप सिंह इन दिनों खेलो इंडिया-2020 के पूर्व आयोजक रहे असम प्रदेश के दौरे पर हैं। गुवाहाटी पहुंचने पर असम सरकार की ओर से श्री सिंह का भव्य अभिनंदन किया गया। वहां पहुंचने के उपरांत केंद्र सरकार द्वारा जारी कोरोना गाइडलाइंस का पालन करते हुए खेल मंत्री का कोविड-19 टेस्ट हुआ। जिसमें उनकी रिपोर्ट नेगेटिव आई है।

उन्होंने कहा कि वे उन सब बातों का अध्ययन करने के लिए असम आए हैं, जिनसे आगामी वर्ष के खेलो इंडिया को सफल बनाने में मदद मिल सकती है। इस दौरान वे खिलाडिय़ों के ठहरने की व्यवस्था से लेकर खेल स्टेडियम में असम सरकार एवं खेल विभाग द्वारा आयोजन के समय की गई तैयारियों का अवलोकन भी करेंगे।

खेल राज्यमंत्री श्री सिंह ने आज ऑल असम टेनिस एसोसिएशन के सहयोग से टेनिस ग्राउंड का दौरा करके वहां 2020 के गेम्स के दौरान किए गए प्रबंधों का जायजा लिया। श्री सिंह ने स्पोट्र्स आथॉरिटी ऑफ असम के सहयोग से भोगेश्वरी फुकानानी इनडोर स्टेडियम, दिसपुर का दौरा कर स्टेडियम में जिमनास्टिक और वेटलिफ्टिंग के खिलाडिय़ों को दी जाने वाली सुविधाओं का जायजा लिया। इसके उपरांत खेल मंत्री ने साई के गुवाहाटी स्थित रीजनल सेंटर का दौरा करके बॉक्सिंग, फुटबॉल और जूडो सहित कई गेम्स के बारे में जानकारी प्राप्त की। इसके साथ- साथ खेल राज्य मंत्री ने वैलोड्रम, साईकलिंग, फुटबॉल और बॉक्सिंग ग्राउंड सहित कई स्टेडियम का दौरा किया।

जारी विज्ञप्ति में खेल मंत्री संदीप सिंह ने कहा कि हरियाणा में खेलो इंडिया गेम्स के आयोजन की तैयारियां अभी से शुरू कर दी गई हैं। पंचकूला के साथ-साथ आसपास लगते जिलों के खेल परिसरों को इन गेम्स के लिए प्रयोग किया जाएगा। उन्होंने बताया कि चंडीगढ़ ट्राइसिटी होने के कारण यहां एयरपोर्ट और परिवहन सहित खिलाडिय़ों के ठहरने की भरपूर व्यवस्था है। इसलिए सरकार ने आगामी खेलो इंडिया गेम्स के लिए पंचकूला का चयन किया है। श्री संदीप सिंह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में पूरे देश में खेलों के क्षेत्र में नई क्रांति पैदा हुई है। हरियाणा के लिए खेलो इंडिया का आयोजन एक बड़ी उपलब्धि है , जो केंद्रीय खेल मंत्री किरेन रिजिजू तथा मुख्यमंत्री श्री मनोहर लाल के प्रयास से संभव हो पाया है। इससे यहां के युवाओं में खेलों के प्रति नया उत्साह पैदा होगा और उन्हें भविष्य में आगे बढऩे का अवसर मिलेगा।

 

 

 

चंडीगढ़, 15 अक्तूबर- हरियाणा मंत्रिमण्डल की बैठक मुख्यमंत्री श्री मनोहर लाल की अध्यक्षता में 16 अक्तूबर, 2020 को सायं पांच बजे चण्डीगढ़ में हरियाणा सिविल सचिवालय की चौथी मंजिल स्थित सभा कक्ष में होगी।

एक सरकारी प्रवक्ता ने आज यहां यह जानकारी देते हुए बताया कि पहले यह बैठक 11 बजे होनी निश्चित हुई थी।

 

चण्डीगढ़, 15 अक्तूबर-बी डी कौशिक मुख्य संपादक मातृभूमि संदेश न्यूज। हरियाणा सरकार ने तुरन्त प्रभाव से विभिन्न बोर्डों व निगमों में 14 नए चेयरमैनों की एवं एक वाईस-चेयरमैन की नियुक्ति की है।

नव-नियुक्त चेयरमैनों में पूर्व विधायक श्री सुभाष बराला को हरियाणा सार्वजनिक उपक्रम ब्यूरो, होडल के विधायक श्री जगदीश नैय्यर को हरियाणा भूमि सुधार एवं विकास निगम, बादशाहपुर के विधायक श्री राकेश दौलताबाद को हरियाणा कृषि उद्योग निगम, बरवाला के विधायक श्री जोगी राम सिहाग को आवास बोर्ड, हरियाणा, शाहबाद के विधायक श्री रामकरण को शुगरफैड एवं नरवाना के विधायक श्री राम निवास को हरियाणा खादी एवं ग्रामोद्योग बोर्ड का चेयरमैन नियुक्त किया है।

