क्या कहता है बल्लभगढ़ का राजनीतिक गणित।

फरीदाबाद की बल्लभगढ़ विधानसभा सीट शुरू से ही हाट सीट रही है। यहां मुख्य रूप से दो पार्टियों की दावेदारी मजबूत नजर आ रही है ।भाजपा से जहां मूलचंद शर्मा प्रबल दावेदार हैं वहीं पिछली खिडकी से जिला अध्यक्ष गोपाल शर्मा सेंध लगाने की फिराक मे हैं बीजेपी जहां खुद को यहां मजबूत मान रही है वहीं कांग्रेस पार्टी से मजबूत दावेदार के रुप में मनोज अग्रवाल ताल ठोकने के इरादे से मैदान मे कूद चुके हैं। उन्होंने बल्लभगढ़ विधानसभा मे अपना प्रचार जोर शोर से शुरू कर दिया है ।इस सीट पर मनोज अग्रवाल का दावा इसलिए भी प्रबल माना जा रहा है क्यों कि यह सीट बनिया बाहुल्य वाली मानी जाती है।और दूसरा मनोज अग्रवाल की वैश्य समाज मे पकड भी मजबूत है एक व्यवसायी के साथ साथ समाजसेवा मे भी उनका अग्रणी स्थान है।छतीस बिरादरी के सुख दुख मे वो हमेशा आगे रहते हैं।सबसे उनके मधुर संबंध हैं थोडे मितभाषी स्वभाव का होने के कारण वो हमेशा फालतू के पचडों से दूर रहते हैं।जब हमने उनसे इस विषय पर बात की तो उनका कहना था कि भाजपा सरकार व्यापार, रोजगार,और जनसुविधाओं को देने में नाकाम रही है बल्लभगढ़ की सड़कों मे पडे गढ्ढे नालियों से बहता पानी ,और हर रोज बंद होते उद्योग इस बात का प्रमाण हैं।
भ्रष्टाचार इस वक्त चरम सीमा पर है। कानून व्यवस्था की स्थिति इतनी खराब है कि पत्रकार और पुलिस अधिकारी भी सलामत नही हैं।भाजपा के विधायक सिर्फ हवा हवाई बातें करने मे लगे हैं।बिना सुविधा शुल्क दिए किसी का काम नही होता।इन सभी मुद्दों को लेकर वो मैदान में हैं। कांग्रेस से टिकट की बात पर वो कहते हैं कि दावेदारी का हक सबको है पर पार्टी का निर्णय अंतिम होगा और उन्हें मंजूर होगा।
अगर बल्लभगढ़ विधानसभा में नजर दौड़ाएं तो फिलहाल इनसे मजबूत कांग्रेस मे टिकट का दावेदार नजर नही आ रहा है। देखते हैं आगे भविष्य में क्या होता है फिलहाल तो इनकी दावेदारी मजबूत नजर आ नही है।