सभी गन्ना किसान अपनी फसल का ब्योरा सरकारी पोर्टल पर दर्ज किया करें: जितेन्द्र कुमार

पलवल(,विक्रम वशिष्ठ)27मातृभूमि  संंदेश ।जुलाई।सहकारी चीनी मिल के प्रबन्ध निदेशक जितेन्द्र कुमार ने बताया कि सभी गन्ना किसान मेरी फसल मेरा ब्यौरा के तहत अपनी फसल का ब्यौरा हरियाणा सरकारकेपोर्टलडब्ल्यूडब्ल्यूडब्ल्यूएफएएसएएलएचआरवाई.आईएन पर पंजीकरण करवाएं, जोकि अत्यंत आवश्यक है। उन्होने यह भी बताया कि सरकार के आदेशानुसार यदि किसी किसान ने अपना गन्ना उपरोक्त पोर्टल पर पंजीकरण नहीं करवाया तो वह किसान इस सुविधा से वंचित रहेंगे और मिल गन्ना खरीदने में असमर्थ होगी। सभी गन्ना किसान 31 जुलाई 2019 तक अपनी गन्ना फसल का ब्यौरा विभाग के पोर्टल पर पंजीकरण अवश्य करवा लें, जिसके लिए किसान अपना आधार कार्ड, बैंक पास बुक, मोबाईल नंबर व जिन खेतों में गन्ना उगाया है, उनके मुस्तिल नंबर, किला नंबर देकर मिल में प्रात: 9 बजे से सांय 5 बजे तक पंजीकरण करवा सकते हैं। इसके अतिरिक्त किसान अपना पंजीकरण किसी भी नजदीकी अटल सेवा केन्द्र, साईबर कैफे, ईमेल केन्द्र पर भी करवा सकते हैं। कुछ किसानों ने पंजीकरण में गन्ने की गलत दर्ज करवाई है, जोकि मौके पर सर्वे के दौरान पंजीकरण में दर्ज करवाई गई गन्ने की जानकारी गलत पाई गई। यदि किसी किसान की पंजीकरण दर्ज करवाने में गन्ने के सर्वे में पेडी, नौधा से सहकारी चीनी मिल के प्रबन्ध निदेशक जितेन्द्र कुमार ने बताया
पलवल(,विक्रम वशिष्ठ)27 जुलाई।सहकारी चीनी मिल के प्रबन्ध निदेशक जितेन्द्र कुमार ने बताया कि सभी गन्ना किसान मेरी फसल मेरा ब्यौरा के तहत अपनी फसल का ब्यौरा हरियाणा सरकारकेपोर्टलडब्ल्यूडब्ल्यूडब्ल्यूएफएएसएएलएचआरवाई.आईएन पर पंजीकरण करवाएं, जोकि अत्यंत आवश्यक है। उन्होने यह भी बताया कि सरकार के आदेशानुसार यदि किसी किसान ने अपना गन्ना उपरोक्त पोर्टल पर पंजीकरण नहीं करवाया तो वह किसान इस सुविधा से वंचित रहेंगे और मिल गन्ना खरीदने में असमर्थ होगी। सभी गन्ना किसान 31 जुलाई 2019 तक अपनी गन्ना फसल का ब्यौरा विभाग के पोर्टल पर पंजीकरण अवश्य करवा लें, जिसके लिए किसान अपना आधार कार्ड, बैंक पास बुक, मोबाईल नंबर व जिन खेतों में गन्ना उगाया है, उनके मुस्तिल नंबर, किला नंबर देकर मिल में प्रात: 9 बजे से सांय 5 बजे तक पंजीकरण करवा सकते हैं। इसके अतिरिक्त किसान अपना पंजीकरण किसी भी नजदीकी अटल सेवा केन्द्र, साईबर कैफे, ईमेल केन्द्र पर भी करवा सकते हैं। कुछ किसानों ने पंजीकरण में गन्ने की गलत दर्ज करवाई है, जोकि मौके पर सर्वे के दौरान पंजीकरण में दर्ज करवाई गई गन्ने की जानकारी गलत पाई गई। यदि किसी किसान की पंजीकरण दर्ज करवाने में गन्ने के सर्वे में पेडी, नौधा से सम्बन्धित कोई त्रुटि पाई गई तो उसके लिए किसान स्वयं जिम्मेवार होगा और संबंधित पंजीकरण रद्द कर दिया जाएगा। प्रशासन द्वारा पटवारियों को भी किसानों के मुस्तिल, किला नंबर भरने में किसानों की मदद करने के लिए आदेश जारी कर दिए गए हैं । प्रबन्ध निदेशक ने यह भी बताया कि चीनी मिल पलवल में कुल गन्ना उत्पादक 2 हजार 500 है, जिनमें से लगभग 800 किसानों ने ही अपना पंजीकरण करवाया है। किसानो की मदद के लिए मिल का गन्ना स्टॉफ अपने-अपने क्षेत्र में उपरोक्त पंजीकरण हेतू मौजूद रहेगें और किसान संबंधित केन कामदार, गन्ना सुपरवाईजर से भी संपर्क कर सकते हैं। इसके अतिरिक्त किसान गन्ना से संबंधित किसी भी समस्या के लिए मिल के गन्ना विकास निरीक्षक, गन्ना विकास अधिकारी व गन्ना प्रबंधक से मिलकर अपनी समस्या का समाधान करवा सकते हैं। कोई त्रुटि पाई गई तो उसके लिए किसान स्वयं जिम्मेवार होगा और संबंधित पंजीकरण रद्द कर दिया जाएगा। प्रशासन द्वारा पटवारियों को भी किसानों के मुस्तिल, किला नंबर भरने में किसानों की मदद करने के लिए आदेश जारी कर दिए गए हैं । प्रबन्ध निदेशक ने यह भी बताया कि चीनी मिल पलवल में कुल गन्ना उत्पादक 2 हजार 500 है, जिनमें से लगभग 800 किसानों ने ही अपना पंजीकरण करवाया है। किसानो की मदद के लिए मिल का गन्ना स्टॉफ अपने-अपने क्षेत्र में उपरोक्त पंजीकरण हेतू मौजूद रहेगें और किसान संबंधित केन कामदार, गन्ना सुपरवाईजर से भी संपर्क कर सकते हैं। इसके अतिरिक्त किसान गन्ना से संबंधित किसी भी समस्या के लिए मिल के गन्ना विकास निरीक्षक, गन्ना विकास अधिकारी व गन्ना प्रबंधक से मिलकर अपनी समस्या का समाधान करवा सकते हैं।