इनके अतिरिक्त पूर्व ओलंम्पियन व चरखी दादरी जिला की सुश्री बबीता फोगाट को हरियाणा महिला विकास निगम, कैथल जिला के श्री कैलाश भगत को हैफेड, करनाल जिला की श्रीमती निर्मल बैरागी को हरियाणा पिछड़ा वर्ग कल्याण निगम, यमुनानगर जिला के श्री राम निवास गर्ग को हरियाणा व्यापारी कल्याण बोर्ड, रेवाड़ी जिला के श्री अरविन्द यादव को हरको बैंक, भिवानी जिला के श्री मुकेश गौड़ को हरियाणा युवा आयोग तथा सोनीपत जिला के श्री पवन खरखोदा को हरियाणा अनुसूचित जाति वित्त विकास निगम एवं गुहला के श्री रणधीर सिंह पुत्र श्री ईश्वर सिंह को हरियाणा डेयरी विकास संघ का चेयरमैन नियुक्त किया गया है।

साथ ही कुरूक्षेत्र जिला के श्री धूमन सिंह किरमच को सरस्वती हैरिटेज बोर्ड का वाईस-चेयरमैन नियुक्त किया है।

 

 

चंडीगढ़, 15 अक्तूबर- बी डी कौशिक मुख्य संपादक मातृभूमि संदेश न्यूज। हरियाणा के कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री श्री जे.पी. दलाल ने कहा है कि मुख्यमंत्री श्री मनोहर लाल के नेतृत्व में पिछले छ: वर्षों से किसान एवं किसानी को जोखिम फ्री बनाने के लिए प्राकृतिक आपदा के समय स्वामीनाथन आयोग की सिफारिशों से भी प्रति एकड़ 2000 रुपये अधिक मुआवजा देने सहित कई अनेक महत्वपूर्ण निर्णय लिए हैं। वर्तमान सरकार जब-जब किसान हित में कोई बड़ा निर्णय लेती है तो कांग्रेस व अन्य विपक्षी पार्टियों की बोखलाहट बढ़ जाती है।

श्री दलाल ने कहा कि वर्ष 2004-05 में प्राकृतिक आपदाओं से फसलों के नुकसान की भरपाई का मुआवजा 3000 रुपये प्रति एकड़ था जो कांग्रेस सरकार जाते-जाते 6000 रुपये केवल फाइलों में करके गई थी और इसे 2014 में हमारी सरकार ने लागू किया था। इतना ही नहीं मुख्यमंत्री श्री मनोहर लाल ने दरियादिली दिखाते हुए 12,000 रुपये प्रति एकड़ किया, जबकि स्वामीनाथन ने 10,000 रुपये प्रति एकड़ देने की ही की बात कही थी।

उन्होंने कहा कि पिछले 6 वर्षों में प्राकृतिक आपदाओं से फसलों के नुकसान की भरपाई के लिए 2764 करोड़ रुपये से अधिक का मुआवजा वितरित किया है, जो प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के 2943 करोड़ रुपये के क्लेम से अलग है। उन्होंने कहा कि सरकार के ऐसे महत्वपूर्ण निर्णय लेने व कृषि लागत मूल्य आयोग द्वारा 2017 से बुआई सीजन से पहले फसलों के न्यूनतम समर्थन मूल्य घोषित करने के परिणामस्वरूप न केवल फसलों के अधीन रकबे में निरंतर वृद्घि हो रही है, बल्कि किसानों का रुझान गेहूं, चावल जैसी परम्परागत फसलों की बजाए अधिक लाभकारी मूल्य देने वाली फसलों की ओर बढ़ा है।

श्री दलाल ने कहा कि पिछली सरकार के समय यूरिया खरीद के अग्रिम प्रबन्धन न किए जाने के कारण यूरिया की दिक्कत हुई थी, परंतु सरकार के विवेकपूर्ण प्रबन्धन के चलते समय पर किसानों को खाद वितरित की गई और आज यूरिया, डीएपी व अन्य खादों के पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध हैं। उन्होंने कहा कि यूरिया के मूल्य में भी पहले की तुलना में कमी की गई है। श्री दलाल ने कहा कि सरकार ने एक अनूठी पहल करते हुए प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना की तर्ज पर हरियाणा सरकार ने अपने स्तर पर ट्रस्ट मॉडल आधार पर सब्जी एवं बागवानी फसलों को भी एक नई बीमा योजना में कवर करने का निर्णय लिया है।

उन्होंने कहा कि इस नई बीमा योजना में किसानों को 2.5 प्रतिशत का प्रीमियम देना होगा और उन्हें प्रति एकड़ 40,000 रुपये का बीमा कवर मिलेगा। जिन 14 सब्जियों को इस बीमा कवर में शामिल जाएगा उनमें टमाटर, प्याज, आलू, बंद गोभी, मटर, गाजर, भिण्डी, लौकी, करेला, बैंगन, हरी मिर्च, शिमला मिर्च, फूल गोभी तथा मूली शामिल हैं। उन्होंने कहा कि इसी प्रकार, किन्नू, अमरूद, आम तथा बेर व हल्दी तथा लहसून को भी इस योजना में शामिल किया जाएगा।

 

 

चंडीगढ़, 15 अक्टूबर-बी डी कौशिक मुख्य संपादक मातृभूमि संदेश न्यूज। श्री विश्वकर्मा कौशल विश्वविद्यालय (एसवीएसयू) के कौशल मॉडल को जानने व समझने के लिए गुजरात कौशल विकास मिशन की टीम ने विश्वविद्यालय कैंपस का दौरा किया। इस दौरान टीम ने विश्वविद्यालय द्वारा अपनाए गए सभी प्रकार के एजुकेशन और टेक्निकल मॉडल्स की विस्तृत जानकारी हासिल की।

गुजरात कौशल विकास मिशन के मिशन डायरेक्टर श्री आलोक कुमार पांडेय ने विश्वविद्यालय के कौशल मॉडल की सराहना करते हुए कहा कि एसवीएसयू ने खुद को कौशल के क्षेत्र में बेंचमार्क के रूप में स्थापित किया है। विश्वविद्यालय युवाओं को कौशल के क्षेत्र में कई तरह के प्रशिक्षण प्रदान कर रहा है जिससे ‘आत्मनिर्भर भारत’ अभियान को आगे बढ़ाने में मदद मिलेगी।

इस दौरान विश्वविद्यालय के कुलपति श्री राज नेहरू ने कहा कि कौशल के क्षेत्र में श्री विश्वकर्मा कौशल विश्वविद्यालय अंतर्राष्ट्रीय मानकों के अनुरूप कार्य कर रहा है। देश के विभिन्न राज्यों से अधिकारी हमारे कौशल मॉडल को जानने के लिए आते हैं। उन्होंने कहा कि हम गुजरात कौशल विकास मिशन के साथ कौशल से संबंधित हर तरह का सहयोग के लिए तत्पर हैं।

विश्वविद्यालय के कुलसचिव प्रो. आर. एस. राठौर ने टीम को पूरे कैंपस का दौरा करवाया और डॉक्यूमेंट्री एवं पीपीटी प्रेजेंटेशन के माध्यम से विश्वविद्यालय की उपलब्धियों की जानकारी दी।

 

 

 

चंडीगढ़, 15 अक्तूबर- बी डी कौशिक मुख्य संपादक मातृभूमि संदेश न्यूज।चौधरी चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय के वर्चुअल कृषि मेले के दूसरे दिन के प्रथम सत्र में विभिन्न वेबिनार आयोजित किए गए। इस दौरान पहला वेबिनार धान की सीधी बिजाई, दूसरा वेबिनार दूधारू पशुओं में थनैला रोग व उसकी रोकथाम तथा तीसरे वेबिनार में रबी फसलों की पैदावार बढ़ाना आदि विषयों पर वैज्ञानिकों द्वारा जानकारी दी गई।

विश्वविद्यालय के एक प्रवक्ता ने आज यहां जानकारी देते हुए बताया कि इस वेबिनार में सस्य विज्ञान विभाग के अध्यक्ष डॉ. एस.एस. पूनिया ने धान की सीधी बिजाई के बारे में बताया कि यह विधि बहुत ही कारगर साबित हो रही है और प्रदेश सरकार की योजना ‘मेरा पानी मेरी विरासत’ को भी सार्थक सिद्ध कर रही है। इससे न केवल पानी की बचत होती है बल्कि खर्च भी कद्दू करके की जाने वाली बिजाई से कम होता है। इससे फसल का उत्पादन या तो परम्परागत विधि के बराबर है या फिर इससे अधिक होता है।

वेबिनार के दौरान धान की सीधी बिजाई को लेकर किसानों ने अपने अनुभव भी वैज्ञानिकों के साथ सांझा किए। इस दौरान असंध से कृषि विकास अधिकारी श्याम सिंह ने बताया कि धान की बिजाई को लेकर विश्वविद्यालय की सिफारिश हर साल 25 जून तक के लिए की गई है जबकि इसे मई के अंतिम सप्ताह से जून के प्रथम सप्ताह तक किए जाने के बारे में और अधिक शोध करने की जरूरत है। क्योंकि इस समय पानी व मजदूरों की समस्या नही। प्रवक्ता ने बताया कि दूसरे वेबिनार में दूधारू पशुओं में थनैला रोग व उसकी रोकथाम को लेकर विस्तृत चर्चा की गई। इस दौरान लाला लाजपतराय पशु चिकित्सा एवं विज्ञान विश्वविद्यालय की केंद्रीय प्रयोगशाला के इंचार्ज डॉ. नरेश कक्कड़ ने कहा कि पशुपालक स्वच्छता का विशेष ध्यान रखकर व अपने दूध दोहने के तरीके में बदलाव कर इस रोग पर काफी हद तक काबू पा सकते हैं। उन्होंने कहा कि कई पशुपालक अंगुठे की सहायता से दूध निकालते हैं जो कि गलत तरीका है, दूध को केवल बंद मु_ी से निकालने की आदत डालनी चाहिए। इसके अलावा दूध दोहने के बाद पशु के थनों को जीवाणु रोधक से साफ करना चाहिए। पशु के बैठने की जगह पर भी स्वच्छता का पूरा ध्यान रखा जाना चाहिए।
डॉ. राजेश छाबड़ा ने बताया कि किसान बिना उचित जांच के ही उपचार के लिए पशु को एंटीबायटिक का अंधाधुंध प्रयोग करने लग जाते हैं जिससे पशु की जीवाणु रोधक क्षमता कम हो जाती है, जो घातक है। इसके अलावा प्रयोगशाला में जांच के बाद ही उचित उपचार किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि पशुपालक अपने स्तर पर भी कैलिफोर्निया मेसटाइटिस किट के माध्यम से घर पर ही थनैला रोग की जांच कर सकते हैं। वेबिनार में पशुपालकों ने वैज्ञानिकों से थनैला रोग के लक्षणों व उसके समाधान को लेकर प्रश्न भी किए चौधरी चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय के वर्चुअल कृषि मेले के तीसरे वेबिनार में वैज्ञानिकों ने किसानों को रबी फसलों की पैदावार बढ़ाने के तौर तरीकों के बारे में विस्तारपूर्वक जानकारी दी। इस दौरान वैज्ञानिकों ने कहा कि अगर किसान विश्वविद्यालय द्वारा की गई सिफारिशों के अनुसार फसल की बिजाई व देखभाल करे तो वह अच्छी पैदावार ले सकता है। वैज्ञानिकों ने किसानों से आह्वान किया कि वे फसल की बिजाई करने से पहले अपने खेत की मिट्टी की जांच, पानी की उपलब्धता, अपने क्षेत्र अनुसार सिफारिश की गई फसल के लिए बीज की किस्म, जरूरत अनुसार बीजोपचार आदि का विशेष ध्यान रखें। कई बार किसान एक-दूसरे की होड़ करते हुए फसल की बिजाई कर देते हैं तथा अंधाधुंध खाद व दवाइयों को फसल में डालते हैं, जिससे किसान को फसल से उचित उत्पादन नहीं मिल पाता और उसे आर्थिक नुकसान भी उठाना पड़ता है।
वेबिनार के दौरान उत्तर प्रदेश से किसान आशीष राय ने अपने विचार साझा करते हुए बताया कि उन्होंने विश्वविद्यालय द्वारा सिफारिश अनुसार चने की एच.सी.-5 किस्म की बिजाई की थी। इससे वैज्ञानिकों द्वारा बताए गए औसत उत्पादन 23 से 25 क्विंटल प्रति हेक्टेयर की तुलना में उसे डेढ गुणा उत्पादन अधिक मिला है। इसके लिए उसे उत्तर प्रदेश सरकार की ओर से सम्मानित भी किया गया।
वैज्ञानिकों ने गांव बालावास के किसानों के साथ एक कृषि संबंधी गोष्ठी आयोजित की। विभाग के सहायक वैज्ञानिक डॉ. सुरेंद्र कुमार शर्मा ने बताया कि इस कार्यक्रम का आयोजन राष्ट्रीय जलवायु समुत्थान कृषि में नवप्रवर्तन परियोजना के तहत किया गया। उन्होंने बताया कि इस दौरान किसानों को राया व चने की पैदावार बढ़ाने के लिए उन्नत सस्य क्रियाएं जैसे समय पर बिजाई, बीज उपचार, समुचित खाद प्रबंधन, खेत में उचित पौधों की संख्या, पहिए वाले कसोले से निराई-गुड़ाई, उचित पौध सरंक्षण आदि की विस्तारपूर्वक जानकारी दी। साथ ही किसानों को बदलते मौसम के अनुरूप सभी सस्य क्रियाओं को अपनाने पर बल दिया ताकि किसान फसलों की पैदावार बढ़ाने के साथ-साथ समुचित लाभ भी हासिल कर सकें।